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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से की भेंट




 



किसानों को बनायेंगे आत्मनिर्भर - मुख्यमंत्री डॉ यादव

2 मार्च को कृषि कैबिनेट में देंगे किसानों को होली की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में मीडिया से चर्चा में प्रदेश की विकास गतिविधियों की दी जानकारी


  नई दिल्ली/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर भोपाल में यूनियन कार्बाइड की भूमि पर गैस काण्ड स्मारक निर्माण के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया।इस अवसर पर उज्जैन में विक्रमोत्सव के भव्य आयोजन की जानकारी दी और नक्सल मुक्त होने के बाद बालाघाट में आयोजित बैगा महोत्सव में सादर आमंत्रित किया।


प्रदेश के सभी किसानों की बेहतरी के लिए हम कई प्रकार के नवाचार कर रहे हैं 

  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी किसानों की बेहतरी के लिए हम कई प्रकार के नवाचार कर रहे हैं। हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के 17 अलग-अलग विभागों पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, कृषि, उद्योग को साथ लेकर किसानों की समृद्धि के लिए बाग से लेकर बाजार तक विस्तृत योजना तैयार की गई है। राज्य में पहली बार कृषि कैबिनेट जनजातीय अंचल बड़वानी में 2 मार्च को आयोजित की जा रही है। इसमें हम किसानों को होली की सौगात देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित इस वर्ष में हम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाले सभी कार्यों और नवाचारों को प्रोत्साहन देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में नेशनल मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।

शासकों में सर्वोच्च स्थान रखने वाले सम्राट विक्रमादित्य

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विश्व के श्रेष्ठ शासकों में सर्वोच्च स्थान रखने वाले सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित कई आयोजन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन संबंध में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से भेंटकर उन्हे भी अवगत कराया है।


राज्य सरकार ने बीते साल यूनियन कार्बाइड कारखाने में जमा कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन कराया

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में 40 साल पहले भीषण गैस त्रासदी हुई थी। जिसमें 25 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई। राज्य सरकार ने बीते साल यूनियन कार्बाइड कारखाने में जमा कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन कराया है। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की खाली पड़ी जमीन पर एक भव्य स्मारक बनाया जाए इस दिशा में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह से मार्गदर्शन प्राप्त किया है। यहां 87 एकड़ भूमि पर भोपाल गैस त्रासदी स्मारक, साइंस पार्क, कन्वेंशन सेंटर, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समर्पित आधुनिक प्रयोगशाला, विकास आधारित राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की योजना है।


लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य 

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश नक्सलवादी अभियान से मुक्त हो गया है। लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है, यह हमारे लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। प्रदेश में हर तरह की नक्सल गतिविधियों पर नकेल कसी है। बालाघाट ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश झेला है। क्षेत्र के समग्र विकास के लिए यहां बैगा महोत्सव आयोजित किया जाए, इस दिशा में गृह मंत्री श्री शाह से मार्गदर्शन लिया गया है।
 
 स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में आज प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 8 लाख से अधिक बालिकाओं का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा। राज्य सकरार को 7 हजार 800 टीके मिले हैं। यह अभियान प्रदेश की 14 से 15 साल की बालिकाओं के लिए एक वरदान साबित होगा।

राज्य सरकार हर मुश्किल वक्त में किसानों के साथ

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़ी है। प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुई फसल क्षति के मुआवजे के लिए सर्वे के बाद सरकार मदद कर रही है। मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट है। प्रदेश में रबी, खरीफ, ग्रीष्मकालीन फसलों की अच्छी उत्पादकता है। मध्यप्रदेश दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य है। गेहूं उत्पादन में भी हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। प्रदेश में उड़द, मसूर, तुअर पर्याप्त मात्रा में पैदा होती है। मध्यप्रदेश तिलहन में भी प्रथम स्थान रखता है। सोयाबीन और मूंगफली सबसे अधिक मध्यप्रदेश में ही होती है। प्राकृतिक खेती और बागवानी में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है। किसानों की समृद्धि के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।

