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राजगढ़: स्व. राजा प्रेमसिंह दत्तीगांव के 24वें स्मरण दिवस पर भव्य कवि सम्मेलन, देशभर के कवि होंगे शामिल






 



राजगढ़ में अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन 22 मई को: देशभर के नामी कवि होंगे शामिल

राजगढ़ (धार)। स्वर्गीय राजा श्री प्रेमसिंह जी दत्तीगांव (पूर्व विधायक, बदनावर) की 24वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 22 मई 2026, शुक्रवार को न्यू बस स्टैंड, राजगढ़ पर एक भव्य अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन रात्रि 9:00 बजे से प्रारंभ होगा।

देश के प्रख्यात कवि करेंगे काव्य पाठ

इस कवि सम्मेलन में देश के कई जाने-माने कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। आमंत्रित कवियों की सूची इस प्रकार है:

  • प्रताप फौजदार (लाफ्टर चैंपियन, आगरा)
  • शशि श्रीवास्तव 'श्रेया' (राष्ट्रीय कवयित्री, लखनऊ)
  • डॉ. आदित्य जैन (हास्य एवं वायरल कवि, नई दिल्ली)
  • विपुल विद्रोही (राष्ट्रीय मंच संचालक, डूंगरपुर)
  • कानू पंडित (हास्य हंगामा, नाथद्वारा)
  • कुलदीप सिंह 'रंगीला' (हास्य सम्राट, देवास)
  • प्रियंका मिश्रा (श्रृंगार रस, कटनी)
  • मुकेश मालवा (राष्ट्रीय कवि, इंदौर)

आयोजन और विशेष अतिथि

यह कार्यक्रम दत्तीगांव ग्रुप एवं दत्तीगांव मित्र मंडल, राजगढ़ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सावित्री जी ठाकुर (केंद्रीय मंत्री) और निलेश जी भारती (भाजपा जिला अध्यक्ष, धार) उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा पूर्व विधायक राजवर्धन सिंह जी दत्तीगांव, पूर्व मंडी अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह जी दत्तीगांव सहित कई गणमान्य व्यक्ति सम्मेलन में शिरकत करेंगे।

सभी से अपील

दत्तीगांव ग्रुप राजगढ़ के सभी सदस्यों ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस कवि सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की है। कार्यक्रम संयोजक श्री अशोक भंडारी ने यह जानकारी दी। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी आसपास के क्षेत्र से हजारों लोग इस आयोजन में शामिल होने वाले हैं।

तिथि: 22 मई 2026, शुक्रवार
समय: रात्रि 9:00 बजे
स्थान: न्यू बस स्टैंड, राजगढ़, जिला धार (म.प्र.)


कंसाई नेरोलैक ने 'पर्मा नोहीट' से मंदिरों के तपते रास्तों का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक कम किया

मुंबई, महाराष्ट्र, भारत

भारत की प्रमुख पेंट कंपनियों में से एक, कंसाई नेरोलैक पेंट्स लिमिटेड (KNPL) ने अपने हीट-रिफ्लेक्टिव कोटिंग, 'नेरोलैक पर्मा नोहीट' (Nerolac Perma NoHeat) को विज्ञापनों से निकालकर एक प्रभावशाली ऑन-ग्राउंड पहल के जरिए वास्तविकता में बदल दिया है।

एक अनूठे ऑन-ग्राउंड एक्टिवेशन के तहत कंपनी ने दक्षिण भारत के कई ऐसे मंदिरों के रास्तों पर 'पर्मा नोहीट' की कोटिंग की जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है; यह कंसाई नेरोलैक की एक खास 'हीट-रिफ्लेक्टिव' (गर्मी वापस मोड़ने वाली) कोटिंग है, जिसे जमीन या सतह को गर्म होने से बचाने के लिए बनाया गया है। ऑन-ग्राउंड तापमान रीडिंग में देखा गया कि कोटिंग की गई सतहों के तापमान में 15°C तक की कमी आई, जिसके परिणामस्वरूप, दिन के सबसे गर्म समय में मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को नंगे पैर चलने में स्पष्ट और शारीरिक रूप से अधिक आरामदायक अनुभव मिला। इस अभियान ने केवल फायदों को समझाने के बजाय, लोगों को इसे तुरंत और स्वाभाविक रूप से महसूस करने का अवसर दिया।

‘ट्राइब्स' एजेंसी के सहयोग से तैयार किए गए इस कैंपेन की सोच यह थी कि लोग इस कोटिंग का असर खुद अनुभव करें। हमने लोगों की एक आम असुविधा को हल करके उन्हें इसका सीधा फायदा महसूस कराया। एक ऐसी असुविधा जिसे लोग स्वाभाविक रूप से अपना तो लेते हैं लेकिन शायद ही कभी उस पर सवाल उठाते हैं। मंदिर के अधिकारियों के समन्वय के साथ इस योजना को सावधानीपूर्वक लागू किया गया ताकि श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजा-पाठ में कम से कम दिक्कत हो, साथ ही उन 'हाई-इम्पैक्ट ज़ोन्स' पर ध्यान केंद्रित किया गया जहां इसके लाभ को तुरंत महसूस किया जा सके। इसके पीछे मुख्य सोच यह थी कि सिर्फ प्रदर्शन करने के बजाय, पेंट का इस्तेमाल ऐसी जगह किया जाए जहाँ लोगों को इसका असर खुद-ब-खुद समझ आ जाए। गर्मी को कम करने के बारे में समझाने के बजाय, सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण और उच्च जुड़ाव वाले वातावरण में इस पहल को रखकर, इस एक्टिवेशन ने एक कार्यात्मक वादे (functional promise) को बेहद व्यक्तिगत अनुभव में बदल दिया।

