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राजगढ़ में धर्मध्वजा के साथ हुआ साध्वी-संघ का भव्य चातुर्मास प्रवेश,नगर में रोज बहेगी प्रवचन-गंगा






 



  राजगढ़ (धार) | पूज्य दादा गुरुदेव श्री की जन्म द्वि-शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर राजगढ़ नगर में साध्वी-संघ के चातुर्मास प्रवेश का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरा नगर आस्था में डूबा नजर आया।

  पुण्य सम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेन सुरिश्वरजी महाराज साहब के पटधर, पूज्य गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सुरिश्वरजी महाराज साहब एवं आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सुरिश्वरजी महाराज साहब की आज्ञानुवर्ती परम पूज्य गुरुणी साध्वी श्री शशिकलाश्रीजी महाराज साहब की सुशिष्या, सरल स्वभावी साध्वीजी श्री अनंतदृष्टाश्रीजी महाराज साहब एवं प्रवचन प्रभावी साध्वीजी श्री मयूरकलाश्रीजी महाराज साहब सहित 23 श्रमणी भगवंतों ने राजगढ़ नगर में चातुर्मास हेतु प्रवेश किया।

  प्रवेश शोभायात्रा से पूर्व सकल श्री संघ की नवकारसी का आयोजन किया गया, जिसका लाभ जीवन लाल जी रतन लाल जी मुठरिया परिवार (राजगढ़) ने लिया। इसके पश्चात मुठरिया परिवार के निवास से भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई। जुलूस के आगे-आगे धर्म ध्वजा और बैंड वाले चल रहे थे।

 शोभायात्रा में विभिन्न पुण्यार्थी परिवारों द्वारा आध्यात्मिक लाभ लिया गया। मंगल कलश का लाभ श्री कांतिलाल जी कनकमल जी जैन परिवार ने, प्रथम गहुली का लाभ श्री सौभागमल जी हीराचंद जी भंडारी परिवार ने लिया। वहीं, बग्गी (रथ) में श्री महावीर स्वामी भगवान का फोटो स्थापित करने का लाभ श्री केसरचंद जी वर्दीचंद जी तातेंड परिवार ने तथा दादा गुरुदेव एवं पुण्य सम्राट का फोटो लेकर बग्गी में बैठने का पुण्य श्री अमृतलाल जी प्यारचंद जी मोदी परिवार (राजगढ़) ने प्राप्त किया।

  यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई राजेंद्र भवन पहुंची,जहाँ मंगलाचरण के पश्चात स्वागत गीत प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में भंवर जी कोठारी, बाबू भाई भगत एवं  नवीन भाई बल्लू के साथ ही सभी लाभार्थी परिवारों का बहुमान किया गया। तत्पश्चात पूज्य साध्वी जी भगवंतों को कामली ओढ़ाई गई।

  इस अवसर पर साध्वी जी भगवंतों के प्रेरक प्रवचन हुए, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। प्रवचन के पश्चात श्री संघ एवं चातुर्मास समिति द्वारा सभी साध्वी जी भगवंतों के माता-पिता का भी सम्मान किया गया।

  कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन मध्य प्रदेश त्रिस्तुतिक श्री संघ के अध्यक्ष सुरेश तातेंड ने दिया। इस भव्य आयोजन में अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश छाजेड़, तरुण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य धोका, परिषद के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रमेश धाड़ीवाल एवं प्रदेश अध्यक्ष मोहित तातेंड विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 कार्यक्रम का संचालन कीर्ति भंडारी एवं हर्ष बाफना द्वारा किया गया, जबकि चातुर्मास समिति अध्यक्ष कांतिलाल जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।

इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ राजगढ़, गुरु राजेंद्र द्वि-शताब्दी वर्षावास समिति,अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद, महिला परिषद,तरुण परिषद एवं बहू परिषद का विशेष सहयोग रहा। सभी ने मिलकर सुव्यवस्थित प्रबंध किए।