 भगोरिया को राजकीय पर्व के रूप में मना रहे हैं

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के पारम्परिक त्यौहार भगोरिया को राजकीय पर्व के रूप में मना रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं शुक्रवार को आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में भगोरिया उत्सव में शामिल हुए और अमर शहीद चंद्रशेखर के बलिदान‍ दिवस पर उनकी जन्मस्थली भाभरा में श्रद्धांजलि अर्पित की।

जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी 

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍ कि उन्होंने शनिवार को ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन को राज्य में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी और उन्हें बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने का निमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी आलीराजपुर को 171 करोड़ 19 लाख रूपए से अधिक के 49 विकास कार्यों की सौगात





 

  

  भारत की क्रांति का तेजस्वी स्वर थे शहीद चंद्रशेखर आजाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 आलीराजपुर भील जनजाति की संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है

भाभरा में बनाएंगे अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद का भव्य पार्क 

मुख्यमंत्री ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली ग्राम भाभरा (चंद्रशेखर आजाद नगर) पहुंचकर किया नमन 




  आलीराजपुर  । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज आलीराजपुर जिले के समग्र विकास के लिए 171 करोड़ लागत के 49 विकास कार्यों की अनुपम सौगात दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर के चहुंमुखी विकास के लिए रिमोट का बटन दबाकर 79.92 करोड़ की लागत से 14 कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 119.01 करोड़ लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया।
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले में ग्राम संपर्क मजबूत करने के लिए विभिन्न सड़कों के निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह, बैंक ऋण वितरण, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के हितग्राहियों को हितलाभ एवं प्रमाणपत्र वितरित किए।
 
*अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद भारत की क्रांति का तेजस्वी स्वर थे*

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर आलीराजपुर स्थित उनकी जन्मस्थली भाभरा (चंद्रशेखर आजाद नगर) पहुंचकर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद भारत की क्रांति का तेजस्वी स्वर थे। राज्य सरकार अमर बलिदानी और क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लेकर गरीब, किसान, युवा और नारी (ज्ञान) कल्याण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात के साथ-साथ पड़ोसी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले का भी आर्थिक तंत्र बदला है। आलीराजपुर भील जनजाति की संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है। आज देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। 

*चंद्रशेखर आजाद नगर में उनके नाम से एक भव्य पार्क का निर्माण किया जाएगा* 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय मान्यता के प्रतीक बाबा भीलट देव, बाबा डूंगर देव, बाबा पाटला देव, रानी काजल माता, डूंगरी माता और मालवाई माता को नमन करते हुए कहा कि आलीराजपुर की पावन मिट्टी ने चंद्रशेखर आजाद सहित शहीद छीतू किराड़ जी को जन्म दिया। मां भारती की स्वाधीनता के लिए चंद्रशेखर जी 14 वर्ष की छोटी उम्र में आजादी की जंग में कूद पड़े थे। हमारे नेतृत्वकर्ता चंद्रशेखर आजाद जैसे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग के सहयोग से चंद्रशेखर आजाद से जुड़े स्थानों को दर्शनीय बनाया जाएगा। चंद्रशेखर आजाद नगर में उनके नाम से एक भव्य पार्क का निर्माण किया जाएगा।  

*राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसानों को किया समर्पित* 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर में 1800 करोड़ लागत वाली नर्मदा सिंचाई परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इससे 170 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। हमारे जनजातीय अंचल के किसानों को भी सिंचाई सुविधाओं का पूरा लाभ मिलेगा। किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसानों के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की राशि दे रही है, साथ ही किसान भाइयों का भी ध्यान रखा गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 12 हजार (6 हजार केंद्र और 6 हजार राज्य) रुपए बैंक खाते में डाले जा रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों की सहायता के लिए जिलों में नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था की गई है। सड़क हादसे में घायलों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की गई है। जनजातीय बच्चे पढ़-लिखकर शासकीय सेवा में आएं, इसके लिए नि:शुल्क कोचिंग योजना प्रारंभ की गई है।

सागौर–गुणावद के मध्‍य दो रोड ओवर ब्रिजों का लोकार्पण संपन्‍न





 


  धार/रतलाम। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत 27 फरवरी 2026 को दो रेल ओवर ब्रिजों का लोकार्पण केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर द्वारा अन्‍य गणमान्‍य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्‍न हुआ ।

