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श्री चारभुजा युवा मंच की वार्षिक बैठक कल,39वीं कार्यकारिणी का होगा गठन






 



  राजगढ़ (धार)। नगर की अग्रणी धार्मिक एवं सामाजिक संस्था श्री चारभुजा युवा मंच की वार्षिक बैठक शुक्रवार को शाम 4 बजे श्री चारभुजाजी मंदिर परिसर में आयोजित होगी।

बैठक में मंच के 39वें वर्ष के लिए नई कार्यकारिणी का निर्वाचन किया जाएगा। इसके साथ ही बीते वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा और आगामी आयोजनों की रूपरेखा पर भी चर्चा होगी।

कोषाध्यक्ष प्रस्तुत करेंगे 38वें वर्ष का आय-व्यय

  मंच अध्यक्ष सौरभ गर्ग ने बताया कि संस्था अपने 39वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। बैठक में कोषाध्यक्ष द्वारा 38वें वर्ष का आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सदस्यों के सुझाव लिए जाएंगे। 

  नई कार्यकारिणी के निर्वाचन की प्रक्रिया चारों संरक्षकों एवं मुख्य परामर्श समिति की देखरेख में संपन्न कराई जाएगी।

38 वर्षों से कर रहा है धार्मिक आयोजनों का सफल संचालन

  स्मरणीय है कि श्री चारभुजा युवा मंच पिछले 38 वर्षों से नगर में धार्मिक आयोजनों के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 

  मंच द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न सनातन मंदिरों में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अवसर पर आकर्षक सामूहिक डोल यात्रा, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव शोभायात्रा और कथा समापन पर निकलने वाली ऐतिहासिक धर्मयात्रा का आयोजन किया जाता है। 

  इन आयोजनों में देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देकर धार्मिक वातावरण को भव्यता प्रदान करते हैं, वहीं हजारों श्रद्धालु भी इसमें सहभागी बनते हैं।





वन अधिकार अधिनियम का क्रियान्‍वयन समन्‍वय से करें: राज्यपाल श्री पटेल






 


  विशेष ग्राम सभाओं में होंगे वन अधिकारों की जागरूकता के प्रयास,राज्यपाल ने की सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के क्रियान्‍वयन की समीक्षा.....

  भोपाल। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 जनजाति कल्याण का प्रतिबद्ध प्रयास है। संबंधित विभाग इस अधिनियम के क्रियान्वयन को विशेष प्रयासों से और अधिक प्रभावी बनाए। उन्होंने कहा कि क्रियान्‍वयन कार्य में आवश्‍यकता अनुसार स्‍थानीय जन प्रतिनिधियों और ज़िम्मेदार नागरिकों का सहयोग लें।

 राज्यपाल श्री पटेल गुरुवार को लोकभवन में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। सांदीपनि सभागार में आयोजित बैठक में राज्‍यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

  राज्यपाल श्री पटेल ने बैठक में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। सामुदायिक वन संसाधन, संरक्षण और प्रबंधन के अधिकारों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप ग्राम सभा की समुचित प्रक्रिया अपनाई जाये। समस्‍त प्रक्रिया को ग्राम सभा में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में किया जाए। राज्‍यपाल श्री पटेल ने पेसा ग्रामों में अधिनियम की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के कार्यों और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखें। समय-समय पर वित्तीय प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों का निरीक्षण भी कराएं।

  राज्यपाल श्री पटेल को अपर मुख्य सचिव पंचायत ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने बताया कि 15 अगस्त की विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से वन संसाधन अधिकार अभियान को और आगे बढ़ाया जायेगा। स्थानीय स्तर पर जन जागरूकता के विशेष प्रयास किए जायेगें। अधिनियम के क्रियान्वयन से संबंधित सभी विभागों का सहयोग भी लिया जायेगा। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने प्रदेश भर में वनाधिकार कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिनियम के क्रियान्‍वयन से जुड़ी समस्‍त प्रक्रियाओं की जानकारी दी। क्षेत्र विशेष की आवश्‍यकता अनुसार कार्यो पर चर्चा की। प्रमुख सचिव वन श्री राघवेंद्र सिंह ने आगामी दिनों में वन संसाधन अधिकार से संबंधित लंबित कार्यों को तेज़ी से पूर्ण करने की बात कही।

  बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार, जनजाति प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) श्री शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक श्री मनोज कुमार अग्रवाल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

किसानों की हर समस्या का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव






 

केले की फसल को हुए नुकसान के लिए बुरहानपुर के किसानों को राहत राशि जारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के खातों में अंतरित किए 107 करोड़ 82 लाख रुपए
किसानों की समृद्धि और आय बढ़ाने के लिए जिलों में हो रहे है बलराम कृषि महोत्सव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीं पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं
जिला कलेक्टर्स को कांवड़ियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के दिये निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बुरहानपुर से भेजी जाएगी केले के रेशे से बनी राखी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर के बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से किया वर्चुअली संबोधित

