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शांति समिति की बैठक में प्रशासन सख्त: किरायेदारों की जानकारी छिपाने,भ्रामक खबरें फैलाने और चाइनीज मांझा बेचने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई




 


 राजगढ़/धार। नगर परिषद राजगढ़ में आज सोमवार 12 जनवरी शाम को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में मुख्य रूप से एसडीएम सलोनी अग्रवाल, एसडीओपी विश्वदीप परिहार, थाना प्रभारी समीर पाटीदार और सीएमओ ज्योति सुनारिया उपस्थित रही। साथ ही बैठक में जनप्रतिनिधि,पत्रकार और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

   बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम सलोनी अग्रवाल ने नगर में शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नगर की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी कैमरों के जाल को और मजबूत किया जाएगा और साथ ही यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। 

   इसके बाद एसडीओपी विश्वदीप परिहार ने सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को स्पष्ट करते हुए कहा कि सभी मकान मालिकों के लिए अपने किरायेदारों की सूचना पुलिस थाने में देना अब कानूनी रूप से अनिवार्य होगा और लापरवाही बरतने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने होटल और लॉज संचालकों को भी निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन रुकने वाले व्यक्तियों की जानकारी थाने में साझा करें। विशेष रूप से चाइनीज मांझे के उपयोग और बिक्री पर सख्त चेतावनी देते हुए एसडीओपी ने कहा कि यह जानलेवा है और यदि कोई भी इसका भंडारण या विक्रय करते पाया गया, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाने वालों को भी आगाह किया गया है कि ऐसी गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




श्रीमहाकाल महोत्सव उज्जैन में 14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा,मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ

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महोत्सव में शंकर महादेवन अपने बेटों के साथ देंगे प्रस्तुति
महालोक में पहली बार आयोजित होगा श्रीमहाकाल महोत्सव

  उज्जैन: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को शाम 7 बजे श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय 'श्रीमहाकाल महोत्सव' का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है 

सुरों की सरिता: दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुतियाँ

 महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे:

  •  14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ 'शिवोऽहम्' की संगीतमय प्रस्तुति देंगे।

  •  15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध 'द ग्रेट इंडियन क्वायर' 'शिवा' थीम पर प्रस्तुति देगा।

  •  16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।

  •  17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी।

  •    18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत 'शिव केंद्रित नृत्य नाटिका' से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा।

लोक और जनजातीय कला का वैभव

  महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। साथ ही, प्रतिदिन निकलने वाली 'कला यात्रा' शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी, जिसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे।

बौद्धिक विमर्श: 'शिव तत्त्व और महाकाल'

  सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय 'शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में' रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।

मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 भोपाल में 15 जनवरी को,एआई-सक्षम शासन से सशक्त भारत की दिशा में प्रदेश का बढ़ता कदम,मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल




 

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जनवरी को भोपाल स्थित ताज लेकफ्रंट होटल में आयोजित ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026' में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए राज्य के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। कांफ्रेंस “AI-enabled Governance for an eMPowered Bharat” की थीम पर आयोजित होगी। मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस कॉन्फ्रेंस में आईआईटी इंदौर नॉलेज पार्टनर, आईआईटीआई-दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन प्रदर्शनी भागीदार के रूप में सहयोग करेंगे। इससे एआई आधारित शासन और प्रौद्योगिकी के लिए अकादमिक और उद्योग समन्वय सशक्त होगा।

 कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का उद्घाटन किया जाएगा। इस एक्सपो में इंडियाएआई पवेलियन, मध्यप्रदेश पवेलियन, स्टार्टअप शोकेस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्टअप प्रतियोगिता शामिल होंगे। कांफ्रेंस के शुरूआती सत्र में अपर सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह, निदेशक आईआईटी इंदौर श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।

  अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा "एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इम्पेक्ट" पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। सत्र का समापन पोर्टल्स के शुभारंभ, समझौता ज्ञापनों, नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाओं के साथ होगा।

  कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिनमें Technology led governance for all, AI for economic growth and social good, Resilience, innovation and digital infrastructure शामिल हैं। इन सत्रों में Digital India-BHASHINi, UIDAI, NeGD, विभिन्न राज्य सरकारों और Google, Microsoft ,Deloitte, EY सहित अग्रणी तकनीकी और उद्योग संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इस अवसर पर MP Innotech Startup Pitch contest और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी,जो जमीनी स्तर पर एआई नवाचार को प्रोत्साहन देगी।

  कांफ्रेंस इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस एआई एक्शन समिट में की थी। यह सम्मेलन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक सम्मेलन वैश्विक दक्षिण में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें विश्व के नेता, नीति निर्माता, उद्योग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रदूत एकत्र होकर जिम्मेदार, समावेशी और प्रभाव-संचालित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को आकार देंगे। इसका आयोजन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडियाएआई मिशन द्वारा मध्यप्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से किया जाएगा।

  मध्यप्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस- 2026 के माध्यम से राज्य और राष्ट्र में एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने, एआई-संचालित आर्थिक विकास को दिशा देने और जिम्मेदार एआई के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

घर बैठे ऑनलाइन पैसे कमाने के आसान और सुरक्षित तरीके

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   आज के समय में बहुत से लोग मोबाइल फोन पर छोटी वीडियो यानी रील देखते हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य मंचों पर रील देखना अब रोज़मर्रा की आदत बन गई है। इसी वजह से लोग यह जानना चाहते हैं कि रील देखकर पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं। सच यह है कि रील देखकर थोड़े बहुत पैसे कमाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए सही और सुरक्षित तरीका अपनाना जरूरी होता है।


    कुछ मोबाइल अनुप्रयोग ऐसे होते हैं जो रील देखने, वीडियो पसंद करने, साझा करने या छोटे काम पूरे करने पर पैसे देते हैं। ये अनुप्रयोग विज्ञापनों से कमाई करते हैं और उसका थोड़ा सा हिस्सा उपयोगकर्ताओं को देते हैं। इसलिए रील देखकर होने वाली कमाई बहुत ज्यादा नहीं होती, लेकिन अतिरिक्त आय के रूप में यह ठीक हो सकती है।

 आज बहुत से लोग सबसे अच्छे पैसे कमाने वाले अनुप्रयोग खोजते हैं ताकि वे घर बैठे पैसे कमा सकें। ऐसे अनुप्रयोग आमतौर पर आसान काम देते हैं, जैसे वीडियो देखना, सवालों के जवाब देना या दोस्तों को जोड़ना। इससे लोगों को यह समझने में मदद मिलती है कि इंटरनेट के माध्यम से पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं।

   कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि घर बैठे पैसे कैसे कमाए जाएं। ऑनलाइन कमाई की सबसे बड़ी खासियत यही है कि आप अपने घर से ही मोबाइल और इंटरनेट की मदद से काम कर सकते हैं। इसके लिए बाहर नौकरी पर जाने की जरूरत नहीं होती। रील देखने वाले अनुप्रयोग और पैसे कमाने वाली वेबसाइट इसी कारण लोगों को पसंद आती हैं।

  यह समझना बहुत जरूरी है कि रील देखकर पैसे कैसे कमाए जाएं, यह कोई बहुत बड़ी कमाई का तरीका नहीं है। कई फर्जी अनुप्रयोग ज्यादा पैसे कमाने का झूठा वादा करते हैं। सही और भरोसेमंद पैसे कमाने वाले अनुप्रयोग कभी भी एक दिन में हजारों रुपये कमाने की गारंटी नहीं देते।

  अगर आप यह सीखना चाहते हैं कि ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए जाएं, तो शुरुआत धीरे धीरे करें। पहले एक या दो भरोसेमंद मोबाइल अनुप्रयोग का उपयोग करें और यह समझें कि भुगतान कैसे मिलता है। जब आपको थोड़ा अनुभव हो जाए, तब आप दूसरी पैसे कमाने वाली वेबसाइट भी आज़मा सकते हैं।

   मनी आइडिया हिंदी का उद्देश्य लोगों को आसान भाषा में सही जानकारी देना है। इस वेबसाइट पर रील देखकर पैसे कैसे कमाए जाएं, सबसे अच्छे पैसे कमाने वाले अनुप्रयोग, ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए जाएं, मोबाइल से पैसे कमाने के तरीके, घर बैठे पैसे कैसे कमाए जाएं और पैसे कमाने वाली वेबसाइट से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में समझाई जाती है।

