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IHRCT की ऑनलाइन कार्यशाला में पदाधिकारियों ने सीखे उपभोक्ता संरक्षण के गुर






 




  राजगढ़ (धार)। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम पर आधारित अपनी प्रथम राज्य स्तरीय कौशल विकास कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्रदेश समन्वयक महेश कुमार वर्मा के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित हुई। शनिवार रात आयोजित इस विशेष सत्र में मध्य प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारियों ने सहभागिता कर उपभोक्ता अधिकारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
  कार्यशाला के मुख्य अतिथि संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव रहे, जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय संयोजक प्रेम कुमार वैद्य ने की। मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर संभाग के विधि प्रभारी अधिवक्ता प्रवीण कुमार शर्मा ने पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला का प्राथमिक उद्देश्य संगठन के सदस्यों को 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019' के नवीनतम प्रावधानों से लैस करना था। चर्चा के दौरान उपभोक्ताओं के शोषण को रोकने, भ्रामक विज्ञापनों की पहचान और वैधानिक अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
   अधिवक्ता शर्मा ने बताया कि वर्तमान कानून के तहत उपभोक्ताओं को सुरक्षा, सूचना, चयन, सुनवाई, निवारण और शिक्षा के छह मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। साथ ही उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा भ्रामक विज्ञापनों पर लगाए जाने वाले जुर्माने और दंडात्मक प्रावधानों की भी जानकारी दी। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों ने व्यावहारिक कौशल विकसित कर अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाया और समाज में मानव अधिकारों के संरक्षण का संकल्प दोहराया।
   उल्लेखनीय है कि भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट समाज में मानवाधिकारों की रक्षा,महिला-बाल संरक्षण और दहेज निषेध जैसे क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय है। यह कार्यशाला ट्रस्ट द्वारा शुरू की गई प्रशिक्षण श्रृंखला का प्रथम सोपान है, जिसके आगामी चरणों में विभिन्न अन्य सामाजिक कानूनों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन धार जिला अध्यक्ष योगेन्द्र तिवारी द्वारा किया गया।

राजगढ़ और सरदारपुर नगर परिषद को मिले नए एल्डरमैन,शासन ने जारी की सूची









​  राजगढ़/सरदारपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगर परिषदों में मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) की घोषणा कर दी गई है। नगर परिषद राजगढ़ से प्रफुल्ल जैन,गणेशलाल शर्मा, श्रीमती हेमलता और मनोज माहेश्वरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं नगर परिषद सरदारपुर से राजेन्द्र गर्ग (रज्जु), झमकलाल चौधरी,दिनेश मावी और संजय सेठिया को मनोनीत किया गया है। इन नियुक्तियों से स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।


राजगढ़ में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन,देशभर के ख्यातनाम कवि देंगे प्रस्तुति,नगर के समाजसेवी जन का किया जाएगा अभिनंदन






 


  राजगढ़ (धार)। धर्मनगरी राजगढ़ में भगवान श्री राम जन्मोत्सव, भगवान श्री महावीर जन्मोत्सव एवं भगवान श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व के उपलक्ष्य में एक भव्य अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। कार्यक्रम संयोजक निलेश सोनी ने बताया कि हिन्दू उत्सव समिति द्वारा आयोजित और सराफा एसोसिएशन व दत्तीगांव सोशल ग्रुप के सहयोग से होने वाला यह आयोजन दिवंगत पुण्यात्माओं की पावन स्मृति को समर्पित किया गया है।आयोजन में नगर के समाजसेवियों का अभिनंदन किया जाएगा ताकि समाज उनके द्वारा समाजसेवा में दिए गए योगदान से प्रेरणा ले सके। यह गौरवमयी कार्यक्रम आगामी 30 मार्च, सोमवार को रात्रि 8 बजे से नगर के मुख्य चौराहे, भगवा चौक (मेन चौपाटी) पर आयोजित किया जाएगा।
  
