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बर्ड वाचिंग के 25 वर्षों में पहली बार दिखा रेड-नैप्ड आइबिस; पर्यावरण के लिए शुभ संकेत









 



  सरदारपुर (धार) : इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-47 पर फुलगांवड़ी से चिंचोड़िया मार्ग के बीच स्थित खेतों में 'रेड-नैप्ड आइबिस' (Pseudibis papillosa) पक्षी देखा गया है। पर्यावरणविद सुशील कुमार जैन, जो पिछले 25 वर्षों से इस क्षेत्र में बर्ड वाचिंग (पक्षी अवलोकन) कर रहे हैं, ने इस पक्षी के दिखाई देने की पुष्टि की है।

पक्षी की विशेषताएं और पारिस्थितिकी

  रेड-नैप्ड आइबिस, जिसे 'इंडियन ब्लैक आइबिस' भी कहा जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप का एक स्थानीय (resident) पक्षी है। यह मुख्य रूप से खुले मैदानों, कृषि क्षेत्रों और जलस्रोतों के आसपास पाया जाता है। काले-धूसर रंग के इस पक्षी की पहचान इसके कंधों पर मौजूद विशिष्ट सफेद पैच (white shoulder patch) और सिर पर मौजूद लाल रंग की त्वचा (red warty skin) से की जाती है। इसकी लंबी, नीचे की ओर झुकी हुई चोंच इसे खेतों में कीड़े-मकोड़े और छोटे जीवों को खोजने में मदद करती है।

जैव-विविधता का सकारात्मक संकेत

  पर्यावरणविद सुशील कुमार जैन ने बताया कि इस क्षेत्र में सामान्यतः ब्लैक हेडेड आइबिस देखे जाते हैं, लेकिन रेड-नैप्ड आइबिस का इस विशेष मार्ग पर दिखना स्थानीय जैव-विविधता के लिए एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है। पास ही स्थित आनंदखेड़ी तालाब के कारण यह क्षेत्र पक्षियों के लिए भोजन का एक अच्छा स्रोत बना हुआ है। इस पक्षी का यहाँ विचरण करना पर्यावरण के संतुलित और स्वस्थ होने का एक सकारात्मक संकेत है।
 
 

मोबाइल छोड़ो,कागज़ की नाव जोड़ो: दिनेश गुप्ता का एक और गिनीज़ रिकॉर्ड प्रयास







 





  कल्याण | – प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर, लेखक एवं 8 गिनीज़ रिकॉर्ड धारक दिनेश गुप्ता (माइंडसेट गुरु) ने बच्चों को मोबाइल की लत से दूर करने और रचनात्मक गतिविधियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक घंटे में 275 ओरिगामी (कागज़ की) नावें बनाकर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करने का प्रयास किया। उनका संदेश है, "बारिश आ रही है और हमारी नाव तैयार है", अर्थात बच्चे मोबाइल स्क्रीन पर समय बिताने के बजाय कागज़ की नाव बनाकर, खेलकर और अपनी कल्पनाशक्ति का विकास करें। यह प्रयास एक घंटे में सबसे अधिक नावें श्रेणी के अंतर्गत किया गया, जिसमें पूर्व रिकॉर्ड 250 नावों का था। रिकॉर्ड प्रयास के दौरान सभी नियमों का पालन किया गया, संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई तथा आवश्यक साक्ष्य तैयार किए गए। हालांकि इस उपलब्धि की गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है और अंतिम परिणाम सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद घोषित किया जाएगा।

राजगढ़ में "गण आपके द्वार" कार्यक्रम संपन्न,धर्म आराधना से जुड़ने का आह्वान







 


  राजगढ़ (धार)। महावीर स्थानक भवन, राजगढ़ में श्री धर्मदास  गण परिषद के "गण आपके द्वार" कार्यक्रम के अंतर्गत तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेन्द्रमुनिजी म.सा. आदि ठाणा 6 के दर्शन, वंदन एवं मांगलिक श्रवण का लाभ प्राप्त किया गया।