  ऑनलाइन कमाई करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। कभी भी अपना एक बार उपयोग होने वाला पासवर्ड, गोपनीय कोड या बैंक से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी अनुप्रयोग या वेबसाइट पर पैसे जमा करने से बचें। असली और भरोसेमंद मंच कभी भी जुड़ने के लिए पैसे नहीं मांगते।

  ऑनलाइन कमाई एक सीखने की प्रक्रिया है। शुरुआत में कम पैसे मिलना सामान्य बात है। धीरे धीरे अनुभव के साथ आप बेहतर तरीके समझने लगते हैं। रील देखकर कमाई को सिर्फ अतिरिक्त आय के रूप में ही देखें।

  यह वेबसाइट कोई वित्तीय सलाह या निवेश से जुड़ी सलाह नहीं देती है। हम केवल ब्लॉग लेखक हैं। हम यह बातें सिर्फ पढ़ने और यह सीखने के लिए लिखते हैं कि पैसे कमाने के तरीके क्या हो सकते हैं।

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होली किड्स कॉन्वेंट स्कूल का वार्षिक समारोह गरिमामय एवं भव्य रूप से संपन्न,मुख्य अतिथि डॉ दिनेश गुप्ता आनंदश्री ने अपने जादू से किया कमाल




 


 उल्हासनगर / महाराष्ट्र : होली किड्स कॉन्वेंट स्कूल, उल्हासनगर 01 में शैक्षणिक वर्ष 2025–2026 का वार्षिक समारोह अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
   कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश गुप्ता (आनंदश्री) रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री कमलेश त्रिपाठी, श्रीमती शिखा त्रिपाठी, श्री विजय खैरनार, श्रीमती कंचन खैरनार, श्री अनूप मौर्य, श्री कालीदास भावले, श्रीमती रेखा मिश्रा, श्रीमती रेखा पुरोहित तथा श्री राहुल कुमार मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। 
   कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मनमोहक नृत्य, प्रेरणादायक गीत एवं शिक्षाप्रद नाट्य प्रस्तुतियाँ सम्मिलित रहीं, जिनके माध्यम से नैतिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता एवं अनुशासन का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
   सभी गणमान्यों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा विद्यालय के निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहने की कामना व्यक्त की।
   कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा यह समारोह विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों के लिए स्मरणीय बन गया।

 

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन किया आयोजित

लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत।
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन की शुरुआत की, भारत को ग्लोबल एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग हब बनाने का लक्ष्य
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 की मेज़बानी की
भारत की पहली एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से अपनी तरह के पहले एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 का आयोजन किया। एआई कन्वर्जेंस समिट 2026, भारत सरकार द्वारा 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 के आधिकारिक प्री-रनअप इवेंट्स में से एक है।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी द्वारा आयोजित एआई कन्वर्जेंस शिखर सम्मेलन में विचार विमर्श करते एआई एक्सपर्ट

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 में भारत सहित अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के एआई और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, पॉलिसीमेकर्स, ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, स्टार्ट-अप्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स, इन्वेस्टर्स और शिक्षाविदों ने एक मंच पर एकत्र होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत और उसके नागरिकों के लिए अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 के तहत, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन भी आयोजित कर रही है, क्योंकि भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य को ‘हेल्थ एंड एआई’ की राष्ट्रीय थीम सौंपी गई है।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 में अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी, भारत और यूके से आए 70 से अधिक एआई एक्सपर्ट्स, रिसर्चर्स, हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स, स्टार्ट-अप लीडर्स, सीईओ, फाउंडर्स, अकादमिक विशेषज्ञ, सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि और इनोवेटर्स ने सहभागिता की।