    रोड ओवर ब्रिज संख्‍या 234 ए दो लेन की ओवर ब्रिज है जिसका निर्माण पूर्ण हो गया है। इसके साथ ही रोड़ ओवर ब्रिज संख्‍या 221 ए फोर लेन की है। इसके दो लेन को सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए खोल दिया गया है तथा शेष दो लेन को भी शीघ्र ही सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए खोल दिया जाएगा।   
   पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,इन दोनों रोड ओवर ब्रिजों को का निर्माण लागत लगभग 107 करोड़ है जिसका लोकार्पण केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर द्वारा किया गया है। इन दोनों ब्रिजों को सड़क यातायात के लिए प्रारंभ किए जाने से आमजन को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, इससे नई रेल लाइन के निर्माण कार्य में भी सुगमता आएगी तथा कार्य को और अधिक गति मिलेगी।
    रोड ओवर ब्रिज संख्‍या 234 ए इंडोरामा एवं सुहागपुरा को जोड़ता है तथा रोड ओवर ब्रिज संख्‍या 221 ए लेवड़ एवं मानपुर रोड को जोड़ता है ।
   इस कार्यक्रम में पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की ओर से मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार सहित निर्माण एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भीलवाड़ा में "Interactive Session on Investment Opportunities in Madhya Pradesh" में सहभागिता की




 



भारत के दिल से जुड़िए, मध्यप्रदेश के साथ आगे बढ़िए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश भी बढ़ते हुए राजस्थान के साथ करेगा अपनी भागीदारी


मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए निवेशकों को किया आमंत्रित

 

   भीलवाड़ा/राजस्थान । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भीलवाड़ा, राजस्थान में आयोजित "Interactive Session on Investment Opportunities in Madhya Pradesh" में सहभागिता की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश संभावनाओं, उद्योग-अनुकूल नीतियों एवं सुगम औद्योगिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।






  मध्यप्रदेश सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी बनकर उभरा

  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी बनकर उभरा है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। देश के दिल से जुड़िए, विकास और अवसरों के केंद्र से जुड़िए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के मध्य में स्थित होने से मध्यप्रदेश व्यापार, उद्योग-धंधों की स्थापना और उत्पादों के निर्यात के लिए एक रणनीतिक केंद्र बनता जा रहा है। प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर शासन-प्रशासन ये सभी कारक निवेशकों के लिए एक आदर्श वातावरण तैयार करते हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को “अनंत संभावनाओं का अनुपम केंद्र” बताते हुए कहा कि वीरों की धरती राजस्थान के सभी निवेशकों का हीरों की धरती मध्यप्रदेश में स्वागत है, अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि सदियों से हमारी साझा संस्कृति, व्यापार-व्यवसाय और साझा भविष्य का एक अटूट रिश्ता रहा है। हमारा आपसी संवाद नई संभावनाओं के विकास-विस्तार और देश की औद्योगिक क्षमता को नई दिशा देने का एक साझा मंच है। भीलवाड़ा की समृद्ध वस्त्र विरासत से जुड़कर मध्यप्रदेश भी अनेकानेक संभावनाओं को तलाश कर बढ़ते हुए राजस्थान के साथ अपनी दीर्घकालिक भागीदारी करना चाहता है। हम सब मिलकर अपनी वणिक युक्ति, बुद्धि और क्षमता से इस क्षेत्र के औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखेंगे।

 मध्यप्रदेश भी बढ़ते हुए राजस्थान के साथ करेगा अपनी भागीदारी

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि लंबे समय से मध्यप्रदेश और राजस्थान का सहोदर जैसा रिश्ता रहा है। दोनों राज्यों में सदैव व्यापार की अनुकूलता रही है। पद्म विभूषण से राजस्थान के सम्मानित स्व. श्री घनश्याम दास बिड़ला ने उज्जैन जिले के नागदा में ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना की थी। राजस्थान के मारवाड़ और मेवाड़ के कारोबारियों में व्यापार-व्यवसाय की कुशलता अद्भुत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार उद्योग प्रोत्साहन के लिए संकल्पित है। हमारे उद्योगपति जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं। बदलते दौर में राज्यों के परस्पर संबंध सौहार्द्रपूर्ण हुए हैं। हम सभी को उद्योग-व्यापार के विकास और विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण मिला है। मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्थान सरकार के साथ सालों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना पर समझौता कर दोनों राज्यों के नागरिकों को सुगम जल उपलब्धता की एक नई सौगात दी है। दुनिया के देश चुनौतियों का सामना करते हुए हम आगे बढ़ने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अगर कोई देश प्रतिबंध लगाएगा, तो हम दूसरा रास्ता निकालेंगे। यूरोप के साथ टैक्सटाइल ट्रेड एण्ड बिजनेस को आगे बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं।

