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विश्व युद्ध की आशंका के बीच राजगढ़ में गूंजा शांति का स्वर: 50 महिलाओं ने 12 घंटे तक किया 36 हजार मंत्रों का अखंड जाप





 


   राजगढ़ (धार)। वर्तमान में वैश्विक पटल पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते तनाव और विश्व युद्ध की बढ़ती आहट ने पूरी मानवता को चिंतित कर दिया है। हिंसा और संघर्ष के इस दौर में मध्य प्रदेश के राजगढ़ की महिलाओं ने आध्यात्मिक शक्ति के जरिए शांति और अहिंसा का एक अनूठा और प्रेरक संदेश दिया है। शहर की राजेंद्र कॉलोनी स्थित राजेंद्र सूरी मंदिर परिसर में शनिवार को भक्ति और अटूट श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ राजेंद्र सूरी सामायिक मंडल की 50 महिलाओं ने विश्व कल्याण की भावना के साथ 12 घंटे का अखंड जाप संपन्न किया।
    इस विशेष आध्यात्मिक अनुष्ठान की शुरुआत सुबह 6 बजे भगवान शांतिनाथ के चित्र और भगवान महावीर स्वामी की चांदी की फोटो फ्रेम की स्थापना के साथ हुई। अखंड दीप प्रज्वलित कर महिलाओं ने सामूहिक रूप से नवकार और शांति मंत्रों का आह्वान किया, जो शाम 6 बजे तक अनवरत चलता रहा। पूरे दिन मंदिर परिसर "शांति जिनेश्वर शांति करो, सभी जीवों को सुखी करो" के मंगलकारी मंत्र से गुंजायमान रहा। इस दौरान समूचे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया और वहां मौजूद हर श्रद्धालु विश्व शांति की कामना में लीन नजर आया।
आयोजन की सूत्रधार सोनू लोढ़ा और मीना बाफना ने बताया कि दुनिया भर में युद्ध की विभीषिका और अशांति को देखते हुए समाज की महिलाओं से इस विशेष जाप के लिए आह्वान किया गया था। सभी महिलाओं ने इस पहल को सहर्ष स्वीकार किया और एकजुट होकर अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के माध्यम से विश्व शांति में योगदान देने का संकल्प लिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य समस्त जीवों का कल्याण और अहिंसा के मार्ग को प्रशस्त करना है।
    इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने वाली महिलाओं का उत्साहवर्धन करने के लिए सम्मान स्वरूप 65 रुपए की प्रभावना (प्रसाद/उपहार) वितरित की गई। इस प्रभावना राशि में शोभा लोढ़ा, लीला बाफना, विजया बाफना, मीना बाफना, चंचला बाफना, किरण डांगी, किरण बाफना और मीना पगारिया जैसे सदस्यों ने अपना विशेष योगदान दिया। अखंड दीप की लौ के बीच 12 घंटे तक चले इस अनुष्ठान ने यह संदेश प्रसारित किया कि जब विश्व विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ रहा हो, तब सामूहिक प्रार्थना और आध्यात्मिक शक्ति ही मानवता को बचाने और शांति स्थापित करने का सबसे सशक्त मार्ग बन सकती है।


Hanshi Premjit Sen को कराटे इंडिया ऑर्गनाइजेशन में ईस्ट ज़ोन डायरेक्टर और रेफरी कमीशन के चेयरमैन पद पर नियुक्त किया गया




कोलकाता, भारत – भारतीय कराटे जगत के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है, क्योंकि Hanshi Premjit Sen को आधिकारिक रूप से कराटे इंडिया ऑर्गनाइजेशन (KIO) में Director – East Zone और Chairman, Referee Commission नियुक्त किया गया है। यह प्रतिष्ठित दोहरी जिम्मेदारी उनके असाधारण सफर, आजीवन समर्पण और भारत में कराटे के विकास में उनके अतुलनीय योगदान की पहचान है।

