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राजगढ़ नगर में भव्य चातुर्मास मंगल प्रवेश 20 जुलाई काे







 



  दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की अंतिम साधना स्थली (स्वर्गारोहण पुण्यभूमि) पर साध्वीश्री का चातुर्मास प्रवेश हाेगा

  राजगढ़ (धार ) । पूज्य दादा गुरुदेवश्री की जन्म द्विशताब्दी वर्ष निमित्त, पुण्यसम्राट श्रीमद्विजय जयन्तसेनसूरीश्वरजी म. सा. के पट्टधर पूज्य गच्छाधिपति श्रीमद्विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म. सा. एवं आचार्य श्रीमद्विजय जयरत्नसूरीश्वरजी म. सा. आज्ञानुवर्तिनी प. पू. गुरुणी साध्वीश्री शशिकलाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या सरल स्वभावी साध्वीजी श्री अनंतदृष्टाश्रीजी म.सा. एवं प्रवचन प्रभावी साध्वीजी श्री मयूरकलाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा  23 श्रमणी भगवन्ताें का चातुर्मास प्रवेश साेमवार दिनांक 20 जुलाई 2026 काे राजगढ नगर में हाेगा ।

   उक्त जानकारी देते हुए चातुर्मास समिति अध्यक्ष श्री कांतिलालजी जैन ने बताया कि इस प्रवेश प्रसंग पर प्रात: सकल जैन श्रीसंघ की नवकारसी का आयाेजन पाेरवाल धर्मशाला पर हाेगा, जिसका लाभ श्री जीवनलालजी रतनलालजी मुठरिया परिवार ने लिया पश्चात् श्री जीवनलालजी मुठरिया के निवास तिलक मार्ग से प्रवेश शोभायात्रा प्रारंभ हाेगी, जाे नगर के प्रमुख मार्गाें पर हाेकर  कार्यक्रम स्थल राजेंद्र भवन में धर्मसभा में परिवर्तित हाेगी । धर्मसभा पश्चात् श्री त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ राजगढ एवं बाहर से पधारे अतिथियाें का स्वामीवात्सल्य श्री ओसवाल धर्मशाला मे हाेगा, जिसका लाभ श्रीमती शांताबाई केशरचंदजी तातेड परिवार द्वारा लिया गया । 
साथ ही प्रवेश जुलस मे मंगल कलश का लाभ श्री कांतिलालजी कनकमलजी जैन परिवार, प्रथम गहुली का लाभ श्री साैभामगलजी हीराचंदजी भण्डारी परिवार, बग्गी में श्री महावीर स्वामी भगवान का फोटाे लेकर बैठने का लाभ श्री केशरचदंजी वरदीचंदजी तातेड परिवार एवं बग्गी मे दादागुरुदेवश्री व पुण्यसम्राटश्री का फोटाे लेकर बैठने का लाभ श्री अमृतलालजी प्यारचंदजी माेदी परिवार द्वारा लिया गया ।

 चातुर्मास आयाेजक श्री साैधर्म बृहत्तपाेगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ, राजगढ़ की ओर से चातुर्मास प्रवेश एवं चातुर्मास में हाेने वाले अनेक कार्यक्रम काे लेकर तैयारी पूर्ण कर ली गई है
  जैन समाज में चातुर्मास का विशिष्ट महत्व है चातुर्मास काल के अंतर्गत सभी साधु एवं साध्वी भगवंत चार माह तक एक ही स्थान पर अपनी स्थिरता रखते हैं तथा जहां-जहां अलग-अलग नगर में आपकी स्थिरता रहती है वहां धर्म जप त्याग साधना आराधना प्रवचन की गंगा बहती हैं आपके प्रवचनाें के माध्यम से अनेक व्यक्तियाें के जीवन में बदलाव आते हैं ।
  कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए  त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ राजगढ़, गुरु राजेन्द्र द्विशताब्दी वर्षावास समिति एवं अ. भा. श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक, महिला, तरुण, बहु परिषद् की ओर से सुव्यवस्थित व्यवस्था संचालित की जा रही है ।
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