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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले-आप LOCAL खरीदेंगे तो आपका त्योहार भी रोशन होगा और किसी गरीब भाई-बहन, किसी कारीगर, किसी बुनकर के घर में भी रोशनी आएगी....



 राष्ट्रीय। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11 बजे रेडियो कार्यक्रम "मन की बात' के जरिए लोगों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 82वें का संस्करण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की पूरी मन की बात पढियें

   प्यारे देशवासियो, आप सभी को नमस्कार | कोटि-कोटि नमस्कार | और मैं कोटि-कोटि नमस्कार इसलिए भी कह रहा हूँ कि 100 करोड़ vaccine dose के बाद आज देश नए उत्साह, नई ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है | हमारे vaccine कार्यक्रम की सफलता, भारत के सामर्थ्य को दिखाती है, सबके प्रयास के मंत्र की शक्ति को दिखाती है |

  साथियो, 100 करोड़ vaccine dose का आंकड़ा बहुत बड़ा जरुर है, लेकिन इससे लाखों छोटी-छोटी प्रेरक और गर्व से भर देने वाली अनेक अनुभव, अनेक उदाहरण जुड़े हुए हैं | बहुत सारे लोग पत्र लिखकर मुझसे पूछ रहे हैं कि vaccine की शुरुआत के साथ ही कैसे मुझे यह विश्वास हो गया था कि इस अभियान को इतनी बड़ी सफलता मिलेगी | मुझे ये दृढ़ विश्वास इसलिए था, क्योंकि मैं अपने देश, अपने देश के लोगों की क्षमताओं से भली-भांति परिचित हूँ | मैं जानता था कि हमारे Healthcare Workers देशवासियों के टीकाकरण में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे | हमारे स्वास्थ्य-कर्मियों ने अपने अथक परिश्रम और संकल्प से एक नई मिसाल पेश की, उन्होंने Innovation के साथ अपने दृढ़ निश्चय से मानवता की सेवा का एक नया मानदंड स्थापित किया | उनके बारे में अनगिनत उदाहरण हैं, जो बताते हैं कि कैसे उन्होंने तमाम चुनौतियों को पार करते हुए अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षा कवच प्रदान किया | हमने कई बार अख़बारों में पढ़ा है, बाहर भी सुना है इस काम को करने के लिए हमारे इन लोगों ने कितनी मेहनत की है, एक से बढ़कर एक अनेक प्रेरक उदाहरण हमारे सामने हैं | मैं आज ‘मन की बात’ के श्रोताओं को उत्तराखंड के बागेश्वर के एक ऐसी ही एक Healthcare Worker पूनम नौटियाल जी से मिलवाना चाहता हूँ | साथियो, ये बागेश्वर उत्तराखंड की उस धरती से है जिस उत्तराखंड ने शत-प्रतिशत पहला dose लगाने का काम पूरा कर दिया है | उत्तराखंड सरकार भी इसके लिए अभिनन्दन की अधिकारी है, क्योंकि, बहुत दुर्गम क्षेत्र है, कठिन क्षेत्र है | वैसे ही, हिमाचल ने भी ऐसी कठिनाइयों में शत-प्रतिशत dose का काम कर लिया है | मुझे बताया गया है कि पूनम जी ने अपने क्षेत्र के लोगों के vaccination के लिए दिन-रात मेहनत की है |


प्रधान मंत्री जी :- पूनम जी नमस्ते |

पूनम नौटियाल :- Sir प्रणाम |

प्रधानमंत्री जी :- पूनम जी अपने बारे में बताइए जरा देश के श्रोताओं

को

पूनम नौटियाल :- Sir मैं पूनम नौटियाल हूँ | Sir मैं उतराखंड के बागेश्वर District में चानी कोराली सेंटर में कार्यरत हूँ Sir | मैं एक ANM हूँ sir |

प्रधानमंत्री जी :- पूनम जी मेरा सौभाग्य है मुझे बागेश्वर आने का

अवसर मिला था वो एक प्रकार से तीर्थ क्षेत्र रहा है वहाँ पुरातन मंदिर वगैरह भी, मैं बहुत प्रभावित हुआ था सदियों पहले कैसे लोगों ने काम किया होगा |

पूनम नौटियाल :- हाँजी sir


प्रधानमंत्री जी :- पूनम जी क्या आपने अपने क्षेत्र के सभी लोगों का vaccination करवा लिया है |

पूनम नौटियाल :- हाँजी sir, सभी लोगों का हो चुका है

प्रधानमंत्री जी :- आप को किसी प्रकार की दिक्कत का भी सामना करना पड़ा है क्या ?

पूनम नौटियाल :- हाँजी Sir | Sir हम लोग जैसे बारिश होती थी वहां पे और road block हो जाती थी | Sir, नदी पार कर के गए हैं हम लोग न ! और Sir घर-घर गए हैं, जैसे NHCVC के अंतर्गत हम लोग घर-घर गए हैं | जो लोग centre में नहीं आ सकते थे, जैसे बुजुर्ग लोग और दिव्यांग लोग, गर्ववती महिलाएं, धात्री महिलाएं - ये लोग Sir |

प्रधानमंत्री जी :- लेकिन, वहाँ तो पहाड़ों पर घर भी बहुत दूर-दूर होते हैं |

पूनम नौटियाल :- जी |

प्रधानमंत्री जी :- तो एक दिन में कितना कर पाते थे आप!

पूनम नौटियाल :- सर किलोमीटर का हिसाब - 10 किलोमीटर कभी 8 किलोमीटर |

प्रधानमंत्री जी :- खैर, ये जो तराईं में रहने वाले लोग हैं उनको ये समझ नहीं आयेगा 8-10 किलोमीटर क्या होता है | मुझे मालूम है

के पहाड़ के 8-10 किलोमीटर मतलब पूरा दिन चला जाता है |

पूनम नौटियाल :- हाँजी

प्रधानमंत्री जी :- लेकिन एक दिन में क्योंकि ये बड़ा मेहनत का काम है और vaccination का सारा सामान उठा कर के जाना | आपके साथ कोई सहायक रहते थे कि नहीं?

पूनम नौटियाल :- हाँजी, team member, हम पाँच लोग रहते Sir न !

प्रधानमंत्री जी :- हां

पूनम नौटियाल :- तो उसमे डॉक्टर हो गए हो, फिर ANM हो गई, Pharmacist हो गए, ASHA हो गई, और Data Entry Operator हो गए |

प्रधानमंत्री जी :- अच्छा वो data entry, वहाँ connectivity मिल जाती थी या फिर बागेश्वर आने के बाद करते थे ?

पूनम नौटियाल :- सर कहीं-कहीं मिल जाती, कहीं-कहीं बागेश्वर आने के बाद करते थे, हम लोग |

  प्रधानमंत्री जी :- अच्छा ! मुझे बताया गया है पूनम जी कि आपने out of the way जाकर लोगों का टीका लगवाया |ये क्या कल्पना आई, आपके मन में विचार कैसे आया और कैसे किया आप ने ?


  पूनम नौटियाल :- हम लोगों ने, पूरी team ने, संकल्प लिया था कि हम लोग एक भी व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए | हमारे देश से कोरोना बीमारी दूर भागनी चाहिए | मैंने और आशा ने मिलके प्रत्येक व्यक्ति की गाँव-wise Due List बनाई, फिर उसके हिसाब से जो लोग centre में आये उनको centre में लगाया | फिर हम लोग घर-घर गए हैं | Sir, फिर उसके बाद, छूटे हुए थे, जो लोग नहीं आ पाते centre में,

प्रधानमंत्री जी :- अच्छा लोगों को समझाना पड़ता था ?

पूनम नौटियाल :- हाँजी, समझाया, हाँजी !

प्रधानमंत्री जी :- लोगों का उत्साह है, अभी भी vaccine लेने का ?

पूनम नौटियाल :- हाँजी सर, हाँजी | अब तो लोग समझ गए हैं | First में बहुत दिक्कत हुई हम लोगों को | लोगों को समझाना पड़ता था, कि ये जो vaccine है सुरक्षित है, और असरदार है, हम लोग भी लगा चुके हैं, तो हम लोग तो ठीक है, आप के सामने हैं, और हमारे staff ने, सब ने, लगा लिया है, तो हम लोग ठीक हैं |

प्रधानमंत्री जी :- कहीं पर vaccine लगने के बाद किसी की शिकायत आई | बाद में

पूनम नौटियाल :- नहीं-नहीं sir | ऐसा तो नहीं हुआ

प्रधानमंत्री जी :- कुछ नहीं हुआ

पूनम नौटियाल :- जी |

प्रधानमंत्री जी :- सब को संतोष था

पूनम नौटियाल :- हाँजी |

प्रधानमंत्री जी :- कि ठीक हो गया

पूनम नौटियाल :- हाँजी |

 प्रधानमंत्री जी :- चलिए, आपने बहुत बड़ा काम किया है और मैं जानता हूँ, ये पूरा क्षेत्र, कितना कठिन है और पैदल चलना पहाड़ों पे | एक पहाड़ पे जाओ, फिर नीचे उतरो, फिर दूसरे पहाड़ पे जाओ, घर भी दूर-दूर उसके बावजूद भी, आपने, इतना बढ़िया काम किया

पूनम नौटियाल :- धन्यवाद sir, मेरा सौभाग्य आप से बात हुई मेरी |


  आप जैसे लाखों Health Workers ने उनके परिश्रम की वजह से ही भारत सौ-करोड़ vaccine dose का पड़ाव पार कर सका है | आज मैं सिर्फ आपका ही आभार व्यक्त नहीं कर रहा हूँ बल्कि हर उस भारतवासी का आभार व्यक्त कर रहा हूँ, जिसने ‘सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ अभियान को इतनी ऊँचाई दी, कामयाबी दी | आपको, आपके परिवार को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएँ |


  मेरे प्यारे देशवासियो, आप जानते हैं कि अगले रविवार, 31 अक्तूबर को, सरदार पटेल जी की जन्म जयंती है | ‘मन की बात’ के हर श्रोता की तरफ से, और मेरी तरफ से, मैं, लौहपुरुष को नमन करता हूँ | साथियो, 31 अक्तूबर को हम ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाते हैं | हम सभी का दायित्व है कि हम एकता का संदेश देने वाली किसी-ना-किसी गतिविधि से जरुर जुड़ें | आपने देखा होगा, हाल ही में गुजरात पुलिस ने कच्छ के लखपत किले से Statue of Unity तक Bike Rally निकाली है | त्रिपुरा पुलिस के जवान तो एकता दिवस मनाने के लिए त्रिपुरा से Statue of Unity तक Bike Rally कर रहे हैं | यानी, पूरब से चलकर पश्चिम तक देश को जोड़ रहे हैं | जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान भी उरी से पठानकोट तक ऐसी ही Bike Rally निकालकर देश की एकता का संदेश दे रहे हैं | मैं इन सभी जवानों को salute करता हूँ | जम्मू-कश्मीर के ही कुपवाड़ा जिले की कई बहनों के बारे में भी मुझे पता चला है | ये बहनें कश्मीर में सेना और सरकारी दफ्तरों के लिए तिरंगा सिलने का काम कर रही हैं | ये काम देशभक्ति की भावना से भरा हुआ है | मैं इन बहनों के जज़्बे की सराहना करता हूँ | आपको भी, भारत की एकता के लिए, भारत की श्रेष्ठता के लिए कुछ-न-कुछ जरुर करना चाहिए | देखिएगा, आपके मन को कितनी संतुष्टि मिलती है |

  साथियो, सरदार साहब कहते थे कि – “हम अपने एकजुट उद्यम से ही देश को नई महान ऊँचाइयों तक पहुंचा सकते हैं | अगर हममें एकता नहीं हुई तो हम खुद को नई-नई विपदाओं में फंसा देंगे” | यानी राष्ट्रीय एकता है तो ऊँचाई है, विकास है | हम सरदार पटेल जी के जीवन से, उनके विचारों से, बहुत कुछ सीख सकते हैं | देश के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी हाल ही में सरदार साहब पर एक Pictorial Biography भी publish की है | मैं चाहूँगा कि हमारे सभी युवा-साथी इसे जरुर पढ़ें | इससे आपको दिलचस्प अंदाज में सरदार साहब के बारे में जानने का अवसर मिलेगा |


  प्यारे देशवासियो, जीवन निरंतर प्रगति चाहता है, विकास चाहता है, ऊँचाइयों को पार करना चाहता है | विज्ञान भले ही आगे बढ़ जाए, प्रगति की गति कितनी ही तेज हो जाए, भवन कितने ही भव्य बन जाए, लेकिन फिर भी जीवन अधूरापन अनुभव करता है | लेकिन, जब इनमें गीत-संगीत, कला, नाट्य-नृत्य, साहित्य जुड़ जाता है, तो इनकी आभा, इनकी जीवंतता, अनेक गुना बढ़ जाती है | एक प्रकार से जीवन को सार्थक बनना है, तो, ये सब होना भी उतना ही जरुरी होता है, इसलिए ही कहा जाता है कि ये सभी विधाएं, हमारे जीवन में एक catalyst का काम करती हैं, हमारी ऊर्जा बढ़ाने का काम करती हैं | मानव मन के अंतर्मन को विकसित करने में, हमारे अंतर्मन की यात्रा का मार्ग बनाने में भी, गीत-संगीत और विभिन्न कलाओं की, बड़ी भूमिका होती है, और, इनकी एक बड़ी ताकत ये होती है कि इन्हें न समय बांध सकता है, न सीमा बांध सकती है और न ही मत-मतांतर बांध सकता है | अमृत महोत्सव में भी अपनी कला, संस्कृति, गीत, संगीत के रंग अवश्य भरने चाहिये | मुझे भी आपकी तरफ से अमृत महोत्सव और गीत-संगीत-कला की इस ताकत से जुड़े ढ़ेरों सुझाव आ रहे हैं | ये सुझाव, मेरे लिए बहुत मूल्यवान हैं | मैंने इन्हें संस्कृति मंत्रालय को अध्ययन के लिए भेजा था | मुझे खुशी है कि मंत्रालय ने इतने कम समय में इन सुझावों को बड़ा गंभीरता से लिया, और उस पर काम भी किया | इन्हीं में से एक सुझाव है, देशभक्ति के गीतों से जुड़ी प्रतियोगिता ! आज़ादी की लड़ाई में अलग-अलग भाषा, बोली में, देशभक्ति के गीतों और भजनों ने पूरे देश को एकजुट किया था | अब अमृतकाल में, हमारे युवा, देशभक्ति के ऐसे ही गीत लिखकर, इस आयोजन में और ऊर्जा भर सकते हैं | देशभक्ति के ये गीत मातृभाषा में हो सकते हैं, राष्ट्रभाषा में हो सकते हैं, और अंग्रेजी में भी लिखे जा सकते हैं | लेकिन, ये जरुरी है कि ये रचनाएं नए भारत की नई सोच वाली हों, देश की वर्तमान सफलता से प्रेरणा लेकर भविष्य के लिए देश को संकल्पित करने वाली हों | संस्कृति मंत्रालय की तैयारी तहसील स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक इससे जुड़ी प्रतियोगिता कराने की है |


  साथियो, ऐसे ही ‘मन की बात’ के एक श्रोता ने सुझाव दिया है कि अमृत महोत्सव को रंगोली कला से भी जोड़ा जाना चाहिए | हमारे यहाँ रंगोली के जरिए त्योहारों में रंग भरने की परंपरा तो सदियों से है | रंगोली में देश की विविधता के दर्शन होते हैं | अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से, अलग-अलग theme पर रंगोली बनाई जाती है | इसलिए, संस्कृति मंत्रालय इससे भी जुड़ा एक National Competition करने जा रहा है | आप कल्पना करिए, जब आजादी के आंदोलन से जुड़ी रंगोली बनेगी, लोग अपने द्वार पर, दीवार पर, किसी आजादी के मतवाले का चित्र बनाएंगे, आजादी की किसी घटना को रंगों से दिखाएंगे, तो, अमृत महोत्सव का भी रंग और बढ़ जाएगा |


 साथियो, एक और विधा हमारे यहाँ लोरी की भी है | हमारे यहाँ लोरी के जरिए छोटे बच्चों को संस्कार दिए जाते हैं, संस्कृति से उनका परिचय करवाया जाता है | लोरी की भी अपनी विविधता है | तो क्यों न हम, अमृतकाल में, इस कला को भी पुनर्जीवित करें और देशभक्ति से जुड़ी ऐसी लोरियां लिखें, कविताएं, गीत, कुछ-न-कुछ जरुर लिखें जो बड़े आसानी से, हर घर में माताएँ अपने छोटे-छोटे बच्चों को सुना सके | इन लोरियों में आधुनिक भारत का संदर्भ हो, 21वीं सदी के भारत के सपनों का दर्शन हो | आप सब श्रोताओं के सुझाव के बाद मंत्रालय ने इससे जुड़ी प्रतियोगिता भी कराने का निर्णय लिया गया है |

    साथियो, ये तीनों प्रतियोगिताएं 31 अक्तूबर को सरदार साहब की जयंती से शुरू होने जा रही हैं | आने वाले दिनों में संस्कृति मंत्रालय इससे जुड़ी सारी जानकारी देगा | ये जानकारी मंत्रालय की website पर भी रहेगी, और social media पर भी दी जाएगी | मैं चाहूँगा कि आप सभी इससे जुड़े | हमारे युवा-साथी जरुर इसमें अपनी कला का, अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें | इससे आपके इलाके की कला और संस्कृति भी देश के कोने-कोने तक पहुंचेगी, आपकी कहानियाँ पूरा देश सुनेगा |


  प्यारे देशवासियो, इस समय हम अमृत महोत्सव में देश के वीर बेटे-बेटियों को उन महान पुण्य आत्माओं को याद कर रहे हैं | अगले महीने, 15 नवम्बर को हमारे देश के ऐसे ही महापुरुष, वीर योद्धा, भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म-जयंती आने वाली है | भगवान बिरसा मुंडा को ‘धरती आबा’ भी कहा जाता है | क्या आप जानते हैं कि इसका अर्थ क्या होता है ? इसका अर्थ है धरती पिता | भगवान बिरसा मुंडा ने जिस तरह अपनी संस्कृति, अपने जंगल, अपनी जमीन की रक्षा के लिय संघर्ष किया, वो धरती आबा ही कर सकते थे | उन्होंने हमें अपनी संस्कृति और जड़ों के प्रति गर्व करना सिखाया | विदेशी हुकूमत ने उन्हें कितनी धमकियाँ दीं, कितना दबाव बनाया, लेकिन उन्होनें आदिवासी संस्कृति को नहीं छोड़ा | प्रकृति और पर्यावरण से अगर हमें प्रेम करना सीखना है, तो उसके लिए भी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा हमारी बहुत बड़ी प्रेरणा हैं | उन्होंने विदेशी शासन की हर उस नीति का पुरजोर विरोध किया, जो पर्यावरण को नुकसान पहुचाने वाली थी | गरीब और मुसीबत से घिरे लोगों की मदद करने में भगवान बिरसा मुंडा हमेशा आगे रहे | उन्होंने सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए समाज को जागरूक भी किया | उलगुलान आंदोलन में उनके नेतृत्व को भला कौन भूल सकता है! इस आंदोलन ने अंग्रेजो को झकझोर कर रख दिया था | जिसके बाद अंग्रेजों ने भगवान बिरसा मुंडा पर बहुत बड़ा इनाम रखा था | British हुकूमत ने उन्हें जेल में डाला, उन्हें इस कदर प्रताड़ित किया गया कि 25 साल से भी कम उम्र में वो हमें छोड़ गए | वो हमें छोड़कर गए, लेकिन केवल शरीर से |