 मेघनगर एवं झाबुआ श्रीसंघ में प्रवास के पश्चात श्री धर्मदास गण परिषद का दल राजगढ़ पहुंचा। इस अवसर पर गण के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरतजी भंसाली, महामंत्री शैलेशजी पीपाड़ा, दीपकजी रुणवाल, सोहनलालजी रुणवाल सहित अन्य सदस्य राजगढ़ श्रीसंघ में पधारे, जिनका श्रीसंघ द्वारा बहुमान किया गया।

  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष भरतजी भंसाली ने श्रावण एवं भाद्रपद मास में आयोजित होने वाली मिनी वर्षीतप आराधना से अधिकाधिक श्रावक-श्राविकाओं को जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन साधकों को अनुकूलता हो, वे पूर्ण वर्षीतप आराधना भी सातापूर्वक संपन्न करें।

  उन्होंने आगामी वर्षावास 2026 के दौरान श्रावण मास की विशेष आराधनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए संघजनों से घर-घर धर्म संदेश पहुंचाने एवं अधिकाधिक लोगों को आराधना से जोड़ने का आग्रह किया। साथ ही बताया कि 28 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ होने के साथ ही स्थानीय स्वाध्याय संघ के स्वाध्यायी प्रतिदिन अपनी सेवाएं श्रीसंघ को प्रदान करेंगे।

  गण परिषद द्वारा द्वितीय वर्ष में विशेष सामायिक आराधना के अंतर्गत वर्षभर में 1500 सामायिक तथा पक्खी पर्व की आराधना एवं प्रतिक्रमण करने वाले कुल 24 श्रावक-श्राविकाओं का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण भी किया गया।

  इस अवसर पर अणु जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित होने वाली आगामी आराधनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। गण परिषद ने सभी श्रीसंघों को अधिक से अधिक धर्म आराधना से जोड़ने का संदेश दिया।
  
  कार्यक्रम में वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के सदस्य संतोष बुरड़, नरेंद्र मूणत, अनिल नखेत्रा, वर्धमान , ज्ञानचंद, सचिन, अंकुश खाबिया, आशीष वागरेचा, पंकज, हर्ष मामा, हितेश वागरेचा सहित अनेक श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से "गण आपके द्वार" कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
  यह जानकारी संघ के मीडिया प्रभारी हितेश वागरेचा द्वारा प्रदान की गई।

राजगढ़: देहदान कर अमर हुए समाजसेवी महेंद्र जी छाजेड़, 'नगर रत्न' की उपाधि से सम्मानित






 




  राजगढ़ (धार)। मानवता की सेवा के लिए जीते-जी तो सभी प्रेरित करते हैं, लेकिन मृत्यु के उपरांत भी समाज को नई राह दिखाना एक विरले व्यक्ति का कार्य है। राजगढ़ नगर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं दानवीर, ब्रह्मलीन श्रद्धेय श्री महेंद्रजी छाजेड़ ने मृत्योपरांत अपनी देहदान कर समाज के सामने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। विज्ञान और मानवता के कल्याण हेतु उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिजनों ने नेत्रदान व देहदान का पुनीत निर्णय लिया।

'नगर रत्न' से नवाजा गया परिवार

  इस महान कार्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 'सराफा एसोसिएशन, राजगढ़' ने उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मंजुलाजी और पुत्र श्री अंकितजी छाजेड़ को 'अनुमोदना पत्र' भेंट किया। संस्था ने महेंद्र छाजेड़ को नगर के "प्रथम देहदान" का ऐतिहासिक कार्य करने हेतु "नगर रत्न" की उपाधि से अलंकृत किया।
  
  इस अवसर पर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष निलेश सोनी ने कहा कि महेंद्रजी ने संथारापूर्वक देह त्याग कर न केवल मानवता की सेवा की, बल्कि समाज को एक नई प्रेरणा दी है। उनके इस निस्वार्थ त्याग से पूरा राजगढ़ गौरवान्वित है।

