BREAKING NEWS
latest



 

News
News

राज्य

राज्य/block-5

आपके शहर की खबर

आपके शहर की खबर/block-3

राजनीति

राजनीति/block-6

मनोरंजन

मनोरंजन/block-6

धर्म

धर्म/block-3

"खेल"

खेल/block-3

"लेख"

लेख/block-3

ख़बरें जरा हटके

ख़बरें जरा हटके/block-10

स्टोरी

स्टोरी/block-7

आपकी बायोग्राफी

आपकी बायोग्राफी/block-11

बिज़नेस

बिज़नेस/block-10

Latest Articles

Rahul Jindal का नया सफर: 'Gharwali Pedwali' की सफलता के साथ मनोरंजन उद्योग में उभरे एक नए प्रोडक्शन दिग्गज!


भारतीय टेलीविजन जगत वर्तमान में रचनात्मकता के एक नए दौर से गुजर रहा है, जिसका श्रेय ZEE5 और &TV पर प्रसारित हो रहे धारावाहिक 'घरवाली पेड़वाली (Gharwali Pedwali')' को जाता है। यह केवल एक सामान्य सिटकॉम नहीं है, बल्कि पेनिनसुला पिक्चर्स के अलिंद श्रीवास्तव और निसार परवेज के नेतृत्व में और सूर्यम एंटरटेनमेंट के बीच एक उच्च-स्तरीय सहयोग का परिणाम है। सूर्यम एंटरटेनमेंट राहुल जिंदल (Rahul Jindal) और उनके साथी पीयूष दिनेश गुप्ता की एक अभिनव सोच है।

सूर्यम एंटरटेनमेंट के पहले प्रोजेक्ट के रूप में, 'घरवाली पेड़वाली '(Gharwali Pedwali)' इसके संस्थापकों की पूरक क्षमताओं का एक बेहतरीन उदाहरण है। जहाँ राहुल जिंदल इस उद्योग में एक नया और बाहरी दृष्टिकोण लेकर आए हैं, वहीं पीयूष दिनेश गुप्ता 13 वर्षों के अनुभव और 25 से अधिक प्रोजेक्ट्स के विशाल पोर्टफोलियो के साथ इस फर्म को मजबूती प्रदान करते हैं। अपने स्थापित बैनर, एनएमकेएच प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से, गुप्ता ने 'लंतरानी' जैसी पुरस्कार विजेता फिल्मों, थ्रिलर 'इंटरोगेशन' और 'रक्तांचल', 'भ्रम' व 'शिक्षा मंडल' जैसी लोकप्रिय वेब सीरीज के साथ गुणवत्तापूर्ण कहानी कहने की साख बनाई है। टेलीविजन पर भी उनका प्रभाव गहरा है, जहाँ उन्होंने 'ऐसी दीवानगी देखी नहीं' और 'विद्या' जैसे हिट शो दिए हैं।

राहुल जिंदल (Rahul Jindal) के लिए 'घरवाली पेड़वाली (Gharwali Pedwali')' को मिल रही सराहना उनके एक अपरंपरागत सफर की बड़ी जीत है। एक प्रोडक्शन पावरहाउस बनने की उनकी यात्रा मुंबई की चकाचौंध से दूर हरियाणा के भिवानी से शुरू हुई, जहाँ उन्होंने सबसे पहले शिक्षा क्षेत्र में एक प्रमुख व्यक्तित्व के रूप में खुद को स्थापित किया।

सिक्किम स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में खड़ा है, जो हिमालय की गोद में नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। वह विश्वविद्यालय के मालिक सबसे कम उम्र के उद्यमी है। राहुल जिंदल द्वारा सह-स्थापित यह संस्थान भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रभावशाली नींव बनाने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मनोरंजन की दुनिया में तेजी से कदम बढ़ाने के बावजूद, राहुल जिंदल आज भी सरदार पटेल विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक के रूप में गहराई से जुड़े हुए हैं—एक ऐसा संस्थान जिसकी उन्होंने कल्पना की और जिसे शून्य से शिखर तक पहुँचाया।

उनके करियर में यह बदलाव 2012 में शुरू हुआ जब वे एक शैक्षिक संस्थान के संचालन के लिए मुंबई आए। इस भूमिका ने अनजाने में फिल्म जगत के साथ एक सेतु का काम किया, जिससे उन्हें प्रमुख अभिनेताओं और निर्देशकों के साथ मजबूत पेशेवर संबंध बनाने का मौका मिला। सक्रिय सेटों पर समय बिताने और निर्माण की बारीकियों को समझने के बाद, उनकी जिज्ञासा अंततः सशक्त कंटेंट बनाने के एक समर्पित मिशन में बदल गई।