   जनमानस में तो भगवान बिरसा मुंडा हमेशा-हमेशा के लिए रचे-बसे हुए हैं | लोगों के लिए उनका जीवन एक प्रेरणा शक्ति बना हुआ है | आज भी उनके साहस और वीरता से भरे लोकगीत और कहानियां भारत के मध्य इलाके में बेहद लोकप्रिय हैं | मैं ‘धरती आबा’ बिरसा मुंडा को नमन करता हूं और युवाओं से आग्रह करता हूं कि उनके बारे में और पढ़ें | भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हमारे आदिवासी समूह के विशिष्ट योगदान के बारे में आप जितना जानेंगे, उतनी ही गौरव की अनुभूति होगी |


      मेरे प्यारे देशवासियो, आज 24 अक्टूबर, को UN Day यानि ‘सयुंक्त राष्ट्र दिवस’ मनाया जाता है | ये वो दिन है जब सयुंक्त राष्ट्र का गठन हुआ था, सयुंक्त राष्ट्र की स्थापना के समय से ही भारत इससे जुड़ रहा है | क्या आप जानते हैं कि भारत ने आजादी से पहले 1945 में ही सयुंक्त राष्ट्र के Charter पर हस्ताक्षर किए थे | सयुंक्त राष्ट्र से जुड़ा एक अनोखा पहलू ये है कि सयुंक्त राष्ट्र का प्रभाव और उसकी शक्ति बढ़ाने में, भारत की नारी शक्ति ने, बड़ी भूमिका निभाई है | 1947-48 में जब UN Human Rights का Universal Declaration तैयार हो रहा था तो उस Declaration में लिखा जा रहा था “All Men are Created Equal”. लेकिन भारत के एक Delegate ने इस पर आपत्ति जताई और फिर Universal Declaration में लिखा गया - “All Human Beings are Created Equal”. ये बात Gender Equality की भारत की सदियों पुरानी परंपरा के अनुरूप थी | क्या आप जानते हैं कि श्रीमती हंसा मेहता वो Delegate थी जिनकी वजह से ये संभव हो पाया, उसी दौरान, एक अन्य Delegate श्रीमती लक्ष्मी मेनन ने Gender Equality के मुद्दे पर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी थी | यही नहीं, 1953 में श्रीमती विजया लक्ष्मी पंडित, UN General Assembly की पहली महिला President भी बनी थीं |

साथियो, हम उस भूमि को लोग हैं, जो ये विश्वास करते हैं, जो ये प्रार्थना करते हैं :


ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षॅं शान्ति:,

पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।

वनस्पतय: शान्तिर्विश्र्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:,

सर्वॅंशान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि।।

ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:।।


  भारत ने सदैव विश्व शांति के लिए काम किया है | हमें इस बात का गर्व है कि भारत 1950 के दशक से लगातार सयुंक्त राष्ट्र शांति मिशन का हिस्सा रहा है | गरीबी हटाने, Climate Change और श्रमिकों से संबंधित मुद्दों के समाधान में भी भारत अग्रणी भूमिका निभा रहे है | इसके अलावा योग और आयुष को लोकप्रिय बनाने के लिए भारत WHO यानि World Health Organisation के साथ मिलकर काम कर रहा है | मार्च, 2021 में WHO ने घोषणा की थी कि भारत में पारंपरिक चिकित्सा के लिए एक Global Centre स्थापित किया जाएगा |

  साथियो, सयुंक्त राष्ट्र के बारे में बात करते हुए आज मुझे अटल जी के शब्द भी याद आ रहे हैं | 1977 में उन्होंने सयुंक्त राष्ट्र को हिंदी में संबोधित कर इतिहास रच दिया था | आज मैं ‘मन की बात’ के श्रोताओं को, अटल जी के उस संबोधन का एक अंश सुनाना चाहता हूँ | सुनिए, अटल जी की ओजस्वी आवाज –


``यहां मैं राष्ट्रों की सत्ता और महत्ता के बारे में नहीं सोच रहा हूँ | आम आदमी की प्रतिष्ठा और प्रगति मेरे लिए कहीं अधिक महत्व रखती है | अंतत: हमारी सफलताएं और असफलताएं केवल एक ही मापदंड से नापी जानी चाहिए कि क्या हम पूरे मानव समाज, वस्तुत: हर नर-नारी और बालक के लिए न्याय और गरिमा की आश्वस्ति देने में प्रयत्नशील हैं ’’ |


   साथियों, अटल जी की ये बातें हमें आज भी दिशा दिखाती हैं | इस धरती को एक बेहतर और सुरक्षित Planet बनाने में भारत का योगदान, विश्व भर के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है |


  मेरे प्यारे देशवासियो, अभी कुछ दिन पहले ही 21 अक्टूबर, को हमने पुलिस स्मृति दिवस मनाया है | पुलिस के जिन साथियों ने देश सेवा में अपने प्राण न्योछावर किए हैं, इस दिन हम उन्हें विशेष तौर पर याद करते हैं | मैं आज अपने इन पुलिसकर्मियों के साथ ही उनके परिवारों को भी याद करना चाहूंगा | परिवार के सहयोग और त्याग के बिना पुलिस जैसी कठिन सेवा बहुत मुश्किल है | पुलिस सेवा से जुड़ी एक और बात है जो मैं ‘मन की बात’ के श्रोताओं को बताना चाहता हूं | पहले ये धारणा बन गई थी कि सेना और पुलिस जैसी सेवा केवल पुरुषों के लिए ही होती है | लेकिन आज ऐसा नहीं है | Bureau of Police Research and Development के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या Double हो गई है ,दोगुनी हो गई है | 2014 में जहां इनकी संख्या 1 लाख 5 हजार के करीब थी, वहीं 2020 तक इसमें दोगुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और ये संख्या अब 2 लाख 15 हजार तक पहुंच गई है | यहां तक कि Central Armed Police Forces में भी पिछले सात सालों में महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी हुई है | और मैं केवल संख्या की ही बात नहीं करता | आज देश की बेटियाँ कठिन से कठिन Duty भी पूरी ताकत और हौसले से कर रही हैं | उदाहरण के लिए, कई बेटियां अभी सबसे कठिन मानी जाने वाली Trainings में से एक Specialized Jungle Warfare Commandos की Training ले रही हैं | ये हमारी Cobra Battalion का हिस्सा बनेंगी |


    साथियो, आज हम Airports जाते हैं, Metro Stations जाते हैं या सरकारी दफ्तरों को देखते हैं, CISF की जांबाज महिलाएं हर संवेदनशील जगह की सुरक्षा करते दिखाई देती हैं | इसका सबसे सकरात्मक असर हमारे पुलिस बल के साथ-साथ समाज के मनोबल पर भी पड़ रहा है | महिला सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से लोगों में, विशेषकर महिलाओं में सहज ही एक विश्वास पैदा होता है | वे उनसे स्वाभाविक रूप से खुद को जुड़ा महसूस करती हैं | महिलाओं की संवेदनशीलता की वजह से भी लोग उन पर ज्यादा भरोसा करते हैं | हमारी ये महिला पुलिसकर्मी देश की लाखों और बेटियों के लिए भी Role Model बन रही हैं | मैं महिला पुलिसकर्मियों से अनुरोध करना चाहूंगा कि वे स्कूलों के खुलने के बाद अपने क्षेत्रों के स्कूलों में Visit करें, वहां बच्चियों से बात करें | मुझे विश्वास है कि इस बातचीत से हमारी नई पीढ़ी को एक नई दिशा मिलेगी | यही नहीं, इससे पुलिस पर जनता का विश्वास भी बढ़ेगा | मैं आशा करता हूं कि आगे और भी ज्यादा संख्या में महिलाएं पुलिस सेवा में शामिल होंगी, हमारे देश की New Age Policing को Lead करेंगी |


