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भोजशाला में बनेगा भव्य सरस्वती लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव








 

राजा भोज की कर्मस्थली धार में होगी भोज शोध संस्थान की स्थापना
भोजशाला के लिए आंदोलन में शहादत देने वाले शहीदों के परिजन को राज्य सरकार देगी आर्थिक सहायता
किसानों को गेहूँ उपार्जन के लिए किया जा चुका है 25 हजार 97 करोड़ रुपए का भुगतान
ग्लोबल स्किल पार्क के विद्यार्थियों का हंगरी में रोजगार के लिए हुआ चयन
प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम दूध का हो रहा है संकलन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी, यहाँ राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोजपाल द्वारा स्थापित यह भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। यहाँ दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व. श्री बनसिंह, स्व. श्री अंतरसिंह एवं स्व. श्री लक्मृण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में ये विचार व्यक्त किए। प्रदेश में गेहूं उपार्जन के नए रिकार्ड के लिए, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुये हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी को बधाई दी।

समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिकता संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे हमें अधिक से अधिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे।

प्रदेश के आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल से युवाओं को विदेश में मिल रहे हैं रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। संस्थान के बैच-9 के तीन विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष माह अप्रैल-मई 2026 में 16 कम्पनियों में 236 बच्चों को प्लेस किया है। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है।

वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए का भुगतान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रणाली अपनाई गई है। विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।

13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं का विक्रय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम मध्य एशिया की विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में सफलतापूर्वक गेहूं उपार्जन का कार्य पूर्ण किया गया। प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेंहू का उपार्जन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं के समर्थन मूल्य राशि 2585 रूपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रूपए प्राप्त होगी। कोविड को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूं का विक्रय किया गया, जो कि गेहूं विक्रय करने वाले किसान संख्या की दृष्टि से पूरे भारत में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में पहली बार लघु एवं सीमांत कृषकों को गेहूं विक्रय करने का अवसर प्रदान किया गया। सप्ताह में 05 दिन के स्थान पर 06 दिन (शनिवार को भी) गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसानों को 25,096.99 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है।

जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक क्रियान्वियत हो रहा है। इसके अंतर्गत 6 हजार 330 करोड़ रुपये से दो लाख से अधिक महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हुए हैं और 1 लाख 51 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। रिकॉर्ड 57 हजार 794 खेत तालाब और 91 हजार 838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के लिये 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है। प्रदेश में 126 भव्य 'अमृत सरोवरों का कार्य शत्-प्रतिशत पूरा किया जा चुका है।

मंगोलिया में श्रद्धालु करेंगे भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन सांची स्तूप के प्रति बढ़ेगी वैश्विक रूचि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर सांची स्तूप से भगवान बुद्ध के परम शिष्य श्री अरिहंत, श्री सारिपुत्र एवं श्री महामोद्ल्यायन के पवित्र अवशेष सार्वजनिक दर्शन के लिये मंगोलिया भेजे गये हैं। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में 31 मई 2026 से शुरू हुई यह प्रदर्शनी लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं, भिक्षुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगी। इससे भारत के बौद्ध तीर्थ सर्किट, विशेषकर सांची जैसे स्थलों में वैश्विक रुचि बढ़ेगी।

राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड, व्यापारी समुदाय के कल्याण में होगा सहायक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। इससे व्यापारी समुदाय के कल्याण, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर वातावरण निर्मित करने और प्रदेश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

प्रदेश के चहुँमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रूपये की स्वीकृति








 


स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को मिली स्वीकृति
अधिकार अभिलेखों पर स्टॉम्प ड्यूटी और पूरा पंजीयन शुल्क माफ करने का हुआ फैसला
योजना का वित्तीय भार 3800 करोड़ रूपये का राज्य शासन करेगा वहन
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति
जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति
पहली से 8वीं तक के विद्यार्थियों को सिली हुई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय
"मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप का अनुमोदन
"मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश 2026" के प्रारूप का किया अनुमोदन
"तन्वी द ग्रेट" और "शतकः संघ के 100 वर्ष" को एस.जी.एस.टी. से छूट के निर्णय का अनुसमर्थन
बरगी जलाशय दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक जाँच आयोग के गठन का अनुसमर्थन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को मिली स्वीकृति
अधिकार अभिलेखों पर स्टॉम्प ड्यूटी और पूरा पंजीयन शुल्क माफ करने का हुआ फैसला
योजना का वित्तीय भार 3800 करोड़ रूपये का राज्य शासन करेगा वहन
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति
जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति
पहली से 8वीं तक के विद्यार्थियों को सिली हुई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय
"मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप का अनुमोदन
"मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश 2026" के प्रारूप का किया अनुमोदन
"तन्वी द ग्रेट" और "शतकः संघ के 100 वर्ष" को एस.जी.एस.टी. से छूट के निर्णय का अनुसमर्थन
बरगी जलाशय दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक जाँच आयोग के गठन का अनुसमर्थन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय



   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, जन-कल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए गए। मंत्रि-परिषद ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026' के तहत स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को पूरी तरह माफ करने का फैसला किया है, जिसका संपूर्ण 3800 करोड़ रूपये का वित्तीय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 17 हजार 59 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई, जिससे नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण और एमबीबीएस तथा पीजी सीटों में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त होगा।

  बैठक में ग्रामीण विकास और वित्तीय सुधारों को गति देने के लिए 'मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम' तथा 'मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम' में संशोधन संबंधी अध्यादेशों के प्रारूपों को मंजूरी दी गई। वहां, स्कूली शिक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए सत्र 2026-27 में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त इंदौर जिला न्यायालय भवन के पुनरीक्षित लागत, बरगी जलाशय हादसे की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठन के निर्णय का अनुसमर्थन तथा 2 प्रमुख फिल्मों को एस.जी.एस.टी. से छूट देने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर मंत्रि-परिषद द्वारा मुहर लगाई गई। ये सभी निर्णय राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को स्वीकृति

  मंत्रि-परिषद ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में स्वामित्व योजना में जिन भू-खण्डधारियों के अधिकार अभिलेख निर्मित किए गए हैं उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए इन निर्मित अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराया जाए। इसके लिए डीड ऑफ कन्वेयेंस का निष्पादन एवं पंजीयन किया जाएगा ताकि नागरिक आवश्यकतानुसार गृह निर्माण, व्यवसाय एवं कृषि संक्रियाओं आदि के लिए ऋण प्राप्त कर अपनी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान के तहत कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है। इसमें 48.32 लाख निजी संम्पत्तियां शामिल है। अधिकार अभिलेखों के पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टॉम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा, संपूर्ण व्यय राशि 3800 करोड़ रूपये का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा।

  मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकार सुरक्षित कर उनकी आर्थिक उन्नति के मार्ग को प्रशस्त किया जा रहा है। स्वामिव योजना में मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी में निवासरत नागरिकों को उनका वैधानिक अधिकार प्रदान करने के लिए अधिकार अभिलेखों का निर्माण ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए किया गया है।

 योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने, प्रक्रिया निर्धारण, समय-समय पर समीक्षा के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा। इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, आयुक्त कोष एवं लेखा, आयुक्त/संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी, सदस्य होंगे एवं आवश्यकतानुसार विषय विशेषज्ञों को संयोजित किया जा सकेगा।

  योजना के प्रचार-प्रसार, मुद्रण व्यय एवं जन-जागरुकता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना का विस्तृत परिपत्र एवं समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्पष्टीकरण आदि जारी करने के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया गया है।


लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति

 मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध चिकित्सालय योजना की 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 14,363.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश के जन सामान्य को निशुल्क गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराये जाने एवं प्रदेश में चिकित्सा के लिए मानव संसाधन विकसित किये जाने के लिए 12 जिला मुख्यालयों पर चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों का संचालन राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है।

 चिकित्सा महाविद्यालय में पी.जी. पाठ्यक्रम के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजना के लिए 657 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त अधोसंरचना का निर्माण, नवीन मशीनें एवं उपकरणों के प्रतिस्थापन के फलस्वरूप अतिरिक्त स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सीटों में वृद्धि होगी। इससे राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ जन सामान्य को सुदूर ग्रामीण अंचल से जिला स्तर तक चिकित्सा सुविधा के लिए चिकित्सीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

 नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित योजना के लिए 1200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन ,सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय का भवन निर्माण किया जाएगा।

 एमबीबीएस सीट्स में वृद्धि की योजना के लिए 838 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। योजना में प्रदेश के संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में अधोसंरचना निर्माण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, पठन-पाठन एवं महाविद्यालयीन गतिविधियों के लिए आवश्यक उपकरण प्रदाय किये जा सकेंगे। इससे राष्ट्रीय मेडिकल काउंसिल से एमबीबीएस सीटों की वृद्धि की स्वीकृति मिल सकेगी

जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति

 मंत्रि-परिषद ने निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के पुनरीक्षित निर्माण कार्य की लागत राशि 411 करोड़ 1 लाख रूपये को पुनरीक्षित कर 626 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को गणवेश प्रदाय करने का निर्णय

 मंत्रि-परिषद ने शासकीय शालाओं में कक्षा पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 से निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया है। निविदा प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को अधिकृत किया गया है। शासकीय शालाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व 2 जोडी गणवेश प्रदाय किया जाना लक्षित है। इससे समय सीमा में विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त गणवेश प्रदाय सुनिश्चित हो सकेगा।

"मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप को स्वीकृति

 मंत्रि-परिषद ने "मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) के अधीन अध्यादेश प्रख्यापित किया जाएगा।

"मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप का अनुमोदन

 मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम, 1981 की धारा 9(1) में संशोधन के लिए "मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026" के प्रारूप का अनुमोदन किया है। अध्यादेश को भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) अंतर्गत प्रख्यापन कराये जाने की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। वर्तमान में राजस्व विभाग द्वारा संचालित स्वामित्व योजना के अंतर्गत, अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराये जाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति स्वामित्व अभिलेखों का व्यापक स्तर पर पंजीयन किये जाने के दृष्टिगत वित्तीय एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिनियम को अद्यतन किये जाने एवं शासकीय राजस्व के हितों का संरक्षण किया जा सकेगा।

"तन्वी द ग्रेट" और "शतकः संघ के 100 वर्ष" को एस.जी.एस.टी. से छूट के निर्णय का अनुसमर्थन

 मंत्रि-परिषद ने राज्य शासन द्वारा श्री अनुपम खेर द्वारा निर्देशित हिन्दी फीचर फिल्म, "तन्वी द ग्रेट" और श्री आशीष मल्ल द्वारा निर्देशित हिन्दी फीचर फिल्म, "शतकः संघ के 100 वर्ष" के मध्यप्रदेश में प्रदर्शन पर एस.जी.एस.टी. से छूट देने के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। निर्णय अनुसार दोनों फिल्मों का मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अधीन राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति करते हुए सिने-दर्शकों को उक्त राशि की छूट प्रदान की गई है। इसके लिए विभाग के 24 जुलाई 2025 और 3 मार्च 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया है।

बरगी जलाशय दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक जाँच आयोग के गठन का अनुसमर्थन

 मंत्रि-परिषद द्वारा बरगी बांध, जबलपुर में 30 अप्रैल 2026 को क्रूज दुर्घटना के कारण हुई जनहानि की न्यायिक जाँच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर श्री संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने के संबंध में 10 मई 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।



एक शाम श्री सोनाणा खेतलाजी के नाम : भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु,भव्य वरघोड़ा बना आकर्षण का केंद्र








 




  राजगढ़ (धार)। श्री सोनाणा खेतलाजी भक्तमंडल, राजगढ़ द्वारा शुक्रवार को “एक शाम श्री सोनाणा खेतलाजी के नाम” विशाल भजन संध्या का भव्य आयोजन शिव वाटिका में किया गया। धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भजन संध्या में प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।
  आयोजन श्री कुलदेवी माताजी, श्री कुलदेवता खेतलाजी बावजी एवं भक्त शिरोमणि शांतिलाल लादाजी भंडारी के आशीर्वाद तथा भक्तराज राजराजेंद्र भंडारी के आदेश से श्री सोनाणा खेतलाजी के परम भक्त हिमेश नाहटा के सानिध्य में संपन्न हुआ।
  कार्यक्रम से पूर्व दोपहर में माताजी मंदिर से भव्य वरघोड़ा निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मेला मैदान स्थित शिव वाटिका पहुंचा। वरघोड़े में सबसे आगे बैंड-बाजे, ढोल एवं अखंड ज्योत चल रही थी। वहीं सुसज्जित रथ में अम्बा माताजी, खेतलाजी भेरू बावजी एवं गजानंद की रजत प्रतिमाएं विराजित थीं। प्रतिमाओं के साथ संदीप कुमार-जयप्रकाश बाफना परिवार (बरमंडल वाले, राजगढ़) विराजमान थे। मार्ग में विभिन्न लाभार्थी परिवारों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल एवं अन्य सेवाएं प्रदान की गईं।
  शिव वाटिका पहुंचने पर माताजी एवं खेतलाजी को कमलकुमार-विमलचंद्र कांकरेचा परिवार (नालछा) ने विराजित कराया। कुमकुम, अबीर एवं गुलाल पूजन का लाभ सतन कुमार एवं संतोष कुमार चौरड़िया परिवार ने लिया। माताजी को चुनड़ी एवं खेतलाजी को इत्र अर्पण करने का लाभ दिलीप कुमार एवं मोतीलाल वागरेचा परिवार (राजगढ़) ने प्राप्त किया। महाआरती संजय कुमार एवं प्रेमचंद्र नाहटा परिवार ने उतारी, जबकि अखंड ज्योत की आरती कीर्तिलाल नेमभाई व्होरा परिवार (अहमदाबाद) द्वारा की गई।
  इस अवसर पर 56 भोग जयंतिलाल-मांगीलाल सराफ परिवार (राजगढ़) द्वारा अर्पित किया गया। लाभार्थी परिवारों का बहुमान विनोद कुमार एवं समरथमल छजलानी परिवार ने किया। बालभोग स्व. सेठ सुजानमल दसेड़ा एवं स्व. श्रीमती कांतादेवी दसेड़ा की पुण्य स्मृति में प्रदीप कुमार एवं अंकुश कुमार दसेड़ा (जावरा) द्वारा अर्पित किया गया। वहीं लक्की ड्रा का लाभ श्री खेतल शांति भक्त परिवार, राजगढ़ द्वारा लिया गया।
  कार्यक्रम में गुरु राजराजेंद्र भंडारी ने कुलदेवी माताजी एवं कुलदेवता खेतलाजी बावजी की महिमा, स्थापना विधि, जाया-परणिया की जात तथा विभिन्न धार्मिक नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
  भजन संध्या में राजस्थान के प्रसिद्ध संगीतकार दीपक राठौड़ (पाली), सुप्रसिद्ध भजन गायिका नीता नायक एंड पार्टी तथा बाल कलाकार कृषिव बागरेचा (जोधपुर) ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। मंच संचालन प्रमोद परिहार (पाली) ने किया। धर्मेंद्र सिंह एवं हेमासिंह की जोड़ी भी आकर्षण का केंद्र रही।
  आयोजन को सफल बनाने में महेंद्र कुमार-अजय कुमार धोका परिवार (धार), शेखर कुमार-कालूसिंह राठौड़ परिवार (राजगढ़), मनीष कुमार-अशोक कुमार चंडालिया (कुशलगढ़), अनिकेत कुमार-संदीप कुमार जैन परिवार (कुक्षी) 
  मेहंदी चढ़ाने स्व. चमेली बेन मथुरालाल मोदी परिवार ने अर्पण की, भोजन प्रसादी दसेड़ा परिवार जावरा द्वारा लाभ लिया गया।
 परम खेतल भक्तों का विशेष सहयोग रहा। भजन संध्या में जाजम की बोली दसेड़ा परिवार, जावरा द्वारा ली गई।