  इस विराट कवि सम्मेलन में काव्य जगत के दिग्गज हस्ताक्षर अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। आमंत्रित कवियों में अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि पंडित अशोक नागर (शाजापुर), हास्य रस के प्रसिद्ध कवि अर्जुन अल्हड़ (कोटा), राष्ट्रीय गीतकार नरेंद्र अटल (बड़नगर), और वीर रस की सशक्त कवयित्री सुश्री निशा पंडित (उज्जैन) मुख्य रूप से शामिल होंगे। इनके साथ ही हास्य-व्यंग्य के कवि शंकर सिसोदिया (आगर मालवा), राष्ट्रीय हास्य कवि एवं मंच संचालक अतुल ज्वाला (इंदौर) और वीर रस के कवि नगेंद्र ठाकुर (राजगढ़,धार) भी अपनी कविताओं के माध्यम से समां बांधेंगे।

  हिन्दू उत्सव समिति ने नगर के सभी धर्मप्रेमी जनता और काव्य प्रेमियों से इस गरिमामयी आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पधारकर काव्य रसपान करने की अपील की है। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और पूरे क्षेत्र में इस भव्य समागम को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

युद्धग्रस्त विश्व में महावीर की अहिंसा: शांति की एकमात्र राह : श्रमण डॉ पुष्पेंद्र




 