मेरे प्यारे देशवासियो, बीते कुछ वर्षों में हमारे देश में आधुनिक Technology का इस्तेमाल जिस तेजी से बढ़ रहा है, उस पर अक्सर मुझे ‘मन की बात’ के श्रोता, अपनी बातें लिखते रहते हैं | आज मैं ऐसे ही एक विषय की चर्चा आपसे करना चाहता हूँ, जो हमारे देश, विशेषकर हमारे युवाओं और छोटे-छोटे बच्चों तक की कल्पनाओं में छाया हुआ है | ये विषय है, Drone का, Drone Technology का | कुछ साल पहले तक जब कहीं Drone का नाम आता था तो लोगों के मन में पहला भाव क्या आता था ? सेना का, हथियारों का, युद्ध का | लेकिन आज हमारे यहाँ कोई शादी बारात या Function होता है तो हम Drone से photo और video बनाते हुए देखते हैं | Drone का दायरा, उसकी ताकत, सिर्फ इतनी ही नहीं है | भारत, दुनिया के उन पहले देशों में से है, जो Drone की मदद से अपने गाँव में जमीन के Digital Record तैयार कर रहा है | भारत Drone का इस्तेमाल, Transportation के लिए करने पर बहुत व्यापक तरीके से काम कर रहा है | चाहे गाँव में खेतीबाड़ी हो या घर पर सामान की Delivery हो | आपातकाल में मदद पहुंचानी हो या कानून व्यवस्था की निगरानी हो | बहुत समय नहीं है जब हम देखेंगे कि Drone हमारी इन सब जरूरतों के लिए तैनात होंगे | इनमें से ज़्यादातर की तो शुरुआत भी हो चुकी है | जैसे कुछ दिन पहले, गुजरात के भावनगर में Drone के जरिए खेतों में नैनो-यूरिया का छिड़काव किया गया | Covid Vaccine अभियान में भी Drones अपनी भूमिका निभा रहे हैं | इसकी एक तस्वीर हमें मणिपुर में देखने को मिली थी | जहां एक द्वीप पर Drone से Vaccine पहुंचाई गईं | तेलंगाना भी Drone से Vaccine Delivery के लिए Trials कर चुका है | यही नहीं, अब Infrastructure के कई बड़े Projects की निगरानी के लिए भी Drone का इस्तेमाल हो रहा है | मैंने एक ऐसे Young Student के बारे में भी पढ़ा है, जिसने अपने Drone की मदद से मछुआरों का जीवन बचाने का काम किया |


साथियों, पहले इस Sector में इतने नियम, कानून और प्रतिबंध लगाकर रखे गए थे कि Drone की असली क्षमता का इस्तेमाल भी संभव नहीं था | जिस Technology को अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए था, उसे संकट के तौर पर देखा गया | अगर आपको किसी भी काम के लिए Drone उड़ाना है तो License और Permission का इतना झंझट होता था कि लोग Drone के नाम से ही तौबा कर लेते थे | हमने तय किया कि इस Mindset को बदला जाए और नए Trends को अपनाया जाए | इसीलिए इस साल 25 अगस्त को देश एक नई Drone नीति लेकर आया | ये नीति Drone से जुड़ी वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं के हिसाब से बनाई गई है | इसमें अब न बहुत सारे Forms के चक्कर में पड़ना होगा, न ही पहले जितनी Fees देनी पड़ेगी | मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है कि नई Drone Policy आने के बाद कई Drone Start-ups में विदेशी और देसी निवेशकों ने निवेश किया है | कई कंपनियां Manufacturing Units भी लगा रही हैं | Army, Navy और Air Force ने भारतीय Drone कंपनियों को 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के Order भी दिए हैं | और ये तो अभी शुरुआत है | हमें यहीं नहीं रुकना है | हमें Drone Technology में अग्रणी देश बनना है | इसके लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है | मैं देश के युवाओं से भी कहूँगा कि आप Drone Policy के बाद बने अवसरों का लाभ उठाने के बारे में जरूर सोचें, आगे आएं |


  मेरे प्यारे देशवासियो, यू.पी. के मेरठ से ‘मन की बात’ की एक श्रोता श्रीमती प्रभा शुक्ला ने मुझे स्वच्छता से जुड़ा एक पत्र भेजा है | उन्होंने लिखा है कि – “भारत में त्योहारों पर हम सभी स्वच्छता को celebrate करते हैं | वैसे ही, अगर हम स्वच्छता को, हर दिन की आदत बना लें तो पूरा देश स्वच्छ हो जाएगा |” मुझे प्रभा जी की बात बहुत पसंद आई | वाकई, जहाँ सफाई है, वहाँ स्वास्थ्य है, जहाँ स्वास्थ्य है, वहाँ सामर्थ्य है और जहाँ सामर्थ्य है, वहाँ समृद्धि है | इसलिए तो देश स्वच्छ भारत अभियान पर इतना जोर दे रहा है |


 साथियो, मुझे राँची से सटे एक गाँव सपारोम नया सराय, वहाँ के बारे में जान कर बहुत अच्छा लगा | इस गाँव में एक तालाब हुआ करता था, लेकिन, लोग इस तालाब वाली जगह को खुले में शौच के लिए इस्तेमाल करने लगे थे | स्वच्छ भारत अभियान के तहत जब सबके घर में शौचालय बन गया तो गाँव वालों ने सोचा कि क्यों न गाँव को स्वच्छ करने के साथ-साथ सुंदर बनाया जाए | फिर क्या था, सबने मिलकर तालाब वाली जगह पर पार्क बना दिया | आज वो जगह लोगों के लिए, बच्चों के लिए, एक सार्वजनिक स्थान बन गई है | इससे पूरे गाँव के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है | मैं आपको छत्तीसगढ़ के देऊर गाँव की महिलाओं के बारे में भी बताना चाहता हूँ | यहाँ की महिलाएँ एक स्वयं सहायता समूह चलाती हैं और मिलजुल कर गाँव के चौक-चौराहों, सड़कों और मंदिरों की सफाई करती हैं |

  साथियो, यू.पी. के गाज़ियाबाद के रामवीर तंवर जी को लोग ‘Pond Man’ के नाम से जानते हैं | रामवीर जी तो mechanical engineering की पढ़ाई करने के बाद नौकरी कर रहे थे | लेकिन उनके मन में स्वच्छता की ऐसी अलख जागी कि वो नौकरी छोड़कर तालाबों की सफाई में जुट गए | रामवीर जी अब तक कितने ही तालाबों की सफाई करके उन्हें पुनर्जीवित कर चुके हैं |


  साथियो, स्वच्छता के प्रयास तभी पूरी तरह सफल होते हैं जब हर नागरिक स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझे | अभी दीपावली पर हम सब अपनी घर की साफ़ सफाई में तो जुटने ही वाले हैं | लेकिन इस दौरान हमें ध्यान रखना है कि हमारे घर के साथ हमारा आस-पड़ोस भी साफ़ रहे | ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम अपना घर तो साफ़ करें, लेकिन हमारे घर की गंदगी हमारे घर के बाहर, हमारी सड़कों पर पहुँच जाए | और हाँ मैं जब स्वच्छता की बात करता हूँ तब कृपा कर के Single Use Plastic से मुक्ति की बात हमें कभी भी भूलना नहीं है | तो आइये, हम संकल्प लें कि स्वच्छ भारत अभियान के उत्साह को कम नहीं होने देंगे | हम सब मिलकर अपने देश को पूरी तरह स्वच्छ बनाएँगे और स्वच्छ रखेंगे |


   मेरे प्यारे देशवासियो, अक्टूबर का पूरा महीना ही त्योहारों के रंगों में रंगा रहा है और अब से कुछ दिन बाद दिवाली तो आ ही रही है | दिवाली, उसके बाद फिर गोवर्धन पूजा फिर भाई-दूज, ये तीन त्योहार तो होंगे-ही-होंगे, इसी दौरान छठ पूजा भी होगी | नवम्बर में ही गुरुनानक देव जी की जयंती भी है | इतने त्योहार एक साथ होते हैं तो उनकी तैयारियाँ भी काफी पहले से शुरू हो जाती हैं | आप सब भी अभी से खरीदारी का plan करने लगे होंगे, लेकिन आपको याद है न, खरीदारी मतलब ‘VOCAL FOR LOCAL’ | आप local खरीदेंगे तो आपका त्योहार भी रोशन होगा और किसी गरीब भाई-बहन, किसी कारीगर, किसी बुनकर के घर में भी रोशनी आएगी | मुझे पूरा भरोसा है जो मुहिम हम सबने मिलकर शुरू की है, इस बार त्योहारों में और भी मजबूत होगी | आप अपने यहाँ के जो local products खरीदें, उनके बारे में social media पर share भी करें | अपने साथ के लोगों को भी बताएं | अगले महीने हम फिर मिलेंगे, और फिर ऐसे ही ढ़ेर सारे विषयों पर बात करेंगे |

आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद ! नमस्कार !

राजगढ़ सकल श्रीसंघ पहुंचा दिल्ली, मुनिश्री से की आयोजन में पधारने की विनती,4 करोड़ से जीर्णोद्धार हो रहे मंदिरजी का 8 मई को होना है प्रतिष्ठा महोत्सव....




  राजगढ़(धार)। करीब चार करोड़ रुपए की लागत बनकर तैयार हो रहे नगर के अतिप्राचिन जैन मंदिर श्री आदेश्वरजी मंदिर की प्रतिष्ठा महोत्सव 8 मई 2022 को होना है लेकिन इसकी तैयारियों का दौर अभी से आरंभ हो चुका है। प्रतिष्ठा महोत्सव को निश्रा प्रदान करने के लिए समाज के आचार्यों से लगातार विनती करने का सिलसिला भी जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को राजगढ़ श्रीसंघ का एक प्रतिनिधि मंडल दिल्ली स्थित मंडार श्रीसंघ आराधना भवन पहुंचा। यहां पर आचार्यश्री नवरत्न सागर सूरीश्वरजी के प्रिशिष्य आध्यात्मिक योगी गणीवर्य आदर्श रत्न सागर जी से मुलाकात कर उनसे आदेश्वरजी मंदिर की प्रतिष्ठा महोत्सव में पधारने की विनती की। यहां उपस्थित मुनिश्री अक्षतरत्न सागरजी से भी मुलाकात कर मंदिर निर्माण संबंधी जानकारी दी गई। मुनिश्री ने प्रतिनिधि मंडल को आष्वस्त किया कि जीर्णोद्धार संबंध में जहां कहीं भी हमारी आवश्यकता हो,हमें बताए। हम इसेक लिए सहर्ष तैयार है। आयोजन गरिमामय एवं भव्य स्वरूप में हो,ऐसा प्रयास करने के लिए भी श्रीसंघ को मार्गदर्शन दिया गया। इस पर मुनिश्री ने सहर्ष स्वीकृति प्रदान की। इस अवसर पर ऋषभदेव मोतीलाल ट्रस्ट अध्यक्ष मनोहर जैन कांग्रेसा, पूर्व अध्यक्ष दिनेश संघवी, ट्रस्टी वीरेंद्र जैन व सुशील जैन आदि उपस्थित थे। गौरतलब है कि गुरु नवरत्न के शिष्य एवं आचार्यश्री मृदुरत्न सागर सूरीश्वरजी चातुर्मास के लिए उदयपुर में विराजित हैं। उन्होंने भी श्रीसंघ के आग्रह पर समारोह में भाग लेने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