यह अभियान आज के समय में गर्मी से राहत पाने की सबसे बड़ी जरूरत को भी पूरा करता है। खासकर शहरों और कस्बों में, जहां बढ़ता तापमान और लू (हीटवेव) का असर सबसे ज्यादा है। इस अभियान में बड़ी-बड़ी बातें या भारी-भरकम संदेश देने से बचा गया है। इसके बजाय पूरा ध्यान सिर्फ एक ऐसे ठोस कदम पर रखा गया है जिससे लोगों को उसी वक्त गर्मी से राहत मिल सके। यह एक साधारण बदलाव है, लेकिन एक ऐसा बदलाव है जो स्थायी प्रभाव छोड़ता है। यह कंसाई नेरोलैक के 'पर्मा नोहीट' के ब्रांड के पहले समर्पित 'हीट-रिडक्शन सॉल्यूशन' के रूप में स्थापित करने के व्यापक प्रयास को आगे बढ़ाने में मदद करता है, जिसे बढ़ते सतह तापमान की चुनौती का समाधान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आमतौर पर 'पर्मा नोहीट' का इस्तेमाल छतों और बाहरी दीवारों पर किया जाता है, लेकिन जमीन पर किए गए इस प्रयोग ने दिखा दिया है कि भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों पर भी यह कितना उपयोगी है।

कंसाई नेरोलैक इस कहानी को एक डिजिटल फिल्म के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ला रहा है। इस फिल्म में पेंट लगाने से लेकर उसके असर तक का पूरा सफर दिखाया गया है। यह फिल्म तापमान में आई कमी और लोगों के असली रिएक्शन को दिखाती है। इसमें सिर्फ तकनीकी दावे नहीं, बल्कि लोगों का असल अनुभव और उन्हें मिली राहत दिखाई गई है।

इस एक्टिवेशन पर बोलते हुए कंसाई नेरोलैक पेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, रामकृष्ण नाइक ने कहा, “आज गर्मियां पहले से कहीं अधिक तीव्र है और मंदिर के रास्तों जैसी सतहों पर नंगे पैर चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। हमने ठीक इसी क्षण को संबोधित करने का फैसला किया जिसमें विचार कोई 'स्टेज्ड डेमोंस्ट्रेशन' बनाने का नहीं था, बल्कि 'पर्मा नोहीट' को खुद को साबित करने देने का था। बेशक, यह पर्मा नोहीट की क्षमताओं पर हमारा विश्वास है। यह पहल दर्शाती है कि कैसे यह उत्पाद रोजमर्रा के वातावरण में वास्तविक अंतर ला सकता है।”

ट्राइब्स के चेयरमैन, गौर गुप्ता ने कहा, “हम इसके लाभ का वर्णन नहीं करना चाहते थे, हम चाहते थे कि लोग इसे महसूस करें। इसलिए नेरोलैक नोहीट के बारे में बात करने के बजाय, हमने इसे उन रास्तों पर लागू किया जहां लाखों लोग चलते हैं। कम से कम संदेश, कोई स्पष्टीकरण नहीं, बस एक वास्तविक अनुभव। इस यात्रा का हिस्सा बनकर, उत्पाद का लाभ तुरंत समझ में आ गया।”

देखें: Bringing Comfort and Faith Together | Nerolac Perma NoHeat Initiative: www.youtube.com/watch?v=lkg7Q-xrXjM

 कंसाई नेरोलैक पेंट्स लिमिटेड (Kansai Nerolac Paints Ltd.) के बारे में: अपने 106वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी, कंसाई नेरोलैक पेंट्स उच्च गुणवत्ता वाले पेंट्स की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करते हुए पेंट निर्माण में सबसे आगे रही है। कंसाई नेरोलैक भारत की अग्रणी पेंट कंपनियों में से एक है और इंडस्ट्रियल पेंट्स में मार्केट लीडर है। कंपनी के पास पूरे भारत में रणनीतिक रूप से स्थित आठ मेन्युफेक्चरिंग इकाइयां और देश भर में एक मजबूत डीलर नेटवर्क है। कंपनी घरों, कार्यालयों, अस्पतालों और होटलों के लिए सजावटी पेंट्स कोटिंग्स से लेकर अधिकांश उद्योगों के लिए परिष्कृत औद्योगिक कोटिंग्स तक विविध उत्पादों का निर्माण करती है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया www.nerolac.com पर जाएं।