  आज का विश्व एक विचित्र विरोधाभास से गुजर रहा है। एक ओर विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण ने मानव जीवन को अभूतपूर्व सुविधाएं दी हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध, हिंसा और असहिष्णुता ने मानवता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। विश्व के अनेक क्षेत्रों में चल रहे संघर्ष, आतंकवाद, सामरिक प्रतिस्पर्धा और आंतरिक कलह यह संकेत देते हैं कि भौतिक प्रगति के बावजूद मनुष्य अभी भी मानसिक और नैतिक रूप से अस्थिर है।
   ऐसे समय में जब राष्ट्र अपनी शक्ति का प्रदर्शन हथियारों और युद्ध के माध्यम से कर रहे हैं, मानव जीवन का मूल्य कहीं पीछे छूटता जा रहा है। युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह समाज, परिवार और व्यक्ति के मनोविज्ञान को भी प्रभावित करता है। हिंसा का यह वातावरण भय, असुरक्षा और अविश्वास को जन्म देता है, जिससे शांति और सह-अस्तित्व की संभावनाएं क्षीण हो जाती हैं।
   वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में यह स्पष्ट दिखाई देता है कि हिंसा कभी भी स्थायी समाधान नहीं दे सकती। युद्ध भले ही किसी समस्या का तात्कालिक समाधान प्रतीत हो, लेकिन वह दीर्घकाल में और अधिक संघर्षों को जन्म देता है। आज आवश्यकता है एक ऐसे दृष्टिकोण की, जो केवल शक्ति और प्रभुत्व पर नहीं, बल्कि संवेदना, सह-अस्तित्व और नैतिकता पर आधारित हो।
   यहीं पर तीर्थंकर भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्धांत की प्रासंगिकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। भगवान महावीर ने अहिंसा को केवल शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे विचार, वचन और कर्म—तीनों स्तरों पर लागू किया। उनके अनुसार किसी भी प्राणी को पीड़ा पहुंचाना हिंसा है, चाहे वह प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष।
   प्रभु महावीर का अहिंसा का सिद्धांत आज के युद्धग्रस्त विश्व के लिए एक नैतिक दिशा प्रदान करता है। यदि हम उनके विचारों को गहराई से समझें, तो यह स्पष्ट होता है कि युद्ध की जड़ें बाहरी परिस्थितियों में नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर उत्पन्न होने वाले राग, द्वेष, अहंकार और लालच में निहित हैं। जब तक इन मानसिक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण नहीं किया जाएगा, तब तक बाहरी शांति स्थापित नहीं हो सकती।
   आज के समय में हिंसा केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है। यह हमारे दैनिक जीवन में भी विभिन्न रूपों में उपस्थित है—विचारों की कट्टरता, शब्दों की कठोरता, सामाजिक विभाजन और डिजिटल माध्यमों पर फैलती नफरत के रूप में। महावीर का संदेश हमें यह सिखाता है कि वास्तविक अहिंसा का पालन तभी संभव है, जब हम अपने भीतर की नकारात्मकता को पहचानकर उसे नियंत्रित करें।
विशेष रूप से वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, जहां राष्ट्रों के बीच अविश्वास और प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है, ऐसे वक्त पर तीर्थंकर महावीर का “जियो और जीने दो” का सिद्धांत अत्यंत प्रासंगिक है। यह सिद्धांत केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक नीतियों के लिए भी मार्गदर्शक बन सकता है। यदि राष्ट्र एक-दूसरे के अस्तित्व, संप्रभुता और हितों का सम्मान करें, तो संघर्ष की संभावनाएं स्वतः कम हो सकती हैं।
  इसके साथ ही,महावीर का अपरिग्रह का सिद्धांत भी वर्तमान युद्ध और हिंसा के मूल कारणों को समझने में सहायक है। संसाधनों की अंधाधुंध होड़, विस्तारवादी नीतियां और आर्थिक लालसा ही कई संघर्षों का आधार हैं। यदि सीमित इच्छाओं और संतुलित उपभोग को अपनाया जाए, तो न केवल सामाजिक असमानताएं कम होंगी, बल्कि युद्ध के कारण भी कमजोर पड़ेंगे।
महावीर द्वारा प्रतिपादित रत्नत्रय—सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र—आज के समय में एक समग्र समाधान प्रस्तुत करता है। सम्यक दर्शन हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर वस्तुस्थिति को समझने की प्रेरणा देता है। सम्यक ज्ञान हमें सत्य और असत्य में भेद करने की क्षमता प्रदान करता है, जिससे हम गलत सूचनाओं और भ्रामक विचारों से बच सकते हैं। और सम्यक चरित्र इन दोनों का व्यावहारिक रूप है, जो हमारे आचरण को नैतिक और संतुलित बनाता है।
  अतः यह स्पष्ट है कि वर्तमान समय में जब विश्व हिंसा और युद्ध की आग में झुलस रहा है, भगवान महावीर का अहिंसा का सिद्धांत केवल एक आध्यात्मिक आदर्श नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक आवश्यकता बन चुका है। यदि व्यक्ति, समाज और राष्ट्र इस सिद्धांत को अपने जीवन और नीतियों में स्थान दें, तो न केवल संघर्षों को कम किया जा सकता है, बल्कि एक स्थायी और समरस विश्व की स्थापना भी संभव है।
  अंततः, शांति किसी बाहरी व्यवस्था का परिणाम नहीं, बल्कि आंतरिक चेतना का प्रतिबिंब है। जब मनुष्य अपने भीतर अहिंसा, करुणा और संतुलन को विकसित करेगा, तभी वह बाहरी दुनिया में भी शांति स्थापित कर सकेगा। यही तीर्थंकर महावीर का संदेश है—और यही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता। 

स्व.राजा सेठ की स्मृति में सुपुत्रों ने भेंट किया वाटर कूलर





 



 राजगढ़/धार। नगर के सरल स्वभावी और अद्भुत व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय राजेश जैन (राजा सेठ) की पावन पुण्य स्मृति में उनके सुपुत्रों,लाभांश जैन एवं दीपांश जैन द्वारा जनसेवा की मिसाल पेश की गई है। जैन परिवार की ओर से राजगढ़ नगर एवं वार्ड क्रमांक 08 की जनता की सुविधा हेतु शीतल जल के लिए एक वाटर कूलर सप्रेम भेंट किया गया है।
  इस पुनीत कार्य पर वार्ड क्रमांक 08 के भाजपा पार्षद नितिन जैन (चिंटू चौहान) एवं स्थानीय नागरिकों ने लाभांश और दीपांश जैन का आभार व्यक्त किया है। पार्षद चिंटू चौहान ने कहा कि स्वर्गीय राजा सेठ हमेशा सर्वधर्म सहयोग के लिए तत्पर रहते थे और उनके सुपुत्र भी उसी सेवाभावी परंपरा को आगे बढ़ाकर परिवार का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। वार्डवासियों ने इस सेवा कार्य हेतु जैन परिवार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