नई रिपोर्ट भारत के 11000 किलोमीटर लम्बे तटीय क्षेत्र पर मंडराते जलवायु संकट की चेतावनी देती है

मुंबई, महाराष्ट्र, भारत

भारत के तटीय क्षेत्रों पर जलवायु परिवर्तन का संकट मंडरा रहा है। अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी द्वारा रिलीज की गई रिपोर्ट इंडियन कोस्टल रीजन : क्लाइमेट प्रोजेक्शन 2021-2040 के अनुसार यह संकट अगले कुछ सालों में जिंदगियों, रोजगार की स्थितियों और पारिस्थितिक तंत्र को बदल देगा।

निकट भविष्य (2021-2040) की संभावनाओं पर ध्यान देते हुए यह अध्ययन नीति-निर्माताओं और स्थानीय समुदायों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टियां प्रदान करता है। इस अध्ययन के लिए CMIP6* मॉडल का इस्तेमाल किया गया है, जिसे क्षेत्रीय स्तर की सटीकता बढ़ाने के लिए संतुलित किया गया है। यह रिपोर्ट आगाह करती है कि अनुकूलन का समय बड़ी तेजी से घटता जा रहा है क्योंकि भारत के सभी प्रशासनिक क्षेत्रों में जल्दी ही 1.5 डिग्री सेल्सियस की वार्मिंग सीमा को छूने का खतरा पैदा हो चुका है।

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सीईओ अनुराग बेहार ने कहा कि, “जलवायु परिवर्तन कोई सुदूर भविष्य की चुनौती नहीं है, यह आज की सच्चाई है। 2040 महज 14 साल दूर है। ये आंकड़े जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को उसकी तात्कालिकता के साथ सामने रखते हैं और इस समस्या से सामूहिक तौर पर निपटने के लिए अपने बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक तंत्र में बदलाव की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

रिपोर्ट इस बात की पहचान करती है कि केरल में वेट-बल्ब टेम्परेचर के बढ़ने से लेकर महाराष्ट्र में मानसून के बढ़ने जैसे परिवर्तन नाकइ विंड कैलेण्डर जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को पहले ही अविश्वसनीय बना रहे हैं। इस रिपोर्ट का लक्ष्य जिला-स्तर पर सुरक्षात्मक उपायों की तैयारी के लिए स्थानीय प्रशासन को जरूरी बुनियादी आंकड़े मुहैया कराना है।

अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनेबिलिटी की डायरेक्टर हरिनी नगेन्द्र ने कहा कि “इस रिपोर्ट के आंकड़े एक ऐसी सच्चाई बयान कर रहे हैं, जिसे नजरंदाज करने का जोखिम हम नहीं उठा सकते। जलवायु परिवर्तन को दशकों से हमने कहीं दूर मौजूद वैश्विक समस्या के रूप में देखा है, ध्रुवीय बर्फीली चोटियों से जुड़ी ऐसी समस्या के रूप में जिसके गहराने में अभी सदियों का समय बाकी हैं। लेकिन हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि भारतीय तटीय क्षेत्र के मामले में संकट बहुत स्थानीय और बहुत करीब है। बात चाहे एर्नाकुलम में बढ़ती गर्मी की हो, चाहे सुंदरबन में बढ़ते खारेपन की, जलवायु परिवर्तन का प्रभाव हमारी जिंदगी के हर पहलू पर दिख रहा है। हालात बिगड़ने के बाद सिर्फ़ नुकसान कम करने की कोशिश से आगे बढ़कर अब हमें पहले से तैयारी करने और खुद को ढालने की दिशा में काम करना होगा। इसके लिए हमारे पास बहुत कम समय है। हमें एक ऐसा भविष्य बनाना है जो हमारे राष्ट्र के सामने आने वाली पारिस्थितिक चुनौतियों को स्वीकार करता हो।’’

महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाके एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संक्रमण के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इससे मुंबई उपनगर के गर्मियों के समय के अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है। यह गर्मी से बचने की योजनाओं की बढ़ती जरूरत पर जोर देता है। इस गर्मी के साथ-साथ मौसमी बरसात में भी स्पष्ट तीव्रता दिखती है। मुंबई उपनगर में लगभग एक अतिरिक्त हफ्ते (+6 दिन) तक तेज बारिश की उम्मीद है। जबकि सूरत और भावनगर में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के प्रभाव में क्रमशः 23% और 24% बढ़ोत्तरी की संभावना है। इन बदलावों के कारण स्थानीय आजीविका पहले से ही प्रभावित हो रही है। उदाहरण के लिए मुंबई में कोली समुदाय का कहना है कि अनपेक्षित बारिश से झींगों को सुखाने के पारंपरिक पेशे को नुकसान हो रहा है। 2040 की स्थितियों पर ध्यान देते हुए यह रिपोर्ट ऐसे विस्तृत आंकड़े सामने लाती है जो पश्चिमी तट के बुनियादी ढांचों और उसकी अनोखी तटीय विरासत की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।

मुख्य निष्कर्ष

बढ़ता तापमान : भारत के औसत तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है। लगभग 40 तटीय इलाकों में गर्मियों के मौसम के तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस वृद्धि की संभावना है।

 “वेट-बल्ब” का खतरनाक स्तर : तटीय केरल और तमिलनाडु ग्रीष्मकालीन वेट-बल्ब तापमान के उच्च स्तर का सामना करेंगे। 31 डिग्री सेल्सियस का स्तर इंसानों के लिए खतरनाक माना गया है।

एर्नाकुलम की गर्मी में उछाल : सभी तटीय इलाकों की बात करें तो गर्मी के मौसम के अधिकतम तापमान में सबसे ज्‍यादा वृद्धि एर्नाकुलम में होने का अनुमान है। संभावित वृद्धि 1.3 डिग्री सेल्सियस है।

पश्चिमी तट का प्रचंड मानसून : तटीय महाराष्ट्र और गुजरात ज्यादा बारिश का सामना करेंगे। मुंबई उपनगर में लगभग एक अतिरिक्त हफ्ते तक तेज बारिश होने की सम्भावना है।

सूरत के मानसून में बढ़ोत्तरी : ऐतिहासिक स्तरों की तुलना में सूरत के दक्षिण-पश्चिमी मानसून में 23% की बढ़ोत्तरी का अनुमान है।

समुद्री स्तर का बढ़ना और कटाव की समस्या : संयमित उत्सर्जन की स्थिति (SSP2-4.5)** में 2050 तक वैश्विक समुद्री स्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी का अनुमान है, जिससे तटीय कटाव बढ़ेगा और ओड़िशा के गंजाम जैसे क्षेत्रों में “वीरान गांव” बन सकते हैं।

साइक्लोन का खतरा : समुद्री सतह के तापमान में रफ़्तार से होती वृद्धि (0.27 डिग्री सेल्सियस प्रति दशक) प्रचंड ट्रॉपिकल साइक्लोन की संभावना को बढ़ा रही है।

पारंपरिक आजीविका पर प्रभाव : गोवा में बेमौसम बारिश कुछ ही घंटों में तैयार किया हुआ पूरा नमक ख़राब कर दे रही है। गर्म होते समुद्र के कारण मछलियाँ किनारों से दूर जा रही हैं, जिससे छोटी नावों वाले मछुआरों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य और खारापन : सुंदरबन में बार-बार तटबंधों के टूटने से बढ़ता खारापन त्वचा रोग और महिलाओं में माहवारी से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा रहा है।

अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के बारे में

अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु की स्थापना कर्नाटक सरकार के अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी एक्ट 2010 के तहत हुई थी। अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, भोपाल की स्थापना मध्य प्रदेश के निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) द्वितीय संशोधन अधिनियम, 2022 के प्रावधान के तहत हुई थी। रांची में अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की स्थापना झारखण्ड सरकार द्वारा लागू अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी एक्ट, 2022 के तहत हो रही है।

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन ने इन तीनों विश्वविद्यालयों को पूरी तरह परोपकारी संस्थाओं के रूप में बनाया किया है। इन संस्थाओं का स्पष्ट सामाजिक उद्देश्य न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, मानवीय और टिकाऊ समाज बनाने में योगदान करना है।

 
संपादकों के लिए नोट

*CMIP6 (क्लाइमेट मॉडलिंग) जलवायु पूर्वानुमान की नवीनतम वैश्विक प्रणाली है। बहुत सटीक पूर्वानुमान के लिए इसमें 30 अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के डेटा का एक साथ इस्तेमाल किया जाता है। यह वैज्ञानिकों को किसी विशेष क्षेत्र का बारीकी से अध्‍ययन करने का पहले की तुलना में ज्यादा मौका देता है।