  बुरहानपुर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान कल्याण का जो संकल्प राज्य सरकार ने लिया है, उसकी पूर्ति के लिए हम निरंतर सक्रिय हैं। किसानों की हर समस्या का समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुरहानपुर में मई और जून में मौसम की मार ने केले की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया। बुरहानपुर नगर, बुरहानपुर ग्रामीण, नेपानगर और खकनार तहसीलों के 188 गांवों के 8 हजार 115 किसानों की केले की फसल प्रभावित हुई है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ खड़ी है। आज प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जिले के 8 हजार से अधिक किसानों के खातों में 107 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जा रही है। यह राशि मुश्किल समय में किसानों को संबल देगी। जब तक किसानों के चेहरों पर दोबारा मुस्कान नहीं आ जाती, राज्य सरकार चैन से बैठने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केले की पैदावर में हुए नुकसान के लिए किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से मुआवजा राशि अंतरित की। बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस उपस्थित थीं। वीसी में बुरहानपुर से शामिल श्रीमती चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रक्षाबंधन पर बुरहानपुर से केले के रेशे से बनी राखी भेजी जाएगी।

बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को सेवाओं के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि श्रावण मास में प्रदेश में जहां-जहां से कांवड़ यात्रा निकलने वाली हैं, वहां कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को तेजी से पूरा कर रही हैं। उन्होंने आहवान किया कि किसान नई तकनीक को आत्मसात करें, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों से अपनी आय बढ़ाएं। खेती से सभी प्रकार के उद्योगों के लिए कच्चा माल और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने के लिए 16 विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की है। किसानों की समृद्धि, उनकी आय दोगुनी करने के लिए जिलास्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत मां अहिल्याबाई होल्कर की धरती इंदौर से की थी।

केले से बने उत्पादों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर देश-दुनिया में बनाई पहचान

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती मैया के आशीर्वाद से बुरहानपुर क्षेत्र अपनी उद्यानिकी फसलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के स्वादिष्ट केले, हल्दी और कपास अपने आप में बेहद खास है। यहां सभी धर्मों के बीच मिलकर रहने की संस्कृति, खेती की विविधता में भी दिखाई देती है। यहां कृषि से लेकर कपड़ा, दवा से लेकर फर्नीचर और पाइप उपकरण से लेकर अन्य कई सामग्रियों का निर्माण होता है। कपास और कपड़ा उत्पादन के लिए सहूलियत देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को आधा कर दिया है, इससे प्रदेश भर के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिला। उल्लेखनीय है कि इसके लिए मांग सबसे पहले बुरहानपुर जिले से ही उठी। बुरहानपुर को केला फसल के प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। अब केले के रेशे से कपड़ा और सजावटी सामान भी तैयार किया जा रहा है। इन उत्पादों की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से बिक्री के जरिए देश-दुनिया में बुरहानपुर को नई पहचान मिल रही है।

बुरहानपुर के किसानों को भी मिलेगा धार के पीएम मित्र पार्क का लाभ

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुरहानपुर के किसानों ने खेती में फसलों के विधीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। कपास की फसल हैंडलूम के साथ ही पॉवरलूम से जुड़े कामगारों को सशक्त बनाती है। खंडवा और बुरहानपुर की कपास मंडी में टैक्स 1 रुपए से घटाकर आधा करने के निर्देश दिए गए हैं। बुरहानपुर के किसानों को धार के पीएम मित्र पार्क का भी लाभ मिलेगा। बुरहानपुर अब केवल कच्चे माल ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, एक्सपोर्ट का भी बड़ा हब बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। जिले में सिंचाई के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बुरहानपुर में सिंचाई का रकबा बढ़ा है, हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है।

ग्वालियर में टेलीकॉम सेक्टर के मैन्यूफैक्चरिंग जोन के लिए एमओयू

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महाराष्ट्र के साथ मिलकर ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना पर काम कर रही है। राज्य सरकार निवेश संवर्धन के लिए भी कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर को टेलीकॉम सेक्टर के मैन्यूफैक्चरिंग जोन के रूप में स्थापित करने के लिए आज नई दिल्ली में भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एमओयू साइन किया जाएगा। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार दिलवाने और किसानों को उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है। बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, जिलाध्यक्ष श्री मनोज माने, जनपद पंचायत अध्यक्ष बुरहानपुर श्रीमती सोनाली प्रदीप पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

GTDC की नई रिसर्च से आधुनिक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में डिस्ट्रीब्यूशन की बढ़ती भूमिका पर रोशनी पड़ी

