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भारत में LPG साइबर घोटालों में उछाल: फर्जी बुकिंग लिंक, WhatsApp APK मैलवेयर और UPI फ्रॉड का बड़ा खुलासा

भारत में LPG से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। देशभर में अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि ठग गैस की कथित कमी की अफवाह फैलाकर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन डर और जल्दबाज़ी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को फर्जी मैसेज, कॉल और लिंक के जरिए जाल में फंसा रहे हैं।

फर्जी बुकिंग लिंक, WhatsApp APK मैलवेयर और UPI फ्रॉड का बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र, पंजाब, ओडिशा, कर्नाटक और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों से एक समान पैटर्न सामने आया है। लोगों को SMS और WhatsApp पर ऐसे मैसेज मिल रहे हैं जिनमें LPG बुकिंग फेल, पेमेंट एरर या कनेक्शन बंद होने की चेतावनी दी जाती है। इन मैसेज में फर्जी वेबसाइट लिंक या नकली कस्टमर केयर नंबर दिए जाते हैं। कई मामलों में यूजर्स को “ऑफिशियल” दिखने वाले ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है, जो बाद में फ्रॉड का कारण बनते हैं।

साइबर सुरक्षा कंपनी TraceX Labs के अनुसार, यह घोटाला अब केवल साधारण फिशिंग तक सीमित नहीं है। हमलावर ट्रोजन से संक्रमित APK फाइल्स का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें Remote Access Trojan (RAT) छिपा होता है। जैसे ही यूजर इसे इंस्टॉल करता है, हमलावर उसके फोन का पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं—जिससे वे OTP पढ़ सकते हैं, मैसेज एक्सेस कर सकते हैं और बैंकिंग व UPI ऐप्स तक पहुंच बना सकते हैं।

इस फ्रॉड को और खतरनाक बनाता है एडवांस UPI बायपास टेक्निक। हमलावर टोकन-बेस्ड सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर बिना यूजर की अनुमति के ट्रांजैक्शन कर देते हैं। इससे पैसे बहुत तेजी से खाते से निकल जाते हैं और कई बार यूजर को पता भी नहीं चलता।

एक और बड़ा खतरा इसका तेजी से फैलना है। एक बार डिवाइस संक्रमित होने के बाद, मैलवेयर खुद-ब-खुद यूजर के कॉन्टैक्ट्स को फर्जी लिंक और APK फाइल्स भेजता है। क्योंकि ये मैसेज किसी जान-पहचान वाले के नंबर से आते हैं, लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं और यह स्कैम तेजी से फैलता जाता है।

इसके अलावा ठग नकली LPG बुकिंग वेबसाइट्स, कैशबैक वाले QR कोड और स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यूजर्स को लगता है कि वे सामान्य प्रक्रिया जैसे सिलेंडर बुक करना या KYC अपडेट कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में वे अपनी संवेदनशील जानकारी ठगों को दे रहे होते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक सुनियोजित साइबर अपराध नेटवर्क है, जिसमें सोशल इंजीनियरिंग, मैलवेयर और फाइनेंशियल फ्रॉड का कॉम्बिनेशन शामिल है। ठग लोगों के डर, भरोसे और जल्दबाज़ी का फायदा उठाकर उन्हें फंसा रहे हैं।

बचाव के लिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक LPG वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनवेरिफाइड APK फाइल्स डाउनलोड न करें। OTP, UPI PIN या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यहां तक कि जान-पहचान वाले नंबर से आए मैसेज पर भी बिना जांच भरोसा न करें।

सरकारी एजेंसियां लगातार जागरूकता बढ़ाने में लगी हैं। यदि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शक हो, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।

यह बढ़ता हुआ LPG स्कैम यह दिखाता है कि भारत में साइबर अपराध अब और अधिक एडवांस और खतरनाक होते जा रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

रोसड़ा के #1 गेमिंग यूट्यूबर Shubham Gaming Dude ने YouTube पर 500K सब्सक्राइबर पूरे किए

भारत के डिजिटल गेमिंग समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में, Shubham Pradhan, जिन्हें Shubham Gaming Dude के नाम से जाना जाता है, ने YouTube पर 500,000 सब्सक्राइबर का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। Rosera, Bihar से आने वाले इस युवा क्रिएटर ने अपनी मेहनत और लगातार कंटेंट बनाने की क्षमता के दम पर यह सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ ही वे रोसड़ा के नंबर 1 गेमिंग यूट्यूबर बन गए हैं।


