अमझेरा में नवरात्रि का भव्य आगाज: माता अमका-झमका को चढ़ाई 51 मीटर चुनरी,नानादेवी मंदिर पर लहराई 51 फीट ध्वजा






 







  दो भव्य चुनरी यात्राओं से भक्तिमय हुआ अमझेरा,बग्घी-ऊंट-घोड़ों और गरबा नृत्य ने मोहा मन,पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत

  अमझेरा (धार)। विक्रमसिंह राठौर। ऐतिहासिक एवं पौराणिक नगरी अमझेरा में शारदीय नवरात्रि उत्सव का शुभारंभ इस बार दो भव्य धार्मिक यात्राओं के साथ श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में हुआ। नगर में निकली पहली चुनरी यात्रा में माता अमका-झमका को 51 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की गई, जबकि दूसरी यात्रा में माता नानादेवी मंदिर के शिखर पर चढ़ाई जाने वाली 51 फीट लंबी ध्वजा लेकर श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-ढमाकों, बैंड-बाजों, भक्ति गीतों, गरबा नृत्य और माता रानी के जयकारों से अमझेरा का वातावरण भक्तिमय हो गया।

  दोनों यात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आकर्षक झांकियों, पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों, बग्घी, ऊंट और घोड़ों की मौजूदगी ने यात्राओं की शोभा बढ़ाई। नगर में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने धार्मिक यात्राओं का स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर अपनी आस्था व्यक्त की।

भेरू मोहल्ला से निकली माता अमका-झमका की भव्य चुनरी यात्रा

 शारदीय नवरात्रि के अवसर पर भेरू मोहल्ला से माता अमका-झमका मंदिर के लिए पहली भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। यात्रा में माता रानी की आकर्षक एवं सुसज्जित झांकी सजाई गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। धार्मिक उत्साह के बीच बग्घी, ऊंट और घोड़ों को भी यात्रा में शामिल किया गया।

 बैंड-बाजों और भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा में हनुमानजी और भालू की वेशभूषा धारण किए कलाकारों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक वेशभूषा और सजीव प्रस्तुतियों ने धार्मिक आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

 यात्रा में शामिल श्रद्धालु 51 मीटर लंबी चुनरी लेकर चल रहे थे। युवाओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य किया, वहीं महिलाओं और बालिकाओं ने गरबा प्रस्तुतियों के माध्यम से नवरात्रि के उत्सव को और भी रंगीन बना दिया। पूरे मार्ग में माता रानी के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया।

  माता अमका-झमका मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ माता रानी को 51 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की। इसके बाद आरती की गई और उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। भक्तों ने माता रानी से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

कुमरावत तंबोली समाज ने निकाली माता नानादेवी की चुनरी यात्रा

  अमझेरा में दूसरी भव्य धार्मिक यात्रा कुमरावत तंबोली समाज के तत्वावधान में माता नानादेवी मंदिर के लिए निकाली गई। इस यात्रा में भी माताजी की आकर्षक झांकी सजाई गई। श्रद्धालु हाथों में 51 फीट लंबी ध्वजा लेकर माता रानी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।

  यात्रा में महिलाओं एवं बालिकाओं ने गरबा नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। ढोल-बाजों और भक्ति गीतों के बीच निकली यात्रा में श्रद्धालुओं की भागीदारी और उत्साह देखने लायक रहा। पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ निकली इस यात्रा ने नगर में नवरात्रि के उल्लास को और बढ़ा दिया।

 माता नानादेवी मंदिर पहुंचने पर आरती की गई। इसके पश्चात मंदिर के शिखर पर 51 फीट लंबी ध्वजा लहराई गई। ध्वजा चढ़ाने के धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इस आयोजन के माध्यम से समाजजनों और श्रद्धालुओं ने अपनी धार्मिक आस्था एवं परंपराओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

ग्राम पंचायत और ग्रामीणजनों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

 अमझेरा में निकली दोनों चुनरी यात्राओं का ग्राम पंचायत सहित अन्य ग्रामीणजनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यात्राओं के दौरान धार्मिक उत्साह और श्रद्धालुओं की भागीदारी से नगर का माहौल उत्सवमय बना रहा।

 दोनों मंदिरों में आरती और प्रसादी वितरण के साथ धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। चुनरी अर्पण और ध्वजा चढ़ाने की परंपरा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने नवरात्रि के शुभारंभ पर माता रानी के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।

आस्था, परंपरा और गरबा के रंग में रंगा अमझेरा

  अमझेरा में शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ पर निकली दोनों भव्य यात्राएं धार्मिक आस्था, सामूहिक सहभागिता और पारंपरिक उत्सव का आकर्षक उदाहरण बनीं। एक ओर माता अमका-झमका को 51 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की गई, तो दूसरी ओर माता नानादेवी मंदिर के शिखर पर 51 फीट लंबी ध्वजा लहराई गई।

  बैंड-बाजे, आकर्षक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा, गरबा नृत्य और पुष्पवर्षा ने आयोजन को यादगार स्वरूप दिया। दोनों यात्राओं के साथ अमझेरा में शारदीय नवरात्रि उत्सव का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के वातावरण में हुआ।