बड़े निवेश प्रस्तावों पर देंगे बड़ी रियायतें

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने राज्य के उद्योग विभाग की कमान स्वयं ले ली हैं, जिससे प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ाने में कोई कठिनाई न आए और सभी मुद्दे सरलता के साथ समय रहते हल हो जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक नीतियों को सरल बनाया है। इससे मध्यप्रदेश में निवेश और उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है। राज्य सरकार निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन भी प्रदान कर रही है। हमारी सरकार बड़े निवेश विभिन्न प्रस्तावों पर रियायतें भी दे रही है। हम छोटे-बड़े सभी निवेशकों को अपनी नीतियों से लाभान्वित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और पारदर्शी प्रशासन निवेश के लिए सर्वोत्तम माहौल प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा अर्थात ग्रीन एनर्जी प्रोड्क्शन के मामले में भी हमारा प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का विश्वसनीय विकास साझेदार बन रहा है और हमारा मध्यप्रदेश भी इस राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आईएसबी रिपोर्ट के मुताबिक पारिवारिक व्यवसायों को भविष्य में अपने विकास को बनाए रखने के लिए इनोवेशन करना है बहुत जरूरी





 


  एराइज़ फ्रेमवर्क ने दीर्घकालिक मूल्य निर्माण के लिए रोडमैप पेश किया

  इंदौर : भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन‑चौथाई से अधिक योगदान पारिवारिक व्यवसायों का है और 2047 तक देश की वृद्धि में उनकी भूमिका और भी बड़ी होने की उम्मीद है। इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस (आईएसबी) के नए अध्ययन में सामने आया है कि मध्यम आकार के कई पारिवारिक उद्यमों को अभी-भी भारत में हो रही आर्थिक वृद्धि का लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वो अल्पकालिक लाभ पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं, जिसकी वजह से वो टेक्नोलॉजी और इकोसिस्टम के माध्यम से भविष्य के लिए निवेश नहीं कर पाते, जो ग्लोबल कंपनियों को मिलने वाली एक महत्वपूर्ण बढ़त होती है।
  आईएसबी की नई रिपोर्ट, ‘‘बिज़नेस इनोवेशन- एन इंपरेटिव फॉर इंडियन फैमिली-लेड बिज़नेस’ (बिज़नेस इनोवेशन- भारत में पारिवारिक उद्यमों के लिए जरूरी) में सामने आया है कि पारिवारिक व्यवसाय स्थानीय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद होते हैं, लेकिन फिर भी इनमें से कई व्यवसाय धीरे-धीरे बढ़ने वाले विकास मॉडल्स पर आश्रित हैं, और उच्च वृद्धि करने वाले सेक्टर्स का पूरा लाभ नहीं ले पाते हैं। यह कमी ज्यादातर मिड-साइज़ वाले उद्यमों में देखने को मिलती है, जो मजबूत ऑपरेशनल आधार पर बने होते हैं, लेकिन उनके पास बाजार का निर्माण करने, गैर-भौतिक संपत्तियों में निवेश करने और अपने मुख्य व्यवसाय के साथ भविष्य के रेवेन्यू मॉडल का विकास करने की दूरदर्शिता और महत्वाकांक्षा की कमी होती है।