 Shubham Gaming Dude Crosses 500K Subscribers 

Shubham Gaming Dude मुख्य रूप से Minecraft पर आधारित शॉर्ट वीडियो बनाते हैं, जो दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनके वीडियो में मनोरंजन, क्रिएटिविटी और तेज़ कहानी कहने का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है। उनके कई वीडियो 15 मिलियन और 11 मिलियन से अधिक व्यूज पार कर चुके हैं, जबकि उनके चैनल पर कुल व्यूज 61 मिलियन से भी अधिक हो चुके हैं। यह उनकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और दर्शकों के साथ मजबूत जुड़ाव को दर्शाता है।

17 सितंबर 2008 को जन्मे Shubham Pradhan को बचपन से ही गेमिंग, टेक्नोलॉजी और डिजिटल दुनिया में रुचि रही है। उन्होंने छोटे स्तर से शुरुआत करते हुए अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक अलग पहचान बनाई है। आज वे न केवल रोसड़ा के टॉप गेमिंग यूट्यूबर हैं, बल्कि भारत के उभरते हुए गेमिंग कंटेंट क्रिएटर्स में भी शामिल हो रहे हैं।

YouTube के अलावा, Shubham की मौजूदगी Instagram पर भी है, जहां उनका यूज़रनेम @shubham_gaming.dude है। कम पोस्ट होने के बावजूद उनके फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है। कुछ लोगों द्वारा इस ग्रोथ पर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन उनके YouTube प्रदर्शन और ऑडियंस एंगेजमेंट से यह साफ है कि उनका फैन बेस वास्तविक और मजबूत है।

आने वाले समय में Shubham Gaming Dude से और बड़े मुकाम हासिल करने की उम्मीद की जा रही है। उनका सफर यह साबित करता है कि छोटे शहर से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं, अगर मेहनत और लगन सच्ची हो।

राजगढ़: श्री देववंशीय मालवीय लोहार समाज मंदिर में गणगौर महोत्सव का भक्तिमय आगाज,महिलाओं ने किया पूजन-अर्चन

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  राजगढ़ (धार)। नगर के श्री देववंशीय मालवीय लोहार समाज मंदिर में आज शनिवार से दो दिवसीय गणगौर महोत्सव का हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। उत्सव के पहले दिन आज सुबह बड़ी संख्या में समाजजन और मातृशक्ति मंदिर परिसर में एकत्रित हुए,जहाँ विधि-विधान से गणगौर माता और ईसर जी का पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की गई।

    महिला मंच, राजगढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव को लेकर समाज में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सुबह के पूजन सत्र में महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में आज शनिवार शाम 6 बजे मंदिर परिसर में ही ढोलक की थाप पर सामूहिक पूजन और सुहाग गीतों का आयोजन होगा।
   
     महोत्सव के दूसरे दिन,कल रविवार 22 मार्च को शाम 6 बजे बैंड-बाजे के साथ जुलूस निकाला जाएगा। महिला मंच एवं श्री देववंशीय मालवीय लोहार समाज,राजगढ़ ने समस्त समाजजनों से इस आयोजन में सहभागिता करने का आह्वान किया है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखना और आपसी स्नेह के बंधन को और अधिक प्रगाढ़ करना है। समाज की मातृशक्ति ने इस पावन पर्व पर सभी सखियों को अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने का आग्रह किया है।

सोशल मीडिया पर स्टेटस, पोस्ट और स्टोरी का ऐसा दौर, जिसमें लोग खुद को धीरे-धीरे कैद करते जा रहे हैं

 

हर पल की अपडेट की होड़ में निजी भावनाएं हुई सार्वजनिक, सोशल मीडिया के असर से रिश्तों में बढ़ती दूरियां और बदलती जीवनशैली