वाराणसी की सुंदर और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि पर आधारित 'घरवाली पेड़वाली' घरेलू कॉमेडी के क्षेत्र में एक नई जान फूंकती है। कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक बेहद हास्यास्पद स्थिति में फँस जाता है: उसे एक साथ दो पत्नियों के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है—एक जीवित महिला और दूसरी एक शरारती आत्मा।

इस अनोखी कहानी को पर्दे पर जीवंत करने का श्रेय पारस अरोड़ा, प्रियमवदा कांत, ऋचा सोनी, निहारिका रॉय और गीता बिष्ट जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों को जाता है, जिनके अभिनय ने इस शो को अपनी एक अलग पहचान दिलाने में मदद की है।

सांस्कृतिक परंपराओं और अलौकिक कॉमेडी के कलात्मक मिश्रण से, राहुल जिंदल और उनके सहयोगियों ने एक ऐसी सीरीज तैयार की है जो हर वर्ग के दर्शकों को पसंद आ रही है। जिंदल के लिए 'घरवाली पेड़वाली' केवल एक सफल शुरुआत नहीं है, बल्कि यह उनके करियर के एक नए, विविधतापूर्ण और आशाजनक अध्याय का आगाज है।

आप की चक्की: मुंबई की गृहिणी ने साझा किए अलसी युक्त ओरिजिनल एमपी शरबती आटे के स्वास्थ्य लाभ

Aap Ki Chakki Mumbai housewife sharing health benefits of flaxseed enriched original MP Sharbati wheat flour



 

  मुंबई, भारत – आज के समय में जब परिवार रोज़मर्रा के खाने में शुद्धता और पारदर्शिता को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं, मुंबई की एक गृहिणी साविता ने यह साझा किया कि आप की चक्की के अलसी ओरिजिनल एमपी शरबती आटे को अपनाने से उनके परिवार ने सेहत की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव महसूस किया।

  साविता के पति लंबे समय से ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव और दिनभर थकान की समस्या से जूझ रहे थे। स्वाद से समझौता किए बिना खान-पान सुधारने के इरादे से साविता ने आप की चक्की को चुना एक ऐसा ब्रांड जो केवल ओरिजिनल एमपी शरबती गेहूं में अलसी (फ्लैक्ससीड) मिलाकर, ऑर्डर मिलने के बाद ही आटा पीसता है।

 साविता कहती हैं, “मुझे आप की चक्की पर भरोसा इसलिए हुआ क्योंकि यहाँ पूरी ईमानदारी है। पीसने से पहले गेहूं और अलसी दिखाते हैं और पीसने के बाद आटे की बनावट और रंग भी। कुछ भी छुपाया नहीं जाता।”

   जहाँ पैक्ड आटा हफ्तों या महीनों तक स्टोरेज में पड़ा रह सकता है, वहीं आप की चक्की का मिल-ऑन-ऑर्डर प्रोसेस ताज़गी की गारंटी देता है। ग्राहकों को पहले असली एमपी शरबती गेहूं और अलसी दिखाई जाती है और फिर पीसने के बाद ताज़ा आटे की गुणवत्ता खुद देखने को मिलती है, जिससे शुद्धता और भरोसा दोनों बनते हैं।

   अलसी ओरिजिनल एमपी शरबती आटे को अपनाने के बाद साविता ने अपने पति की सेहत में साफ़ बदलाव महसूस किए। संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह के साथ, उनकी ऊर्जा में स्थिरता, पाचन में सुधार और ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव में बेहतर नियंत्रण देखने को मिला।

   एमपी शरबती गेहूं अपनी प्राकृतिक नरमी, बेहतर प्रोटीन गुणवत्ता और स्वाद के लिए जाना जाता है, जबकि अलसी में मौजूद फाइबर और हेल्दी फैट्स इसे उन परिवारों के लिए उपयुक्त बनाते हैं जो सेहत को लेकर जागरूक विकल्प चाहते हैं।

  साविता आगे कहती हैं, “मेरे लिए अब यह सिर्फ आटा नहीं है, बल्कि सुकून है। मुझे पता है कि मेरे किचन में कौन-सा अनाज आ रहा है और मेरा परिवार क्या खा रहा है।”