आचार्यश्री का सपना होगा साकार

  नगर के आदेश्वरजी मंदिर के जीर्णोद्धार का स्वप्न मालव भूषण तपशिरोमणी आचार्यश्री नवरत्न सागर सूरिश्वरजी ने देखा था। आचार्यश्री के पट्टधर युवाचार्य श्री विश्वरत्न सागरसुरीश्वरजी ने इसे पूरा करने का संकल्प लेकर दो वर्ष पूर्व मंदिर के जीर्णोद्धार के तहत पहली शीला पूजन कर शुरूआत करवाई थी। कोरोना के चलते निर्माण कार्य प्रभावित भी हुआ। हालांकि अब काम बेहद गति से चल रहा है। षिखर निर्माण का कार्य प्रारंभ हो चुका है।

मार्च तक ही कार्य पूर्ण होने की उम्मीद

 ट्रस्ट सचिव राजेश कमदार ने बताया कि उम्मीद है कि मंदिर निर्माण कार्य मार्च में ही पूर्ण हो जाएगा। मौजूदा समय में मंदिर के लिए दरवाजे, ध्वजदंड, कलश एवं फर्श की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि गुरुदेव नवरत्न सूरीजी के सभी शिष्य परिवार को इस अवसर पर आमंत्रित किया जाएगा। उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सकल श्रीसंघ का प्रतिनिधि मंडल उनके चातुर्मास स्थल जाकर समारोह में सहभागिता कर विनती कर रहा है।

AstraZeneca में,हमे गर्व है: प्रबंध निर्देशक श्री सिंह




 "हम भारत सरकार को भारत में एक अरब टीकाकरण पूरा करने और इतिहास में अपना उचित स्थान लेने की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि तक पहुंचने के लिए बधाई देते हैं।  

  COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में अनुसंधान-आधारित समाधानों को बढ़ावा देने, प्रमुख सहयोग करने और बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाने के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की दृष्टि सराहनीय है।  एस्ट्राजेनेका में, हमें गर्व है और हम मानव जाति के लिए सबसे वैज्ञानिक रूप से सटीक और व्यवहार्य समाधान विकसित करने में सहयोग करने के साथ-साथ नवाचार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।



 - श्री गगनदीप सिंह - प्रबंध निदेशक, एस्ट्राजेनेका इंडिया

कोरोना वैक्सीनेशन के आंकड़े 100 करोड़ पार करने पर PM मोदी बोले: इस उपलब्धि के पीछे 130 करोड़ देशवासियों की कर्तव्यशक्ति लगी है,इसलिए ये सफलता भारत की सफलता है, हर देशवासी की सफलता है.

 प्रधानमंत्री मोदी का नंबर प्रधानमंत्री मोदी का प्रधानमंत्री मोदी के समाचार प्रधानमंत्री मोदी का मोबाइल नंबर प्रधानमंत्री मोदी का भाषण प्रधानमंत्री मोदी का फोन नंबर प्रधानमंत्री मोदी योजना प्रधानमंत्री मोदी के समाचार सुनाओ प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका यात्रा प्रधानमंत्री मोदी अभी कहां पर है प्रधानमंत्री मोदी अभी कहां है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या प्रधानमंत्री मोदी 5 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल आज प्रधानमंत्री मोदी आज प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा आज प्रधानमंत्री मोदी के समाचार प्रधानमंत्री मोदी की आज की खबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज का भाषण प्रधानमंत्री मोदी की आज ताजी खबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज की खबर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री मोदी ने क्या घोषणा की प्रधानमंत्री मोदी ने क्या किया प्रधानमंत्री मोदी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईमेल आईडी देश के प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाइव प्रधानमंत्री मोदी लाइव पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी एज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एप प्रधानमंत्री मोदी का एड्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एड्रेस प्रधानमंत्री मोदी की प्रधानमंत्री मोदी ऐप प्रधानमंत्री मोदी का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐलान प्रधानमंत्री मोदी के प्रधानमंत्री मोदी के भाषण प्रधानमंत्री मोदी के नंबर प्रधानमंत्री मोदी के बारे में प्रधानमंत्री मोदी के आज के समाचार प्रधानमंत्री मोदी के ताजा समाचार प्रधानमंत्री मोदी के बारे में जानकारी प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिल्लू की कॉमेडी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिल्लू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री मोदी का समाचार प्रधानमंत्री मोदी का जन्म कब हुआ प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन कब है प्रधानमंत्री मोदी का पूरा नाम प्रधानमंत्री मोदी का जीवन परिचय 15 अगस्त प्रधानमंत्री मोदी का भाषण प्रधानमंत्री मोदी की उम्र कितनी है प्रधानमंत्री का मोदी प्रधानमंत्री की मोदी खबर भारत के प्रधानमंत्री मोदी भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी भारत का प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी के कल के समाचार प्रधानमंत्री मोदी खबर प्रधानमंत्री मोदी खबर आज की प्रधानमंत्री मोदी खबर आज की ताजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खबर प्रधानमंत्री मोदी की खबर सुनाओ प्रधानमंत्री मोदी की खबर सुनाइए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खबर सुनाइए प्रधानमंत्री मोदी की खबर प्रधानमंत्री मोदी गाना प्रधानमंत्री मोदी गीत प्रधानमंत्री मोदी का गाना प्रधानमंत्री मोदी के गीत प्रधानमंत्री मोदी के गाना प्रधानमंत्री मोदी का गुरु कौन है प्रधानमंत्री मोदी का गीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गीत प्रधानमंत्री मोदी का घर प्रधानमंत्री मोदी का घर कहां है प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी की घरवाली प्रधानमंत्री मोदी के घर प्रधानमंत्री मोदी की घरवाली का नाम प्रधानमंत्री मोदी का घर दिखाएं प्रधानमंत्री मोदी का घर बताओ प्रधानमंत्री मोदी के चुटकुले प्रधानमंत्री मोदी का चुटकुला प्रधानमंत्री मोदी का नंबर चाहिए प्रधानमंत्री मोदी के समाचार चाहिए प्रधानमंत्री मोदी का नंबर चाहिए हमको प्रधानमंत्री मोदी का समाचार चाहिए प्रधानमंत्री मोदी का जीवन चरित्र प्रधानमंत्री मोदी जी का नंबर चाहिए प्रधानमंत्री मोदी जी का मोबाइल नंबर प्रधानमंत्री मोदी जी का जन्मदिन प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रधानमंत्री मोदी जी का मोबाइल नंबर चाहिए प्रधानमंत्री मोदी जी का समाचार प्रधानमंत्री मोदी जी का बर्थडे कब है प्रधानमंत्री मोदी जी के भाषण प्रधानमंत्री मोदी ट्वीट प्रधानमंत्री मोदी का टोल फ्री नंबर प्रधानमंत्री मोदी का टेलीफोन नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्विटर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का टेलीफोन नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाइव टेलीकास्ट मोदी के पहले प्रधानमंत्री कौन थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फोटो डाउनलोड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिटेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डायलॉग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डायलॉग प्रधानमंत्री मोदी का धर्मपुत्र धानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री pradhanmantri modi ne pradhan mantri modi na samachar pradhanmantri modi ne kya kaha pradhanmantri modi ne aaj kya bola प्रधानमंत्री मोदी ताजा समाचार प्रधानमंत्री मोदी की ताजा खबर प्रधानमंत्री मोदी की ताजा खबरें प्रधानमंत्री मोदी की ताजा न्यूज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताजा न्यूज़ प्रधानमंत्री मोदी के ताजा खबर प्रधानमंत्री मोदी की ताजी समाचार प्रधानमंत्री मोदी की ताजा खबर सुनाइए मोदी प्रधानमंत्री कब बना था प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी जी का धर्मपुत्र प्रधानमंत्री मोदी न्यूज़ प्रधानमंत्री मोदी नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्सनल मोबाइल नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नंबर चाहिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मोबाइल नंबर चाहिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समाचार प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो प्रधानमंत्री ने मोदी के समाचार प्रधानमंत्री मोदी पर कविता प्रधानमंत्री पीएम मोदी का मोबाइल नंबर प्रधानमंत्री पीएम मोदी का नंबर प्रधानमंत्री पीएम मोदी का नंबर चाहिए प्रधानमंत्री पीएम मोदी का फोन नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निबंध प्रधानमंत्री मोदी कितने पढ़े लिखे हैं प्रधानमंत्री मोदी फोटो प्रधानमंत्री मोदी फोन नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फोन नंबर प्रधानमंत्री मोदी का फोटो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फोटो प्रधानमंत्री मोदी का फोन नंबर क्या है प्रधानमंत्री मोदी के फोटो प्रधानमंत्री मोदी बताओ प्रधानमंत्री मोदी बताइए प्रधानमंत्री मोदी बताएं प्रधानमंत्री मोदी से बात कराओ प्रधानमंत्री मोदी से बात करना है प्रधानमंत्री मोदी से बात करनी है प्रधानमंत्री मोदी के बारे में बताओ प्रधानमंत्री मोदी भाषण प्रधानमंत्री मोदी कितने भाई हैं प्रधानमंत्री मोदी के भजन प्रधानमंत्री मोदी की भाषा प्रधानमंत्री मोदी मन की बात प्रधानमंत्री मोदी मोबाइल नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोबाइल नंबर प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य समाचार प्रधानमंत्री मोदी का मोबाइल नंबर क्या है प्रधानमंत्री मोदी की मां प्रधानमंत्री मोदी का मकान प्रधानमंत्री मोदी योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योगी प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षिक योग्यता प्रधानमंत्री मोदी कहां रहते हैं प्रधानमंत्री मोदी की रागनी प्रधानमंत्री मोदी की रैली प्रधानमंत्री मोदी क्या कर रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी क्या कर रहा है प्रधानमंत्री मोदी क्या कह रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहां रहते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहां रहता है प्रधानमंत्री मोदी लखनऊ प्रधानमंत्री मोदी लाइव प्रधानमंत्री मोदी लाइव न्यूज़ प्रधानमंत्री मोदी लोन प्रधानमंत्री मोदी का लाइव प्रधानमंत्री मोदी का लाइव प्रसारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाइव समाचार प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी प्रधानमंत्री मोदी वाला प्रधानमंत्री मोदी वीडियो प्रधानमंत्री मोदी वाला गाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकिपीडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो प्रधानमंत्री मोदी के विचार प्रधानमंत्री मोदी की वाइफ प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिकायत नंबर प्रधानमंत्री मोदी की शिक्षा प्रधानमंत्री मोदी की शादी हुई है प्रधानमंत्री मोदी की शादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का नंबर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समाचार प्रधानमंत्री मोदी सरकार प्रधानमंत्री मोदी समाचार प्रधानमंत्री मोदी से कैसे संपर्क करें प्रधानमंत्री मोदी साहब प्रधानमंत्री मोदी सरकार का मोबाइल नंबर दिल्ली से प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी हेल्पलाइन नंबर प्रधानमंत्री मोदी कहां है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेल्पलाइन प्रधानमंत्री मोदी का हेल्पलाइन नंबर चाहिए प्रधानमंत्री मोदी के हेल्पलाइन नंबर प्रधानमंत्री मोदी कौन है प्रधानमंत्री मोदी जी का हेल्पलाइन नंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2020 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2000 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2020 की प्रधानमंत्री मोदी समाचार 2000 प्रधानमंत्री मोदी का समाचार 2020 का प्रधानमंत्री मोदी के समाचार 2020 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2020 का प्रधानमंत्री मोदी जी का समाचार 2020