 **SSP2-4.5 “मध्यमार्ग” की स्थति है। यह दुनिया के वर्तमान विकास पथ के आधार पर जलवायु का अनुमान लगाता है। यहाँ इसे एक वास्तविक सन्दर्भ बिंदु के रूप में इस्तेमाल किया गया है। यह बताता है कि अगर वैश्विक विकास और कार्बन उत्सर्जन बिना किसी बड़े बदलाव के मौजूदा रफ़्तार से चलता रहे तो भारत के तटीय क्षेत्रों को तत्काल कितना खतरा है।
 

राजगढ़ में भक्ति की बयार: कल 29 मई को 'एक शाम श्री सोनाणा खेतलाजी के नाम' का होगा भव्य आयोजन







 



  राजगढ़ (धार)। श्री सोनाणा खेतलाजी भक्तमंडल, राजगढ़ द्वारा कल शुक्रवार, 29 मई 2026 को एक अत्यंत भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन 'एक शाम श्री सोनाणा खेतलाजी के नाम' के अंतर्गत विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। शिव वाटिका, राजगढ़ में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय भक्तों में भारी उत्साह है।

  यह गौरवमयी आयोजन श्री कुलदेवी माताजी, श्री कुलदेवता खेतलाजी बावजी एवं भक्त शिरोमणि स्व. श्री शांतिलालजी लादाजी भंडारी के आशीर्वाद तथा भक्तराज श्री राजराजेंद्र जी भंडारी के आदेश व मार्गदर्शन में संपन्न होगा। कार्यक्रम को भक्तराज श्री हिमेशजी नाहटा का पावन सानिध्य प्राप्त है।

भव्य वरघोड़े के साथ होगी शुरुआत

  भजन संध्या की पूर्वपीठिका के रूप में कल दोपहर माताजी मंदिर से एक भव्य वरघोड़ा (शोभा यात्रा) निकाला जाएगा। यह वरघोड़ा नगर के मुख्य मार्गों से होता हुआ उत्साहपूर्ण वातावरण में मेला मैदान स्थित शिव वाटिका प्रांगण पहुंचेगा। इस दौरान मार्ग में विभिन्न समाजसेवियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य केवल भक्तिरस का संचार करना ही नहीं, अपितु जनकल्याण और समाज को सही दिशा प्रदान करना भी है। भजन संध्या के दौरान गुरु राजराजेंद्र भंडारी द्वारा कुलदेवी माताजी एवं कुलदेवता खेतलाजी बावजी की महिमा, स्थापना विधि, जाया-परणिया की जात और धार्मिक नियमों पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

भक्ति में चार चांद लगाएंगे ख्यातिनाम कलाकार

  भजन संध्या को संगीतमय बनाने के लिए राजस्थान की सुप्रसिद्ध भजन गायिका श्रीमती नीता नायक एंड पार्टी अपनी सुमधुर प्रस्तुतियां देंगी। संगीत की लय में दीपक राठौड़ (पाली) का विशेष योगदान रहेगा, जबकि मंच का कुशल संचालन प्रमोद परिहार (पाली) करेंगे। बाल कलाकार कृषिव बागरेचा (जोधपुर) और धर्मेंद्र सिंह व हेमासिंह की जोड़ी अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिरस को चरम पर पहुंचाएंगे। साथ ही, अशोक बंजारा द्वारा 1008 दीपकों से भव्य महाआरती की जाएगी।

धर्मप्रेमी परिवारों का विशेष योगदान

  कार्यक्रम को सफल बनाने में अनेक धर्मपरायण परिवारों का विशेष योगदान है। आयोजन में संदीप कुमार जयप्रकाश बाफना परिवार (बरमंडल), कमलकुमार विमलचंद्र कांकरेचा परिवार (नालछा), सतन कुमार-संतोष कुमार चौरड़िया परिवार, दिलीप कुमार-मोतीलाल वागरेचा परिवार, संजय कुमार-प्रेमचंद्र नाहटा परिवार, कीर्तिलाल नेमभाई व्होरा परिवार (अहमदाबाद), जयंतिलाल मांगीलाल सराफ परिवार, विनोद कुमार-समरथमल छजलानी परिवार, प्रदीप कुमार-अंकुश कुमार दसेड़ा परिवार (जावरा) एवं श्री खेतल शांति भक्त परिवार द्वारा विभिन्न धार्मिक लाभ लिए गए हैं। प्रेरणादाता के रूप में श्री राजेंद्रजी भंडारी का विशेष सहयोग रहेगा।

  कार्यक्रम को व्यवस्थित बनाने में महेंद्र कुमार-अजय कुमार धोका परिवार (धार), शेखर कुमार-कालूसिंह राठौड़ परिवार (राजगढ़), मनीष कुमार-अशोक कुमार चंडालिया (कुशलगढ़), अनिकेत कुमार-संदिप कुमार जैन परिवार (कुक्षी) सहित समस्त खेतल भक्तों का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा।