   यह रिपोर्ट आईएसबी के सेंटर फॉर बिज़नेस इनोवेशन और थॉमस श्मिडहेनी सेंटर फॉर फैमिली एंटरप्राइज़ द्वारा तैयार की गई है, जिसमें ऑटो, रिटेल, फार्मा, हैल्थकेयर, आईटी, कंस्ट्रक्शन आदि सेक्टर्स में मुख्य भारतीय पारिवारिक व्यवसायों के इनोवेशन एवं विकास के पैटर्न का आकलन किया है। इस रिपोर्ट में सामने आया कि संचालन के पारंपरिक तरीकों के बजाए प्रोडक्ट इनोवेशन, सप्लाई चेन इंटीग्रेशन और कस्टमर इंगेज़मेंट में निवेश से बेहतर दीर्घकालिक मूल्य निर्माण एवं विकास संभव होता है तथा मजबूती मिलती है।  
अध्ययन में यह भी सामने आया कि पारिवारिक उद्यमों को सबसे बड़ा जोखिम बाजार के उतार-चढ़ाव से नहीं, बल्कि रणनीति की गतिहीनता से हो रहा है। डिजिटल परिवर्तन, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और विकसित होते हुए ग्राहक बाजार के वातावरण में यदि भारतीय व्यवसायों द्वारा खासकर ग्लोबल साउथ के उच्च वृद्धि वाले क्षेत्र में विकास के इंटीग्रेटेड मॉडल और टेक्नोलॉजी, जिसमें एआई भी शामिल है, एवं पार्टनरशिप्स में साहसी निवेश नहीं किया जाएगा, तो इससे उनका दायरा और वैश्विक विस्तार बाधित होगा।
  इन चुनौतियों को हल करने के लिए इस रिपोर्ट में भविष्य के विकास के रोडमैप के रूप में एराइज़ फ्रेमवर्क- एंबिशन, रिस्क-टेकिंग, इनोवेशन, स्पीड एवं स्केल और इकोसिस्टम थिंकिंग का सुझाव दिया गया है। इसमें साहसी लक्ष्यों, समय पर डिसीज़न-मेकिंग, बिज़नेस मॉडल इनोवेशन और महत्वपूर्ण साझेदारियों का महत्व प्रदर्शित किया गया है, ताकि पारिवारिक व्यवसाय विस्तार कर सकें, पूरे विश्व में प्रतिस्पर्धा करने के काबिल बनें और दीर्घकालिक मूल्य का निर्माण कर सकें। 
   प्रोफेसर राजेंद्र श्रीवास्तव, नोवार्टिस प्रोफेसर ऑफ मार्केटिंग स्ट्रेटेजी एंड इनोवेशन, आईएसबी और एग्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर, आईएसबी सेंटर फॉर बिज़नेस इनोवेशन, ने कहा, “भारत में पारिवारिक व्यवसाय एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं, जहाँ उन्हें प्रबंधन और विरासत को बनाए रखने के साथ फुर्ती और इनोवेशन की जरूरत भी है। इसलिए अब ईबीआईटीडीए पर केंद्रित रहने से आगे बढ़ना होगा। यह समय टेक्नोलॉजी, डिज़ाइन थिंकिंग, प्लेटफॉर्म बिज़नेस मॉडल, बाजार एवं ब्रांड के विकास के माध्यम से भविष्य की वृद्धि में तेजी से निवेश करने का है। विभिन्न सेक्टर्स का उदाहरण लेकर इस रिपोर्ट में उन कंपनियों के बारे में बताया गया है, जिन्होंने इनोवेशन के माध्यम से अपने व्यवसाय का विस्तार किया और भारत के गतिशील बाजार में विकास के अवसरों का लाभ उठाया।“
  तेजी से बदलते और प्रतिस्पर्धी परिवेश में पारिवारिक स्वामित्व के बिज़नेस की अद्वितीय चुनौतियों को पहचानते हुए आईएसबी, जिसे फाइनेंशियल टाईम्स द्वारा ग्लोबल बिज़नेस स्कूलों में लगातार 12वें स्थान पर रखा गया है, ने पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट फॉर फैमिली बिज़नेस (पीजीपी एमफैब) जैसे प्रोग्राम के माध्यम से एक दशक से अधिक समय से व्यावसायिक परिवारों के साथ साझेदारी की है। यह पारिवारिक उद्यमों की विरासत को बनाए रखते हुए उन्हें प्रोफेशनल बनाने वाला प्रोग्राम है, जो विश्वस्तर की फैकल्टी, अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोज़र, उद्योग के साथ बातचीत और हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंशल लर्निंग द्वारा अगली पीढ़ी के लीडर्स को आधुनिक मैनेजमेंट टूल्स और लर्निंग का समृद्ध अनुभव प्रदान करके उन्हें विकास के लक्ष्य प्राप्त करने में समर्थ बनाता है।