 राष्ट्रीय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सुबह 10 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन  दिया। उन्होंने ने इस दौरान कोरोना वैक्सीनेशन के आंकड़े 100 करोड़ पार करने पर देशवासियों को बधाई देते दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा राष्ट्र के नाम संबोधन में जानिए नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों ! आज मैं अपनी बात की शुरुआत एक वेद वाक्य के साथ करना चाहता हूँ।

कृतम् मे दक्षिणे हस्ते,जयो मे सव्य आहितः।


  इस बात को भारत के संदर्भ में देखें तो बहुत सीधा- साधा अर्थयही है कि हमारे देशने एक तरफ कर्तव्य का पालन किया तो दूसरी तरफ उसे बड़ी सफलता भी मिली। कल 21 अक्टूबर को भारत ने 1 बिलियन, 100 करोड़ वैक्सीन डोज़ का कठिन लेकिन असाधारण लक्ष्य प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के पीछे 130 करोड़ देशवासियों की कर्तव्यशक्ति लगी है, इसलिए ये सफलता भारत की सफलता है, हर देशवासी की सफलता है। मैं इसके लिए सभी देशवासियों को हृदय से बधाई देता हूँ।


साथियों, 100 करोड़ वैक्सीन डोज, ये केवल एक आंकड़ा नहीं है। ये देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब है, इतिहास के नए अध्याय की रचना है। ये उस नए भारत की तस्वीर है जो कठिन लक्ष्य निर्धारित कर, उन्हें हासिल करना जानता है। ये उस नए भारत की तस्वीर है जो अपने संकल्पों की सिद्धि के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करता है।


 साथियों,आज कई लोग भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम की तुलना दुनिया के दूसरे देशों से कर रहे हैं। भारत ने जिस तेजी से 100 करोड़ का, वन बिलियन का आंकड़ा पार कियाहै , उसकी सराहना भी हो रही है। लेकिन, इस विश्लेषण में एक बात अक्सर छूट जाती है कि हमने ये शुरुआत कहाँ से की है! दुनिया के दूसरे बड़े देशों के लिए वैक्सीन पर रिसर्च करना, वैक्सीन खोजना, इसमें दशकों से उनकी महारथ, expertise थी। भारत, अधिकतर इन देशों की बनाई वैक्सीन्स पर ही निर्भर रहता था।हम बाहर से मंगवाते थे, इसी वजह से जब 100 साल की सबसे बड़ी महामारी आई, तो भारत पर सवाल उठने लगे। क्या भारत इस वैश्विक महामारी से लड़ पाएगा? भारत दूसरे देशों से इतनी वैक्सीन खरीदने का पैसा कहां से लाएगा? भारत को वैक्सीन कब मिलेगी? भारत के लोगों को वैक्सीन मिलेगी भी या नहीं? क्या भारत इतने लोगों को टीका लगा पाएगा, कि महामारी को फैलने से रोक सके? भांति-भांति के सवाल थे, लेकिन आज ये 100 करोड़ वैक्सीन डोज, हर सवाल का जवाब दे रहा है। भारत ने अपने नागरिकों को 100 करोड़ वैक्सीन डोज लगाई हैं, और वो भी मुफ्त।बिना पैसे लिए।


 साथियों,100 करोड़ वैक्सीन डोज का एक प्रभाव ये भी होगा कि दुनिया अब भारत को कोरोना से ज्यादा सुरक्षित मानेगी । एक फार्मा हब के रूप में भारत को दुनिया में जो स्वीकृति मिली हुई है, उसे और मजबूती मिलेगी। पूरा विश्व आज भारत की इस ताकत को देख रहा है, महसूस कर रहा है।


 साथियों,भारत का वैक्सीनेशन अभियान 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास' का सबसे जीवंत उदाहरण है। कोरोना महामारी की शुरुआत में ये भी आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं कि भारत जैसे लोकतंत्र में इस महामारी से लड़ना बहुत मुश्किल होगा। भारत के लिए, भारत के लोगों के लिए ये भी कहा जा रहा था कि इतना संयम, इतना अनुशासन यहाँ कैसे चलेगा? लेकिन हमारे लिए लोकतन्त्र का मतलब है- 'सबका साथ' । सबको साथ लेकर देश ने 'सबको वैक्सीन', 'मुफ़्त वैक्सीन' का अभियान शुरू किया। गरीब-अमीर, गाँव-शहर, दूर-सुदूर, देश का एक ही मंत्र रहा कि- अगर बीमारी भेदभाव नहीं करती, तो वैक्सीन में भी भेदभाव नहीं हो सकता ! इसलिए, ये सुनिश्चित किया गया कि वैक्सीनेशन अभियान पर VIP कल्चर हावी न हो। कोई कितने ही बड़े पद पर क्यों ना रहा हो, कितना ही धनी क्यों ना रहा हो, उसे वैक्सीन सामान्य नागरिकों की तरह ही मिलेगी।


 साथियों, हमारे देश के लिए ये भी कहा जा रहा था कि यहाँ ज़्यादातर लोग टीका लगवाने ही नहीं आएंगे। दुनिया के कई बड़े विकसित देशों में आज भी वैक्सीन हेजिटेंसी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। लेकिन भारत के लोगों ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज लेकर ऐसे लोगों को निरुत्तर कर दिया है।


 साथियों,किसी अभियान में जब 'सबका प्रयास' जुड़ जाता है, तो परिणाम अद्भुत ही होते हैं। हमने महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई में जनभागीदारी को अपनी पहली ताकत बनाया, फ़र्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस बनाया। देश ने अपनी एकजुटता को ऊर्जा देने के लिए ताली, थाली बजाई, दिये जलाए। तब कुछ लोगों ने कहा था कि क्या इससे बीमारी भाग जाएगी? लेकिन हम सभी को उसमें देश की एकता दिखी, सामूहिक शक्ति का जागरण दिखा। इसी ताकत ने कोविड वैक्सीनेशन में आज देश को इतने कम समय में 100 करोड़ तक पहुंचाया है। कितनी ही बार हमारे देश ने एक दिन में एक करोड़ टीकाकरण का आंकड़ा पार किया है। ये बहुत बड़ा सामर्थ्य है, प्रबंध कौशल है, टेक्नोलॉजी का बेहतरीन इस्तेमाल है, जो आज बड़े-बड़े देशों के पास नहीं है।