देशभर से 1,500 टीमों के 5,000 से अधिक युवा प्रतिभागी एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन में हिस्सा ले रहे हैं, जहां युवा टेक्नोक्रेट्स और इंजीनियर्स द्वारा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन एआई सॉल्यूशंस पर काम किया जा रहा है। हेल्थकेयर क्षेत्र से जुड़े 100 से अधिक प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स सरकार और इंडस्ट्री द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं, जिन पर एआई-ऑगमेंटेड समाधान हैकाथॉन के दौरान विकसित और चर्चा के माध्यम से तैयार किए जा रहे हैं।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 के बारे में जानकारी देते हुए, सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा, “इस समिट का आयोजन युवा इनोवेटर्स को एक ऐसा मंच प्रदान करने के लिए किया गया है, जहां वे ग्लोबल एआई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से सीधे संवाद कर सकें और एआई एवं क्वांटम कंप्यूटिंग में हो रही टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स और उनके अनुप्रयोगों को समझ सकें। इसके साथ ही, एआई कन्वर्जेंस समिट आम नागरिकों को भी सरकार की उन पॉलिसीज़ और पहलों की जानकारी देता है, जिनके माध्यम से एआई की मदद से वेलफेयर स्कीम्स का अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “यह समिट भारत के एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क को रियल-वर्ल्ड डिप्लॉयमेंट से जोड़ने का प्रयास है, जिससे सरकार, अकादमिक जगत, इंडस्ट्री और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बीच सहयोग को मजबूती मिल सके।

इस समिट में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब, इंडिया एआई और डिजिटल इंडिया की सक्रिय सहभागिता और सहयोग रहा, जो इस आयोजन को मजबूत संस्थागत और पॉलिसी समर्थन प्रदान करता है।

समिट के प्रमुख वक्ताओं में मुख्य अतिथि निवेदन राठी, फाउंडर, फ्यूचर एंड एआई; प्रसाद मेनन, सीईओ एवं प्रेसिडेंट, सीआईबीए, आईएसबीए; डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय; तेजा चिंतलपति, प्रिंसिपल मैनेजर, साइबर इनोवेशन, डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ  इंडिया (डीएससीआई); जेबीवी रेड्डी, मिशन डायरेक्टर, नेशनल क्वांटम मिशन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार; हिमांशु जोशी, डायरेक्टर, अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग; और संजीव सिंह, जॉइंट सेक्रेटरी, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय सहित अन्य अतिथि शामिल रहे।

समिट का प्रमुख आकर्षण “शेपिंग इंडिया’ज़ एआई एंड क्वांटम फ्यूचर: फ्रॉम पॉलिसी टू प्लेटफॉर्म्स” विषय पर आयोजित स्ट्रैटेजिक पॉलिसी डायलॉग रहा, जिसमें गवर्नेंस, डिफेंस, इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप्स और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में भारत की एआई और क्वांटम रणनीतियों के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। इस संवाद के माध्यम से उत्तर प्रदेश को इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 से पहले भारत की एआई और क्वांटम यात्रा में एक महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन पार्टनर के रूप में स्थापित किया गया।"

सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने ग्लोबल एआई एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय पहल “क्वांटम फॉर भारत” का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में नेक्स्ट-जेन टैलेंट को तैयार करने के लिए ट्रेनिंग और अपस्किलिंग प्रोग्राम्स प्रदान करना, तथा युवा इनोवेटर्स के लिए रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने कहा, “क्वांटम फॉर भारत मिशन के माध्यम से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का लक्ष्य स्कूल स्तर से लेकर यूनिवर्सिटी स्तर तक टैलेंट को विकसित करते हुए भारत को क्वांटम कंप्यूटिंग का ग्लोबल हब बनाना है। इसके साथ ही, यह पहल एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारतीय युवाओं के बीच स्टार्ट-अप्स और रिसर्च को भी सशक्त करेगी।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने अपनी राष्ट्रीय पहल “एआई फॉर ऑल” मिशन की भी शुरुआत की, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशभर में एआई लिटरेसी बढ़ाने के विज़न को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एआई फॉर ऑल मिशन पूरे भारत में विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और वर्कशॉप्स के प्रसार पर कार्य करेगा, ताकि देश के युवा भविष्य की आवश्यक स्किल्स से सुसज्जित होकर अपनी एम्प्लॉयबिलिटी को और अधिक मजबूत कर सकें।