सातवें "TRT विश्व नागरिक पुरस्कार" के विजेताओं की घोषणा की गई

Istanbul, Turkey
2017 में TRT की "सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करना" की दृष्टि के साथ शुरू किए गए और इसकी सबसे अहम सामाजिक ज़िम्मेदारी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में से एक माने जाने वाले TRT विश्व नागरिक पुरस्कार इस साल सातवीं बार प्रदान किए गए। ये पुरस्कार दुनिया भर के अलग-अलग देशों के उन लोगों को दिए जाते हैं जो अपने-अपने क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर सामाजिक लाभ बढ़ाते हैं, उनकी कहानियों को दुनिया के साथ शेयर करने में योगदान देते हैं और सकारात्मक बदलाव प्रमोट करने को बढ़ावा देते हैं।


अब तक, 17 अलग-अलग देशों के 31 लोगों को TRT विश्व नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। इस समारोह का सातवां एडिशन 13 फ़रवरी को आयोजित किया गया, जिसमें Istanbul में राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan की पत्नी Emine Erdogan ने भी भाग लिया।

राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan की पत्नी Emine Erdogan ने कहा कि TRT विश्व नागरिक पुरस्कार एक बेहद कीमती प्रोजेक्ट है

राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan की पत्नी Emine Erdogan, जो TRT विश्व नागरिक पुरस्कारों में मुख्य अतिथि थीं और जिन्होंने उद्घाटन भाषण दिया, उन्होंने कहा कि 2017 से TRT विश्व नागरिक पुरस्कारों एक बेहद कीमती प्रोजेक्ट रहा है जो वैश्विक मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करता है और जागरूकता बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि यह पहल उन दिलों को एक साथ जोड़ता है जो दुनिया में जहाँ कहीं भी अन्याय होता है उसके खिलाफ़ खड़े होते हैं, मानवीय गरिमा की रक्षा करते हैं और जीवन को और ज़्यादा सुंदर बनाने की कोशिश करते हैं, और उन्होंने ज़ोर दिया कि यह पहल TRT की ब्रॉडकास्टिंग पॉलिसी का एक मज़बूत प्रतिबिंब भी है, जो सच्चाई पर फ़ोकस करना कभी बंद नहीं करती और सभी परिस्थितियों में सच्चाई के साथ खड़ी रहती है।

 
भाषणों के बाद, Sobacı ने Emine Erdogan को स्मृति चिन्ह के तौर पर एक श्लोक के साथ अंकित डिज़ाइन भेंट की।

संचार प्रमुख Duran ने एक सही और निष्पक्ष बयान के तरीके की अहमियत पर ज़ोर दिया

TRT विश्व नागरिक पुरस्कार समारोह में बोलते हुए, राष्ट्रपति कार्यालय के संचार प्रमुख Burhanettin Duran ने कहा कि दुनिया में एक तरफ़ बहुत ज़्यादा समृद्धि है, वहीं दूसरी तरफ़ गंभीर मानवीय समस्याएं भी मौजूद हैं।

पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग में TRT की भूमिका के लिए धन्यवाद देते हुए, Duran ने कहा कि संचार निदेशालय के तौर पर, वे Türkiye के सम्मानजनक रुख को दुनिया के सामने रखने, अन्याय के खिलाफ़ आवाज़ उठाने और नए नज़रिए पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। एक निष्पक्ष बयान के तरीके की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, Duran ने कहा कि वे इस लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

 TRT के महानिदेशक Sobacı ने कहा कि TRT, लोगों की कहानियों को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश करेगा

समारोह का उद्घाटन भाषण देते हुए, TRT के महानिदेशक Mehmet Zahid Sobacı ने कहा कि TRT विश्व नागरिक पुरस्कार एक ऐसा मंच है जहां सकारात्मक विचारों, कार्यों और साहसी लोगों को सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मंच से मानवता के लिए काम करने वाले कई लोगों को करीबी से पहचाना जा सकता है, और दूसरों को प्रेरित करने में मदद मिलती है।