  आप की चक्की का एक ही सिग्नेचर प्रोडक्ट पर फोकस, पूरी पारदर्शिता और ताज़ा पिसा हुआ आटा आज के शहरी परिवारों को आकर्षित कर रहा है, जो पारंपरिक भोजन को बिना किसी समझौते के अपनाना चाहते हैं।

आप की चक्की के बारे में

  आप की चक्की विशेष रूप से अलसी ओरिजिनल एमपी शरबती आटा प्रदान करती है, जिसे ऑर्डर मिलने के बाद ही ताज़ा पीसा जाता है। ग्राहकों को कच्चे अनाज से लेकर तैयार आटे तक सब कुछ दिखाकर, यह ब्रांड रोज़मर्रा के भोजन में भरोसा, ताज़गी और परंपरा वापस लाने का काम कर रहा है।

अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें: 

  

धार की माटी के लाल और ख्यात कवि गौरव साक्षी पहुँचे बाघ,परिवार संग निहारीं ऐतिहासिक गुफाएं

बाघ गुफाएं, गौरव साक्षी, धार न्यूज़, मध्य प्रदेश पर्यटन, कवि सम्मेलन।




  बाघ। हिंदी काव्य जगत के उभरते सितारे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर धार जिले का नाम रोशन करने वाले युवा गीतकार गौरव साक्षी हाल ही में अपने गृह जनपद के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी साक्षी और सुपुत्री व्याख्या के साथ विश्व प्रसिद्ध 'बाघ गुफाओं' का अवलोकन किया और उनकी कलात्मक भव्यता को निहारा।

डॉ. कुमार विश्वास के सानिध्य में गढ़ा है नाम

  बता दें कि मूल रूप से धार जिले के राजगढ़ निवासी गौरव साक्षी आज देश के अग्रणी कवियों में शुमार हैं। उन्हें युग कवि डॉ. कुमार विश्वास का विशेष सानिध्य प्राप्त है। गौरव न केवल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों बल्कि आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी अपनी काव्य प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें कर्नाटक के राज्यपाल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।

"बाघ की गलियों में बसता है मेरा बचपन"

  एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने बाघ आए गौरव साक्षी ने न्यूज़ पोर्टल से विशेष चर्चा में अपने दिल की बातें साझा कीं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "इस नगर से मेरी बचपन की अनगिनत यादें जुड़ी हैं। जब भी यहाँ आता हूँ, माता बघेश्वरी के चरणों में माथा टेकने के बाद बाघ गुफाओं की शांति का अनुभव करने जरूर आता हूँ। यह स्थान मुझे नई ऊर्जा से भर देता है।"

पर्यटन और संस्कृति का संगम

  वर्तमान में इंदौर में निवासरत गौरव साक्षी की यह यात्रा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके प्रशंसकों और स्थानीय लोगों ने अपनी माटी के इस कलाकार का गर्मजोशी से स्वागत किया।

नृसिंह मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर समाजजनों की बैठक - 45 लोगों ने 22 लाख रुपये सहयोग की घोषणा, तैयारियों को मिली गति



 

  राजगढ़। मालवा अंचल के आस्था केंद्र श्री नृसिंह मंदिर तीर्थ में प्रस्तावित प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को मंदिर ट्रस्ट मंडल एवं क्षेत्र के समाजजनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक मंदिर ट्रस्ट संरक्षक राजवर्धनसिंह दत्तीगांव एवं ट्रस्ट अध्यक्ष हर्षवर्धनसिंह दत्तीगांव के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इसमें आसपास के करीब 50 गांवों से आए समाजजन शामिल हुए। बैठक में महोत्सव की रूपरेखा, धार्मिक अनुष्ठानों, निर्माण कार्यों और आर्थिक सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

  बैठक के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। महज आधे घंटे के भीतर 45 से अधिक दानदाताओं ने 22 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि इस राशि से मंदिर परिसर में शेष रंग-रोगन, सज्जा एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएंगे, जिससे प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों को गति मिलेगी।

  बैठक का शुभारंभ ट्रस्ट उपाध्यक्ष डॉ. बलबहादुरसिंह छड़ावद एवं ट्रस्टी ठाकुरलाल पटेल की अध्यक्षता में हुआ। डॉ. बलबहादुरसिंह छड़ावद ने कहा कि श्री नृसिंह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है और प्रतिष्ठा महोत्सव को भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। ट्रस्ट सचिव शांतिलाल पाटीदार ने श्रद्धालुओं की सुविधा, दर्शन व्यवस्था एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