Hanshi Premjit Sen एक वैश्विक स्तर पर सम्मानित कराटेका और प्रशासक हैं, और वे World Karate Federation के Bronze Pin Awardee भी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल में सेवा और उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक है। कराटे के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत विशाल है—उन्होंने 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया है, जिससे उन्होंने देशभर में अनुशासित खिलाड़ियों और जिम्मेदार नागरिकों की पीढ़ियाँ तैयार की हैं।

एक दूरदर्शी नेता और अथक परिश्रमी व्यक्तित्व के रूप में, Hanshi Premjit Sen ने विशेष रूप से पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल में कराटे की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जमीनी स्तर पर कार्यक्रमों का विकास, प्रतिष्ठित चैंपियनशिप का आयोजन, और उच्च स्तरीय रेफरी सेमिनार आयोजित करने के उनके प्रयासों ने खेल के तकनीकी और नैतिक मानकों को काफी ऊँचा उठाया है।

अनुशासन, निष्पक्षता और तकनीकी उत्कृष्टता के प्रति उनकी सख्त प्रतिबद्धता के लिए जाने जाने वाले Hanshi Premjit Sen ने योग्य रेफरी और अधिकारियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाई है, जिससे प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता और पेशेवर मानकों को सुनिश्चित किया जा सके। उनकी नेतृत्व शैली पारंपरिक कराटे मूल्यों और आधुनिक खेल प्रबंधन का बेहतरीन मिश्रण है, जो उन्हें मैट के अंदर और बाहर दोनों जगह एक सम्मानित व्यक्तित्व बनाती है।

अपनी नई भूमिकाओं में, Hanshi Premjit Sen पूर्वी क्षेत्र की संरचना को और मजबूत करने तथा रेफरी शिक्षा, खिलाड़ी विकास और प्रतियोगिता मानकों में प्रगतिशील सुधार लाने के लिए तैयार हैं।

इस गर्व के अवसर पर Hanshi Premjit Sen ने कहा:

“मैं कराटे इंडिया ऑर्गनाइजेशन द्वारा मुझ पर जताए गए विश्वास के लिए अत्यंत सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहा हूँ। यह जिम्मेदारी ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ सेवा करने का एक संकल्प है। मेरा ध्यान हमेशा हमारे खिलाड़ियों के विकास, कोचों के सशक्तिकरण और एक मजबूत व निष्पक्ष ऑफिशिएटिंग सिस्टम के निर्माण पर रहेगा।”

उन्होंने अपनी कृतज्ञता भी व्यक्त की:

“मैं अपने आदरणीय मार्गदर्शक भारत शर्मा जी, अध्यक्ष KIO, का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ, जिनका आशीर्वाद, मार्गदर्शन और अटूट समर्थन मुझे निरंतर मिलता रहा है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व पूरे भारत के कराटे समुदाय को प्रेरित और एकजुट करता है।”

यह ऐतिहासिक उपलब्धि Hanshi Premjit Sen की विरासत को और मजबूत करती है, जो भारतीय कराटे के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक हैं, जिनका जीवन इस कला की सच्ची भावना—अनुशासन, सम्मान और उत्कृष्टता—को फैलाने के लिए समर्पित रहा है।

पूरा कराटे समुदाय इस गौरवपूर्ण क्षण का जश्न मना रहा है और उनके गतिशील नेतृत्व में विकास और उपलब्धियों के नए युग की ओर आशान्वित है।

 

भव्य लॉन्च में छाया “बंजारा”, ईशा देओल की मौजूदगी ने बढ़ाई शोभा

 

राजा हसन की आवाज़ और शानदार प्रस्तुति ने जीता दिल, लॉन्च इवेंट बना संगीत का यादगार जश्न

हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में हाल ही में एक खास और यादगार शाम देखने को मिली, जब निर्माता लिम्बुनी नागेश लोखंडे ने अपने नए गीत “बंजारा” को ट्रू ड्रीम म्यूज़िक के बैनर तले भव्य अंदाज़ में लॉन्च किया। यह आयोजन केवल एक लॉन्च इवेंट नहीं था, बल्कि संगीत और कला का शानदार उत्सव बन गया, जिसमें ऊर्जा और उत्साह साफ तौर पर झलक रहा था।

कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों, कलाकारों और कई खास मेहमानों की प्रभावशाली उपस्थिति रही। हर कोई इस नए प्रोजेक्ट की पहली झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आया। पूरे माहौल में सकारात्मकता और उमंग का वातावरण बना हुआ था, जिसने इस इवेंट को और खास बना दिया। गीत “बंजारा” को मशहूर गायक राजा हसन ने अपनी सुरीली आवाज़ दी है, जो श्रोताओं के दिल को छूने की क्षमता रखती है। वहीं म्यूजिक वीडियो में बंती राठौड़ और आलिया हामिदी की जोड़ी ने अपने अभिनय और केमिस्ट्री से खास प्रभाव छोड़ा है।

इस गीत का संगीत और बोल एमडी इरफ़ान अली ने तैयार किए हैं, जबकि इसका निर्देशन मुनीश कल्याण ने किया है। निर्देशन और प्रस्तुति ने वीडियो को एक अलग ही स्तर पर पहुंचाया है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं अभिनेत्री ईशा देओल, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने पूरी टीम की मेहनत की सराहना करते हुए सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इवेंट के दौरान गीत की स्क्रीनिंग भी की गई, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। तालियों की गूंज और सकारात्मक प्रतिक्रिया ने यह संकेत दे दिया कि “बंजारा” आने वाले समय में एक सफल और चर्चित प्रोजेक्ट साबित हो सकता है।

Akhil Parashar की फिल्म ‘Kulli The Power of Devil’ से Monika Rao और Gauraansh Singh का बॉलीवुड डेब्यू


बॉलीवुड में नए टैलेंट को मौका देने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए निर्देशक अखिल पराशर (Akhil Parashar) अपनी आगामी फिल्म ‘कुल्ली द पावर ऑफ डेविल (Kulli The Power of Devil)’ के जरिए दो नए चेहरों को लॉन्च करने जा रहे हैं। इस फिल्म से मोनिका राव (Monika Rao) और गौरांश सिंह (Gauraansh Singh) इंडस्ट्री में अपना पहला कदम रखेंगे।

जानकारी के अनुसार, फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और अब यह अपने रिलीज फेज में प्रवेश कर चुकी है। निर्देशक द्वारा नए कलाकारों को लीड रोल में कास्ट करना इस बात का संकेत है कि फिल्म की कहानी और प्रस्तुति को प्राथमिकता दी गई है।

फिल्म का एक गाना “तेरे जिस्म की लिखावट (Tere Jism Ki Likhawat)” हाल ही में रिलीज हुआ था, जिसे वर्दान सिंह (Vardan Singh) ने कंपोज और अपनी आवाज दी है। गाने को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और यह फिल्म के प्रति उत्सुकता को और बढ़ा रहा है।

‘कुल्ली द पावर ऑफ डेविल (Kulli The Power of Devil)’ को एक डार्क सुपरनैचुरल ड्रामा के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें हॉरर और मनोवैज्ञानिक तत्वों का मेल होगा। हालांकि फिल्म की कहानी को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसके टोन और जॉनर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

मोनिका राव(Monika Rao) और गौरांश सिंह (Gauraansh Singh) के लिए यह फिल्म उनके करियर की एक महत्वपूर्ण शुरुआत साबित हो सकती है। इंडस्ट्री में पहले भी कई ऐसे उदाहरण रहे हैं, जहां नए कलाकारों ने अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है।

अब जब फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और प्रमोशनल गतिविधियां शुरू हो रही हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘कुल्ली द पावर ऑफ डेविल (Kulli The Power of Devil)’ दर्शकों पर कितना असर छोड़ती है।

राजगढ़ में भक्ति का उत्सव: गच्छाधिपतिश्री की निश्रा में महावीर मंदिर के शिखर पर लहराईं 24 ध्वजाएं,श्रावकों ने खींचा प्रभु का रथ





 