आज के दौर में सोशल मीडिया सिर्फ एक माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। हर वर्ग के लोग चाहे बच्चे हों, युवा हों या बुज़ुर्ग किसी न किसी रूप में सोशल मीडिया से जुड़े हुए हैं। स्थिति यह हो गई है कि अब लोग अपने जीवन के हर छोटे-बड़े पल को ऑनलाइन साझा करना ज़रूरी समझने लगे हैं। आज समाज में एक नई प्रवृत्ति तेजी से उभर रही है, जहां किसी भी काम के बाद उसे सोशल मीडिया पर अपडेट करना लगभग अनिवार्य सा हो गया है। अगर किसी का मूड अच्छा है तो वह स्टेटस या पोस्ट के जरिए अपनी खुशी जाहिर करता है, वहीं अगर किसी से विवाद हो जाए तो वह भी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आ जाता है। निजी भावनाएं अब निजी नहीं रह गई हैं, बल्कि सार्वजनिक हो गई हैं।

इसका असर पारिवारिक रिश्तों पर भी साफ देखने को मिल रहा है। पहले जहां परिवार के भीतर उत्पन्न हुए मतभेदों को आपस में बातचीत करके सुलझाया जाता था, वहीं अब लोग उन्हें ठीक करने के बजाय सोशल मीडिया पर स्टेटस और तंज के जरिए व्यक्त करने लगे हैं। एक-दूसरे पर इशारों-इशारों में किए गए ये वार कई बार रिश्तों को और कमजोर कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि जो रिश्ते थोड़ी समझदारी और बातचीत से सुधर सकते थे, वे धीरे-धीरे टूटने लगते हैं। युवा वर्ग पर इसका प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। वे अपनी पहचान को सोशल मीडिया के जरिए स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। एक ही व्यक्ति कई प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहता है, जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप और स्नैपचैट। हर जगह मौजूद रहना और लगातार अपडेट देना आज एक ट्रेंड बन चुका है। इससे जहां एक ओर लोग जुड़े हुए महसूस करते हैं, वहीं दूसरी ओर तुलना और मानसिक दबाव जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।

बच्चों में भी सोशल मीडिया और मोबाइल का उपयोग तेजी से बढ़ा है। खेल-कूद और बाहरी गतिविधियों की जगह अब स्क्रीन ने ले ली है। इसका असर उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ रहा है। वहीं बुज़ुर्ग वर्ग सोशल मीडिया के जरिए अपने परिवार और परिचितों से जुड़े तो हैं, लेकिन कई बार वे गलत जानकारी और फेक न्यूज़ का शिकार भी हो जाते हैं। नए दौर की यह नई तकनीक इंसान को इस कदर अपनी आदत बना चुकी है कि इससे बाहर निकलना आसान नहीं रह गया है। लोग चाहकर भी खुद को इससे दूर नहीं कर पाते, क्योंकि अब यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। देखा जाए तो सोशल मीडिया ने लोगों के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। यह एक ऐसी दुनिया बना चुका है जहां व्यक्ति वास्तविक जीवन से ज्यादा वर्चुअल जीवन में सक्रिय रहने लगा है। आज के समय में “अगर कुछ सोशल मीडिया पर नहीं है, तो मानो वह हुआ ही नहीं” यह सोच समाज में गहराई तक बैठ चुकी है। ऐसी स्थिति में यह जरूरी हो जाता है कि लोग सोशल मीडिया का संतुलित और समझदारी से उपयोग करें, ताकि यह सुविधा उनके जीवन को बेहतर बनाए, न कि उसे प्रभावित करे।

राजगढ़ नगरी में चैत्र मास की शाश्वत ओली आराधना का भव्य आयोजन 25 मार्च से,श्री संघों ने किया आराधना में जुड़ने का आह्वान





 



   राजगढ़ (धार) । स्थानीय नगरी के जैन समाज में तपस्या और संयम का महापर्व 'चैत्र मास की शाश्वत ओली आराधना' इस वर्ष भी बड़े ही भक्तिभाव और उत्साह के साथ आयोजित की जा रही है। धर्मनगरी राजगढ़ में इस नौ दिवसीय आराधना का विधिवत प्रारंभ आगामी 25 मार्च 2026, बुधवार से होने जा रहा है। आध्यात्मिक शुद्धि के इस महापर्व की पूर्णाहुति 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को होगी, जिसके पश्चात 3 अप्रैल 2026, शुक्रवार को तपस्वियों के पारणा का आयोजन किया जाएगा।