  बैठक में ट्रस्टी पुनमचंद पटेल ने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत श्री नृसिंह मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, स्वर्ण कलश स्थापना एवं ध्वजा फहराई जाएगी। साथ ही महादेव मंदिर एवं श्री माही माता मंदिर की भी प्रतिष्ठा की जाएगी। बैठक में ट्रस्टी रामरतन चौधरी, निलेष सोनी, मुन्नालाल मारू, केसरसिंह बारोड़, झमकलाल मारू, राधेश्याम बारोड, मगनलाल कुमावत सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। बैठक का संचालन नईदुनिया पत्रकार प्रभुसिंह राजपूत ने किया।

भारत को हिंदुत्व पर गर्व है और हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आदि शंकराचार्य,भारत माता मंदिर,सनातन संस्कृति,हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व,Mohan Yadav,Haridwar,Hindutva, India proud of Hindutva, Hindutva nationalism, Hindu identity, Indian nationalism, CM Dr Yadav, Chief Minister Yadav statement, Hindutva and nationhood, Indian culture, Hindu pride, political statement India, Madhya Pradesh CM, Dr Mohan Yadav, BJP ideology, national identity India




 मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का रहा है विशेष संबंध
भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का कर रहा है संचार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरिद्वार में संत सम्मेलन को किया संबोधित

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति को नए आयाम तक पहुंचाने में आदि शंकराचार्य का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का विशेष संबंध रहा है। वैचारिक स्तर पर भारत को हिंदुत्व पर गर्व है, हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है। सनातन की धारा शाश्वत रूप से बहती रहे, इस उद्देश्य से संतवृंद और सरकार समन्वित रूप से प्रयासरत है। हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का संचार कर रहा है।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह के अंतर्गत संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

संत महात्माओं को दिया सिंहस्थ-2028 का निमंत्रण

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि शंकराचार्य जी की परंपरा के संवाहक, वैदिक सनातन संस्कृति के उन्नायक, देश के प्रथम भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भव्य और दिव्य सिंहस्थ के आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संत महात्माओं को सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन पधारने के लिए निमंत्रण दिया।

 जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने कहा कि संतवृंद के आशीर्वाद से देश में पिछले वर्षों में हुआ बदलाव अद्भुत है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गया है और तेजी से एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉटरवेज, हाई स्पीड रेल, हाईवेज से देश की युवा शक्ति और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है। देश की बहनें, किसान, युवा सभी समावेशी विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। सांस्कृतिक समृद्धि, विरासत संरक्षण और धार्मिक पर्यटन में भी पूरे राष्ट्र में एक नई चेतना जागृत हुई है।

 बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संसार के दुखों का शमन केवल सत्संग से ही संभव है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और संतों का साथ व्यक्ति को नया जीवन और दृष्टि देने में सक्षम है। संतगण वे आत्माएं हैं जिनके चरित्र शांत और उदार हैं। दूसरों का भला करने के उद्देश्य से ही संतगण की सभी गतिविधियों का संचालन होता है। भारत की पहचान सनातन से है, भारतीय संस्कृति ने मानवता का दिव्यकरण और दिव्यता का मानवीयकरण किया है। उन्होंने आदि शंकराचार्य के दर्शन पर भी अपने विचार रखें।

 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत, महात्मा और धर्मगुरु सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने संतवृंद का उत्तराखंड की भूमि पर स्वागत करते हुए कहा कि संत श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने देश की एकता और सांस्कृतिक समृद्धता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके विचार नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का आधार बनेंगे। मंचीय कार्यक्रम राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ का सम्पन्न हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरू स्वामी रामदेव जी के साथ किया योगाभ्यास

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग आज भारत की प्राचीन परंपरा से निकलकर वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है। हम सभी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, संतुलित व ऊर्जावान जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पतंजलि योगपीठ के वातावरण से प्रभावित होकर कहा कि योगपीठ का संस्कार, साधना और आत्मबल से परिपूर्ण वातावरण मन को अपार शांति प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ हरिद्वार में भारत माता मंदिर में दर्शन, पूजन और यज्ञ में शामिल होकर सभी के मंगल एवं कल्याण की कामना की।