  राजगढ़ (धार)। श्री महावीर स्वामी की असीम कृपा से राजगढ़ की पावन धरा पर श्री महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव एवं हाथीवाला श्री महावीरजी मंदिर (राजेंद्र भवन) के प्राण प्रतिष्ठा दिवस की वर्षगांठ अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। चैत्र सुदी तेरस के इस पावन अवसर पर समूचा नगर भक्ति और अध्यात्म के रंग में सराबोर नजर आया। यह गरिमामय आयोजन परम पूज्य गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहेब, मुनि श्री पीयूषचंद्र विजयजी, मुनि श्री रूपेंद्र विजयजी आदि ठाणा एवं साध्वी मंडल की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। मंदिर की वर्षगांठ के पावन स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में इस वर्ष मंदिर के शिखर पर 24 ध्वजाएं चढ़ाई गईं, जो नगर की सुख-समृद्धि और अटूट श्रद्धा का प्रतीक बनीं। शुभ मुहूर्त में मंत्रोच्चार और विशेष पूजन-अर्चन के साथ जब ध्वजारोहण संपन्न हुआ, तो पूरा आकाश प्रभु के जयकारों से गूंज उठा। इससे पूर्व प्रातः काल में तहलटी से राजेंद्र भवन तक भव्य मंगल प्रवेश निकाला गया। यहाँ आयोजित समारोह में सकल जैन श्रीसंघ ने गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहेब को पूर्ण श्रद्धा के साथ कांबली ओढ़ाई। इसके पश्चात गुरुदेव ने उपस्थित जनसमूह को अमृतमयी मांगलिक श्रवण कराई। महोत्सव के दौरान विधि-विधान के साथ सत्तरभेदी पूजन का आयोजन भी किया गया।







  ध्वजारोहण एवं गच्छाधिपति एवं मुनि भगवन्तों के प्रवचन के बाद श्रीसंघ का स्वामीवात्सल्य का आयोजन हुआ । दोपहर में नगर में भव्य वरघोड़ा (शोभायात्रा) निकाला गया, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला जब प्रभु महावीर स्वामी के रथ को श्रद्धालु अपने हाथों से खींचते हुए नजर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच श्रावकों ने पूरी श्रद्धा के साथ रथ खींचकर धर्म लाभ लिया। सकल जैन श्रीसंघ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

"केसरिया तो हमारे तिरंगे का भी हिस्सा है..." राजगढ़ के विराट कवि सम्मेलन में देशभक्ति के स्वर, सुबह 4 बजे तक झूमे श्रोता






 