समिट के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल डिस्कशंस भी आयोजित की गईं, जिनमें “ऑपरेशनलाइजिंग द विज़न: उत्तर प्रदेश ऐज़ इंडिया’ज़ एआई एंड क्वांटम पावरहाउस”, “रिस्पॉन्सिबल एंड इनक्लूसिव एआई में इंडस्ट्री लीडरशिप”, “एआई में विमेन लीडरशिप”, “एआई-ऑगमेंटेड हेल्थकेयर”, “फ्रॉम लैब टू लॉन्च: बिल्डिंग एआई-फर्स्ट डीप-टेक स्टार्ट-अप्स” और “एआई इनोवेशन के लिए फंडिंग पाथवेज़” जैसे विषय शामिल रहे।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपीः सस्टेनेबिलिटी के कल्चर को प्रमोट करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश, 21वीं सदी के शिक्षार्थियों को फ्यूचर-रेडी लर्निंग के थ्रू एक होलिस्टिक अकादमिक एक्सपीरियंस प्रोवाइड करती है, जहां एआई-पावर्ड अकादमिक मॉडल और शिक्षा के प्रति मल्टीडायमेंशनल एवं फ्यूचरिस्टिक पर्सपेक्टिव को प्रभावी रूप से इंटीग्रेट किया गया है। उत्तर प्रदेश स्थित इसका कैंपस, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, पंजाब की एक दशक से अधिक पुरानी विरासत को आगे बढ़ाते हुए इनोवेटिव पेडागॉजी और रिसर्च-ड्रिवन इनोवेशन का पायनियर बना हुआ है। सीयू का एआई-ऑगमेंटेड नया कैंपस इंडस्ट्री-ड्रिवन और फ्यूचरिस्टिक अकादमिक प्रोग्राम्स की एक विस्तृत रेंज प्रेज़ेंट करता है, जिसमें डेटा-ड्रिवन इनसाइट्स, वर्चुअल रियलिटी एक्सपीरियंसेज़, रियल-वर्ल्ड सिमुलेशन्स, कॉर्पोरेट मेंटरशिप, इंटरनेशनल पर्सपेक्टिव, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, एंटरप्रेन्योरियल स्पिरिट का विकास और प्रोफेशनल कॉम्पिटेंसीज़ शामिल हैं।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें: www.culko.in.

‘बेटी हैं तो सृष्टि हैं’ और ‘द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक’ के ज़रिए अहमदाबाद में राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय क्रिएटिव संगम

Ahmedabad एक बार फिर देश और दुनिया के क्रिएटिव मैप पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है। 7 और 8 फरवरी 2026 को शहर में दो बड़े आयोजन होने जा रहे हैं, जिनके केंद्र में हिंदी सिनेमा, इंटरनेशनल फैशन और सामाजिक चेतना होगी। हिंदी फीचर फिल्म बेटी हैं तो सृष्टि हैं के आधिकारिक पोस्टर लॉन्च और द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक के प्री-फिनाले के साथ अहमदाबाद एक ऐसे मंच के रूप में उभरेगा, जहां रचनात्मकता और उद्देश्य एक साथ नजर आएंगे।

इन दोनों आयोजनों को अलग-अलग इवेंट्स की बजाय एक साझा सांस्कृतिक उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद, वैश्विक सोच और उभरती प्रतिभाओं को मंच देना है।

दो दिन, दो बड़े आयोजन, एक साझा दृष्टि

7 फरवरी को बेटी हैं तो सृष्टि हैं का भव्य पोस्टर लॉन्च आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और मीडिया के लिए भी खास माना जा रहा है। इसके अगले दिन, 8 फरवरी को द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक का हाई-प्रोफाइल प्री-फिनाले होगा, जो भारत और अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत को जोड़ने वाला अहम पड़ाव है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बैक-टू-बैक आयोजनों से शहर की सांस्कृतिक ऊर्जा और ग्लोबल अपील दोनों को मजबूती मिलती है।

‘बेटी हैं तो सृष्टि हैं’: सिनेमा के ज़रिए सामाजिक संदेश

7 फरवरी को होने वाला पोस्टर लॉन्च केवल एक फिल्म प्रमोशन तक सीमित नहीं रहेगा। बेटी हैं तो सृष्टि हैं ऐसी फिल्म के रूप में सामने आ रही है, जो बेटी के सम्मान, नारी सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भूमिका जैसे विषयों को केंद्र में रखती है।