टैम्पा, फ़्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका

ग्लोबल टेक्नोलॉजी डिस्ट्रीब्यूशन काउंसिल (GTDC), जो दुनिया भर के टेक्नोलॉजी डिस्ट्रीब्यूटर्स का सबसे बड़ा कंसोर्टियम है, ने आज एक नई रिसर्च रिपोर्ट, 'द इवॉल्विंग रोल ऑफ़ डिस्ट्रीब्यूशन इन टेक्नोलॉजी गो-टू-मार्केट मॉडल्स' जारी की, जिसे  चैनलनॉमिक्स के साथ पार्टनरशिप में डेवलप किया गया है। इस अध्ययन में बताया गया है कि डिस्ट्रीब्यूशन की भूमिका अब केवल एक पारंपरिक माध्यम तक सीमित नहीं है। यह अब एक रणनीतिक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हो रहा है, जो कंपनियों और उनके साझेदारों को अपना कारोबार बढ़ाने, बेहतर सहयोग देने और नई तकनीकों (जैसे AI और साइबर सुरक्षा) को अपनाने तथा उनके एकीकरण से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने में मदद करता है।



रिसर्च के अनुसार, ग्राहकों की उम्मीदें बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। अब कंपनियां एआई (AI), साइबर सुरक्षा, क्लाउड-ऑटोमेशन और डेटा एनालिसिस जैसी तकनीकों को एक साथ मिलाकर बेहतर परिणाम चाहती हैं। वेंडर्स और पार्टनर्स के लिए मार्केट की इन बढ़ती मांगों को अकेले पूरा करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि ऐसे सॉल्यूशंस के लिए क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म इंटीग्रेशन, मल्टी-वेंडर कोऑर्डिनेशन, लाइफ़साइकल सपोर्ट और संचालन में निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

GTDC और चैनलनॉमिक्स रिपोर्ट डिस्ट्रीब्यूशन की उस पोजीशन को वैलिडेट करती है जो कनेक्टिव लेयर के तौर पर इन एग्जीक्यूशन गैप्स को बंद करती है। पार्टनर इनेबलमेंट, टेक्निकल रिसोर्स, फाइनेंसिंग, मार्केटप्लेस ऑपरेशन्स, कंप्लायंस सपोर्ट, लाइफसाइकल मैनेजमेंट और इकोसिस्टम ऑर्केस्ट्रेशन के ज़रिए, डिस्ट्रीब्यूटर्स वेंडर्स और सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स को एम्पावर करते हैं, जिससे चैनल पार्टनर्स बेहतर परिणाम दे पाते हैं, जो कोई एक संस्था अकेले प्रभावी रूप से हासिल नहीं कर सकती।

GTDC के CEO Frank Vitagliano, ने कहा, "टेक्नोलॉजी इनोवेशन से बहुत सारे मौके मिल रहे हैं, लेकिन इससे गो-टू-मार्केट एग्ज़िक्यूशन और भी मुश्किल हो रहा है।डिस्ट्रीब्यूटर्स लगातार ऐसे प्लेटफॉर्म, प्रोग्राम, सेवाओं और विशेषज्ञता में निवेश कर रहे हैं, जो वेंडर्स और पार्टनर्स को AI, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और अन्य आधुनिक तकनीकी समाधानों को अधिक प्रभावी तरीके से मार्केट तक पहुंचाने में मदद करते हैं। यह रिसर्च इस बात को और पक्का करती है जो हम IT इकोसिस्टम में हर दिन देखते हैं: डिस्ट्रीब्यूशन ज़्यादा महत्वपूर्ण होता जा रहा है क्योंकि यह इनोवेशन को स्केलेबल एग्ज़िक्यूशन में बदलने में मदद करता है।"

रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्ट्रीब्यूशन से ज़रूरी गो-टू-मार्केट फंक्शन और मोशन में एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी 80% से ज़्यादा बढ़ सकती है। डिस्ट्रीब्यूशन का स्ट्रेटेजी के साथ इस्तेमाल करने वाले वेंडर ऑपरेशनल एफिशिएंसी, पार्टनर रेडीनेस, सेल्स वेलोसिटी, मार्केट रीच, फोरकास्टिंग डिसिप्लिन और कस्टमर रिटेंशन में भी सुधार करते हैं। रिसर्च में आगे 15%-52% कॉस्ट सेविंग और 4x-8.5x ROI समेत अच्छे इकोनॉमिक फायदे भी बताए गए हैं।

चैनलनॉमिक्स के CEO और चीफ एनालिस्ट Larry Walsh ने कहा, "कस्टमर अब अलग-अलग प्रोडक्ट या स्टैंड-अलोन सर्विस नहीं खरीद रहे हैं; वे उम्मीद करते हैं कि लगातार मुश्किल होते इकोसिस्टम में एक साथ नतीजे मिलें।इससे क्लाइंट की ज़रूरतों और वेंडर या पार्टनर जो लगातार अपने दम पर दे सकते हैं, उसके बीच एक अंतर पैदा होता है। डिस्ट्रीब्यूशन इन चुनौतियों को दूर करता है, क्योंकि यह बड़े स्तर पर काम करने के लिए जरूरी संसाधनों, क्षमताओं और संचालन से जुड़ी सुविधाओं को एक साथ जोड़कर उपलब्ध कराता है।"

अध्ययन में कई खास बातें सामने आई हैं, जिनमें शामिल हैं:

एग्ज़िक्यूशन एक असली रुकावट है। मार्केट की चुनौती इनोवेशन से कम और बड़े पैमाने पर लगातार इंटीग्रेटेड नतीजे देने से ज़्यादा है।

कस्टमर की उम्मीदें चैनल की क्षमता से ज़्यादा होती हैं। उदाहरण के लिए, 76% कस्टमर मल्टी-वेंडर सिस्टम सपोर्ट को एक ज़रूरत मानते हैं, लेकिन सिर्फ़ 22% का मानना है कि IT पार्टनर के पास वह क्षमता है। जबकि 70% ग्राहक AI इंटीग्रेशन को महत्व देते हैं, लेकिन केवल 38% को लगता है कि इस क्षेत्र में पर्याप्त विशेषज्ञता उपलब्ध है।

वेंडर्स को स्ट्रेटेजिक डिस्ट्रीब्यूशन सपोर्ट की ज़रूरत होती है। उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में स्पष्ट ROI और वैल्यू को दर्शाना (88%), प्रभावी GTM रणनीति के साथ तालमेल (85%) और पार्टनर्स की भर्ती व उन्हें सक्षम बनाना (83%) शामिल हैं।

मुश्किलों को संभालने के लिए पार्टनर्स को डिस्ट्रीब्यूशन की जरूरत है। उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता इकोसिस्टम तक पहुंच, कई वेंडर्स के समाधानों को एक साथ जोड़ना और अलग-अलग समाधानों को एक पैकेज के रूप में उपलब्ध कराना (91%) है। इसके बाद AI आधारित तकनीकी सहायता (89%) उनकी दूसरी प्रमुख जरूरत है।

डिस्ट्रीब्यूशन एक फ़ोर्स मल्टीप्लायर बनता जा रहा है। वेंडर्स को इकोसिस्टम सेलिंग बढ़ाने में मदद करने के अलावा, डिस्ट्रीब्यूटर ऑपरेशनल फ्रिक्शन को कम करते हैं, रिकरिंग रेवेन्यू को सपोर्ट करते हैं, पहुंच बढ़ाते हैं और कस्टमर आउटकम को बेहतर बनाते हैं।

रिपोर्ट में इकोसिस्टम एग्जीक्यूशन को बढ़ाने के लिए एक वेंडर प्लेबुक भी बताई गई है, जिसमें वेंडर्स को सलाह दी गई है कि वे डिस्ट्रीब्यूटर्स को अपनी गो-टू-मार्केट स्ट्रेटेजी के हिसाब से बनाएं, इकोसिस्टम पर आधारित सेल्स मॉडल बनाएं, AI रेडीनेस में तेज़ी लाएं, मार्केटप्लेस और लाइफसाइकल ऑपरेशन्स को बढ़ाएं, API और वर्कफ़्लो इंटीग्रेशन को बेहतर बनाएं, और परफॉर्मेंस मेज़रमेंट को आधुनिक बनाएं।

पूरी रिपोर्ट, टेक्नोलॉजी गो-टू-मार्केट मॉडल्स में डिस्ट्रीब्यूशन की बदलती भूमिका, साथ ही दूसरी इंडस्ट्री रिसर्च और रिसोर्स, GTDC नॉलेज हब पर बिना किसी कीमत के उपलब्ध हैं।

GTDC के बारे में

ग्लोबल टेक्नोलॉजी डिस्ट्रीब्यूशन काउंसिल एक इंडस्ट्री कंसोर्टियम है जो दुनिया के लीडिंग टेक डिस्ट्रीब्यूटर्स का प्रतिनिधित्व करता है। GTDC मेंबर्स अलग-अलग बिज़नेस चैनल्स के ज़रिए प्रोडक्ट्स, सर्विसेज़ और सॉल्यूशंस की सालाना दुनिया भर में 200 अरब डॉलर से ज़्यादा की सेल्स करते हैं। GTDC कॉन्फ्रेंस स्ट्रेटेजिक सप्लाई-चेन पार्टनरशिप के डेवलपमेंट और एक्सपेंशन को सपोर्ट करती हैं जो वेंडर्स, एंड कस्टमर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स की तेज़ी से बदलती मार्केटप्लेस ज़रूरतों को लगातार पूरा करती हैं। GTDC मेंबर्स में AB SA, एरो इलेक्ट्रॉनिक्स, CMS डिस्ट्रीब्यूशन, कंप्यूटर ग्रॉस इटालिया SpA, D&H डिस्ट्रीब्यूटिंग, ELKO ग्रुप, एस्प्रीनेट SpA, एक्सक्लूसिव नेटवर्क्स, इनफिनिगेट , इनग्राम माइक्रो, इंटकॉमेक्स , लॉजिकॉम पब्लिक लिमिटेड, माइंडवेयर, नेक्सोरा , रेडिंगटन लिमिटेड, SiS टेक्नोलॉजीज़, टार्सस डिस्ट्रीब्यूशन, TD SYNNEX, TIM AG, VSTECS होल्डिंग्स लिमिटेड और वेस्टकॉन- कॉमस्टोर शामिल हैं ।
 