 धर्मसभा के पश्चात श्री त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ राजगढ़ एवं बाहर से पधारे अतिथियों का स्वामी वात्सल्य ओसवाल धर्मशाला में आतिथ्य रखा गया, जिसका पुण्यलाभ श्रीमती शांताबाई केसरचंद  तातेंड परिवार ने लिया।

 गौरतलब है कि चातुर्मास काल के दौरान राजगढ़ नगर में रोजाना प्रवचनों की गंगा बहेगी। इस चार माह की अवधि में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए समिति द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

 यह जानकारी चातुर्मास समिति के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र भंडारी ने दी।

चातुर्मास 29 जुलाई से,संयम और संस्कारों से जुड़ेगा समाज,चार माह तक एक ही स्थान पर रहकर जनजागरण करेंगे जैन साधु-साध्वी






 




 धर्म । जैन धर्म का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधना काल चातुर्मास इस वर्ष 29 जुलाई से प्रारंभ होगा। वर्षा ऋतु के चार महीनों में जैन साधु-साध्वियाँ एक ही स्थान पर निवास कर आत्मसाधना, स्वाध्याय, प्रवचन, तप, त्याग एवं धर्मप्रभावना के माध्यम से समाज को संयम, सदाचार और नैतिक जीवन का संदेश देंगे। इस अवधि में जैन मंदिरों, स्थानकों एवं उपाश्रयों में धार्मिक आराधनाओं, संस्कारमय कार्यक्रमों तथा आध्यात्मिक गतिविधियों का विशेष वातावरण रहेगा।

  श्रमण डॉ. पुष्पेंद्र ने बताया कि जैन आगमों में चातुर्मास का विशेष महत्व बताया गया है। वर्षा ऋतु में असंख्य सूक्ष्म जीव-जंतुओं की उत्पत्ति होती है, इसलिए अहिंसा की भावना को सर्वोपरि रखते हुए जैन साधु-साध्वियाँ इस काल में निरंतर विहार नहीं करते, बल्कि एक ही स्थान पर निवास करते हैं। आगमिक परंपरा के अनुसार वे चातुर्मास के दौरान शहर सीमा से चार कोस (लगभग 10 किलोमीटर) की निर्धारित सीमा से बाहर नहीं जाते। इस वर्ष पक्खी पर्व होने के कारण चातुर्मास का शुभारंभ 29 जुलाई से होगा।

  उन्होंने कहा कि चातुर्मास केवल संतों का स्थिर निवास नहीं, बल्कि समाज के आध्यात्मिक जागरण का चार माह का विशेष अभियान है। इस दौरान प्रतिदिन प्रवचन, स्वाध्याय, सामायिक, प्रतिक्रमण, जप, तप, ध्यान, आयंबिल, उपवास, एकासन, पौषध, नवकारसी, भक्ति एवं विभिन्न आराधनाएँ कराई जाती हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्याग, व्रत एवं आत्मसंयम का संकल्प लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करते हैं।

वर्तमान समय में चातुर्मास का महत्व

  श्रमण डॉ पुष्पेंद्र ने बताया कि आज का समाज भौतिक सुख-सुविधाओं, तनाव, प्रतिस्पर्धा, उपभोक्तावाद और मानसिक अशांति से जूझ रहा है। ऐसे समय में चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, अनुशासित और मूल्यनिष्ठ बनाने का अवसर प्रदान करता है।

  उन्होंने कहा कि चातुर्मास व्यक्ति को संयम, आत्मनिरीक्षण, अनुशासन, सादगी, पर्यावरण संरक्षण, जीवदया, नैतिकता और पारिवारिक संस्कारों से जोड़ता है। यह पर्व लोगों को अपनी दिनचर्या सुधारने, क्रोध, लोभ, अहंकार और आसक्ति पर नियंत्रण रखने तथा आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। वर्तमान समय में जब मानसिक तनाव और सामाजिक विघटन बढ़ रहा है, तब चातुर्मास का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक और आवश्यक बन गया है।