ट्राइब्स (Tribes) के बारे में: ट्राइब्स 100+ मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की एक इंटीग्रेटेड मार्केटिंग कम्युनिकेशंस एजेंसी है जो आउट-ऑफ-होम (OOH), एक्सपीरिएंशियल, इवेंट्स, डिजिटल, और रूरल व रिटेल सॉल्यूशंस, स्पोर्ट्स मार्केटिंग तथा सेलिब्रिटी मैनेजमेंट में विशेषज्ञता रखती है। यह 600+ पुरस्कारों, 450+ सक्रिय क्लाइंट बेस और 17 कार्यालयों के साथ राष्ट्रव्यापी उपस्थिति वाली भारत की सबसे अधिक पुरस्कृत एजेंसी है, जो बेजोड़ पहुंच और पैमाने के साथ इमर्सिव फॉर्मेटलप्रदान करती है। हम इमर्सिव और प्रभावशाली ब्रांड अनुभव बनाने में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं जो दर्शकों को आकर्षित करते हैं और ब्रांड्स को सशक्त बनाते हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया www.tribeww.in पर जाएं।
 


भारत के 82% हाइपरटेंशन रोगियों का मानना है कि उनका हाई बीपी तनाव की वजह से है, डाइट के कारण नहीं: नया अध्ययन

देश भर में किए गए एक अध्ययन में हाई ब्‍लड प्रेशर से पीडि़त भारतीयों पर किए गए सर्वे से पता चला है कि चिकित्सा लेबल के पीछे एक तनाव-संचालित संकट छिपा हुआ है। अध्ययन में यह भी पता चला है कि 60% मरीज आयुर्वेदिक उपचार को लेकर राज़ी हैं

बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत
कांतार द्वारा कराए गए सर्वे पर आधारित कपिवा के एक नए अध्ययन ने खुलासा किया है कि तनाव और नींद में बाधा उच्च रक्तचाप से पीड़ित भारतीयों के बीच प्रमुख चिंताओं के रूप में उभर रही हैं। 

इंफोग्राफिक - उच्च रक्तचाप के 5 सबसे संभावित कारण

अध्ययन से पता चलता है कि भारत की सबसे आम पुरानी बीमारियों में से एक होने के बावजूद ज्यादातर मरीजों में यह लगातार नियंत्रण से बाहर बना हुआ है। यह अध्ययन 2026 में शहरी भारतीय उच्च रक्तचाप के साथ कैसे जी रहे हैं और वास्तव में क्या इसे बढ़ावा दे रहा है, उसकी स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।

निष्कर्ष पारंपरिक मान्यताओं को चुनौती देते हैं। टियर-1 और टियर-2 शहरों के मरीजों से जब उनके हाई बीपी का कारण पूछा गया, तो 82% ने तनाव को मुख्य अनुभूत कारण बताया, जो आहार, आनुवंशिकी और उम्र को मिलाकर भी ऊपर रहा। वहीं, 10 लोगों में से लगभग 6 ने कहा कि खराब नींद रक्तचाप में उतार-चढ़ाव को ट्रिगर कर सकती है।

25 से 44 साल के युवा मरीजों में 43% ने अपने कार्यस्थल के तनाव को बहुत अधिक बताया। खराब नींद और ज्‍यादा तनाव, रक्तचाप के नियंत्रण से बाहर जाने के प्रमुख ट्रिगर्स के रूप में बराबर रहे, जिसका उल्लेख 59% लोगों ने किया। दस में से सात मरीज जो रक्तचाप के उतार-चढ़ाव का अनुभव करते हैं, वे इसे हर हफ्ते महसूस करते हैं।

शारीरिक प्रभाव भी काफी गंभीर है। 43% मरीजों को बार-बार सिरदर्द की शिकायत है, 29% चिंता और बेचैनी महसूस करते हैं, जबकि 18% को दिल की धड़कन तेज होने की समस्या है, जिनमें से लगभग आधे इसे असहनीय बताते हैं। ज्यादातर मरीजों के लिए उच्च रक्तचाप कोई ऐसी स्थिति नहीं है जो साल में दो बार डॉक्टर के पास जाकर प्रबंधित की जा सके। यह उनके दैनिक जीवन का हिस्‍सा बन चुका है।

इस बारे में कपिवा के फाउंडर और सीईओ अमीव शर्मा ने कहा, "अध्ययन एक बार फिर यह दिखाता है कि भारत में उच्च रक्तचाप केवल दिल से जुड़ी समस्या नहीं रह गई है, बल्कि इसका संबंध बढ़ते तनाव और बिगड़ती जीवनशैली से भी है। आंकड़े बताते हैं कि दवाइयों के साथ तनाव कम करना, बेहतर आदतें अपनाना और जीवनशैली में लगातार सुधार करना भी बेहद जरूरी हो गया है। कपिवा का मानना है कि किसी भी समाधान से पहले लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना जरूरी है। इसी सोच के साथ कंपनी अपने उत्पाद तैयार करती है, जो केवल बीमारी के नाम पर नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और जीवनशैली को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं।"