कार्यक्रम में फिल्म की पूरी कास्ट और प्रमुख क्रू सदस्यों की मौजूदगी रहेगी, जो मीडिया से बातचीत के दौरान फिल्म की सोच, निर्माण यात्रा और इसके सामाजिक संदेश पर खुलकर चर्चा करेंगे। खास बात यह है कि फिल्म में राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ-साथ अहमदाबाद के उभरते कलाकारों को भी अहम भूमिकाएं दी गई हैं, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिलने की उम्मीद है।

फिल्म की शूटिंग राजस्थान, मुंबई, दिल्ली और महाराष्ट्र के अलावा सिंगापुर और मलेशिया में की गई है। इससे फिल्म को अंतरराष्ट्रीय विजुअल ट्रीटमेंट मिला है और इसे वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक: अहमदाबाद से ग्लोबल रनवे तक

8 फरवरी को आयोजित होने वाला द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक का प्री-फिनाले फैशन इंडस्ट्री के लिए खास आकर्षण रहेगा। यह फैशन वीक एक राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हो रहा है, जिसका ग्रैंड फिनाले दुबई में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

अहमदाबाद में होने वाले इस प्री-फिनाले में देश और विदेश के डिजाइनर्स अपने विशेष कलेक्शन पेश करेंगे। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मॉडल्स की भागीदारी, प्रोफेशनल कोरियोग्राफी, उन्नत लाइटिंग और इंटरनेशनल स्टेज प्रोडक्शन के साथ यह आयोजन वैश्विक स्तर के फैशन शो का अनुभव देने का दावा करता है।

इस कार्यक्रम में Miss Sushmita चीफ गेस्ट के रूप में शामिल होंगी, जिससे इवेंट की प्रतिष्ठा और मीडिया आकर्षण और बढ़ने की संभावना है।

फाइनलिस्ट मॉडल्स को मिलेगा सम्मान और पहचान

प्री-फिनाले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उभरते मॉडल्स का सम्मान समारोह होगा। चयनित फाइनलिस्ट्स को प्रतिष्ठित टाइटल्स, क्राउन और अवॉर्ड्स प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न सब-टाइटल्स के विजेताओं को भी क्राउन और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा।

फैशन इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के अनुसार, इस तरह के मंच नए चेहरों को न केवल पहचान देते हैं, बल्कि उनके प्रोफेशनल करियर की दिशा भी तय करते हैं।

सेलिब्रिटीज़ और इंटरनेशनल डेलीगेट्स की मौजूदगी

दोनों आयोजनों में फिल्म और फैशन जगत की जानी-मानी हस्तियों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, इंडस्ट्री लीडर्स, वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स की मौजूदगी अपेक्षित है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज के चलते अहमदाबाद को वैश्विक स्तर पर व्यापक दृश्यता मिलने की संभावना है।

मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आयोजन शहर की ब्रांड इमेज को मजबूत करते हैं और भविष्य में और बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स के लिए रास्ता खोलते हैं।

अनुभवी नेतृत्व में आयोजन

इन दोनों कार्यक्रमों का शो निर्देशन बीना व्यास कर रही हैं, जिन्हें फैशन और परफॉर्मिंग आर्ट्स के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। आयोजन की योजना, समन्वय और संचालन की जिम्मेदारी अभिलाष और उनकी टीम संभाल रही है, जो हर स्तर पर अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयारियां कर रही है।

अहमदाबाद की बदलती सांस्कृतिक पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि बेटी हैं तो सृष्टि हैं और द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक जैसे आयोजन अहमदाबाद को केवल व्यापारिक शहर की छवि से आगे ले जाकर एक आधुनिक, जागरूक और रचनात्मक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

7 और 8 फरवरी 2026 को अहमदाबाद वह मंच बनेगा, जहां सिनेमा की संवेदनशीलता, फैशन की ग्लैमर और सामाजिक चेतना एक साथ दिखाई देगी। यह दो दिवसीय आयोजन न केवल शहर के लिए, बल्कि भारत के उभरते क्रिएटिव परिदृश्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।