अनेक संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि

  इस अनुमोदन कार्यक्रम में सराफा एसोसिएशन, हिंदू उत्सव समिति और दत्तीगाँव सोशल ग्रुप ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में अनुमोदन पत्र का वाचन समाजसेवी महेश तांतेड़ ने किया।

उपस्थित जनसमूह

  मांगीलाल पावेचा (ट्रस्टी, मोहनखेड़ा तीर्थ), दिलीप फ़रबदा (अमझेरा तीर्थ ट्रस्टी व सराफा सचिव),सोनिक सराफ (महावीर सेवा संस्था),गौरव जैन (अध्यक्ष,ऋषभदेव मोतीलाल पेड़ी ट्रस्ट), चिन्टू जैन (ट्रस्टी व पार्षद),मोतीसिंह राठौड़ (महाराणा प्रताप राजपूत समाज),सुरेंद्र सोनी (अध्यक्ष, सोनी समाज),शंभु परवार (सीरवी समाज समाजसेवी व पार्षद),गौरव दुबे (समाजसेवी, ब्राह्मण समाज),लाला माहेश्वरी (माहेश्वरी समाज),आज़ाद फ़रबदा,निलेश परमार (सेन समाज),अक्षय भण्डारी (पत्रकार),बसंत जैन,विनेश जैन,नवीन पुराणी,अजय श्रीवास्तव,दीपांश जैन,मयंक सोनी,हेमन्त रोकड़िया,साहिल मामा,मनोज सराफ सहित हिंदू उत्सव समिति और दत्तीगाँव सोशल ग्रुप के सदस्य एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सिंगापुर के 'गार्डन्स बाय द बे' में फिर चला डिज्नी का जादू; नए किरदारों के साथ लौटा 'डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर'

लोकप्रिय फ्लोरल शोकेस के दूसरे संस्करण में 'फ्रोजन' का नया इंटरैक्टिव ज़ोन, 'टॉय स्टोरी 5' और डिज्नी प्रिंसेस समेत डिज्नी और पिक्सर के कई चहेते किरदारों के डिस्प्ले शामिल

सिंगापुर
सिंगापुर के प्रमुख पर्यटन स्थल 'गार्डन्स बाय द बे' में आज से 'डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर' का दूसरा चरण शुरू हो गया है, जिससे यहां एक बार फिर डिज्नी का जादू छा गया है। इसमें डिज्नी और पिक्सार के किरदारों मेंपौधों से बनी 23 शानदार आकृतियां सजाई गई हैं, जो 'फ्लोरल फैंटेसी' को फूलों की एक नई जादुई दुनिया बना रही हैं। पर्यटक 14 मार्च 2027 तक इसका आनंद ले सकते हैं।
ब्यूटी एंड द बीस्ट

डिज्नी के साथ मिलकर और सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से तैयार किया गया 'डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर' उन कहानियों से सजा है, जिन्हें हम सब बचपन से देखते आए हैं। यहाँ फूलों की जादुई दुनिया के बीच हर उम्र के लोग साहस, दोस्ती और प्यार की उन पसंदीदा कहानियों को एक नए अंदाज़ में जी सकते हैं। 2024 में लोगों का दिल जीतने के बाद, यह इवेंट अब अपने और भी बड़े और शानदार रूप में लौट आया है।
फ्रोजन से एना और ओलाफ़