अध्ययन में यह भी सामने आया कि प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के साथ-साथ लोग प्राकृतिक और घरेलू उपायों का सहारा भी ले रहे हैं। करीब 35% उच्च रक्तचाप के मरीज अपनी नियमित दवाओं के साथ नींबू पानी, आंवला, लहसुन और अर्जुन छाल जैसे घरेलू उपायों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा लोग नींबू पानी (71%), आंवला (57%), लहसुन (53%) और अर्जुन छाल (39%) को अपनाते हैं। हालांकि यह रुझान बढ़ रहा है, लेकिन इसे नियमित रूप से अपनाने में कई व्यावहारिक दिक्कतें भी सामने आई हैं। 34 प्रतिशत लोगों ने असुविधा और नियमितता बनाए रखने में परेशानी को बड़ी चुनौती बताया, जबकि 25 प्रतिशत लोगों ने माना कि वे इन आदतों को रोजाना जारी नहीं रख पाते।

सबसे अहम बात यह सामने आई कि 60% उच्च रक्तचाप के मरीज रक्तचाप नियंत्रित रखने के लिए आयुर्वेदिक जूस को आजमाने के इच्छुक हैं। युवा वर्ग में यह रुझान और भी मजबूत दिखा, जहां 25 से 44 वर्ष के 73% मरीजों ने ऐसे विकल्प अपनाने में रुचि दिखाई।

कपिवा के चीफ इनोवेशन ऑफिसर डॉ. आर. गोविंदराजन ने कहा, "आज हाइपरटेंशन सिर्फ उम्र से जुड़ी जीवनशैली की स्थिति नहीं रह गया है। हम तेजी से युवा भारतीयों में क्रॉनिक तनाव, खराब नींद, मानसिक थकान और हमेशा-ऑन लाइफस्टाइल के हृदय स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को देख रहे हैं। अध्ययन के निष्कर्ष इस बात पर भी जोर देते हैं कि ब्‍लड प्रेशर को मैनेज करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की जरूरत है, जिसमें तनाव प्रबंधन, पोषण, नींद की गुणवत्ता और दीर्घकालिक निरंतरता को इलाज के साथ-साथ उतना ही महत्व दिया जाए। कपिवा में हमारा फोकस पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को मानकीकृत, रिसर्च-आधारित फॉर्मूलेशन्स के साथ जोड़ने पर रहा है, ताकि आधुनिक वेलनेस जरूरतों को अधिक सुलभ और अच्‍छे तरीके से पूरा किया जा सके।"

यह अध्ययन टियर-1 और टियर-2 शहरों — मुंबई, दिल्ली एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, पुणे और अहमदाबाद — में फरवरी 2026 में किया गया। सर्वे में 303 के सैंपल साइज़ के साथ 25 से 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पुरुषों तथा महिलाओं को बराबर प्रतिनिधित्व दिया गया।

 

सिंगापुर के 'गार्डन्स बाय द बे' में परिवारों के लिए डिज्नी-थीम वाले दो नए शानदार अनुभवों की शुरुआत

सिंगापुर

इस जून के महीने में सिंगापुर का प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल 'गार्डन्स बाय द बे' परिवारों को डिज्नी-थीम वाले दो बेहद शानदार अनुभवों का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित कर रहा है। सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से आयोजित, 'डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर' नई टोपियरी (पौधों की आकृतियों) आकृतियों के साथ फ्लोरल फैंटेसी में वापसी कर रहा है। वहीं डिज्नी के 'विनी द पूह' पर आधारित उनका प्रमुख 'चिल्ड्रन्स फेस्टिवल 2026' आउटडोर इंस्टॉलेशन और बच्चों के खेलने की जगहों के साथ 'सुपरट्री ग्रोव' में धूम मचाने के लिए तैयार है।

डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर में क्या है खास?
साल 2024 में अपनी शानदार शुरुआत के बाद, 'डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर' एक बार फिर फ्लोरल फैंटेसी में वापस आ गया है। इसमें डिज्नी और पिक्सार के चहेते किरदारों के नए टोपियरी (पौधों की आकृतियों) और 3D डिस्प्ले सजाए गए हैं। पहली बार इसके 2026 के एडिशन में डिज्नी प्रिंसेस जैसे रॅपन्ज़ेल, बॅल और जैस्मीन के डिस्प्ले भी देखने को मिलेंगे। एक और नई शुरुआत के तहत, 'फ्रोजन' फिल्म की एना और एल्सा के टोपियरी (पौधों से बने) संस्करण भी एक मनमोहक बर्फीले दृश्य की शोभा बढ़ाएंगे। इसे फूलों की कलाकृति और थीम-आधारित लाइटिंग के जरिए ऐसा जीवंत रूप दिया गया है, जो एक जादुई बर्फीली दुनिया का अहसास कराता है।
 

यहाँ आने वाले दर्शक छह अलग-अलग थीम वाले क्षेत्रों में 23 टोपियरी (पौधों की आकृतियों)कैरेक्टर्स देखने का आनंद ले सकते हैं। इनमें 'सॉर्सरर्स अप्रेंटिस मिकी', डिज्नी और पिक्सार की नई 'टॉय स्टोरी 5' के वुडी, जेस्सी और बज़ लाइटयर जैसे पसंदीदा किरदारों के साथ-साथ 'हंड्रेड एकर वुड' के दोस्त विनी द पूह, ईयोर, पिगलेट और टिगर भी शामिल हैं। इस सफर का अंत एक खास सिंगापुर फिनाले में होगा जहां दर्शक स्थानीय परिवेश में ढाले गए डिज्नी कैरेक्टर्स के डिस्प्ले के साथ मजेदार तस्वीरें खिंचवा सकते हैं। इनके साथ लक्सा और तेह तारिक जैसे मशहूर स्थानीय व्यंजनों की झलक भी दिखाई गई है।
 