भक्तमंडल की अपील

  भक्तमंडल ने सूचित किया है कि कार्यक्रम के दौरान जाजम की बोली भी लगाई जाएगी। साथ ही, सभी श्रद्धालुओं से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे कार्यक्रम में काले रंग के वस्त्र धारण कर न आएं। भक्तमंडल ने राजगढ़ के समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्यमयी आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।



बायोग्राफी प्री-रिलीज़ में संगीत की वैश्विक मांग उभरने पर मेटा ने Eylsia Nicolas को BookKards बजट पर सलाह दी


नॉर्थ पाम बीच, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका; मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट, इन्वेंटर और डिजिटल पब्लिशिंग इनोवेटर Eylsia Nicolas ने भारत में अपने बुककार्ड्स पायलट के हिस्से के तौर पर अपनी बायोग्राफी “नॉट लाइक एनीवन एल्स” को प्री-रिलीज़ किया है, और मेटा इंडिया उन्हें टेस्ट रोलआउट के लिए बजट स्ट्रक्चर पर सलाह दे रहा है। इंटरैक्टिव बुक फॉर्मेट के साथ शुरुआती जुड़ाव मज़बूत रहा है, लेकिन ऑडियंस डेटा से पता चलता है कि उनके म्यूज़िक की डिमांड में और भी ज़्यादा तेज़ी आई है।
Eylsia Nicolas और BookKards

पिछले कुछ महीनों में, Eylsia के कंटेंट को भारत और फिलीपींस में 250 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ मिले हैं, जिसमें भारत में एक ही पोस्ट पर 100 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ शामिल हैं। साथ ही, उनके गाने “नेवर स्टॉप लविंग यू” का कंट्री वर्शन - जो असल में भारत के लिए हिंदी में रिकॉर्ड किया गया था - लगातार हफ़्तों तक ग्रूवर सिंगर सॉन्गराइटर चार्ट्स पर नंबर 1 ग्लोबल पोज़िशन पर रहा है।

Eylsia ने कहा, “मेरा मानना है कि लोग एक नई तरह की किताब के लिए तैयार हैं - कुछ ऐसा जो अडैप्टिव, पर्सनल और ज़िंदादिल हो, मेरी बायोग्राफी को शुरुआती रिस्पॉन्स मेरे लिए बहुत मायने रखता है, लेकिन नंबर्स ने यह भी दिखाया कि लोग म्यूज़िक से कितनी गहराई से जुड़ते हैं, और इससे मुझे और ज्यादा संगीत बनाने की प्रेरणा मिलती है।

Eylsia, जिन्हें पहले फेफड़ों और वोकल कॉर्ड्स की समस्या हुई थी, ने एक पेटेंटेड तकनीक की मदद से अपनी असली आवाज़ वापस हासिल की। अब वह ऐसी किताबें बना रही हैं जो हर रीडर के लेवल, भाषा और कॉग्निटिव स्टाइल के हिसाब से रियल टाइम में एडजस्ट हो जाती हैं।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि पढ़ने का भविष्य डायनैमिक होगा। मुझे उम्मीद है कि यह टेक्नोलॉजी ज़्यादा लोगों - खासकर स्पेशल नीड्स वाले बच्चों - को किताबों के लिए प्यार फिर से खोजने में मदद कर सकती है।

क्रिएटिव काम में AI की भूमिका पर, उन्होंने इंसानी दिशा और बदलाव पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि AI बस एक साधन है, ज़रूरी यह है कि लोग इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं । मुझे उम्मीद है कि हमारे स्कूल और संस्थान तेज़ी से आगे बढ़ेंगे ताकि हर कोई आने वाले मौकों का फ़ायदा उठा सके।

अपने म्यूज़िक करियर से पहले, Eylsia 14 साल की उम्र में आयरिश ओपन की सबसे कम उम्र की विनर थीं और बाद में चोट लगने से पहले उन्होंने US ओपन और विंबलडन में हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा, “मुझे कई बार खुद को बदलना पड़ा है, मेरा मानना है कि लोगों को सपोर्ट और गाइडेंस मिलना चाहिए ताकि उनके डर उन्हें आगे बढ़ने और बेहतर भविष्य बनाने में सहायक बने।

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बुककार्ड्स के बारे में
बुककार्ड्स एक पेटेंटेड डिजिटल पब्लिशिंग फ़ॉर्मेट है जो माइक्रो पेमेंट, शॉर्टफ़ॉर्म स्टोरीटेलिंग और भविष्य के AIadaptive कंटेंट को जोड़ता है। है। मोबाइल-फ़र्स्ट ऑडियंस के लिए डिज़ाइन किया गया, BookKards की मदद से क्रिएटर्स दिल को छू लेने वाली कहानियाँ पब्लिश कर सकते हैं और प्रशंसकों (fans) से सीधे रेवेन्यू कमा सकते हैं।