  इस पावन आराधना का आयोजन स्थानीय श्री नवरत्न आराधना भवन में संपन्न होगा, जहाँ प्रतिदिन समाज के श्रावक-श्राविकाएं सामूहिक रूप से नवपद जी की आराधना और धार्मिक क्रियाओं में सम्मिलित होंगे। इस पुनीत कार्य के लाभार्थी बनने का सौभाग्य केशरचंद गंभीरचंद पत्रकार परिवार एवं जवरचंद सौभाग्मलजी संघवी परिवार को प्राप्त हुआ है। लाभार्थी परिवार की ओर से सुनील कुमार संघवी एवं मनोज कुमार संघवी अपनी सेवाएं अर्पित कर रहे हैं।

  इस अवसर पर, श्री ऋषभदेव मोतीलाल जैन ट्रस्ट एवं श्री चारथूई जैन श्री संघ, राजगढ़ ने श्री त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ से विशेष विनती की है कि वे समाज के अधिक से अधिक लोगों को इस शाश्वत ओली आराधना से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। सभी श्री संघों ने मिलकर समस्त समाजजनों से आह्वान किया है कि वे इस तपस्या और आराधना के नौ दिनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि समाज में धर्म का अधिक से अधिक प्रभाव हो और आध्यात्मिक शुद्धि का यह महायज्ञ सफल हो सके। 

  आयोजन की रूपरेखा एवं तैयारियों के दौरान समाज के गणमान्य जन उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से संदीप खजांची,अशोक राजावत,राकेश राजावत,राजेंद्र बाफना,आजाद भंडारी,अनिक सराफ,सोनू भंडारी,अक्षय भंडारी,विरेंद्र जैन,सुनील संघवी,अनिल पारख,सुशील जैन,निर्मल जैन,प्रदीप जैन आदि उपस्थित रहे।

 

"बचपना शुडन्ट रिटायर": खुशी, सम्मान और बचाव की देखभाल के साथ बुढ़ापे को फिर से परिभाषित करने के लिए एक राष्ट्रीय आह्वान

MS धोनी का मेरिल के वापी कैंपस का पहला दौरा, सीनियर सिटिज़न हेल्थ के लिए एक खास पहल के साथ 'ट्रीटमेंट ज़रूरी है' मूवमेंट को मज़बूत करता है

वापी, गुजरात, भारत
वापी में मेरिल के ग्लोबल हेडक्वार्टर के अपने पहले दौरे पर, पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान MS धोनी ने “बचपना शुडन्ट रिटायर” विषय पर दिल को छू लेने वाली और प्रेरणा देने वाली बातचीत की। “बचपना शुडन्ट रिटायर” मेरिल के देश भर में चल रहे पब्लिक हेल्थ मूवमेंट, “ट्रीटमेंट ज़रूरी है” पर आधारित है, जिसे समय पर डायग्नोसिस और एडवांस्ड मेडिकल थेरेपी तक पहुंच के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था।
एमएस धोनी का मेरिल के वापी कैंपस का पहला दौरा 'ट्रीटमेंट जरूरी है' अभियान को मज़बूत करता है

इस बड़े मूवमेंट को और आगे बढ़ाते हुए, “बचपना शुडन्ट रिटायर” ट्रीटमेंट ज़रूरी है के तहत एक खास सीनियर सिटिज़न हेल्थ पहल शुरू की गई है। यह कैंपेन इस बात पर ज़ोर देता है कि जल्दी पता लगाने, बचाव के लिए स्क्रीनिंग और नए इलाज के तरीकों तक पहुँच से कार्डियक, ऑर्थोपेडिक और उम्र से जुड़ी दूसरी बीमारियों में नतीजों में काफ़ी सुधार हो सकता है — आखिर में, सुनहरे सालों में आज़ादी और ज़िंदगी की क्वालिटी बनी रहती है। यह कैंपेन एक आसान लेकिन मज़बूत सोच को बढ़ावा देता है — उम्र भले ही बढ़ती जाए, लेकिन मज़ाक, उत्सुकता और खुशी की भावना कभी कम नहीं होनी चाहिए। इस बातचीत में ज़िंदगी के हर पड़ाव पर इज़्ज़त और उत्साह बनाए रखने की अहमियत पर ज़ोर दिया गया , खासकर इसलिए क्योंकि भारत में बुज़ुर्गों में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियाँ लगातार बढ़ रही हैं।

