राजगढ़ में फिर गूंजेगा एक शहर,तेरह व्यासपीठों से भागवत का स्वर,मालवा की अनुपम लोक-आस्था का फिर होगा विराट संगम,

राजगढ़ के 13 मंदिरों में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह की बैठक




 

20 सितंबर से सात दिनों तक एक साथ होगी श्रीमद्भागवत कथा

  राजगढ़ (धार)। मालवा अंचल की धार्मिक परंपराओं में अपनी अलग पहचान रखने वाला राजगढ़ नगर एक बार फिर सामूहिक आस्था के अद्भुत स्वरूप का साक्षी बनने जा रहा है। यहां वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार नगर के 13 सनातन मंदिरों में एक साथ श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा सप्ताह का आयोजन होगा, जिससे पूरा नगर सात दिनों तक भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर रहेगा।

  इस आयोजन की तैयारियों को लेकर गुरुवार शाम श्री चारभुजा मंदिर परिसर में श्री चारभुजा युवा मंच के तत्वावधान में सर्वसमाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मंदिरों के प्रमुखों और समाज प्रतिनिधियों ने आयोजन की रूपरेखा तय करते हुए बताया कि 19 सितंबर को सभी 13 मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पोथीजी की स्थापना की जाएगी। इसके बाद 20 सितंबर से सात दिनों तक सभी व्यासपीठों से एक साथ श्रीमद्भागवत कथा का वाचन प्रारंभ होगा।


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एक शहर, तेरह व्यासपीठ और एक ही आस्था

  राजगढ़ की इस परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आयोजन किसी एक मंदिर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा नगर सामूहिक रूप से इसमें सहभागी बनता है। विभिन्न समाजों द्वारा संचालित 13 मंदिर इस आयोजन के केंद्र बनते हैं और सात दिनों तक श्रद्धालु पूरे नगर में अलग-अलग व्यासपीठों पर कथा श्रवण करते हैं। यही सामूहिक स्वरूप इस आयोजन को मालवा की विशिष्ट धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान दिलाता है।

तय हुआ धार्मिक आयोजनों का पूरा कार्यक्रम

  बैठक में आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा भी घोषित की गई। इसके अनुसार 22 सितंबर को सामूहिक डोल यात्रा निकाली जाएगी। 23 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य जुलूस आयोजित होगा। वहीं 26 सितंबर को ऐतिहासिक सनातन धर्मयात्रा निकलेगी, जिसमें सभी 13 मंदिरों के कथा पुराणियों को एक ही रथ पर विराजित किया जाएगा। आयोजकों ने धर्मयात्रा में सर्वसमाज की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।

सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री को लेकर भी हुई चर्चा

  बैठक के दौरान सोशल मीडिया पर सनातन समाज से संबंधित भ्रामक पोस्टों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित सदस्यों ने ऐसी सामग्री पर सतर्क नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई के लिए समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई।

समाज को एकजुट रहने का आह्वान

  ज्योतिषाचार्य पंडित पुरुषोत्तम भारद्वाज ने कहा कि सभी समाजों को एकजुट होकर सनातन धर्म की पताका चारों दिशाओं में लहरानी चाहिए। उन्होंने इस आयोजन को सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता का प्रतीक बताया।

 बैठक में मंच संरक्षक कैलाश माहेश्वरी,धारासिंह चौहान,अध्यक्ष कृष्णा बारोड़,नवीन बानिया,मुकेश माहेश्वरी,मोतीसिंह राठौर,द्वारकाप्रसाद काग,धर्मेंद्र कमेड़िया,रमेश बारोड़,नारायण वैष्णव,मांगीलाल यादव,परमानंद सेन,सुनील माली,गोपाल माहेश्वरी,घनश्याम सोलंकी,दुर्गाप्रसाद सोलंकी,राकेश सोलंकी,महेश राठौर,रवि पंवार सहित विभिन्न मंदिरों के प्रमुख और मंच पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन मनोज माहेश्वरी ने किया तथा आभार महासचिव सुजीत ठाकुर ने व्यक्त किया।






मुख्य कार्यक्रम एक नजर में

कार्यक्रम

तिथि

पोथीजी स्थापना

19 सितंबर

श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ

20 सितंबर

सामूहिक डोल यात्रा

22 सितंबर

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव जुलूस

23 सितंबर

ऐतिहासिक सनातन धर्मयात्रा

26 सितंबर