दर्शक इन पांच खास थीम वाले क्षेत्रों का मज़ा ले सकते हैं:
  • फ्रोजन (Frozen): यहाँ एक सुंदर बर्फ़ीली सेटिंग में एना, एल्सा और ओलाफ के पौधों से बनी आकृतियां डिस्प्ले हैं। खास तरह की लाइटें इसे सचमुच एक जादुई दुनिया का एहसास दिलाती हैं। एल्सा के आइस पैलेस से प्रेरित होकर, आगंतुक एक विशेष मंजिल पर चल सकते हैं, जहां आगे बढ़ते समय जादुई स्नोफ्लेक्स आपके कदम के साथ नाचने लगते करते हैं
  • डिज्नी प्रिंसेस (Disney Princesses): यहाँ रॅपन्ज़ेल अपने सबसे अच्छे दोस्त 'पास्कल' (गिरगिट) के साथ; बेल'द बीस्ट' और अपने जादुई साथियों के साथ; और जैस्मीन अपने वफादार बाघ 'राजाह' के साथ नज़र आती हैं।
  • हंड्रेड एकर वुड (Hundred Acre Wood): यहाँ विनी द पूह, ईयोर, पिगलेट और टिगर एक शानदार पार्टी सेटिंग में इकट्ठा ! टिगर खुशी से उछल रहा है और पिगलेट मस्ती में गोल-गोल घूम रहा है। आगंतुक उनके साथ शामिल होने की कल्पना कर सकते हैं।
  • टॉय स्टोरी 5 (Toy Story 5): बोनी (Bonnie) के कमरे से प्रेरित इस मज़ेदार सेट-अप में वुडी, जेसी और बज़ लाइटईयर के टोपियरी (पौधों की आकृतियों) रूप मौजूद हैं। साथ ही, लिलीपॅड और स्मार्टी पैंट्स जैसे नए किरदारों के डिस्प्ले भी यहाँ शामिल हैं।
  • गो लोकल (Go Local - सिंगापुर की झलक): सिंगापुर-थीम वाले एक क्षेत्र जिसमें स्थानीय परिवेश में डिज़्नी के किरदार नज़र आते हैं।चिप 'एन डेल एक बड़े 'आइसक्रीम सैंडविच' पर बैठे हैं; मिनी माउस और डेज़ी डक तीखी 'लक्सा' (laksa) का मज़ा ले रहे हैं; और मिकी माउस, डो डोनल्ड डक के साथ मिलकर पारंपरिक चाय 'तेह तारिक' (teh tarik) बना रहे हैं।
'फ्लोरल फैंटेसी' के बाहर, 4 मीटर ऊंचा 'सॉर्सरर्स अप्रेंटिस मिकी' गार्डन्स बाय द बे में आने वाले सभी पर्यटकों का स्वागत करता है।
 
हाथों से गढ़ी गई इन खूबसूरत आकृतियों को 40 से ज्यादा तरह के सूखे और खास पौधों से बनाया गया है। इस पूरी कलाकारी में 16,000 से भी ज्यादा घंटे लगे हैं! हर किरदार को बिल्कुल जीवंत दिखाने के लिए पौधों का रंग, आकार और उनकी बनावट बहुत बारीकी से चुनी गई है। उदाहरण के लिए, जहाँ डिज्नी प्रिंसेस को ढेरों फूलों से सजाया गया है, वहीं रॅपन्ज़ेल के बाल 'स्टिपा' नाम की एक बेहद मुलायम घास से बनाए गए हैं।
 
आसपास के नज़ारों में भी ऐसे पौधों का इस्तेमाल किया गया है जो हर क्षेत्र के मूड को दर्शाते हैं। सूरजमुखी और गेंदे के फूल विनी द पूह के शहद जैसे रंग वाले घास के मैदान को दर्शाते हैं, जबकि लिली और गुलाब डिज्नी प्रिंसेस की कहानियों के रोमांटिक अंदाज़ को निखारते हैं। वहीं, हाइड्रेंजिया (Hydrangeas) और डस्टी मिलर (dusty miller) 'फ्रोजन' के बर्फीले नीले, सफेद और सिल्वर रंगों का अहसास कराते हैं।
 
इस इवेंट के दौरान कुछ खास सप्ताहांत पर आपको मिकी माउस और मिनी माउस से सीधे मिलने का मौका मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि ये दोनों सिंगापुर के राष्ट्रीय फूल 'वांडा मिस जोआकिम' (Vanda Miss Joaquim) की थीम वाले कपड़ों में नज़र आएंगे। साथ ही, डोनल्ड डक और डेज़ी डक भी 'ट्रॉपिकल हॉलिडे' के शानदार लुक में दिखेंगे। इनसे मिलने की तारीखें www.gardensbythebay.com.sg/disneygardenofwonder पर देखी जा सकती हैं।