हाइसेंस ने भारत में लॉन्च किए नई पीढ़ी के इन्वर्टर और स्मार्ट कनेक्टिविटी वाले एयर कंडीशनर


नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत

वैश्विक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज कंपनी हाइसेंस ने भारत में अपने प्रीमियम रूम एयर कंडीशनर पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए इंटेली कूल प्रो सीरीज एयर कंडीशनर्स लॉन्च किए हैं। यह नई प्रो रेंज तेज इन्वर्टर परफॉर्मेंस, स्मार्ट कूलिंग और बिल्ट-इन वाई-फाई वॉइस कंट्रोल जैसी उन्नत सुविधाओं के साथ आती है। हाइसेंस की नौ पीढ़ियों की इन्वर्टर तकनीक पर आधारित यह सिस्टम सटीक तापमान नियंत्रण, कम पावर फ्लक्चुएशन और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित करता है।


इंटेली कूल प्रो सीरीज के केंद्र में क्यूएसडी रैपिड इन्वर्टर टेक्नोलॉजी दी गई है, जो कंप्रेसर को तेज़ी से कूलिंग शुरू करने में सक्षम बनाती है। इससे एसी चालू होते ही कमरे का तापमान तेजी से कम होता है, तुरंत आराम मिलता है और प्रदर्शन बेहतर रहता है। इसमें मौजूद एआई स्मार्ट मोड  कमरे की परिस्थितियों और उपयोगकर्ता की पसंद के अनुसार कूलिंग आउटपुट को स्वतः समायोजित करता है, जिससे लगातार आराम के साथ ऊर्जा की खपत भी कम होती है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन की गई इंटेली कूल प्रो सीरीज़ में 4-इन-1 हेल्दी फिल्टर दिया गया है, जो सूक्ष्म कणों (फाइन पार्टिकुलेट मैटर) को पकड़ने में मदद करता है और घर के अंदर की हवा को अधिक स्वच्छ और स्वास्थ्यकर बनाता है। इसमें सेल्फ क्लीन फ़ंक्शन भी मौजूद है, जो यूनिट के अंदर बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित करता है और परिवारों के लिए बेहतर एयर क्वालिटी बनाए रखने में मदद करता है, जो विशेष रूप से शहरी वातावरण में बेहद महत्वपूर्ण है।
 

प्रो रेंज की एक खासियत यह भी है कि इसमें हाइसेंस कनेक्ट लाइफ के जरिए बिल्ट-इन वाई-फाई कनेक्टिविटी मिलती है, जिससे उपयोगकर्ता अपने स्मार्ट डिवाइस से कहीं से भी एसी को कंट्रोल और मॉनिटर कर सकते हैं। इसमें हिंदी और अंग्रेज़ी में वॉइस कंट्रोल सपोर्ट, पर्सनलाइज्ड शेड्यूलिंग और तापमान कस्टमाइजेशन जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं, जिससे इसे दूर से आसानी से ऑपरेट किया जा सकता है।
 

इंटेली कूल प्रो सीरीज में R32 रेफ्रिजरेंट का उपयोग किया गया है, जिसका ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल (GWP) R410A की तुलना में लगभग 65% कम है। इससे यह एयर कंडीशनर पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल होने के साथ-साथ बेहतर और ऊर्जा-कुशल प्रदर्शन भी प्रदान करता है। इस फीचर के साथ हाइसेंस ने वैश्विक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप सतत नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
 

यह प्रो रेंज विभिन्न आकार के कमरों के लिए शक्तिशाली और समान एयरफ्लो प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है।
 

मुख्य परफॉर्मेंस फीचर्स में शामिल हैं:

क्विक चिल टेक्नोलॉजी के साथ 3D कूल एयर फ्लो डिज़ाइन

समान हवा वितरण के लिए 4-वे ऑटो स्विंग

बड़े कमरों के लिए लॉन्ग डिस्टेंस एयरफ्लो

रात में आराम के लिए मल्टीपल स्लीप मोड्स

शांत संचालन के लिए सुपर-क्वाइट ऑपरेशन और क्वाइट मोड

आसान रखरखाव के लिए सेल्फ क्लीन और सेल्फ डायग्नोज़ फंक्शन

100% इन-ग्रूव्ड कॉपर के साथ एंटी-कोरोशन ट्रीटमेंट

स्टेबलाइज़र-फ्री ऑपरेशन

 लॉन्च के अवसर पर हाइसेंस इंडिया के सीईओ पंकज राणा ने कहा, “हाइसेंस में हमारा मानना है कि आज एयर कंडीशनिंग केवल सामान्य कूलिंग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उपभोक्ता अब बुद्धिमान प्रदर्शन, ऊर्जा दक्षता और अधिक स्वास्थ्यकर रहने के वातावरण की तलाश में हैं। इंटेली कूल प्रो सीरीज़ भारतीय घरों के लिए वैश्विक स्तर पर सिद्ध इन्वर्टर विशेषज्ञता, एआई-आधारित अनुकूलन क्षमता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार तकनीक लाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। क्यूएसडी रैपिड इन्वर्टर टेक्नोलॉजी, R32 रेफ्रिजरेंट, स्मार्ट वाई-फाई कनेक्टिविटी और 4-इन-1 फिल्ट्रेशन के साथ हम एक ऐसा समाधान पेश कर रहे हैं जो अधिक तेज़, स्मार्ट, पर्यावरण-अनुकूल है और आधुनिक भारत की बदलती जीवनशैली की जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है।”
 
नई लॉन्च की गई इंटेली कूल प्रो सीरीज़ के साथ-साथ, हाइसेंस भारत में इंटेली कूल सीरीज़ और इको कूल सीरीज़ भी पेश कर रहा है, जो अब देशभर में उपलब्ध हैं।
 

कीमत और उपलब्धता

इंटेली पर्ला प्रो सीरीज फिलहाल 3-स्टार 1.5 टन वेरिएंट में उपलब्ध है। इसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ-साथ रिलायंस, सत्या, नंदीलथ, ग्रेट ईस्टर्न, पात्रा इलेक्ट्रॉनिक्स और देशभर के अधिकृत डीलरों के माध्यम से खरीदा जा सकता है।
 
प्रारंभिक कीमत: Rs. 28,990, 5 साल की व्यापक वारंटी के साथ।

केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में किए गुरु दर्शन,मुनिराज पीयूषचन्द्र विजयजी से लिया आशीर्वाद






 




 राजगढ़ (धार)। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर ने प्रसिद्ध जैन तीर्थ मोहनखेड़ा महातीर्थ पहुंचकर भगवान आदिनाथ के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने जैन श्वेतांबर समाज के महान संत और 'अभिधान राजेंद्र कोष' के रचयिता श्रीमद विजय राजेंद्र सुरीश्वरजी महाराज साहेब की समाधि स्थल पर मत्था टेककर वंदन किया। इस अवसर पर श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन श्वेतांबर पेढ़ी ट्रस्ट मंडल द्वारा केंद्रीय मंत्री का भव्य बहुमान किया गया।

    श्रीमती ठाकुर ने मोहनखेड़ा महातीर्थ के विकास प्रेरक आचार्य प्रवर श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य और राजगढ़ नंदन मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी महाराज साहेब से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुनि श्री वर्तमान में सप्तम वर्षीतप की कठिन साधना में लीन हैं। भेंट के दौरान मुनि श्री ने केंद्रीय मंत्री को आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी दी और धर्म चर्चा की।

 इस गरिमामयी अवसर पर मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ,अशोक भंडारी,राकेश राजावत, अजय राजावत,नवीन बानिया और अक्षय भंडारी सहित बड़ी संख्या में गुरुभक्त और समाजजन उपस्थित रहे।