 साथियों,भारत का पूरा वैक्सीनेशन प्रोग्राम विज्ञान की कोख में जन्मा है, वैज्ञानिक आधारों पर पनपा है, और वैज्ञानिक तरीकों से चारों दिशाओं में पहुंचा है। हम सभी के लिए गर्व करने की बात है कि भारत का पूरा वैक्सीनेशन प्रोग्राम, Science Born, Science Driven और Science Based रहा है। वैक्सीन बनने से पहले और वैक्सीन लगने तक, इस पूरे अभियान में हर जगह साइन्स और साईंटिफ़िक अप्रोच शामिल रही है। हमारे सामने चुनौती मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर भी थी, प्रॉडक्शन को स्केलअप करने की भी थी। इतना बड़ा देश, इतनी बड़ी आबादी! उसके बाद अलग- अलग राज्यों में, दूर-दराज इलाकों में समय से वैक्सीन पहुंचाना! ये भी किसी भागीरथ कार्य से कम नहीं था। लेकिन, वैज्ञानिक तौर तरीकों और नए नए इनोवेशन से देश ने इन चुनौतियों के समाधान तलाशे। असाधारण स्पीड से संसाधनों को बढ़ाया गया। किस राज्य को कितनी वैक्सीन कब मिलनी चाहिए, किस इलाके में कितनी वैक्सीन पहुंचनी चाहिए, इसके लिए भी वैज्ञानिक फॉर्मूले के तहत काम हुआ। हमारे देश ने कोविन प्लेटफ़ार्म की जो व्यवस्था बनाई है, वो भी विश्व में आकर्षण का केंद्र है। भारत में बने कोविन प्लेटफ़ॉर्म ने, न केवल आम लोगों को सहूलियत दी, बल्कि हमारे मेडिकल स्टाफ के काम को भी आसान बनाया।


 साथियों,आज चारों तरफ एक विश्वास है, उत्साह है, उमंग है। समाज से लेकर इकोनॉमी, हम हर तबके पर देखे optimism, optimism, optimism ही नज़र आता है। एक्सपर्ट्स और देश-विदेश की अनेक एजेंसीज भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बहुत सकारात्मक हैं। आज भारतीय कंपनियों में ना सिर्फ रिकॉर्ड इंवेस्टमेंट आ रहा है बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं। स्टार्ट-अप्स में रिकॉर्ड इन्वेस्टमेंट के साथ ही रिकॉर्ड स्टार्ट-अप्स, यूनिकॉर्न बन रहे हैं। हाउसिंग सेक्टर में भी नई ऊर्जा दिख रही है। पिछले महीनों में किए गए कई सारे रीफॉर्म्स- कई सारे इनिशिएटिव, गति शक्ति से लेकर नई ड्रोन पॉलिसी तक भारत की अर्थव्यवस्था को और तेजी से आगे बढ़Iने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। कोरोना काल में कृषि क्षेत्र ने हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती से संभाले रखा। आज रिकॉर्ड लेवल पर अनाज की सरकारी खरीद हो रही है, किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसा जा रहा है। वैक्सीन के बढ़ते हुए कवरेज के साथ-साथ आर्थिक-सामाजिक गतिविधियां हों, खेल जगत हो, टूरिज्म हो, इंटरटेमेंट हो, सब तरफ सकारात्मक गतिविधियां तेज हो रही हैं। आने वाले त्योहारों का मौसम इसे और गति देगा, औरशक्ति देगा।


 साथियों,एक जमाना था जब Made in ये country, made in वो country का बहुत क्रेज हुआ करता था। लेकिन आज हर देशवासी ये साक्षात अनुभव कर रहा है कि Made in India की ताकत बहुत बड़ी है। और इसलिए, आज मैं आपसे फिर ये कहूंगा कि हमें हर छोटी से छोटी चीज, जो Made in India हो, जिसे बनाने में किसी भारतवासी का पसीना बहा हो, उसे खरीदने पर जोर देना चाहिए। और ये सबके प्रयास से ही संभव होगा। जैसे स्वच्छ भारत अभियान, एक जन-आंदोलन है, वैसे ही भारत में बनी चीज खरीदना, भारतीयों द्वारा बनाई चीज खरीदना, Vocal for Local होना, ये हमें व्यवहार में लाना ही होगा। और मुझे विश्वास है, सबके प्रयास से हम ये भी करके रहेंगे। आप याद करिए, पिछली दीवाली, हर किसी के मन-मस्तिष्क में एक तनाव था। लेकिन इस दीवाली, 100 करोड़ वैक्सीन डोज के कारण, एक विश्वास का भाव है। अगर मेरे देश की वैक्सीन मुझे सुरक्षा दे सकती है तो मेरे देश का उत्पादन, मेरे देश में बने सामान, मेरी दीवाली और भी भव्य बना सकते हैं। दीवाली के दौरान बिक्री एक तरफ और बाकी साल की बिक्री एक तरफ होती है।हमारे यहाँ दीवाली के समय त्योहारों के समय ब्रिकी एकदम बढ़ जाती है। 100 करोड़ वैक्सीन डोज, हमारे छोटे-छोटे दुकानदारों, हमारे छोटे-छोटे उद्यमियों, हमारे रेहड़ी-पटरी वाले भाइयों-बहनों, सभी के लिए आशा की किरण बनकर आई है।


  साथियों,आज हमारे सामने अमृत महोत्सव के संकल्प हैं, तो ऐसे में हमारी ये सफलता हमें एक नया आत्मविश्वास दिलाती है। हम आज कह सकते हैं कि देश बड़े लक्ष्य तय करना और उन्हें हासिल करनाबखूबीजानता है। लेकिन, इसके लिए हमें सतत सावधान रहने की जरूरत है। हमें लापरवाह नहीं होना है। कवच कितना ही उत्तम हो, कवच कितना ही आधुनिक हो, कवच से सुरक्षा की पूरी गारंटी हो, तो भी जब तक युद्ध चल रहा है, हथियार नहीं डाले जाते। मेरा आग्रह है, कि हमें अपने त्योहारों को पूरी सतर्कता के साथ ही मनाना है।और जहां तक मास्क का सवाल है, कभी- कभी ज़रा लेकिन अब तो डिजाइन की दुनिया भी मास्क में प्रवेश कर चुकी है मेरा इतना ही कहना है जैसे हमें जूते पहनकर ही बाहर जाने की आदत लग गई है, बस वैसे ही मास्क को भी एक सहज स्वभाव बनाना ही होगा।जिनको अभी तक वैक्सीन नहीं लगी है, वो इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें। जिन्हें वैक्सीन लग गई है, वो दूसरों को प्रेरित करें। मुझे पूरा भरोसा है कि हम सब मिलकर प्रयास करेंगे, तो कोरोना को और जल्द हरा पाएंगे। आप सभी को आने वाले त्योहारों की एक बार फिर बहुत-बहुत शुभकामनायें। बहुत- बहुत धन्यवाद !


 

Pallavi Singh : मेहनत करो हार मत मानो

 


 मनोरंजन। आज हम बात करेंगे पल्लवी सिंह (Pallavi Singh) बॉलीवुड अभिनेत्री की जो लखनऊ से है या फिल्हाल काम के लिए मुंबई में रहती है ..उनका सफर 3 साल पहले शुरू हुआ था और इन 3 सालो में उन्होने काफी कार्य किया है । जैसे की उन्होने एमएक्स प्लेयर पर दबंगई शॉर्ट फिल्म की है जिसमे काफी बड़े बड़े स्टार है जैसे की आजाज खान, केके गोस्वामी ..और उन एक भूत हिट एल्बम सॉन्ग किया है जिसको देव नेगी जी बे गया है और असलम की हमारे। ये गाना जी म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुआ है.. सॉन्ग का नाम है एटीट्यूड अमेरिकन.. और बात करे अगर पल्लवी सिंह की तो अनहोन कफी सीरियल लिए हैं जैसे डीडी किसान पर एनएआई सोच, सावधान इंडिया, जुर्म जज्बात, सिद्धिविनायक, और सारे डिजिटल विज्ञापन और टीवीसी जैसे की सरिडों टीवीसी, बैंक ऑफ बड़ौदा डिजिटल विज्ञापन और भी कुछ कुछ .. आने वाले समय में उनके कफी फिल्में आने वाली है और सुनाने में आया है की वो हॉटस्टार और एमएक्स प्लेयर जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली है .

एमएमटीसी-पीएएमपी ने इस त्‍यौहारी सीजन में भारत की समृद्ध विरासत से प्रेरित 999.9 शुद्धतम सोने और चांदी के उत्पाद लॉन्च किये



  • भारत में पहली बार, एमएमटीसी-पीएएमपी के प्रसिद्ध लोटस मोटिफ के साथ 24 कैरट, 999.9 शुद्धतम सोना 1 औंस (31.1 ग्राम) खरीदें
  • हमारी आध्‍यात्मिक सीरीज में 999.9 शुद्धतम चांदी में विशिष्‍ट शंख के आकार में लक्ष्‍मी और गणेश के कॉइन्‍स का 50 ग्राम का पैक जिसमें दोनों कॉइन्‍स 25-25 ग्राम के हैं
  • एमएमटीसी-पीएएमपी के चांदी और सोने के सभी उत्‍पाद 999.9 शुद्धता मानक के साथ आते हैं

 मुम्बई: त्‍यौहारी सीजन की शुरुआत के साथ, एमएमटीसी-पीएएमपी, जो भारत का एकमात्र लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (एलबीएमए) गुड डिलिवरी गोल्‍ड एवं सिल्‍वर रिफाइनरी है, ने एकसमान रूप से निवेश और उपहार के लिए व्‍यापक तरीके से तैयार किये गये अपनी विस्तृत रेंज में नये डिजाइन्‍स लॉन्‍च किया है।