 
यह कहते हुए कि Türkiye राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan के नेतृत्व में अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है, Sobacı ने ज़ोर दिया कि Türkiye के पब्लिक ब्रॉडकास्टर के तौर पर, TRT इस उद्देश्य की दिशा में अपनी पूरी ताकत के साथ काम करता है। Sobacı ने ज़ोर दिया कि TRT परिवार के तौर पर, वे इस दावे को बरकरार रखने वाले लोगों की कहानियों और उनकी आवाज़ को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।

 
विजेताओं को प्रदान किए गए पुरस्कार 

"वर्ल्ड सिटिज़न ऑफ़ द ईयर" पुरस्कार Yahya Barzaq को दिया गया, जो Gaza में एक नए फ़ोटोग्राफर के तौर पर काम कर रहे थे और Israel युद्ध के दौरान युद्ध फ़ोटोग्राफ़ी की प्रैक्टिस करने लगे ताकि दुनिया को वह सब कुछ बताया जा सके जो हो रहा था, और जिन्होंने 30 सितंबर, 2025 को इज़राइली हमलों में अपनी जान गंवा दी। Barzaq का पुरस्कार उनकी माँ, Yousra Barzaq द्वारा राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan की पत्नी Emine Erdogan से प्राप्त किया गया।

 "लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड " इतालवी आर्किटेक्ट Raul Pantaleo को दिया गया, जो आर्किटेक्चर को सिर्फ़ सुंदरता बनाने के क्षेत्र के तौर पर नहीं, बल्कि सामाजिक असमानताओं के जवाब में बनाए गए एकजुटता और सुधार के साधन के रूप में देखते हैं।

 
"कम्यूनिकेटर" कैटेगरी में, Ibtihal Aboussaad और Vaniya Agrawal को तकनीकी क्षेत्र में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ऐप्लिकेशन्स की नैतिक ज़िम्मेदारियों के संबंध में स्पष्ट रुख अपनाने के लिए सम्मानित किया गया। "यूथ" पुरस्कार Nigerian पर्यावरण कार्यकर्ता Amara Nwuneli को दिया गया।

 "एजुकेटर" पुरस्कार TRT के महानिदेशक Mehmet Zahid Sobacı द्वारा Rudayna Abdo को दिया गया, जिन्होंने शरणार्थी और वंचित बच्चों के लिए डिजिटल एजुकेशन को सुलभ बनाया है।

 "एक्सेसेबिलिटी" पुरस्कार Joohi Tahir को दिया गया, जिन्होंने मुस्लिम समुदायों में समावेशिता और सुलभता के क्षेत्र में स्थायी बदलाव किया है। 

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Sezin Soylu
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राजगढ़ में रंगपंचमी के पावन अवसर पर 8 मार्च को निकलेगी भव्य श्री राधा-कृष्ण फाग यात्रा




 


  राजगढ़ (धार)। नगर में रंगपंचमी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में आगामी रविवार, 8 मार्च 2026 को सनातन समाज के सहयोग से भव्य 'श्री राधा-कृष्ण फाग यात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम को 'पांच धाम एक मुकाम' माताजी मंदिर पर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें यात्रा को गरिमामय और अनुशासित बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। यह भव्य फाग यात्रा प्रातः 10:30 बजे माताजी मंदिर से प्रारंभ होगी।

   राधा-कृष्ण फाग उत्सव समिति ने रंगपंचमी के इस उत्सव की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं से विशेष आग्रह किया है कि यात्रा में केवल सूखे रंगों (गुलाल) का ही प्रयोग करें। साथ ही समिति ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि कोई भी व्यक्ति नशा करके यात्रा में सम्मिलित न हो और यात्रा के दौरान अपशब्दों का प्रयोग बिल्कुल न करें। मंगलवार को आयोजित इस बैठक में पंडित कृष्णा भारद्वाज, राजेश मूणत, मोतीसीह जी राठौर अंतिम ठाकुर, जितेंद्र बगड़िया, प्रवीण तन्हा, दीपक चौधरी, सुजीत ठाकुर,अक्षय भंडारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समिति ने सभी धर्मप्रेमी जनता से रंगपंचमी के इस पावन अवसर पर आयोजित फाग यात्रा में उत्साह के साथ सम्मिलित होने की अपील की है।