प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को गहराई से समझने के लिये उन्हें उज्जैन के सांदिपनी आश्रम अवश्य आना चाहिए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव






 



मुख्यमंत्री गुरु पूर्णिमा पर महर्षि सांदीपनि आश्रम में श्रद्धा समारोह में हुए शामिल
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तीन पुस्तकों का किया विमोचन

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर में आयोजित “गुरु परंपरा का लोकपर्व श्रद्धा समारोह” में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांदीपनि आश्रम की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पूरे विश्व में यदि किसी को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को गहराई से समझना हो तो उन्हें उज्जैन के सांदिपनी आश्रम अवश्य आना चाहिए।  भारतीय परंपरा में गुरु को ईश्वर से भी ऊपर माना गया है, और उज्जैन तो वह नगर है जहां स्वयं ईश्वर शिक्षा ग्रहण करने आए थे। महर्षि सांदीपनि ने जो विद्या श्री कृष्ण को दी, इसी कारण से वे जगतगुरु बने। हमारे अतीत की गौरवशाली परंपरा को संजोकर आगे ले जाने का काम सरकार कर रही है। आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व के तहत उज्जैन के साहित्य, कला और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को पूरा किया जा रहा है। उज्जैन में सभी धर्मों के लोग मिलकर विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपनी ओर से सभी को गुरु पूर्णिमा पर्व की शुभकामनाएं दीं।

  विधायक श्री अनिल जैन कालुहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में उज्जैन को निरंतर विकास कार्यों की सौगातें मिल रही हैं। शीघ्र ही यहां सांदीपनि लोक, काल भैरव लोक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा का विश्वविद्यालय बनाए जाने की भी योजना है। उन्होंने आमजन की ओर से मुख्यमंत्री डॉ यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर सबसे पहले महर्षि सांदीपनि गुरुदेव की पूजा अर्चना एवं आरती की। कुण्डेश्वर महादेव व सर्वेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा "महर्षि गुरु सांदीपनि, स्वयं के द्वारा लिखित" महर्षि सांदीपनि भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी एवं " सर्वांग" पुस्तक का विमोचन किया तथा वेदपाठियों को श्रीमद्भगवद्गीता पुस्तक का वितरण भी किया।

  कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग और त्रिवेणी संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में भक्ति गायन एवं नाट्य प्रस्तुति “गुरु दत्तात्रेय की पाठशाला” भी प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर अध्यक्ष उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, श्री संजय अग्रवाल, एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।             



गुरूकुल परम्परा और नवीन तकनीक से गढ़ेंगे भविष्य का मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव








 


उज्जैन में खुलेगी धन्वंतरी मेडिकल यूनिवर्सिटी
गुरू पूर्णिमा पर उज्जैन से हुआ प्रदेश में नए शैक्षणिक युग का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने 1000 प्राथमिक शिक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र
एआई पर केंद्रित मिशन बुनियाद का किया शुभारंभ, प्रदेश के 500 शासकीय स्कूलों में चलेगा मिशन
माधव विज्ञान महाविद्यालय में भव्य गीता भवन ऑडिटोरियम का किया लोकार्पण
बोर्ड परीक्षा में तीन साल से शत प्रतिशत परिणाम देने वाले 6 प्राचार्यों को सांदीपनि अलंकरण से किया अलंकृत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूडीए की 550 करोड़ की विकास योजना का श्रीकृष्ण-सुदामा नगर नामकरण कर किया भूमि-पूजन
उज्जैन जिले को दी 587.23 करोड़ लागत के 9 विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साधु-संतों और गुरुओं का सम्मान कर लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री का नागरिकों ने यूसीसी विधेयक पारित होने पर किया अभिनंदन
गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन में मनाया गया महर्षि सांदीपनि गुरू पर्व