  राजगढ़ (धार)। धर्मनगरी राजगढ़ में प्रभु श्री राम, भगवान महावीर और श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में एक भव्य अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। हिन्दू उत्सव समिति द्वारा आयोजित और सराफा एसोसिएशन व दत्तीगांव सोशल ग्रुप के सहयोग से संपन्न हुआ यह गौरवमयी कार्यक्रम नगर के मुख्य चौराहे, भगवा चौक (मेन चौपाटी) पर आयोजित किया गया।
    कार्यक्रम के संयोजक निलेश सोनी ने बताया कि यह काव्य संध्या नगर की दिवंगत पुण्यात्माओं स्व. राजा श्री प्रेमसिंह दत्तीगांव, स्व. श्री चांदमल सोनी, स्व. श्री शांतिलाल सुराणा, स्व. श्री सुमेंतिलाल सराफ, स्व. श्री दिपेश फरबदा, स्व. श्री विशाल-श्रीमती गौरी सोनी और स्व. श्री राजेश ठाकर की पावन स्मृति को समर्पित रही। कवियों ने अपनी मार्मिक रचनाओं के माध्यम से इन विभूतियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन के दौरान नगर के प्रमुख समाजसेवियों का अभिनंदन भी किया गया।
   मंच का सफल संचालन लाला माहेश्वरी ने किया,जबकि स्वागत भाषण निलेश सोनी ने दिया और आभार प्रदर्शन अजय श्रीवास्तव द्वारा किया गया। रात्रि 9 बजे शुरू हुआ यह काव्योत्सव अलसुबह 4 बजे तक चला, जिसमें देश के विख्यात कवियों ने अपनी ओजस्वी और सुरीली प्रस्तुतियों से जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
    सम्मेलन में कवियों ने सामाजिक विसंगतियों पर गहरा प्रहार किया। "शहर वालों ने पैसा तो खूब कमाया पर सभ्यता नहीं दिखी, पालतू कुत्ते खूब नज़र आए पर गौ माता एक भी नहीं दिखी" जैसी पंक्तियों ने श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। राष्ट्रभक्ति का शंखनाद करते हुए कवियों ने कहा कि "गौत्र हमारा राष्ट्र धर्म, कुलदेवी भारत माता है"।
   उज्जैन की कवयित्री निशा पंडित ने प्रेम और आस्था का संगम प्रस्तुत करते हुए कहा कि "विष को भी अमृत कर दे, प्रेम वो अमर बूटी है"। उन्होंने अयोध्या के गौरव पर प्रहार करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि "बाबर के बाप-दादा की जागीर नहीं है, बरसों से हमारी थी और हमारी ही रहेगी अयोध्या"।
  कवि नगेन्द्र ठाकुर ने ओजपूर्ण स्वर में देशद्रोहियों को ललकारते हुए कहा कि "सोने की चिड़िया रहे भारत, सोने का शेर बनाएंगे हम, पर औरंगजेब-बाबर की जयकार करने वाली औलाद नहीं चाहिए"। शाजापुर के पंडित अशोक नागर ने केसरिया के महत्व को तिरंगे से जोड़ते हुए कहा कि "जिस केसरिया में लोगों को उग्रवाद की बू आ रही है, वो तो हमारे तिरंगे का सबसे ऊपर वाला हिस्सा है"। वहीं व्यंग्यकार अर्जुन अल्हड़ ने समसामयिक मुद्दों पर तीखे कटाक्ष किए।
  अतुल ज्वाला ने कविता पाठ करते हुए भगवान ने धरती पे उतारी है अयोध्या सूरज के वंशजो ने संवरी है अयोध्या बाबर के बाप दादा की जागीर नहीं है बरसो से हमारी थी हमारी है अयोध्या। 
 इस विराट आयोजन में जनसमूह ने पूरी रात उत्साह के साथ कवियों का साथ दिया।

IHRCT की ऑनलाइन कार्यशाला में पदाधिकारियों ने सीखे उपभोक्ता संरक्षण के गुर






 




  राजगढ़ (धार)। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम पर आधारित अपनी प्रथम राज्य स्तरीय कौशल विकास कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्रदेश समन्वयक महेश कुमार वर्मा के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित हुई। शनिवार रात आयोजित इस विशेष सत्र में मध्य प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारियों ने सहभागिता कर उपभोक्ता अधिकारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
  कार्यशाला के मुख्य अतिथि संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव रहे, जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय संयोजक प्रेम कुमार वैद्य ने की। मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर संभाग के विधि प्रभारी अधिवक्ता प्रवीण कुमार शर्मा ने पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला का प्राथमिक उद्देश्य संगठन के सदस्यों को 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019' के नवीनतम प्रावधानों से लैस करना था। चर्चा के दौरान उपभोक्ताओं के शोषण को रोकने, भ्रामक विज्ञापनों की पहचान और वैधानिक अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
   अधिवक्ता शर्मा ने बताया कि वर्तमान कानून के तहत उपभोक्ताओं को सुरक्षा, सूचना, चयन, सुनवाई, निवारण और शिक्षा के छह मौलिक अधिकार प्राप्त हैं। साथ ही उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा भ्रामक विज्ञापनों पर लगाए जाने वाले जुर्माने और दंडात्मक प्रावधानों की भी जानकारी दी। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों ने व्यावहारिक कौशल विकसित कर अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाया और समाज में मानव अधिकारों के संरक्षण का संकल्प दोहराया।
   उल्लेखनीय है कि भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट समाज में मानवाधिकारों की रक्षा,महिला-बाल संरक्षण और दहेज निषेध जैसे क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय है। यह कार्यशाला ट्रस्ट द्वारा शुरू की गई प्रशिक्षण श्रृंखला का प्रथम सोपान है, जिसके आगामी चरणों में विभिन्न अन्य सामाजिक कानूनों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन धार जिला अध्यक्ष योगेन्द्र तिवारी द्वारा किया गया।