राजगढ़ (धार)। मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी पारस जैन (उज्जैन) के निधन पर राजगढ़ स्थित श्री राजेंद्र भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रीसंघ, चातुर्मास समिति, अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
चातुर्मास के लिए विराजित पूज्य साध्वीजी श्री अनंतदृष्टाश्रीजी महाराज साहब एवं श्री मयूरकलाश्रीजी महाराज साहब ने पारस जैन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे गुरु भक्ति, विनम्रता और सेवा भावना के अनुपम उदाहरण थे। शासन में महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने कभी सत्ता का अभिमान नहीं किया तथा अपने जीवन को पूज्य गुरुदेव श्रीमद्विजय जयंतसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब के चरणों में समर्पित कर दिया।
साध्वी भगवंतों ने कहा कि पारस जैन जैन समाज, धर्म प्रभावना और सामाजिक कार्यों में सदैव अग्रणी रहे। उन्होंने विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। वे श्रीसंघ तथा अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद से भी जुड़े रहे। इसके साथ ही उज्जैन स्थित श्री राज राजेंद्र शोध संस्थान के अध्यक्ष पद पर रहकर उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और शोध गतिविधियों को नई दिशा प्रदान की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित समाजजनों ने पारस जैन के सरल, सौम्य एवं सेवाभावी व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज, धर्म और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
कार्यक्रम में श्रीसंघ,चातुर्मास समिति,परिषद परिवार एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे तथा सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