फूलों की कलाकृति, जाने-पहचाने किरदारों और जादुई कहानियों के इस बेहतरीन तालमेल के साथ, 'डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर' आगामी स्कूल की छुट्टियों में परिवारों को एक ऐसा शानदार दृश्य अनुभव देने को तैयार है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आएगा। यह आयोजन 8 जून 2026 से शुरू होकर 14 मार्च 2027 तक चलेगा।

चिल्ड्रन्स फेस्टिवल 2026: 'विनी द पूह' की मस्ती
गार्डन्स बाय द बे के 'सुपरट्री ग्रोव' में इस जून की छुट्टियों में मुफ्त 'चिल्ड्रन्स फेस्टिवल' भी लौट आया है। यह फेस्टिवल 'विनी द पूह' के 100 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। इसके जरिए प्यारे भालू के उस संदेश को भी याद किया जा रहा है जिसमें वह दयालु होने, जिज्ञासु बने रहने और अपने दिल में थोड़ी मिठास रखने की बात कहता है।
 

इस फेस्टिवल के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:

द हंड्रेड एकर ग्लाइड: यह 'हंड्रेड एकर वुड' से प्रेरित होकर बनाई गई सिंगापुर की पहली ऐसी ज़िपलाइन है जो डिज्नी के विनी द पूह की थीम पर आधारित है। ट्रीहाउस-स्टाइल के इस इंस्टॉलेशन में बच्चे 'सुपरट्रीज़' के नजारों के बीच फेस्टिवल ग्राउंड में 16 मीटर तक ग्लाइडिंग का मजा ले सकते हैं।

द स्वीटेस्ट ड्रॉप्स: विनी द पूह से प्रेरित यह बॉल पिट मधुमक्खी के छत्ते (हनीकॉम्ब) की थीम पर बना है। यह पूह द्वारा अपने पसंदीदा शहद की खोज से प्रेरित है, जो हमेशा एक रोमांचक सफर बन जाता है।

द ब्रेव लॉग्स: पिगलेट से प्रेरित इस एडवेंचर में बच्चों को तख्तों और "पेड़ के ठूंठों" पर संतुलन बनाना होता है। यह उन्हें अपना साहस जुटाने और एक बार में एक कदम आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

द एनचांटेड मेडोज़: ईयोर से प्रेरित यह एक फूलों के मैदान की थीम वाला प्ले एरिया है, जहाँ बच्चे आराम से सी-सॉ का मज़ा उठा सकते हैं।

द जॉयफुल पडल्स: टिगर के फुर्तीले स्वभाव से प्रेरित ये "पडल" ट्रैम्पोलिन धूप में उछल-कूद कर मस्ती करने के लिए एकदम बेहतरीन हैं।


'पूह की ग्रैंड फ्रेंडशिप पार्टी' इन्फ्लेटेबल मार्च
दक्षिण पूर्व एशिया में पहली बार, 'गार्डन्स बाय द बे' के सुपरट्री ग्रोव में एक खास मार्च निकाला जाएगा, जिसमें 7 मीटर तक ऊंचे विशाल इन्फ्लेटेबल्स शामिल होंगे। "पूह की ग्रैंड फ्रेंडशिप पार्टी" के इस कार्यक्रम में हर उम्र के लोग शनिवार को दो बार इस गीत-संगीत और नृत्य का हिस्सा बन सकते हैं, जो पूरे परिवार के लिए एक खुशनुमा माहौल तैयार करेगा।
 

इतना ही नहीं, यहां एक खास डिज्नी-थीम वाले रिटेल पॉप-अप से लेकर कार्निवल गेम्स तक एक्सप्लोर करने के लिए और भी बहुत कुछ है। 'गार्डन्स बाय द बे' का यह चिल्ड्रन्स फेस्टिवल 30 मई 2026 से 21 जून 2026 तक चलेगा और इसमें प्रवेश पूरी तरह मुफ्त है। इन दोनों कार्यक्रमों के बारे में अधिक जानकारी www.gardensbythebay.com.sg पर देखी जा सकती है।
 

कार्यक्रम की जरूरी जानकारी:

डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर

तारीख: सोमवार, 8 जून 2026 से रविवार, 14 मार्च 2027 तक

समय: सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक

स्थान: फ्लोरल फैंटेसी, गार्डन्स बाय द बे

टिकट और विवरण: वयस्कों के लिए टिकट की कीमत SGD$24 और बच्चों के लिए SGD$16 रखी गई है। टिकट ticket.gardensbythebay.com.sg/ पर बुक किए जा सकते हैं।