एल्सिया के बारे में
Eylsia Nicolas (लीजा पामिंतुआन) एक फिलीपीन-अमेरिकी गायक-लेखक, आविष्कारक, उद्यमी और पूर्व अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्हें म्यूज़िक डिस्ट्रीब्यूशन टेक्नोलॉजी, लग्ज़री फैशन (Nicolas of Palm Beach) और WorldIPI के जरिए नई पब्लिशिंग तकनीक मे काम करने के लिए जानी जाती हैं। साल 2026 में उनके संगीत को दुनिया भर में 6 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया है। उनके पास कई तरह के आविष्कारों के अधिकार (पेटेंट) हैं, जैसे स्पेशल ऑडियो तकनीक, मेडिकल टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल, टेलीकम्युनिकेशन और कंज्यूमर प्रोडक्ट डिजाइन से जुड़ी नई तकनीकें भी शामिल हैं।

WORLDIPI.COM LLC के बारे में
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज़ इंटरनेशनल होल्डिंग्स, WORLDIPI.COM LLC, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी में दुनिया भर में लीडर है। यह डोनाल्ड स्पेक्टर की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज़ और टेक्नोलॉजी को दिखाता है, जिन्हें दुनिया के सबसे ज़्यादा आविष्कार करने वाले आविष्कारकों में से एक कहा जाता है। कंपनी के पास मेडिसिन, एंटरटेनमेंट, कम्युनिकेशन, टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में सैकड़ों US और विदेशी पेटेंट हैं। मिस्टर स्पेक्टर ने कई बिलियन-डॉलर की इंडस्ट्रीज़ की शुरुआत की है।
 
वर्ल्ड IPI के प्रिंसिपल्स ने पहला हाइड्रोलिक एक्सरसाइज़र बनाया; बीजों के लिए पहला हाइपरबेरिक चैंबर और रात में रोशनी देने वाली पहली बॉल। ब्रिस्टल-मायर्स स्क्विब ने स्पेक्टर के पेटेंट्स के लिए एक अलग डिवीज़न बनाया, जिसमें पहला इलेक्ट्रॉनिक एयर फ्रेशनर, एरोमा डिस्क सिस्टम भी शामिल था।

स्पेक्टर के पेटेंट में लोकेशन-बेस्ड एडवरटाइजिंग के लिए पहला जाना-माना ऐप; साइबर ट्रांसलेशन सिस्टम के लिए पहला जाना-माना पेटेंट; वियरेबल बायोसेंसर मार्केट से पहले के पेटेंट, और सैकड़ों दूसरे पेटेंट और टेक्नोलॉजी भी शामिल हैं।

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राजगढ़ प्रीमियर लीग का शानदार समापन: रात 3 बजे तक चला खिताबी मुकाबला,विधायक ने सराहा खेल प्रेम






 


 राजगढ़ (धार)। राजगढ़ के सोसायटी ग्राउंड पर छह दिवसीय 'राजगढ़ प्रीमियर लीग' (RPL) का रोमांचक समापन मंगलवार देर रात हुआ। प्रतियोगिता का फाइनल मैच देर रात 3 बजे तक चला, जिसने दर्शकों को बांधे रखा। टूर्नामेंट के इस पहले संस्करण में क्षेत्र की 10 टीमों ने भाग लिया था, जो ₹51,000 की इनामी राशि जीतने के लिए मैदान में उतरी थीं।
  इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक प्रताप ग्रेवाल का आरपीएल कमेटी द्वारा प्रशस्ति पत्र और माला पहनाकर सम्मान किया गया। विधायक ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा, "आरपीएल की टीम ने क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को अपना हुनर दिखाने का जो मंच दिया है, वह वास्तव में तारीफ के काबिल है। इस लीग में बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग के माध्यम से कई नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आई हैं।"
  विधायक ने क्रिकेट को एकता और भाईचारे का माध्यम बताते हुए कहा कि चाहे टीम कोई भी जीते,अंत में क्रिकेट की ही जीत होती है। उन्होंने इसी मैदान से निकलकर मध्य प्रदेश की नेशनल टीम तक पहुँचने वाली बेटी तमन्ना चौधरी रतनपुरा का विशेष उल्लेख किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
   टूर्नामेंट का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा। क्वालीफायर-1 में साबरा इलेवन ने फायदा मार्ट को हराकर सीधे ग्रैंड फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि एलिमिनेटर मुकाबले में श्योर प्ले और लंकेश 11 के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। अंतिम मुकाबले में साबरा इलेवन के देवेश दया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई और 'मैन ऑफ द मैच' का खिताब अपने नाम किया। वहीं, विपिन डांगी और देवेश दया की तूफानी बल्लेबाजी ने टीम को 101 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया, ओर फ़ायदा मार्ट को हराकर टीम ने फाइनल का खिताब अपने नाम किया ।
   विधायक ने आरपीएल कमेटी को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे ही टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।