अपनी इस ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए, आप यहाँ की गिफ्ट शॉप से कुछ ऐसे खास प्रोडक्ट्स भी खरीद सकते हैं जो विशेष रूप से 'डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर' के लिए ही लॉन्च किए गए हैं।

डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर
  • तारीख: 8 जून 2026 से 14 मार्च 2027
  • समय: सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक
  • स्थान: फ्लोरल फैंटेसी, गार्डन्स बाय द बे
  • टिकट विवरण: वयस्कों के लिए टिकट की कीमत SGD 24 और बच्चों के लिए SGD 16 है।
यहां कैसे पहुंचें: बेफ्रंट स्टेशन तक MRT लें। या फिर टैक्सी और राइड-हेलिंग सेवा के जरिए 'बेफ्रंट प्लाजा कारपार्क' पर पहुंचें। अधिक जानकारी यहाँ उपलब्ध है

अधिक जानकारी के लिए www.gardensbythebay.com.sg/disneygardenofwonder पर जाएं।

गार्डन्स बाय द बे के बारे में
सिंगापुर के "सिटी इन नेचर" (प्रकृति के बीच बसे शहर) विजन का एक अहम हिस्सा, 'गार्डन्स बाय द बे' एक राष्ट्रीय उद्यान और प्रमुख हॉर्टिकल्चर आकर्षण है। यह लोगों के आनंद के लिए उद्यान और फूलों की बेहतरीन कलाकृतियां पेश करता है। सिंगापुर के डाउनटाउन मरीना बे के बीचों-बीच 101 हेक्टेयर में फैले इस उद्यान में पानी के किनारे तीन गार्डन शामिल हैं - बे साउथ, बे ईस्ट और बे सेंट्रल। इनमें से 'बे साउथ' 54 हेक्टेयर के साथ सबसे बड़ा है, जिसे आधिकारिक तौर पर 29 जून 2012 को खोला गया था।

इसे उद्यानों की एक ऐसी दुनिया बनाने के विजन के साथ तैयार किया गया है जिसे हर कोई अपना सके, उसका आनंद ले सके और संजो सके। यहां पौधों का विशाल संग्रह, हमेशा बदलते रहने वाले फूलों के डिस्प्ले और ढेरों आकर्षक कार्यक्रम लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। वहीं सिंगापुर गणराज्य के राष्ट्रपति श्री थर्मन षणमुगरत्नम के संरक्षण में इसकी 'गिफ्ट ऑफ गार्डन्स' सामुदायिक पहल समाज के हर वर्ग के लोगों तक पहुंच रही है।

खुलने के बाद से अब तक 'गार्डन्स बाय द बे' 115 मिलियन से ज्यादा पर्यटकों का स्वागत कर चुका है। इसने कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी जीते हैं, जिनमें ट्रिपएडवाइजर ट्रैवलर्स चॉइस अवार्ड्स बेस्ट ऑफ द बेस्ट 2026 में दुनिया का तीसरा शीर्ष आकर्षण, सिंगापुर टूरिज्म अवार्ड्स 2024 में सस्टेनेबिलिटी में 'आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट', TTG ट्रैवल अवार्ड्स 2022 और 2023 में 'बेस्ट थीम अट्रैक्शन' और सिंगापुर टूरिज्म अवार्ड्स 2019 में 'बेस्ट अट्रैक्शन एक्सपीरियंस' शामिल हैं। गार्डन्स बाय द बे अपनी पेशकशों को लगातार नया और बेहतर बना रहा है, ताकि यह सभी के आनंद लेने योग्य स्थान बना रहे — एक ऐसा उद्यान, जहां आश्चर्य खिलते हैं।

 www.gardensbythebay.com.sg पर जाएं।

प्रकृति मित्र बनकर धरती माता का आंगन हरा-भरा रखने के लिए लगायें पेड़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव






 



