जम्मू-कश्मीर: लेखक-निर्देशक शादाब सिद्दीकी की फिल्म ‘एक सफा’ को जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दर्शकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान इसकी कहानी, अभिनय, निर्देशन और संवेदनशील सिनेमाई प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
‘एक सफा’ के जरिए शादाब सिद्दीकी ने प्रेम, जुदाई, इंतज़ार, खामोशी और उन यादों की एक गहरी भावनात्मक कहानी पेश की है, जो हमारे भीतर हमेशा जीवित रहती हैं। फिल्म में उनके लेखन और निर्देशन को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जो फिल्म के फेस्टिवल सफर की एक शानदार शुरुआत मानी जा रही है।
फिल्म में प्रीति सूद और नसीम मुगल के अभिनय को भी दर्शकों की सराहना मिली। दोनों कलाकारों ने अपने किरदारों में भावनात्मक गहराई और सहजता को बखूबी पेश किया, जिसने फिल्म के प्रभाव को और मजबूत किया।
‘एक सफा’ की प्रमुख खासियतों में से एक नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की आवाज़ है। फिल्म की कविताओं और उनके नैरेशन में उनकी आवाज़ का विशेष रूप से इस्तेमाल किया गया है, जिसने कहानी को एक अलग और प्रभावशाली भावनात्मक आयाम दिया। स्क्रीनिंग के बाद नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की आवाज़ दर्शकों के बीच चर्चा का एक खास विषय रही।
फिल्म पर महान शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की शायरी और साहित्यिक विचारधारा का भी गहरा प्रभाव है। ‘एक सफा’ में शामिल काव्यात्मक तत्वों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा और फिल्म की संवेदनशील दुनिया में एक और परत जोड़ दी।
फिल्म को मिले दर्शकों के प्यार पर लेखक-निर्देशक शादाब सिद्दीकी ने कहा, “कश्मीर के लोगों ने जिस तरह हमारी फिल्म का स्वागत किया, वह मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा। यहां हमें जो गर्मजोशी, मेहमाननवाज़ी और प्यार मिला, वह अविस्मरणीय है। मैं दिल से आभारी हूं कि दर्शकों ने ‘एक सफा’ से जुड़कर इसकी भावनाओं को महसूस किया।”
उन्होंने आगे कहा, “फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की शायरी फिल्म में एक बहुत खास स्थान रखती है और मुझे बेहद खुशी है कि दर्शकों ने इस पहलू को भी पसंद किया और उससे जुड़ाव महसूस किया। उम्मीद है कि हम किसी और फिल्म फेस्टिवल में फिर मिलेंगे और ‘एक सफा’ जहां भी जाएगी, उसे इसी तरह दर्शकों का प्यार मिलता रहेगा।”
शादाब सिद्दीकी ने ‘एक सफा’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की अपनी महत्वाकांक्षा भी जाहिर की। वे फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने और लागू पात्रता एवं सबमिशन प्रक्रिया के तहत ऑस्कर की दौड़ में शामिल करने की दिशा में भी प्रयास करना चाहते हैं।
जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ‘एक सफा’ के फेस्टिवल सफर की एक उत्साहजनक शुरुआत है। अब शादाब सिद्दीकी और उनकी टीम इस फिल्म को भारत के अलग-अलग शहरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स और दर्शकों तक ले जाने की तैयारी में हैं।