   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति इसकी गुरू परम्परा है। जब गुरूकुल के संस्कार आधुनिक विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अतिरिक्त क्षमता से जुड़ेंगे, तब हमारी ऐसी पीढ़ी तैयार होगी, जो ज्ञान में श्रेष्ठ, चरित्र में उत्कृष्ट और राष्ट्र निर्माण के प्रति एकनिष्ठ होगी। यही विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत की सबसे बड़ी नींव है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना आधुनिक शिक्षा और अत्याधुनिक कक्षाओं से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय हमारी पुरातन गुरूकुल शिक्षा पद्धति का नूतन एवं आधुनिक स्वरूप है। इन विद्यालयों के माध्यम से एक बेहतर कल की ओर बढ़ रहे हैं। इन विद्यालयों से हम अपने लाखों विद्यार्थियों का एक सुनहरा भविष्य गढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, संस्कार, तकनीक और सांस्कृति चेतना के अद्भुत समन्वय का संदेश देकर कहा कि मध्यप्रदेश में विकसित हो रहे सांदीपनि विद्यालय भविष्य के भारत के निर्माण की आधारशिला सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को 'गुरू पूर्णिमा महोत्सव' के अवसर पर उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित 'महर्षि सांदीपनि गुरू पर्व' समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मौके पर उज्जैन जिले के लिए कुल 587.23 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न श्रेणी के 9 बड़े विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते तीन वर्ष तक बोर्ड परीक्षाओं में लगातार शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले 6 प्राचार्यों को सांदीपनि अलंकरण से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग में नव नियुक्त 7500 प्राथमिक शाला शिक्षकों में से 10 शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर केंद्रित 'मिशन बुनियाद' का शुभारंभ किया। यह मिशन प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों में चलाया जाएगा। इसमें कक्षा में 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को एआई से पर्सनली पढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'सर्वांग' एवं 'श्रीकृष्ण विद्यांजलि' नामक दो पुस्तिकाओं का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल मीन्स कम मेरिट में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भव्य गीता भवन बनाने का संकल्प लिया है। आज उज्जैन में गीता भवन का लोकार्पण नागरिकों के लिए कई प्रकार से सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यह शिक्षा विभाग का गीता भवन है। नगर निगम और उज्जैन विकास प्राधिकरण के भी अलग-अलग गीता भवन बनाए जाएंगे। सिंहस्थ: 2028 की तैयारियों के साथ ही इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास कार्य भी निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में नई भर्तियों की शुरुआत की है। विगत दो साल में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती का काम पूरा हुआ है। आज 3 संभागों के लगभग 1000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि ये शिक्षक महर्षि सांदीपनि के वंशज के रूप में जाने जाएंगे। शिक्षक भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता के भाव से बच्चों को शिक्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शासकीय विद्यालयों के ऐसे प्राचार्यों को, जिन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में तीन साल तक शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम दिया है, उन्हें सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ऐसे सभी स्कूलों के प्राचार्यों को 1 लाख रुपए की सम्मान राशि और प्राध्यापकों के साथ स्कूल में विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे स्कूल शिक्षा में और बेहतरी का एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जबलपुर में एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी है। दूसरी की महती आवश्यकता महसूस हो रही है। इसलिए अब उज्जैन में ही नवीन धनवन्तरी चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूल से लेकर विदेशों में पढ़ाई तक हर स्तर पर सहायता करने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश, पूरे देश का इकलौता राज्य है, जो 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को डॉक्टर बनाने के लिए उनकी फीस के रूप में 70 से 80 लाख रूपए तक खर्च कर रहा है। स्कूली विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों से लेकर गणवेश, साइकिल से लेकर स्कूटी तक हमारी सरकार उपलब्ध करा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों की पढ़ाई के लिए एआई आधारित मिशन बुनियाद अंतर्गत नई शिक्षा योजना की शुरुआत कर दी है। यह प्रदेश की शिक्षा पद्धति में एक नये युग के आरंभ जैसा है।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' के अवसर पर प्रदेशभर में 60 नए सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। इनमें 39 स्कूल शिक्षा विभाग और 21 जनजातीय कार्य विभाग के हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का स्मरण कराते हैं। पहले और दूसरे चरण में सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण पर हमारी सरकार करीब 25 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों के लिए हमारे पास धन की कोई कमी नहीं है। अब निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी बड़े पैमाने पर हमारे सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं, लेकिन पहले सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ चुके विद्यार्थियों को मौका दिया जा रहा है।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अवन्तिका नगरी (उज्जैन) दुनिया की 7 पवित्र नगरियों में से एक है, जहां बाबा महाकाल विराजे हैं। जन्म-मृत्यु सब बाबा महाकाल के हाथों में है। उज्जैन ज्ञान-विज्ञान और इतिहास की धरती है। उन्होंने गुरू की महत्ता बताते हुए कहा कि माता-पिता प्रथम गुरू होते है। जीवन में माता-पिता से हम कभी भी ऊऋण नहीं हो सकते हैं। गुरु की महिमा ऐसी है कि उसे भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। लेकिन सांदीपनि गुरु ने अपने परम शिष्य (भगवान श्रीकृष्ण) को जगतगुरू के रूप में देखा। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में ही भगवान श्रीकृष्ण को पुस्तकीय ज्ञान से कहीं अधिक यथार्थ कर्मवाद की शिक्षा मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा ज्ञान कदम-कदम पर अपनी परीक्षा मांगता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सदैव मनुष्यों को आगे बढ़ने और हिम्मत से काम करने की प्रेरणा देता है। पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवत्गीता के 18वें अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जीवन के रहस्य, प्रकृति प्रेम और योग के महत्व का विस्तार से वर्णन किया है।

विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में 587.23 करोड़ रुपए की लागत के 9 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि सम्राट वीर विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में 5 करोड़ की लागत से 1 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की आवश्यकता जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि आज 12.70 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन में तीन नये पुस्तकालय भवन निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन, करीब 7.53 करोड़ की लागत से माधव विज्ञान महाविद्यालय में नवीन प्रयोगशाला भवन एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लगभग 453.40 करोड़ रुपए की लागत से श्री काल भैरव मंदिर परिसर, श्री मंगलनाथ मंदिर परिसर तथा महर्षि सांदीपनि आश्रम के विकास एवं विस्तार परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजना क्र. 3,4,5 एवं 6 के अंतर्गत करीब 550 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन सभी निर्माण कार्यों को 'श्री कृष्ण-सुदामा नगर' के रूप में नामकरण कर इसका भी भूमि-पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 78.75 करोड़ रुपए की लागत से महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के मुख्य कैंपस निर्माण का भूमि-पूजन भी आज ही कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदी की आयु तो लगभग एक हजार साल की है, लेकिन अति प्राचीन संस्कृत भाषा की धारा में शब्द ही ब्रह्म है। दुनिया में लोग जब भौतिकता को चुन रहे थे, तब भारतवर्ष में हमारे पूर्वज नैतिकता को चुन रहे थे। भारतीय संस्कृति दान करने वाली रही है। भारत में 'भा' का अर्थ ज्ञान का प्रकाश और 'रत'का अर्थ लीन होना है। हम उस धरती के वासी हैं, उस प्राचीन संस्कृति के लोग हैं, जो युगों-युगों से ज्ञान की साधना में लीन और सदमार्ग पर चलने वाले हैं।

  उज्जैन विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' अपने गुरुओं को नमन करने का अवसर है। उनके आशीर्वाद से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज और अधोसंरचना विकास के कार्य निरंतर जारी हैं। शिप्रा मैया पर 24 पुल बनाए जा रहे हैं। साइफन के सिद्धांत के अनुसार सीवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है। कान्ह डक्ट प्रोजेक्ट जैसे प्रोजेक्ट का भी काम जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उज्जैन को भव्य गीता भवन और आईटी पार्क की अनुपम सौगात मिली है। हमारे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर आईटी सेक्टर में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

 संत डॉ. रामेश्वर दास ने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु ऐसे हों, जो ज्ञान बांटते-बांटते शिष्य को अपने जैसा बना दें। गुरुओं के नख में दिव्य दृष्टि होती है। गुरु के चरण स्पर्श करने से उनकी ऊर्जा हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है। गुरु ही हमारे सच्चे मार्गदर्शक होते हैं, जो मोक्ष की राह की दिखाते हैं। मनुष्य के जीवन में सबसे पहले उत्तम स्वास्थ्य, शिक्षा ग्रहण करने और ईर्ष्या के त्याग का विशेष महत्व है।

 समारोह में मप्र हाउसिंग डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रविन्द्र सोलंकी, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग के डॉ. संजय गोयल, महंत श्री विद्या भारती सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत, सम्मानित प्राचार्यगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।


मध्यप्रदेश में बाघों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है,नई गणना में बाघों की संख्या 1000 से अधिक होने का अनुमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 2026 पर CM डॉ मोहन यादव ने कहा मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या 785 से बढ़कर 1000+ होगी। जानें MP के 9 टाइगर रिजर्व, एक जन-एक पत्ती अभियान और वन्यजीव संरक्षण की बड़ी घोषणाएं।










राज्य सरकार जनभागीदारी से प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण के लिए संकल्पित है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन प्रबंधन के लिए वन विभाग के प्रयासों को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का किया सम्मान
सतपुड़ा की तितलियों पर केंद्रित पॉकेट बुकलेट का किया विमोचन
रातापानी और रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के लोगो का हुआ विमोचन
पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास और पद्मश्री श्री मोहन नागर का हुआ सम्मान
सतपुड़ा में बाहरसिंगा के पुनर्वास पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन
स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बाघ संरक्षण पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की

 

 भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और सभी वन्यजीवों के प्रति उदारता की भाव समाहित है। हमारे देवी-देवताओं के वाहन भी अलग-अलग जीवों से जुड़ते हैं। जंगल का राजा बाघ शक्ति की देवी मां दुर्गा का वाहन है। प्रदेश में बाघ, चीता, घड़ियाल, हाथी और जंगली भैंसे सहित अन्य वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल है। प्रदेश में 53 साल पहले बाघों की संख्या दहाई के आंकड़े में सिमटी हुई थी। वर्ष 2016 में बाघों की संख्या लगभग 250 हो गई। वर्ष 2022 की गणना में प्रदेश में 785 बाघ हो गए। अगले साल नई गणना में बाघों की संख्या 1000 से अधिक होने का अनुमान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में समृद्ध जैव विरासत का स्वर्णिम और सुगम काल निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संबोधित कर रहे थे।





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कान्हा क्षेत्र की घास प्रजातियों पर केन्द्रित पुस्तक का हुआ विमोचन