सात्विक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा

  चातुर्मास के दौरान सात्विक एवं संतुलित भोजन पर विशेष बल दिया जाता है। गरिष्ठ भोजन का त्याग किया जाता है तथा जमीकंद (आलू, प्याज, लहसुन, अदरक आदि) का उपयोग नहीं किया जाता। अनेक श्रद्धालु बीज, पंचमी, अष्टमी, एकादशी तथा चतुर्दशी जैसे विशेष दिनों में हरी सब्जियों एवं फलों का भी त्याग करते हैं। बाजार में बने खाद्य पदार्थों से भी यथासंभव परहेज किया जाता है। इस अवधि में श्रद्धालु एकासन, उपवास, आयंबिल, पौषध, सामायिक और प्रतिक्रमण जैसी आराधनाएँ करते हैं। आयंबिल में नमक, घी, तेल, मिर्च, मसाले एवं स्वादवर्धक पदार्थों का त्याग कर अत्यंत सादा भोजन ग्रहण किया जाता है, जबकि उपवास के दौरान केवल उबला हुआ जल सूर्य अस्त से पहले ग्रहण किया जाता है।

चातुर्मास के प्रमुख पर्व

 चातुर्मास के चार माह धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस दौरान प्रमुख पर्व इस प्रकार हैं—

* 29 जुलाई – चातुर्मास प्रारंभ
* 8 सितंबर – पर्यूषण महापर्व प्रारंभ (श्वेतांबर)
* 15 सितंबर – संवत्सरी महापर्व एवं दशलक्षण पर्व प्रारंभ (दिगंबर)
* 25 सितंबर – अनंत चतुर्दशी
* ⁠18 अक्टूबर – नवपद आयंबिल ओली प्रारंभ
* 9 नवंबर – भगवान महावीर का 2553वाँ निर्वाण कल्याणक
* 10 नवंबर – गौतम प्रतिपदा एवं वीर निर्वाण संवत् 2553 का शुभारंभ
* 14 नवंबर – ज्ञान पंचमी
* 24 नवंबर – चातुर्मास पूर्णाहुति

 इन पर्वों के अतिरिक्त चार माह के दौरान संतों की जन्म जयंती, पुण्यतिथि, धार्मिक संगोष्ठियाँ, संस्कार शिविर, युवा एवं महिला सम्मेलन, सामूहिक आराधनाएँ तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

देशभर में 19 हजार से अधिक साधु-साध्वियाँ

  श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमण संघ द्वारा वर्ष 2026 में जारी सूची के अनुसार इस वर्ष श्रमण संघ के आचार्य डॉ शिवमुनि की आज्ञा में 78 साधु चातुर्मास तथा 284 साध्वी चातुर्मास, कुल 362 चातुर्मास निर्धारित हैं। श्रमण संघ में वर्तमान में 214 साधु एवं 961 साध्वियाँ धर्मप्रभावना में सक्रिय हैं।

  देश की चारों प्रमुख जैन परंपराओं—स्थानकवासी, मूर्तिपूजक (मंदिरमार्गी), तेरापंथ एवं दिगंबर—को मिलाकर वर्तमान में लगभग 19 हजार से अधिक साधु-साध्वियाँ देशभर में धर्म, शिक्षा, संस्कार, नैतिकता, अहिंसा एवं सामाजिक जागरण का कार्य कर रहे हैं।


थाना राजगढ़ में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक का आयोजन







 




 राजगढ़ (धार)। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत आज थाना राजगढ़ क्षेत्र के मेला मैदान एवं बस स्टैंड राजगढ़ में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को नशा मुक्ति का संदेश दिया गया।

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नशा मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत मध्यप्रदेश में 15 जुलाई से "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में प्रदेशभर में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

  इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर के मार्गदर्शन में, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सरदारपुर विश्वदीप सिंह परिहार तथा थाना प्रभारी राजगढ़ समीर पाटीदार की उपस्थिति में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

 नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने नशे के दुष्परिणामों का प्रभावी मंचन करते हुए आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने भी नशे के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान में सहयोग देने का संकल्प लिया।

 राजगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशा मुक्त बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं।


"पौधा आप लगाए,पेड़ हम बनाएंगे"






 




  राजगढ़ (धार)।  राजगढ़ में डॉ. बलबहादुरसिंह राठौड़ के 'लक्ष्य 1008 वृक्षारोपण' की श्रृंखला के तहत आज वाइब्रेंट वुमन्स रोटरी कम्युनिटी क्रॉप्स द्वारा श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर, श्री मोहनखेड़ा तीर्थ में पौधारोपण किया गया।

  यह समाजसेवी समूह हमेशा अपने सामाजिक कार्यों के लिए पहचाना जाता है। आज के कार्यक्रम में क्लब की सदस्यों में पर्यावरण बचाने को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।

  इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. बलबहादुरसिंह राठौड़, सोहन पटेल, प्रफुल रावल, निलेश सोनी, श्री गोविंद चौधरी, नवीन बानिया, श्री शुभम जोकचंद, श्री प्रेमपालसिंह चौधरी, श्रीमती माया भारद्वाज, सुश्री संगीता मकवाना, सुश्री सुजाता राठौर, वाइब्रेंट वुमन्स अध्यक्ष ललिता जैन, सीमा जैन, सुश्री चेतना वागरेचा, मीनाक्षी रायखलिया, भारती बोराना, पायल पुराणी, कुसुम बाहेती, अनीता बानिया, रश्मि चौधरी, रानी गुप्ता, रितु सोनी आदि उपस्थित रहे।

  जानकारी क्लब अध्यक्ष श्रीमती ललिता जैन द्वारा दी गई। कार्यक्रम के अंत में क्लब की संरक्षिका सदस्या श्रीमती सीमा जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।

 इस अवसर पर सभी ने डॉ. बलबहादुरसिंह राठौड़ के लक्ष्य 'पौधा आप लगाए, पेड़ हम बनाएंगे' के संकल्प के साथ धरती को हरा-भरा बनाने की बात कही।

 इसके अलावा, क्लब द्वारा वैभव नगर स्थित शिव मंदिर में भी पौधारोपण किया गया।

राजगढ़ नगर में भव्य चातुर्मास मंगल प्रवेश 20 जुलाई काे







 



  दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की अंतिम साधना स्थली (स्वर्गारोहण पुण्यभूमि) पर साध्वीश्री का चातुर्मास प्रवेश हाेगा

  राजगढ़ (धार ) । पूज्य दादा गुरुदेवश्री की जन्म द्विशताब्दी वर्ष निमित्त, पुण्यसम्राट श्रीमद्विजय जयन्तसेनसूरीश्वरजी म. सा. के पट्टधर पूज्य गच्छाधिपति श्रीमद्विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म. सा. एवं आचार्य श्रीमद्विजय जयरत्नसूरीश्वरजी म. सा. आज्ञानुवर्तिनी प. पू. गुरुणी साध्वीश्री शशिकलाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या सरल स्वभावी साध्वीजी श्री अनंतदृष्टाश्रीजी म.सा. एवं प्रवचन प्रभावी साध्वीजी श्री मयूरकलाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा  23 श्रमणी भगवन्ताें का चातुर्मास प्रवेश साेमवार दिनांक 20 जुलाई 2026 काे राजगढ नगर में हाेगा ।