 
  लॉन्‍च के बारे में बताते हुए, एमएमटीसी-पीएएमपी के प्रबंध निदेशक और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, श्री विकास सिंह ने कहा, '' दिवाली सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में निवेश का पर्याय है। इस त्योहारी सीजन में, हमने विशिष्ट नए उत्पाद तैयार किए हैं जो शुभ उपहारों के साथ-साथ सभी के लिए उत्कृष्ट निवेश विकल्प के रूप में काम कर सकते हैं। कीमती धातुओं में अग्रणी विश्वसनीय ब्रांड के रूप में, हमारे उत्पाद अपनी बेजोड़ शुद्धता के लिए जाने जाते हैं और नवीनतम स्विस तकनीक का उपयोग करके उच्चतम मानकों के लिए तैयार किए जाते हैं। अब हमें 24 कैरट, 999.9 एक औंस (31.1 ग्राम) लोटस गोल्ड बार, और लक्ष्मी और गणेश की विशेषता वाले अद्वितीय चांदी के शंख के आकार के सिक्के पेश करने की खुशी है।''

 
  प्रत्येक 25 ग्राम वजनी, शंख सिक्कों की जोड़ी 999.9 शुद्धतम चांदी पर उकेरी गई, प्रतीकात्मक रूप से समृद्ध, सटीक-ढलाई हुई है, और इसमें लक्ष्मी और गणेश के बारीक नक़्क़ाशीदार रंगीन चित्रण हैं। लक्ष्मी और गणेश मिलकर समृद्धि और शुभता का प्रतीक हैं। यह डिज़ाइन आपके कार्यालय या घर के मंदिर में सिक्कों को प्रदर्शित करने के लिए कस्टम मेड कैप्सूल के भीतर एक विशेष उत्सव पैकेजिंग में उपलब्ध है।

 
 1 औंस (31.1 ग्राम) सोने के लोटस बार में एमएमटीसी-पीएएमपी का विशिष्ट लोटस मोटिफ है जो असाधारण रूप से 24 कैरट, 999.9 शुद्ध सोने पर ढाला गया है और निवेश के लिए एक आदर्श विकल्प है।

  एमएमटीसी-पीएएमपी द्वारा बनाया गया प्रत्येक सोने का सिक्का धातु की 999.9 + शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कठोर शुद्धिकरण प्रक्रिया से गुजरता है। उत्पादों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक एमएमटीसी-पीएएमपी उत्पाद में एक अद्वितीय संख्या होती है और एक एसेयर प्रमाणित प्रमाण पत्र में पैक किया जाता है। एमएमटीसी-पीएएमपी से खरीदा गया प्रत्येक सोना और चांदी उत्पाद पॉजिटिव वेट टोलरेंस प्रदान करता है, जो गारंटी देता है कि आपके द्वारा खरीदा गया प्रत्येक सिक्का या बार सूचीबद्ध वजन से अधिक वजन का है, यह सुनिश्चित करता है कि ग्राहकों को उनके निवेश के लिए उच्चतम मूल्य मिले।

  दोनों नए लॉन्च किए गए उत्पाद भी एमएमटीसी-पीएएमपी की प्रामाणिकता की मुहर के साथ आते हैं और दुनिया में उपलब्ध उच्चतम शुद्धता और बेहतरीन स्विस शिल्प कौशल के वादे को पूरा करते हैं। चांदी और सोने की नई पेशकशें इस त्योहारी सीजन के दौरान देश में विविध सांस्कृतिक समारोहों का प्रतीक हैं, और शुद्धतम सोने और चांदी पर उकेरी गई भारतीय संस्कृति की कहानी बताने वाले एमएमटीसी-पीएएमपी के मजबूत झुकाव को प्रदर्शित करती हैं।

इस त्योहारी सीजन में शुद्ध सोने और चांदी के तरह-तरह के उत्पाद उपलब्‍ध हैं, नीचे विवरण देखें:

सोना

उत्पाद

वर्ग

कीमत

स्‍वर्ण कमल (गोल्ड लोटस)

31.10ग्राम (नया रिलीज), 5 ग्राम, 10 ग्राम, 20 ग्राम, 50 ग्राम

अनुरोध पर

तोला

तोला

अनुरोध पर

लक्ष्‍मी

1 ग्राम, 2 ग्राम, 5 ग्राम, 8 ग्राम

अनुरोध पर

लक्ष्‍मी और गणेश

10 ग्राम

अनुरोध पर

चांदी

शंख

25 ग्राम +25 ग्राम

अनुरोध पर

सुख समृद्धि

50 ग्राम, 100 ग्राम

अनुरोध पर

स्‍टाइलयुक्‍त लक्ष्‍मी गणेश

50 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम

अनुरोध पर

तोला चांदी

तोला, 5 तोला, 10 तोला

अनुरोध पर

बरगद का पेड़

10 ग्राम, 20 ग्राम, 50 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम

अनुरोध पर

लक्ष्‍मी और गणेश नॉन कॅलर राउंड

10 ग्राम, 20 ग्राम, 50 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम

अनुरोध पर



 एमएमटीसी पीएएमपी के बारे में: 
    
  स्विट्जरलैंड स्थित बुलियन ब्रांड, पीएएमपी एसए और एमएमटीसी लिमिटेड, भारत सरकार के उपक्रम, एमएमटीसी-पीएएमपी के बीच एक संयुक्त उद्यम भारतीय अंतर्दृष्टि के साथ स्विस उत्कृष्टता से निर्बाध रूप से शादी करता है। एमएमटीसी-पीएएमपी इंडिया प्रा. लिमिटेड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कीमती धातु उद्योग में उत्कृष्टता के वैश्विक मानकों को लाने के लिए एक उद्योग नेता के रूप में मान्यता प्राप्त है। हमें अपनी स्थापना के बाद से स्थानीय और वैश्विक उद्योग निकायों से पारदर्शिता और स्थिरता के लिए कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिन्हें हम भारतीय बाजार में कीमती धातुओं की सोर्सिंग, रिफाइनिंग और आपूर्ति में सख्ती से कायम रखते हैं। MMTC-PAMP भारत में एकमात्र LBMA-मान्यता प्राप्त गोल्ड और सिल्वर रिफाइनरी है और इसे वैश्विक कमोडिटी एक्सचेंजों और केंद्रीय बैंकों में स्वीकार किया जाता है।

ROUNAK KAYAL ने 10,111,000 SECONDS में 103 MACRO PICS क्लिक करके 4 महीने के भीतर 'UNIQUE 4 MACRO WORLD RECORD' बनाया




 पश्चिम बंगाल की रौनक कयाल ने प्रॉस्यूमर 55 एमएम (ब्रांड: इंडियन मैक्रो लेंस) मोबाइल के लिए जो 'मोबाइल यूनीक 4 मैक्रो रिकॉर्ड' बनाता है और एक से अधिक विश्व रिकॉर्ड बनाता है।



रौनक कयाली के बारे में


 रौनक कयाल एक मैक्रो फोटोग्राफर हैं जिन्हें 'द किंग ऑफ मैक्रो' के नाम से जाना जाता है, वे इंकज़ोइड फाउंडेशन के ग्राफिक्स हेड भी हैं, जिन्होंने अभी-अभी कक्षा 12 पास की है, जो फार्मेसी में अपना करियर बनाएंगे।

 वह १०,१११,००० सेकंड (१ + १ + १ + १ = ४) में १०३ मैक्रो पिक्स (१ + ३ = ४) क्लिक करने का विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए विश्व रिकॉर्ड धारक हैं, जो लगभग ४ महीने की समयावधि के भीतर प्रोसुमेर ५५ मिमी ( ब्रांड:इंडियन मैक्रो लेंस) मोबाइल के लिए जो 'मोबाइल यूनीक 4 मैक्रो रिकॉर्ड' बनाता है और एक से अधिक विश्व रिकॉर्ड बनाता है और उसका रिकॉर्ड INKZOID और ग्लोरियस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।


 उन्होंने 'द वर्ल्ड ऑफ मैक्रो' नामक एक पुस्तक भी संकलित की, जिसमें सभी 103 चित्रों को शामिल किया गया था, जिन्हें उनके विश्व रिकॉर्ड में माना गया था।



 वह "कीर्ति-द शाइनिंग स्टार" पुस्तक के संकलनकर्ताओं में से एक हैं और यह उनकी पहली पुस्तक थी जिसे उन्होंने अपने सह-संकलक (सुश्री सान्या टिकरिया) के साथ संकलित किया था।


 उन्होंने अब तक 6 एंथोलॉजी में हिस्सा लिया है। एक अजीब तथ्य यह है कि वह एक समर्थक या सुसंगत लेखक नहीं है, बल्कि जुनून से एक फोटोग्राफर है जो हर तत्व को सकारात्मक और अच्छे तरीके से देखना पसंद करता है।

 वह उन पलों को क्लिक करता है जो उसे सबसे अच्छा लगता है। वह इसे अपने जीवन भर के शौक के रूप में जारी रखना चाहते हैं। उनके कुछ क्लिक कई इंस्टाग्राम पेजों में दिखाए गए हैं।

 वह मैक्रो फोटोग्राफी को अपनी सर्वश्रेष्ठ शैली के रूप में पसंद करता है, क्योंकि यह कुछ भी स्पष्ट रूप से मिनटों का विवरण दिखाता है जो स्पष्ट रूप से नग्न आंखों में नहीं देखा जा सकता है, खासकर कीड़े और मकड़ियों (एक प्रकार का एंटोमोफाइल)। ग्राफिक डिजाइनिंग में भी उनकी गहरी रुचि है, जिसके लिए वे कई लेखन समुदायों में ग्राफिक्स डिजाइनर रहे हैं।


फोटोग्राफी के लिए उनके पसंदीदा स्व-निर्मित उद्धरणों में से एक है -


"आपको जो पसंद है, उसे क्लिक करें, चाहे फूल हो या गोबर, पक्षी या सांप, जिस तरह से आप दर्शकों के सामने उसका प्रतिनिधित्व करते हैं, वह एक जबड़ा छोड़ने वाला होना चाहिए!"।