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव संरक्षण के लिये प्राप्त वाहनों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बाघ संरक्षण पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय प्रकाशनों के अंतर्गत सतपुड़ा की तितलियों पर केन्द्रित पुस्तक फ्लटरिंग ज्वेल्स ऑफ सतपुड़ा, कान्हा क्षेत्र की घास प्रजातियों पर केन्द्रित पुस्तक, पिक्टोरियल हरबेरियम ऑफ कान्हा ग्रासेस, वन्यजीवन रेस्क्यू संकलन, बेस्ट प्रैक्टिसेस ऑफ वाईल्ड लाईफ कन्जर्वेंशन इन मध्यप्रदेश और बॉयोडायवर्सिटी ऑफ वाईल्ड मशरूम्स इन पेंच टाइगर रिजर्व आदि का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रातापानी टाइगर रिजर्व और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के लोगो का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक जन-एक पत्ती अभियान में की भागीदारी

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बारहसिंघा को पुन: बसाने पर केन्द्रित वृत्त चित्र और कान्हा टाइगर रिजर्व में टाइगर रिवाइल्डिंग पर केन्द्रित वृत्त चित्रों के टीजर रिलीज किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित सदस्यों डॉ. नारायण व्यास और श्री मोहन नागर का अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव सरंक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली वन सुरक्षा समितियों, ईको विकास समिति, ग्राम वन समिति और वन कर्मियों को पुरस्कार भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व द्वारा जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए आरंभ किए गए 'एक जन-एक पत्ती - जनभागीदारी, संरक्षण की शक्ति' अभियान में भाग लिया। इसके अंतर्गत उन्होंने पत्ती के आकार की छोटी-कच्ची सिरेमिक टाइल पर बाघ का चेहरा उकेरा। इस प्रकार की टाइल को पकाकर विभिन्न रंगों में विकसित किया जाता है। इन्हीं टाइलों से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के हिनोती पर्यटन द्वार को सजाया जाएगा। यह गतिविधि जनभागीदारी से वन और वन्य जीवन संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पेंच टाइगर रिजर्व के कलाकारों ने कढाईदार शॉल भेंट किया।

घड़ियाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस और गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बाघ संरक्षण के क्षेत्र में अपने सफल प्रयासों और अटूट प्रतिबद्धता के कारण देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। बाघ हमारे समृद्ध वनों, जैव विविधिता और पर्यावरणीय संतुलन के प्रतीक हैं। राज्य सरकार जनभागीदारी से प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के लिए संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल एशिया में सबसे स्वच्छ जल की नदी है। यहां घड़ियाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। कूनो क्षेत्र की नदियों में भी घड़ियाल छोड़े गए हैं। मध्यप्रदेश में 100 वर्ष पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसे का पुनर्वसाहट का काम सफलतापूर्वक किया गया है।

आधुनिक तकनीक और नवाचारी प्रयासों से हाथियों के संकट से मिली मुक्ति

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दो वर्ष पहले तक हाथियों के कारण डरावने संदेश आते थे। वन विभाग ने आधुनिक तकनीक और नवाचारी प्रयासों से हाथियों के संकट से मुक्ति दिलवाई है। प्रदेश में बहुत जल्द गैंडे भी लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को समृद्ध जैव विविधता विरासत में मिली है। वन विभाग ने वन प्रबंधन में अपने अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ वन समितियों, स्थानीय ग्रामीणों को साथ जोड़कर प्रदेश को वन्य जीव संरक्षण में नई ऊंचाईयां प्रदान की हैं।

प्रदेश में प्रतिवर्ष आते हैं 28 लाख वन्य जीव पर्यटक

   प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव श्रीमती समिता राजौरा ने कहा कि रुस में लिए गए संकल्प के बाद वर्ष 2011 से लगातार 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जा रहा है। बाघों के संरक्षण में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य सरकार सभी वन्यजीवों के संरक्षण का प्रण लेकर आगे बढ़ रही है। प्रदेश में प्रतिवर्ष 28 लाख वन्य जीव पर्यटक आते हैं, जिनमें 1 लाख विदेशी भी शामिल होते हैं। प्रदेश के सभी 9 टाइगर रिजर्व्स में वर्तमान में बाघ संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बाघ संरक्षण अभियान में वन समितियां और स्थानीय लोगों का भी विशेष योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश बाघों के साथ सभी वन्य जीवों का संरक्षण हो रहा है। बाघ बचेंगे तो हमारे जंगल बचेंगे।

वन्य जीव संरक्षण में मध्यप्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हो रहा है

  प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री शुभरंजन सेन ने कहा कि मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है। प्रदेश में बाघ और वन्य प्राणियो के संरक्षण का गौरवशाली इतिहास है। मध्यप्रदेश अब चीता स्टेट और लैपर्ड स्टेट भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने नए टाइगर रिजर्व की स्थापना और प्रदेश के इकलौते कंजर्वेशन रिजर्व का भी गठन किया है। वन्यजीव संरक्षण में मध्यप्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हो रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन श्री राघवेन्द्र सिंह, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन समितियों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी और वन और वन्य जीवों में रूचि रखने वाले उपस्थित थे।