क़ासिम हैदर क़ासिम के पॉडकास्ट में दिग्गज फ़िल्मकार ने फ़िल्म इंडस्ट्री के बदलते हालात और संघर्षों पर खुलकर की बात

 

प्रसिद्ध फ़िल्मकार Mustafa Engineer हाल ही में Qaseem Haider Qaseem के आने वाले पॉडकास्ट में नज़र आए, जहाँ उन्होंने फ़िल्म इंडस्ट्री की सच्चाइयों पर खुलकर बात की। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि आज के दौर में प्रतिभाशाली फ़िल्मकारों के लिए इंडस्ट्री में टिके रहना कितना मुश्किल होता जा रहा है। यह पॉडकास्ट 10 फरवरी को रिलीज़ होने वाला है।

बातचीत के दौरान मुस्तफ़ा इंजीनियर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले फ़िल्मों में कहानी और रचनात्मकता को सबसे ज़्यादा अहमियत दी जाती थी, लेकिन अब हालात काफ़ी बदल चुके हैं। आज किसी फ़िल्म की सफलता काफी हद तक फंडिंग, मार्केट स्ट्रैटेजी और बिज़नेस प्रेशर पर निर्भर हो गई है। उन्होंने कहा कि बेहतरीन सोच और हुनर होने के बावजूद भी आज के समय में प्रोड्यूसर या निवेशक मिलना बेहद कठिन हो गया है।

मुस्तफ़ा इंजीनियर, जो Kuchh Kaha Aapne और Chand Ke Paar Chalo जैसी फ़िल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने यह भी बताया कि आज के निवेशक ज़्यादातर उन्हीं फ़िल्मों में पैसा लगाना चाहते हैं जिनसे जल्दी मुनाफ़ा हो सके। ऐसे में भावनात्मक, सामाजिक या अर्थपूर्ण कहानियों के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है और कई अच्छी कहानियाँ सिर्फ़ काग़ज़ों तक ही सीमित रह जाती हैं।

पॉडकास्ट में उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव और बदलती दर्शक पसंद पर भी बात की। मुस्तफ़ा के अनुसार, आज के फ़िल्मकारों को नई टेक्नोलॉजी, आधुनिक फ़िल्ममेकिंग तकनीकों और दर्शकों की बदलती उम्मीदों के साथ खुद को लगातार ढालना पड़ता है, जो अनुभवी लोगों के लिए भी आसान नहीं है।

उन्होंने यह भी माना कि फ़िल्ममेकिंग की चुनौतियाँ सिर्फ़ प्रोफेशनल नहीं बल्कि भावनात्मक भी होती हैं। किसी फ़िल्म को बनाने में सालों की मेहनत, धैर्य और समर्पण लगता है, लेकिन फंडिंग, अप्रूवल और रिलीज़ को लेकर बनी अनिश्चितता कई बार मनोबल तोड़ देती है। इसके बावजूद, सिनेमा के प्रति उनका प्यार आज भी बरकरार है।

यह आने वाला पॉडकास्ट फ़िल्म इंडस्ट्री की असलियत को बेहद ईमानदारी से सामने रखता है। मुस्तफ़ा इंजीनियर के अनुभव यह दिखाते हैं कि फ़िल्मों की दुनिया सिर्फ़ जुनून और रचनात्मकता से नहीं चलती, बल्कि इसमें कड़ी प्रतिस्पर्धा, आर्थिक संघर्ष और लगातार बदलते हालातों से जूझना भी शामिल है।

सॉस लैब्स ने एआई-ड्रिवन टेस्ट ऑटोमेशन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में खोला आरएंडडी (R&D) हब

दिल्ली, भारत

निरंतर सॉफ्टवेयर गुणवत्ता समाधानों की अग्रणी प्रदाता, सॉस लैब्स (Sauce Labs Inc.) ने आज दिल्ली, भारत में अपने नए कार्यालय के उद्घाटन की घोषणा की। यह विस्तार नई पीढ़ी की एआई-ड्रिवन सॉफ्टवेयर गुणवत्ता के लिए बेहतरीन प्रतिभाओं का उपयोग करने की कंपनी की वैश्विक रणनीति की एक प्रमुख आधारशिला है।