चिल्ड्रन्स फेस्टिवल 2026: 'विनी द पूह' के साथ

तारीख: शनिवार 30 मई से रविवार, 21 जून 2026 तक

समय: सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक

स्थान: सुपरट्री ग्रोव, गार्डन्स बाय द बे

टिकट: प्रवेश निःशुल्क है


पूह की ग्रैंड फ्रेंडशिप पार्टी इन्फ्लेटेबल मार्च
तारीख और समय: 30 मई 2026 को दोपहर 3:30 बजे। इसके अलावा 6, 13 और 20 जून 2026 को दोपहर 3:30 बजे और शाम 5:30 बजे।

स्थान: सुपरट्री ग्रोव, गार्डन्स बाय द बे

कैसे पहुंचें: बेफ्रंट स्टेशन या गार्डन्स बाय द बे स्टेशन तक MRT से पहुंचें। या फिर टैक्सी और कैब से मेन अराइवल या बेफ्रंट प्लाजा कारपार्क पर उतर सकते हैं। अधिक जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

 

गार्डन्स बाय द बे के बारे में

सिंगापुर के "सिटी इन नेचर" (प्रकृति के बीच बसे शहर) विजन का एक अहम हिस्सा 'गार्डन्स बाय द बे' एक राष्ट्रीय उद्यान और प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह लोगों के आनंद के लिए उद्यान और फूलों की बेहतरीन कलाकृतियां पेश करता है। सिंगापुर के डाउनटाउन मरीना बे के बीचों-बीच 101 हेक्टेयर में फैले इस उद्यान में पानी के किनारे तीन गार्डन शामिल हैं - बे साउथ, बे ईस्ट और बे सेंट्रल। इनमें से 'बे साउथ' 54 हेक्टेयर के साथ सबसे बड़ा है, जो 29 जून 2012 को खोला गया था।
 

इसे उद्यानों की एक ऐसी दुनिया बनाने के विजन के साथ तैयार किया गया है यहां पौधों का विशाल संग्रह, हमेशा बदलते रहने वाले फूलों के डिस्प्ले और ढेरों आकर्षक कार्यक्रम लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। वहीं सिंगापुर गणराज्य के राष्ट्रपति श्री थर्मन षणमुगरत्नम के संरक्षण में इसकी 'गिफ्ट ऑफ गार्डन्स' सामुदायिक पहल समाज के हर वर्ग के लोगों तक पहुंच रही है।
 

खुलने के बाद से अब तक 'गार्डन्स बाय द बे' 100 मिलियन (10 करोड़) से ज्यादा पर्यटकों का स्वागत कर चुका है। इसने कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी जीते हैं, जिनमें ट्रिपएडवाइजर के ट्रैवलर्स चॉइस 'बेस्ट ऑफ द बेस्ट 2026' में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आकर्षण और 2024 में आठवां स्थान शामिल है। इसके अलावा, इसे सिंगापुर टूरिज्म अवार्ड्स 2024 में सस्टेनेबिलिटी में 'आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट', TTG ट्रैवल अवार्ड्स 2022 और 2023 में 'बेस्ट थीम अट्रैक्शन' और 2019 में 'बेस्ट अट्रैक्शन एक्सपीरियंस' का खिताब भी मिल चुका है। यह जगह अपनी खूबियों को लगातार निखार रही है, ताकि यह एक ऐसी जगह बनी रहे जहां हर कोई मजे कर सके।

सोशल मीडिया की चमक के बीच पढ़ाई में भी चमकी जमशेदपुर की अनुष्का, जिले में हासिल किया चौथा स्थान

 

जमशेदपुर की अनुष्का ने सोशल मीडिया और पढ़ाई के बीच बनाया शानदार संतुलन, हासिल किया जिला स्तर पर चौथा स्थान

जहां आज के समय में सोशल मीडिया को अक्सर पढ़ाई से भटकाव का कारण माना जाता है, वहीं टेल्को की अनुष्का ठाकुर ने अपनी मेहनत और अनुशासन से इस सोच को बदलकर रख दिया है। कैमरे के सामने आत्मविश्वास के साथ व्लॉगिंग करना, फैमिली के साथ मस्ती भरे वीडियो बनाना, ट्रेंडिंग गानों पर डांस रील्स तैयार करना और दूसरी तरफ पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में चौथा स्थान हासिल करना... अनुष्का की कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जमशेदपुर विद्या भारती चिन्मया विद्यालय की छात्रा अनुष्का ने आर्ट्स विषय में 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी पहचान है और बढ़ते फॉलोअर्स की वजह से उन्हें कई ब्रांड्स के कोलैबोरेशन भी मिलते हैं। इसके बावजूद उन्होंने कभी अपनी पढ़ाई को पीछे नहीं होने दिया।

अनुष्का मानती हैं कि सोशल मीडिया तभी तक अच्छा है, जब तक वह आपकी जिंदगी और लक्ष्य पर हावी न हो। उन्होंने पढ़ाई और कंटेंट क्रिएशन के बीच ऐसा संतुलन बनाया कि दोनों में ही अपनी अलग पहचान कायम कर सकीं। परीक्षा के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाया और नियमित रूटीन के साथ तैयारी की।