   उक्त जानकारी देते हुए चातुर्मास समिति अध्यक्ष श्री कांतिलालजी जैन ने बताया कि इस प्रवेश प्रसंग पर प्रात: सकल जैन श्रीसंघ की नवकारसी का आयाेजन पाेरवाल धर्मशाला पर हाेगा, जिसका लाभ श्री जीवनलालजी रतनलालजी मुठरिया परिवार ने लिया पश्चात् श्री जीवनलालजी मुठरिया के निवास तिलक मार्ग से प्रवेश शोभायात्रा प्रारंभ हाेगी, जाे नगर के प्रमुख मार्गाें पर हाेकर  कार्यक्रम स्थल राजेंद्र भवन में धर्मसभा में परिवर्तित हाेगी । धर्मसभा पश्चात् श्री त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ राजगढ एवं बाहर से पधारे अतिथियाें का स्वामीवात्सल्य श्री ओसवाल धर्मशाला मे हाेगा, जिसका लाभ श्रीमती शांताबाई केशरचंदजी तातेड परिवार द्वारा लिया गया । 
साथ ही प्रवेश जुलस मे मंगल कलश का लाभ श्री कांतिलालजी कनकमलजी जैन परिवार, प्रथम गहुली का लाभ श्री साैभामगलजी हीराचंदजी भण्डारी परिवार, बग्गी में श्री महावीर स्वामी भगवान का फोटाे लेकर बैठने का लाभ श्री केशरचदंजी वरदीचंदजी तातेड परिवार एवं बग्गी मे दादागुरुदेवश्री व पुण्यसम्राटश्री का फोटाे लेकर बैठने का लाभ श्री अमृतलालजी प्यारचंदजी माेदी परिवार द्वारा लिया गया ।

 चातुर्मास आयाेजक श्री साैधर्म बृहत्तपाेगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ, राजगढ़ की ओर से चातुर्मास प्रवेश एवं चातुर्मास में हाेने वाले अनेक कार्यक्रम काे लेकर तैयारी पूर्ण कर ली गई है
  जैन समाज में चातुर्मास का विशिष्ट महत्व है चातुर्मास काल के अंतर्गत सभी साधु एवं साध्वी भगवंत चार माह तक एक ही स्थान पर अपनी स्थिरता रखते हैं तथा जहां-जहां अलग-अलग नगर में आपकी स्थिरता रहती है वहां धर्म जप त्याग साधना आराधना प्रवचन की गंगा बहती हैं आपके प्रवचनाें के माध्यम से अनेक व्यक्तियाें के जीवन में बदलाव आते हैं ।
  कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए  त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ राजगढ़, गुरु राजेन्द्र द्विशताब्दी वर्षावास समिति एवं अ. भा. श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक, महिला, तरुण, बहु परिषद् की ओर से सुव्यवस्थित व्यवस्था संचालित की जा रही है ।

CMO संतोष चौहान ने रेलियां डेम में अमृत 2.0 फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया,वार्ड 3 के टेंचिंग ग्राउंड की भी ली जायजा

Nagar Parishad Rajgarh CMO with engineers during site visit July 2026





 



 राजगढ़ (धार) | नगर परिषद राजगढ़ के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) संतोष चौहान ने आज शहर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य परियोजनाओं की गति और गुणवत्ता को परखना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

  सीएमओ ने सबसे पहले रेलियां डेम का दौरा किया और अमृत 2.0 योजना के तहत निर्माणाधीन फिल्टर प्लांट की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए कि फिल्टर प्लांट के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "नगरवासियों को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। कार्य की रफ्तार बढ़ाई जाए और इसे निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा किया जाए।"

 इसके बाद सीएमओ ने वार्ड क्रमांक 03 स्थित टेंचिंग ग्राउंड (कचरा डंपिंग साइट) का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कचरा प्रबंधन, सेग्रीगेशन और स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए तथा इसके आस-पास के क्षेत्रों में दुर्गंध या स्वच्छता संबंधी कोई परेशानी न हो। डंपिंग साइट पर स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया। इस दौरान नगर निकाय के उपयंत्री एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

 CMO संतोष चौहान का कहना है :"नगर का विकास और नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना हमारा मुख्य लक्ष्य है। अमृत 2.0 के तहत बन रहा फिल्टर प्लांट शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा। सभी अधिकारी और निर्माण एजेंसियां पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ काम समय पर पूरा करें।"

प्रदेश में "खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार" तक विकसित की जा रही है संपूर्ण कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