पेक्स में गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, समिति पूर्ववत् रहेगी संचालित
किसान हित में वर्ष का अंत 31 मार्च के बजाय 31 मई तक, ताकि किसान न हो पायें लोन डिफॉल्टर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक पेड़ माँ के नाम अंतर्गत अपेक्स बैंक परिसर में लगाया आम का पौधा
अपेक्स बैंक द्वारा प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों एवं पेक्स में चलाया जा रहा पौधरोपण महा अभियान
विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाये एक लाख पौधे


  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें भविष्य के लिए सचेत हो जाने का संकेत देता है। यह दिवस याद दिलाता है कि हमें अपना और अपनी पीढ़ियों के भविष्य को बचाये रखने के लिये पेड़ लगाने होंगे, पानी बचाना होगा, प्रदूषण कम करना होगा, तभी हमारी यह धरती बची रहेगी। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति का मित्र बनना होगा। हम यदि आज नहीं संभले तो जलवायु परिवर्तन से हमारे अस्तित्व पर संकट का खतरा मंडराने लगेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से कहा कि अपनी धरती माता का आंगन स्वच्छ एवं हरा-भरा रखने के लिए हम सब कम से कम एक-एक पेड़ अवश्य लगायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपेक्स बैंक परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम'' अभियान अंतर्गत आम का पौधा भी रोपा।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बिना सहकार, नहीं उद्धार' का नारा उदघोष करते हुए कहा कि हम प्रदेश में सहकारिता से समृद्धि लाने के लिए प्रयासरत है। दूध का उत्पादन बढ़ाकर हम किसानों, पशुपालकों का जीवन सँवारेंगे और मध्यप्रदेश को देश की "मिल्क कैपिटल'' बनायेंगे। अपेक्स बैंक द्वारा प्रदेशव्यापी हरित सहकार अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 'एक पेड़ माँ के नाम' के तहत अपेक्स बैंक मुख्यालय सहित प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंक एवं प्रत्येक प्राथमिक साख सहकारी समिति (पेक्स) में सघन पौधरोपण महाभियान चलाया जा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शुक्रवार को अपेक्स बैंक के नेतृत्व में प्रदेश भर में एक साथ 1 लाख पौधे लगाये गये।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सरकार के एक विशेष प्रावधान के बारे में कहा कि अगर प्राथमिक सहकारी समिति (पेक्स) में कोई अधिकारी-कर्मचारी गड़बड़ी करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समिति के सदस्य किसानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। सोसाइटी पर नहीं दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई होगी। वह सोसायटी पहले की तरह संचालित रहे, इसके लिए सभी तरह के प्रबंध किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में हमारा प्रयास है कि वर्ष का अंत (फसल ऋण आदि लेने की अवधि) 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई तक कर दी जायेगी, ताकि किसान लोन डिफाल्टर न हो पायें और अपना सालाना टर्न ओवर पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल पूरे कर लिए हैं। उनके नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 'सुशासन से लोक कल्याण' का 13वां साल शुरू हो चुका है। इसी उपलक्ष्य में हमने ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान' शुरू किया है। उन्होंने कहा कि 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) से 21 जून (विश्व योग दिवस) तक पूरे एक पखवाड़े के दौरान प्रदेश की सभी सहकारी समितियों के माध्यम से एक लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश "मिल्क कैपिटल'' बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। प्रदेश के किसान दूध उत्पादन में अपनी समृद्धि का मार्ग खोज रहे हैं। दूध उत्पादन से किसानों का आय में वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध का उत्पादन 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों का प्रतिफल सामने आने लगा है। मध्यप्रदेश में इन दिनों दूध का प्रतिदिन संकलन 13 लाख लीटर बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात के आणंद मिल्क यूनियन लिमिटेड (अमूल) ने सहकारिता के मंत्र से किसानों को समृद्ध किया। अमूल ने पारम्परिक दुग्ध उत्पादन से इतर समृद्धि का एक नया मॉडल दुनिया को दिया। हमारी सरकार भी सांची दुग्ध उपक्रम से दूध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में कभी दूध-दही की नदियाँ बहती थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती में गौमाता का विशेष महत्व है। हम गौ संरक्षण और उन्नत गौवंश के पालन को प्रोत्साहित कर रहे है। हमारी सरकार उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी सभी जरूरी सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ देने के लिए शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में जल्द ही शुगर फैक्ट्री स्थापित की जायेगी।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना से प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने की ओर आगे बढ़ रही है। प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में बिजली प्रदाय की जा रही है। इस वर्ष गेहूं उत्पादन और उपार्जन में मध्यप्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश सरकार ने पिछली बार के 78 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले वर्ष 2026 में 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा है। किसानों को एमएसपी पर प्रति क्विंटल 40 रुपए बोनस देकर 2625 रुपए भुगतान किया है। किसानों को सोयाबीन फसल पर भावांतर भुगतान का भी लाभ दिया गया है। हमारी सरकार का प्रयास है कि हम किसानों को उनकी उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर भी उचित दाम दिलवायेंगे।

  खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमें हर संभव प्रयास करके अपने पर्यावरण को संरक्षित करना ही होगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस साल हम एक लाख पौधे लगाने जा रहे है। पिछले साल भी 5 जून को एक साथ एक लाख पौधे लगाये गये थे। पिछले साल लगाये गये सभी पौधे जीवित हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग प्रदेश में दुग्ध क्रांति के जरिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने की ओर बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने सहकारिता को समृद्धि का द्वार माना है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सहकारिता के क्षेत्र में नये शिखर पर लेकर जायेंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में हम सब कम से कम एक पौधा लगायें और उन्हें पेड़ बनने तक जीवित रखने के लिए भी जुट जायें।

  अपेक्स बैंक के अध्यक्ष (प्रशासक) श्री महेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम'' अभियान 2.0 के तहत अपेक्स बैंक ने प्रदेश की 4 हजार 500 से अधिक सहकारी समितियों और 38 जिला बैंकों ने मिलकर एक लाख पौधे एक ही दिन में लगाने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

  राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा देश-प्रदेश में 'आम महोत्सव' मनाया जा रहा है। पौधरोपण कार्यक्रम के अंत में नाबार्ड बैंक के मध्यप्रदेश रीजन की चीफ जनरल मैनेजर (सीजीएम) सुश्री सी. सरस्वती ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्व पर्यावरण दिवस की स्मृति स्वरूप 'आम की टोकरी' भेंट कर अभिनंदन किया।


  कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी.आहूजा, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता के साथ सहकारिता विभाग एवं विभिन्न शीर्ष सहकारी संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।






हमारी जीवन पद्धति में प्रकट होता है पर्यावरण संरक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव






 


प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के सुशासन का 13वां वर्ष आरंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान का किया शुभारंभ



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सनातन संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण की मूल अवधारणा नीहित है। पांच तत्वों से बनी सृष्टि के संरक्षण के लिए हर तत्व का महत्व हमारे पूजा पाठ-भोजन और भजन की पद्धति में विद्यमान है। सनातन संस्कृति में एक पेड़ को 10 पुत्रों के बराबर माना गया है। हमारी जीवन पद्धति में पर्यावरण संरक्षण प्रकट होता है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी कार्य पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में नदी, कुओं, बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण के लिए पवित्र भाव से कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर "एक पेड़ मां के नाम 2.0" अभियान के राज्य स्तरीय समारोह के शुभारंभ अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर परिसर में स्वर्ण चम्पा, सीता अशोक, रामफल और आंवला का पौधरोपण किया। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण श्री अशोक बर्णवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।

राज्य स्तरीय पुरस्कार किये प्रदान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मे दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इससे पहले, सभागार परिसर में स्वर्ण चंपा, सीता अशोक, रामफल और आंवला का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किये। पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत् विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा व्यक्तियों को वर्ष 2024-25 के लिसे पुरस्कार प्रदान किए।