उनकी मां निशा ठाकुर और पिता राजेश कुमार ठाकुर बताते हैं कि अनुष्का शुरू से ही अपने काम को लेकर गंभीर रही हैं। चाहे पढ़ाई हो या सोशल मीडिया, उन्होंने हर चीज को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से किया। अनुष्का की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत लगातार की जाए, तो क्रिएटिविटी और पढ़ाई एक-दूसरे की रुकावट नहीं बल्कि सफलता की नई पहचान बन सकती हैं। आज अनुष्का की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे टेल्को और शहर के लिए गर्व की बात बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सपनों को पूरा करने के लिए जरूरी सिर्फ मेहनत, अनुशासन और खुद पर विश्वास होता है।

राजगढ़ में उमड़ा आस्था का सैलाब: वटवृक्ष से प्रकट विश्व की पहली 'प्राकृतिक सिंदूरी' शनि प्रतिमा पर मना जन्मोत्सव



 




  सरदारपुर/राजगढ़। धार जिले के सरदारपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक नगर राजगढ़ की शनि गली स्थित अति प्राचीन श्री शनि शीतला माता मंदिर में शनिवार को शनि जयंती का महापर्व अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर अलौकिक सिंदूरी विग्रह के दर्शन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे दिन मंदिर परिसर 'जय शनिदेव' के जयकारों से गुंजायमान रहा।
श्री शनि शीतला माता मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित इस एक दिवसीय धार्मिक महोत्सव की शुरुआत सुबह विशेष अभिषेक और पूजन के साथ हुई। दोपहर ठीक 12 बजे भगवान शनिदेव के जन्मोत्सव की मुख्य महाआरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय एवं क्षेत्रीय श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ कमाया। इसके पश्चात शाम 4 बजे भगवान को भोग अर्पित कर भोग आरती संपन्न की गई, जिसके तुरंत बाद भव्य भोग प्रसादी (भंडारे) का वितरण शुरू हुआ, जो रात लगभग 9 बजे तक चलता रहा। इस महाप्रसादी के सफल आयोजन में समिति द्वारा शेयर भक्त बने श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। उत्सव का समापन आयोजित हुई भव्य महाआरती के साथ हुआ।






विश्व की एकमात्र 'प्राकृतिक' सिंदूरी प्रतिमा है मुख्य आकर्षण


 मंदिर के इतिहास और भूगर्भीय साक्ष्यों के अनुसार,अमूमन पूरे विश्व में शनिदेव की प्रतिमाएं पारंपरिक काले पाषाण रूप में ही पूजी जाती हैं, परंतु राजगढ़ का यह विग्रह अपनी उत्पत्ति से ही अद्वितीय है। सदियों पूर्व यहाँ स्थित एक विशालकाय और प्राचीन वटवृक्ष (बरगद) की कोख और जटाओं को चीरकर यह पाषाण रूप स्वतः भूगर्भ से प्रकट हुआ था। सबसे दुर्लभ बात यह है कि यह स्वयंभू विग्रह अपने प्राकट्य काल से ही प्राकृतिक रूप से सिंदूरी आभा लिए हुए अवतरित हुआ था, जिसे पूरे विश्व की पहली प्राकृतिक सिंदूर प्रतिमा माना जाता है।

  वर्तमान में मंदिर समिति द्वारा गर्भगृह में मूल पाषाण स्वरूप के ऊपर चांदी का भव्य मुकुट,छत्र और राजसी चोला चढ़ाकर अत्यंत सौम्य और मनभावन श्रृंगार किया जा रहा है। शनि जयंती के इस पावन पर्व पर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा पुख्ता सुरक्षा और दर्शन व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुगमता से भगवान के दर्शन किए।।

टैबोर ने सॉफ्टवेयर-डिफाइंड SDR प्लेटफॉर्म के साथ एंटी-ड्रोन टेस्टिंग को नया रूप दिया

नेशर, इज़राइल

टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स ने आज अपने एंटी-ड्रोन टेस्ट एंड इवैल्यूएशन (T&E) सॉल्यूशन के कमर्शियल रिलीज़ की घोषणा की, जो काउंटर-अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (C-UAS) को वैलिडेट करने के लिए एक सॉफ्टवेयर-डिफाइंड तरीका पेश करता है। कंपनी के प्रोटियस™ सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (SDR) प्लेटफॉर्म पर बना यह सॉल्यूशन डिफेंस और सिक्योरिटी ऑर्गनाइज़ेशन को तेज़ी से बदलते खतरे वाले माहौल में काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजी को टेस्ट और डिप्लॉय करने में मदद करता है।

जैसे-जैसे कम कीमत वाले ड्रोन बढ़ रहे हैं और कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल बदल रहे हैं, पारंपरिक हार्डवेयर-बाउंड टेस्ट एनवायरनमेंट तालमेल बिठाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं। टैबोर काप्लेटफॉर्म इन दिक्कतों को एक प्रोग्रामेबल फ्रेमवर्क से बदल देता है जो इंजीनियरिंग टीमों को कंट्रोल्ड लैब एनवायरनमेंट में असल दुनिया के RF सिनेरियो को कॉपी और वैलिडेट करने की सुविधा देता है - जिससे लंबे फील्ड टेस्टिंग पर निर्भरता कम होती है और डेवलपमेंट टाइमलाइन भी तेज होती है।