कैंपेन के गहरे मकसद के बारे में बात करते हुए, MS धोनी ने ज़ोर देकर कहा, “मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अपनी सेहत का ध्यान रखना सबसे ज़रूरी कामों में से एक है जो आप कर सकते हैं — अपने लिए और उन लोगों के लिए जो आपसे प्यार करते हैं। हम सबकी ज़िम्मेदारी है, खासकर नई पीढ़ी की, कि हम यह पक्का करें कि हमारे माता-पिता और दादा-दादी को वह देखभाल, ध्यान और सपोर्ट मिले जिसके वे हकदार हैं। ट्रीटमेंट ज़रूरी है जैसी पहल इसी दिशा में एक कदम है, और मुझे इसका हिस्सा बनकर खुशी हो रही है।

परिवारों के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन
पूरे देश में डिजिटल पार्टिसिपेशन मूवमेंट के तौर पर सोचा गया यह कैंपेन, युवा भारतीयों को अपने दादा-दादी के साथ अच्छा समय बिताने के लिए बढ़ावा देता है — चाहे बचपन का कोई खेल दोबारा खेलकर, कोई हॉबी शेयर करके, या बस रोज़मर्रा के किसी खुशी भरे पल को कैद करके। इमोशनल कनेक्शन को प्रिवेंटिव हेल्थकेयर अवेयरनेस के साथ मिलाकर, यह पहल इस बात को पक्का करती है कि इमोशनल वेलबीइंग और फिजिकल हेल्थ साथ-साथ चलते हैं।

भारत में जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य स्थितियों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है जो स्वस्थ उम्र बढ़ने को काफी प्रभावित करती हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज अध्ययन के अनुसार, भारत में होने वाली सभी मौतों में से लगभग 28% हृदय रोगों के कारण होती हैं, जो उन्हें देश में मृत्यु दर का प्रमुख कारण बनाता है। साथ ही, बदलती जीवनशैली और कम होती शारीरिक गतिविधियों ने मोटापे को बढ़ा दिया है, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) की रिपोर्ट के अनुसार 24% से अधिक भारतीय वयस्क अब अधिक वजन वाले या मोटे हैं । ये कारक गतिशीलता संबंधी विकारों में वृद्धि में भी योगदान दे रहे हैं - इंडियन जर्नल ऑफ ऑर्थोपेडिक्स और NIH शोध डेटाबेस में प्रकाशित अध्ययनों का अनुमान है कि घुटने का ऑस्टियोआर्थराइटिस भारत में लगभग 4 में से 1 वयस्क को प्रभावित करता है , जो इसे विकलांगता का एक प्रमुख कारण बनाता है और देश में घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी का एक प्रमुख चालक बनाता है। ये सभी रुझान मिलकर रोगनिवारक स्क्रीनिंग, समय पर डॉक्टरी सलाह और उन्नत उपचारों तक पहुँच की बढ़ती ज़रूरत को उजागर करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ और अधिक सक्रिय जीवन भी मिले।

इस कैंपेन को 'ट्रीटमेंट ज़रूरी है' प्लेटफॉर्म और मेरिल के ऑफिशियल मीडिया हैंडल पर बढ़ाया जाएगा। इसे प्रिंट, टेलीविज़न, रेडियो, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैली एक बड़ी मल्टी-चैनल आउटरीच स्ट्रेटेजी का सपोर्ट मिलेगा, ताकि यह पूरे देश में आसानी से दिखे। टारगेटेड डिजिटल व्यूअरशिप माइलस्टोन, मेज़रेबल एंगेजमेंट मेट्रिक्स और क्यूरेटेड वीडियो बाइट्स और एक्सपर्ट की बातचीत के ज़रिए स्ट्रेटेजिक KOL पार्टिसिपेशन के साथ, इस मूवमेंट का मकसद सीनियर हेल्थ और एक्टिव एजिंग के बारे में लगातार, मेज़रेबल बातचीत शुरू करना है।