16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का किया गया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित 5 कोर्स मॉड्यूल्स और एप्को तथा इन्टैक द्वारा प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों, सर्कुलर इकोनॉमी तथा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी देश में सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के सुशासन का 13वाँ वर्ष आरंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री श्री मोदी देश में सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री होंगे। गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी सतत निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में रिकॉर्ड बनाएंगे। प्रधानमंत्री का पद उनके आसीन होने से गौरवान्वित हुआ है। परमात्मा ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को यश प्रदान किया है। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने 24 दलों के गठबंधन की सरकार चलाई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी अनेक सौगातें देश को दी और पूर्ण बहुमत की सरकार की कामना की। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की कामना वर्ष 2014 में पूर्ण हुई। सुशासन और विरासत से विकास के मार्ग पर चलते हुए भारत सशक्त हुआ। वर्तमान समय में देश आतंकवाद और नक्सलवाद से मुक्त है। भारतीय प्रतिभाएं अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा खेल सहित सभी क्षेत्रों में विश्व में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हर परिस्थिति में खिलाड़ियों और वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया है।

भारत पूरी मजबूती के साथ ऊर्जा संकट से बाहर निकल रहा है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में मौसम के लिए अलनीनो और पश्चिम एशिया में विषम परिस्थियों के कारण दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल और गैस सहित ऊर्जा का संकट है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश पूरी मजबूती के साथ ऊर्जा संकट से बाहर निकल रहा है।

गैस त्रासदी प्रकृति से खिलवाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण थी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी आम नागरिकों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सबसे भयावह घटना है। राज्य सरकार ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़ा कचरा 40 साल बाद सफलतापूर्वक निष्पादित करवाया है। इस तरह से भोपाल की धरती से गैस त्रासदी के कलंक को मिटाया है। अब राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड की भूमि का समुचित प्रबंधन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

प्रदेश में क्लीन-ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे है अनेक कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में क्लीन-ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बॉयोमास और जल विद्युत परियोनाएं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सांची, खजुराहो सहित अन्य स्थानों पर ग्रीन एनर्जी के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी है।

मध्यप्रदेश वन्य प्राणियों के संरक्षण के साथ सहअस्तित्व के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण कर रहा है प्रस्तुत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में चीतों के पुनर्वास के अलावा असम से जंगली भैंसे भी लाए गए हैं। मध्यप्रदेश वन्य प्राणियों के संरक्षण के साथ सहअस्तित्व के साथ सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

हमीदिया हॉस्पिटल भोपाल पुरुस्कृत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मे. विसाग बॉयो फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड बारासिवनी बालाघाट, आर.सी.सी.पी.एल. सीमेंट मैहर, टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड मंडीदीप जिला रायसेन, रामरमा मैंगनीज और माइन्स बारासिवनी बालाघाट, केसर एग्रोटेक बारासिवनी बालाघाट, नगर पालिका परिषद सिवनी मालवा, हमीदिया हॉस्पिटल भोपाल, विजेश लूनावत स्मृति फाउण्डेशन भोपाल, एक्रोपॉलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इंदौर, डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल सूर्य विहार सिंगरौली को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पहल प्रदेश की अन्य औद्योगिक इकाइयों और संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेगी।

"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने जन सहभागिता से नए आयाम स्थापित किए

राज्यमंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हवा, पानी और पेड़ बचाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान सफल हुआ है। इस अभियान में जन सहभागिता के नए आयाम स्थापित हुए हैं। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लाइफ स्टाइल फॉर एन्वायरमेंट का नारा दिया, जो विश्व में प्रसिद्ध हुआ। भारत सरकार का मिशन लाइफ, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें

राज्यमंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि हमें प्राकृतिक संसाधनों और ऊर्जा की बचत करते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अनुमति देने के लिए 30 दिवस की समयावधि तय की है। प्रदेश में 3 ईकाईयां निरंतर प्रदूषण की मात्रा पर नजर रखती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एप्को ने शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्शाने के लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाए हैं। इससे जन सामान्य को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने और इन गतिविधियों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विनोद गोटिया, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष श्री रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पर्यावरणविद्, प्रकृति चिंतक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।