शुरू में जानी-मानी एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ मिलकर बनाया गया यह सॉल्यूशन, एक्टिव डेवलपमेंट और इंटीग्रेशन वर्कफ़्लो में पहले ही साबित हो चुका है। इसका कमर्शियल रिलीज़ डिफ़ेंस, होमलैंड सिक्योरिटी, पब्लिक सेफ़्टी और क्रिटिकल इंफ़्रास्ट्रक्चर से जुड़े ऑर्गनाइज़ेशन के लिए एक फ़ील्ड-टेस्टेड अप्रोच लाता है।

इस प्लेटफॉर्म के कोर में टैबोर का प्रोटियस SDR आर्किटेक्चर है, जो एक कॉम्पैक्ट COTS सिस्टम में वाइडबैंड RF सिग्नल जेनरेशन और एक्विजिशन को रियल-टाइम FPGA प्रोसेसिंग, डीप मेमोरी और हाई-थ्रूपुट डेटा मूवमेंट के साथ जोड़ता है। यह इंटीग्रेशन क्लोज्ड-लूप टेस्टिंग कोइनेबल करता है, जहाँ डिटेक्शन और मिटिगेशन टेक्नीक को रियलिस्टिक RF कंडीशन में लगातार वैलिडेट और रिफाइन किया जा सकता है।

सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वैलिडेशन की ओर बदलाव

टैबोर का सॉल्यूशन C-UAS सिस्टम को टेस्ट करने का तरीका बदल देता है, क्योंकि यह वैलिडेशन को लैब में स्थानांतरित करता है और सॉफ्टवेयर के ज़रिए तेज़ी से इटरेशन को मुमकिन बनाता है। हार्डवेयर में बदलाव किए बिना नए थ्रेट सिनेरियो लाए जा सकते हैं, जिससे टीमें तेजी से अनुकूलन कर सकती हैं और लैब वैलिडेशन तथा वास्तविक प्रदर्शन के बीच निरंतरता बनाए रख सकती हैं।

 
इस तरीके से ऑपरेशनल फायदे साफ़ तौर पर मिलते हैं:

तेज़ विकास और एकीकरण चक्र

फील्ड परीक्षण पर निर्भरता कम होना

डिप्लॉयमेंट से पहले अनुमानित सिस्टम परफॉर्मेंस सक्षम करना

टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का लंबा जीवनकाल

कई RF टेस्ट फंक्शन को एक ही स्केलेबल SDR प्लेटफॉर्म में मिलाकर, ऑर्गनाइज़ेशन टूल के बिखराव को भी कम कर सकते हैं और प्रोग्राम में एसेट के इस्तेमाल को बेहतर बना सकते हैं।

प्रोटियस SDR प्लेटफॉर्म का परिचय

प्रोटियस प्लेटफॉर्म एक डायरेक्ट डिजिटल RF आर्किटेक्चर पर आधारित है, जो सटीक थ्रेट एमुलेशन के लिए हाई इंस्टेंटेनियस बैंडविड्थ के साथ वाइड-फ्रीक्वेंसी सिग्नल जेनरेशन और एक्विजिशन को सपोर्ट करता है। प्रोग्रामेबल FPGA रिसोर्स रियल-टाइम एडैप्टेबिलिटी को इनेबल करते हैं, जबकि फ्लेक्सिबल फॉर्म फैक्टर्स - जिसमें बेंचटॉप, डेस्कटॉप और PXI शामिल हैं, कंपोनेंट-लेवल डेवलपमेंट और पूरे सिस्टम इवैल्यूएशन दोनों को सपोर्ट करते हैं। मल्टी-चैनल फेज-कोहेरेंट ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स, सिंक्रोनाइज्ड टेस्ट सिनेरियो को इनेबल करता है।

 

टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स के चीफ़ प्रोडक्ट ऑफ़िसर मार्क एलो ने कहा, “काउंटर-ड्रोन सिस्टम ऐसे माहौल में इस्तेमाल किए जा रहे हैं जहाँ खतरे पारंपरिक वैलिडेशन तरीकों की तुलना में तेज़ी से बढ़ते हैं। हमने इस कमी को पूरा करने के लिए यह प्लेटफ़ॉर्म बनाया है और टीमों को यह टेस्ट करने की क्षमता देता है कि आगे क्या होने वाला है, न कि जो पहले से पता है।”

टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स के बारे में

1971 में शुरू हुई, टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स सिग्नल जेनरेशन और एक्विजिशन सॉल्यूशन की एक ग्लोबल प्रोवाइडर है जो डिफेंस, एयरोस्पेस, कम्युनिकेशन और एडवांस्ड रिसर्च मार्केट में सर्विस देती है। कंपनी कॉम्पैक्ट, स्केलेबल आर्किटेक्चर, लंबे प्लेटफॉर्म लाइफसाइकिल और दुनिया भर में OEM और सिस्टम इंटीग्रेटर्स के साथ करीबी सहयोग के लिए जानी जाती है।

 

अधिक जानकारी के लिए: info.taborelec.com/drone-test-guide  | www.taborelec.com

टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स 19–21 मई 2026 को हेलसिंकी, फिनलैंड में आयोजित AOC Europe में बूथ 5S13 पर इस समाधान का प्रदर्शन करेगी।

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