राजगढ़ में एक स्वर,एक लय में गूंजा वन्दे मातरम्,सरस्वती शिशु मंदिर के भैया-बहनों ने किया सामूहिक गायन






 

  

  राजगढ़ (धार)। ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम के तहत राजगढ़ के स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। निर्धारित समय सुबह ठीक 11 बजे विद्यालय के भैया-बहनों ने एक स्वर और एक लय में ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया।

  विद्याभारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिरों में देशभर के करीब एक करोड़ भैया-बहनों द्वारा एक ही समय पर ‘वन्दे मातरम्’ के सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। इसी क्रम में राजगढ़ में भी कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

भारत माता के पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

   कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के पूजन के साथ किया गया। इसके बाद अतिथियों का श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। विद्यालय के प्राचार्य बलराम कुमावत ने अतिथियों का परिचय कराया।

  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में  भूपेन्द्र राठौर, शासकीय शिक्षक, विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र गर्ग, उपाध्यक्ष सरस्वती शिशु मंदिर, साक्षी के रूप में विष्णु रघुवंशी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, सत्यापन के रूप में  महेन्द्र सोलंकी, बीआरसी, तथा अध्यक्षता तेज कुमार जैन ने की।





‘वन्दे मातरम्’ केवल गीत नहीं,मातृभूमि के प्रति भाव की अभिव्यक्ति

  मुख्य अतिथि भूपेन्द्र राठौर ने ‘वन्दे मातरम्’ के इतिहास और उसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् केवल एक गीत या कविता नहीं है, बल्कि ऋषि बंकिमचन्द्र जी की मातृभूमि के प्रति दिव्य अनुभूति का प्रकटीकरण है।

  उन्होंने विद्यार्थियों को ‘वन्दे मातरम्’ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और राष्ट्रभाव से जुड़े इसके महत्व से परिचित कराया। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी विष्णु रघुवंशी एवं बीआरसी महेन्द्र सोलंकी ने भी ‘वन्दे मातरम्’ के संबंध में संक्षिप्त जानकारी साझा की।

विद्यार्थियों ने एक स्वर में किया सामूहिक गायन

 कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा निर्धारित समय पर किया गया सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ गायन रहा। विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में उपस्थित भैया-बहनों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में अनुशासन और गरिमामय वातावरण दिखाई दिया।

  कार्यक्रम का संचालन आचार्य राम किशोर कुमावत ने किया, जबकि आभार नारायण यादव ने व्यक्त किया।

 कार्यक्रम में अभिभावक समिति के सदस्य, पूर्व छात्र,आचार्यगण एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के पश्चात गणेश स्तुति की गई और विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों को प्रसाद वितरित किया गया।