जैसे-जैसे भारत की आबादी लगातार बूढ़ी हो रही है, हेल्दी और इज्ज़तदार बुढ़ापे के बारे में बातचीत और भी ज़रूरी होती जा रही है। “बचपना शुडन्ट रिटायर” यह याद दिलाता है कि उम्र बढ़ने का मतलब ज़िंदगी के जोश से दूर जाना नहीं है — और समय पर हेल्थकेयर के बारे में जानकारी उस जोश को बनाए रखने में बहुत ज़रूरी भूमिका निभाती है।

यह कैंपेन देश भर के परिवारों से अपनी कहानियाँ शेयर करके इसमें हिस्सा लेने के लिए कहता है — छोटे वीडियो रिकॉर्ड करके, दिल से श्रद्धांजलि पोस्ट करके, या अपने दादा-दादी के साथ की प्यारी यादों को सेलिब्रेट करके। 'ट्रीटमेंट ज़रूरी है' प्लेटफॉर्म और कैंपेन मैसेजिंग के ज़रिए सोशल मीडिया पर इन पलों को शेयर करके, लोग अपनी यादों को एक ऐसी नेशनल कहानी में बदल सकते हैं जो बुज़ुर्गों की सेहत, सम्मान और साथ रहने को बढ़ावा दे।

हजारों श्रद्धालुओं की गूँज से भक्तिमय हुआ राजगढ़: श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में सामूहिक चालीसा पाठ का भव्य आयोजन








 




  राजगढ़। हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर राजगढ़ सहित आसपास का पूरा ग्रामीण अंचल हनुमान भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। चैत्र सुदी एकम यानी 19 मार्च के उपलक्ष्य में गुरुवार को श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर के प्रांगण में एक ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। यहाँ आयोजित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में न केवल राजगढ़ बल्कि आसपास के गाँवों के अनगिनत भक्तों ने उपस्थित होकर भक्ति की नई इबारत लिख दी। इस आयोजन को लेकर पिछले 15 दिनों से तैयारियाँ चल रही थीं और भक्तों को आमंत्रित किया जा रहा था। गुरुवार को यह प्रयास उस समय सिद्ध हुआ जब हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ किया।

  मंदिर के पुजारी पं. सत्यनारायण व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बड़े पैमाने पर आयोजित कार्यक्रम में पुरुषों के साथ-साथ मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया,जो सनातन धर्म की मजबूती का एक जीवंत संदेश है।

   इस पुनीत कार्य में राजगढ़ नगर के साथ ही छड़ावद, धुलेट, कंजरोटा, दलपुरा और अमोदिया जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे। दोपहर 2:00 बजे से संगीतमय सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ किया गया, जिसमें भक्तों ने भक्ति भाव से शिरकत की। इसके पश्चात शाम 6:00 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हुआ, जिसकी गूँज पूरे क्षेत्र में सुनाई दी।

  आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर परिसर छोटा पड़ गया और आसपास की जगहों पर भी पैर रखने की जगह नहीं थी। शाम 5:30 बजे भगवान श्री खेड़ापति हनुमानजी महाराज की भव्य महाआरती की गई। इस दौरान मंदिर परिसर को विशेष साज-सज्जा और दीपों की रोशनी से जगमग किया गया था। महाआरती के पश्चात उपस्थित हजारों भक्तों के बीच महाप्रसादी का वितरण किया गया। इस धार्मिक उत्सव में एक खास बात यह भी रही कि कई अभिभावक अपने बच्चों को साथ लेकर पहुँचे ताकि वे उन्हें धर्म, संस्कार और अपनी रीति-रिवाजों से जोड़ सकें।

इस आयोजन की सफलता में इंटरनेट और सोशल मीडिया की भी बड़ी भूमिका रही। धर्म क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वीडियो संदेशों के माध्यम से भक्तों से शामिल होने की अपील की थी। इस अभियान में प्रमुख रूप से ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज, पं. सुभाष शर्मा दत्तीगांव, दयारामदास, जीम हंत पीपलखुंटा, निरंजनदासजी वैष्णव, ऋषिराज वैष्णव, प्रेमदासजी महाराज, गुरुजी श्रीमहंत रामेश्वरगिरीजी, जैनाचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी और जीत रत्न सागरजी जैसे संतों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। साथ ही नीलेश सोनी, गौरव दुबे, लक्ष्मण डामेचा, डॉ. बल बहादुर सिंह,नरसिंह बैरागी,अंतिम पंवार,और प्रभुसिंह राजपूत सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।