सीए प्रिया बिंदल मंगल ने बच्चों को शिक्षा और संस्कारों के साथ आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित



विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग की पहल, इंदौर और देवास की ५० से अधिक सेवा बस्तियों में तीन वर्षों से चल रहे प्रयास

इंदौर। बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा, सांस्कृतिक जागरूकता और अच्छे संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए विश्व हिंदू परिषद, मालवा प्रांत के सेवा विभाग द्वारा १ अक्टूबर २०२६ को इंदौर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षा के साथ हिंदू संस्कृति, परंपराओं और जीवन-मूल्यों से जोड़ने के प्रयासों को प्रमुखता दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदौर की समाजसेवी एवं सीए प्रिया बिंदल मंगल ने की। कार्यक्रम श्री प्रीतमदास सभागृह, सिंधी कॉलोनी, इंदौर में आयोजित हुआ। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

यह कार्यक्रम स्वर्गीय अशोक जी सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के संदर्भ में भी आयोजित किया गया। अशोक जी सिंघल श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में से एक थे।

तीन वर्षों से शिक्षा और संस्कृति से जोड़ने की पहल

कार्यक्रम के आमंत्रण के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद का सेवा विभाग पिछले तीन वर्षों से इंदौर और देवास जिलों की ५० से अधिक सेवा बस्तियों में बच्चों के साथ कार्य कर रहा है। इस पहल के अंतर्गत बच्चों को नियमित शिक्षा के साथ हिंदू धर्म, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े मूल्यों की जानकारी दी जा रही है।

इसी प्रशिक्षण के आधार पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों को अपनी प्रतिभा और सीखी हुई बातों को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। ऐसी पहलें बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी संस्कृति को समझने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपनी प्रतिभा निखारने में मदद करती हैं।

सीए प्रिया बिंदल मंगल ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया

कार्यक्रम के दौरान सीए प्रिया बिंदल मंगल ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने, नई चीजें सीखने और अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ने का संदेश दिया।

उन्होंने शिक्षा के साथ सांस्कृतिक जागरूकता और अच्छे जीवन-मूल्यों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने और सीखने की प्रक्रिया को गंभीरता से लेने के लिए प्रोत्साहित किया। बच्चों को सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले, तो वे अपने भविष्य के लिए बेहतर दिशा चुन सकते हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बच्चों की उपलब्धियों को पहचानना, उनका उत्साह बढ़ाना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना समाज की साझा जिम्मेदारी है। उचित मार्गदर्शन से बच्चे आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बन सकते हैं।

सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी हैं सीए प्रिया बिंदल मंगल

व्यावसायिक क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों के साथ सीए प्रिया बिंदल मंगल पीएनएम फाउंडेशन से भी जुड़ी हुई हैं। यह संस्था सामाजिक कल्याण और सामुदायिक विकास से जुड़े कार्यों पर ध्यान देती है। सामाजिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता समाज के कल्याण और बच्चों के विकास से जुड़े प्रयासों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीए प्रिया बिंदल मंगल ने शिक्षा, सांस्कृतिक सीख और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित इस पहल में सहभागिता की। इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू परिषद, मालवा प्रांत के सेवा विभाग द्वारा किया गया था।

कक्षा से आगे भी जरूरी है सीखना

बच्चों की शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती। सांस्कृतिक गतिविधियां उन्हें अपनी विरासत समझने, दूसरों के साथ जुड़ने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं। ऐसी पहलें बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक जागरूकता विकसित करने में सहायक हो सकती हैं।

विशेष रूप से सेवा बस्तियों के बच्चों के लिए शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े अतिरिक्त अवसर उनके व्यक्तिगत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षकों, मार्गदर्शकों और समाज के जिम्मेदार लोगों का प्रोत्साहन बच्चों को अपनी क्षमताएं पहचानने और अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।

यह कार्यक्रम शिक्षा, सांस्कृतिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ लाने के महत्व को सामने रखता है, जिसमें बच्चों का विकास केंद्र में है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करने और बच्चों का उत्साह बढ़ाने के माध्यम से सीए प्रिया बिंदल मंगल ने ऐसी पहल में सहभागिता की, जो बच्चों की शिक्षा, सांस्कृतिक जागरूकता और सर्वांगीण विकास के महत्व को रेखांकित करती है।