दिल्ली कार्यालय का नेतृत्व अनुपम जैन करेंगे जो इस लोकेशन के विकास और सॉस लैब्स के वैश्विक इंजीनियरिंग प्रयासों में इसके एकीकरण की देखरेख करेंगे। एक हाई-इम्पैक्ट आरएंडडी (R&D) कार्यालय के रूप में स्थापित इस केंद्र को विशेष रूप से सॉस लैब्स की एआई-आधारित 'ऑटोनॉमस टेस्ट ऑथरिंग' और इंटेलिजेंस क्षमताओं को आगे बढ़ाने का काम सौंपा गया है ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक ग्राहकों को बेहतर सेवा दी जा सके।

सॉस लैब्स के सीईओ, प्रिंस कोहली ने कहा, "दिल्ली में हमारी उपस्थिति हमारे प्लेटफॉर्म में इनोवेशन के प्रति एक रणनीतिक प्रतिबद्धता है। अपने करियर में मैंने पाया है कि सबसे जटिल समस्याएं सप्ताह में 80 घंटे स्क्रीन को घूरने से हल नहीं होती हैं - वे तब हल होती हैं जब आप बेहतरीन लोगों को काम पर रखते हैं और उन्हें अपने विचारों को इकट्ठा करने की आज़ादी देते हैं। हमारी दिल्ली टीम सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और ऐप क्रिएटर्स पर से टेस्ट क्रिएशन, टेस्ट निष्पादन, टेस्ट रखरखाव और रिलीज ऑटोमेशन के भारी बोझ को खत्म करने के हमारे विजन की सह-निर्माता होगी।"

दिल्ली आरएंडडी हब वैश्विक ब्रांडों को आधुनिक, एआई-जनित कोड की जटिलताओं को प्रबंधित करने में मदद करने के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और डेटा साइंस में प्रमुख प्रतिभाओं की भर्ती पहले ही कर रहा है। यह कदम पेशेवर परिणामों के बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए कोहली के "इंसानियत बनाए रखने" की विचारधारा को रेखांकित करता है।

कोहली ने आगे कहा, "सॉस लैब्स में हम जानते हैं कि बड़ी इनोवेशन के लिए कड़ी मेहनत और बड़ा सोचने के लिए मानसिक आज़ादी दोनों की आवश्यकता होती है। भारत में इसे स्थापित करके हम उद्योग के कुछ सबसे प्रतिभाशाली दिमागों को एक साथ ला रहे हैं। मैं यहां विश्वास और स्वायत्तता (autonomy) पर आधारित एक संस्कृति बनाने के लिए उत्साहित हूं - जहां हमारी टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ काम करने और एआई-ड्रिवन टेस्टिंग में नेतृत्व करने की स्वतंत्रता हो।"

आप सॉस एआई (Sauce AI) के सबसे हालिया नवाचारों के बारे में अधिक जानकारी यहां देख सकते हैं: saucelabs.com/solutions/ai

सॉस लैब्स (Sauce Labs) के बारे में

सॉस लैब्स निरंतर गुणवत्ता के लिए अग्रणी मंच है, जिस पर वॉलमार्ट (Walmart), बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) और इनडीड (Indeed) जैसे दुनिया के शीर्ष उद्यम भरोसा करते हैं। सॉस लैब्स प्लेटफॉर्म पर अरबों टेस्ट चलते हैं, और सैकड़ों-हजारों उपयोगकर्ता उच्चतम गुणवत्ता वाले सॉफ्टवेयर अनुभव प्रदान करने के लिए सॉस लैब्स पर निर्भर हैं। हमारा एकीकृत प्लेटफॉर्म एसडीएलसी (SDLC) में निरंतर गुणवत्ता को शक्ति प्रदान करता है - जो विकास से लेकर उत्पादन तक प्रमुख गुणवत्ता संकेतों की पहचान करने के लिए एआई-ड्रिवन एनालिटिक्स का उपयोग करता है। एक दशक से अधिक की विशेषज्ञता और सेलेनियम (Selenium) व एपियम (Appium) ओपन-सोर्स समुदायों में गहरी जड़ों के साथ, सॉस लैब्स टीमों को हजारों विभिन्न उपकरणों, ब्राउज़रों और ऑपरेटिंग सिस्टम पर - कहीं भी, कभी भी और किसी भी पैमाने पर परीक्षण करने में मदद करता है।

 

अधिक जानकारी के लिए, कृपया saucelabs.com पर जाएं।


Media Contact Details
जस्टिन मौल्डिन
सेलियंट पीआर
(737) 234-0936
achievemore@salientpr.com