`CM Dr. Mohan Yadav ne kaha MP mein 'Khet se Karkhane aur Karkhane se Bazar' tak sampurn krishi arthavyavastha viksit ki ja rahi hai. Kisan Kalyan Varsh 2026 ki ghoshna.`






 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर से किया राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ
प्रदेश के सभी 55 जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक होंगे अनेक आयोजन और होंगी खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां
किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेशव्यापी अभियान में 16 विभागों के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने का रोडमैप तैयार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेती के हित और किसानों के कल्याण के लिये की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं

 इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को "किसान कल्याण वर्ष" के रूप में समर्पित किया है। इस उद्देश्य से कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, एमएसएमई, राजस्व, ऊर्जा सहित 16 विभागों को एक साथ लाकर किसानों के समग्र विकास का अभियान प्रारंभ किया गया है और किसानों की आय बढ़ाने के लिये रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने, प्रसंस्करण, विपणन और रोजगार से जोड़ने का व्यापक अभियान है, जो अब पूरे प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक अनेक आयोजन होंगे और खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि देश के इन चार वर्गों का विकास सुनिश्चित हो जाता है तो भारत की उन्नति स्वतः सुनिश्चित हो जाएगी। किसान इन चारों वर्गों के केंद्र में है, इसलिए सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने उद्योग एवं रोजगार वर्ष मनाया था, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश धरातल पर उतर रहे हैं। अब उसी प्रकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा रहा है।

  इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री ओम जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री कपिल यार्दें सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

  शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश की 250 से अधिक नदियाँ लाखों लोगों के जीवन को समृद्ध बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने नर्मदा जैसी जीवनदायिनी नदी के जल का समुचित उपयोग नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नर्मदा घाटी परियोजनाओं को नई गति मिली। अनेक योजनाओं ने मालवा अंचल को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराया तथा प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता को भी मजबूत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1956 से लेकर 2003 तक प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध थी, जबकि हमारी सरकारों ने इसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया है। आगामी वर्षों में सिंचित क्षेत्र को और बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान की समृद्धि का आधार पानी, बिजली और सड़क है। इन तीनों क्षेत्रों में सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को अब रात्रि के बजाय दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और खेती करना अधिक सुविधाजनक होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इस वर्ष गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की गई। इसी प्रकार सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों को छोड़कर अन्य पूर्ववर्ती सरकारों के समय किसानों को न उचित मूल्य मिलता था और न ही समर्थन मूल्य पर व्यवस्थित खरीदी होती थी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब किसानों को हर छह माह में ऋण नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। किसान यदि जून में ऋण लेते हैं तो अगले वर्ष जून में ही राशि जमा कर सकेंगे। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

नदी जोड़ों परियोजनाओं से मिलेगा 13 जिलों को लाभ

  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय परिकल्पित केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना मध्यप्रदेश के जल इतिहास को बदल देंगी। लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं से श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, नीमच, मंदसौर सहित 13 जिलों को सिंचाई एवं पेयजल का लाभ मिलेगा। इससे पश्चिमी मध्यप्रदेश और मालवा क्षेत्र को भी बड़ी राहत मिलेगी।

  मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सरकार खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि "खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार" तक संपूर्ण कृषि अर्थव्यवस्था विकसित की जा रही है। प्रदेश में तेजी से फूड प्रोसेसिंग इकाइयाँ स्थापित हो रही हैं। हाल ही में उज्जैन में 1250 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आलू प्रसंस्करण इकाई प्रदेश के 32 जिलों से आलू खरीदेगी, जिससे किसानों को स्थायी बाजार मिलेगा। इसी प्रकार इंदौर, आगर, उज्जैन सहित अनेक जिलों में कृषि आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं।

  ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन के लिए शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना

  उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस योजना प्रारंभ की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन में लगभग 12 प्रतिशत योगदान देता है। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना है। उन्होंने घोषणा की कि 40 लाख रुपये तक की डेयरी इकाई स्थापित करने पर सरकार 10 लाख रुपये का अनुदान देगी, जिससे युवाओं और किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर गौशालाओं का संचालन कर रही है। गौशाला संचालकों को प्रति गौवंश 40 रुपये प्रतिदिन अनुदान दिया जाएगा। साथ ही फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले नीलगाय एवं अन्य वन्य पशुओं के प्रबंधन के लिए भी विशेष योजना लागू की जा रही है।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ हुए समझौते के बाद किसानों को दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक की अतिरिक्त आय मिल रही है। उन्होंने एक किसान का उदाहरण देते हुए कहा कि बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आय में प्रतिदिन हजारों रुपये की वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की जीडीपी का लगभग 43 प्रतिशत योगदान कृषि क्षेत्र से प्राप्त हो रहा है। मध्यप्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। मोटे अनाज, बाजरा, धनिया, लहसुन, संतरा, सोयाबीन, गेहूं, दलहन एवं तिलहन उत्पादन में प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। फूलों की खेती में भी मध्यप्रदेश देश में दूसरा स्थान रखता है।

  उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए धार जिले में प्रधानमंत्री मित्र टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे कपास से धागा, कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट तक का संपूर्ण औद्योगिक तंत्र विकसित होगा तथा किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा। बलराम कृषि महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बलराम की पूजा-अर्चना करते हुए कहा कि हल भारतीय कृषि संस्कृति, श्रम और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने किसानों से किसान कल्याण वर्ष को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं—

• इंदौर की वर्तमान कृषि उपज मंडी को स्थानांतरित कर आधुनिक एवं विशाल कृषि उपज मंडी विकसित की जाएगी।

• संबंधित क्षेत्र में देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

• मंडी क्षेत्र के प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की घोषणा।

• किसानों को दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की जाएगी।

• 40 लाख रुपये तक की डेयरी स्थापना पर 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

• गौशाला संचालन के लिए प्रति गौवंश 40 रुपये प्रतिदिन अनुदान जारी रहेगा।

• किसानों की आय बढ़ाने के लिए फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि आधारित उद्योगों का व्यापक विस्तार किया जाएगा।

• फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली नीलगाय एवं अन्य वन्य पशुओं के प्रबंधन के लिए विशेष योजना लागू होगी। हेलिकॉप्टर से नीलगाय एवं अन्य वन्य पशुओं के नियंत्रण की योजना बनेगी।

  महोत्सव में किसानों को मिली एक ही मंच पर सभी विभागों की जानकारी

  बलराम कृषि महोत्सव में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, एमएसएमई, ऊर्जा, राजस्व सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, ड्रोन तकनीक, कृषि यंत्रीकरण, उद्यानिकी, डेयरी, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि ऋण, बीमा, विपणन, मूल्य संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को विभागीय विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने का अवसर भी उपलब्ध कराया गया।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ठ किसान, किसानों के परिवारों के विद्यार्थियों एवं खेती-किसानी की बेहतरी के लिये लगे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का सम्मान भी किया।

 नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक खेती और ऑर्गेनिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार कार्यशालाएं आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि खेती में नई तकनीकों को अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से किसानों की आय बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

   मंत्री श्री विजयवर्गीय ने किसानों के हित में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले किसानों को कृषि ऋण पर 18 प्रतिशत तक ब्याज देना पड़ता था, जबकि प्रदेश सरकार ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई है।

  उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज किसानों के खातों में केंद्र सरकार की ओर से 6 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 6 हजार रुपये, कुल 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष सीधे हस्तांतरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं और किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  इस अवसर पर संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांव, मातृशक्ति, युवा शक्ति तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार वर्ष के सभी 365 दिन किसानों के विकास, प्रगति और समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।

  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी सोच और निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में किसानों के हित में कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के विकास, उन्नति और समृद्धि के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक और उन्नत खेती के साथ जोड़ा जा रहा है। आदर्श खेती की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें शिक्षित और प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।