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पीनटबटरजेली ने लॉन्च किया नया मार्केटप्लेस; 2028 तक स्कॉलरशिप के लिए दिया जाएगा कमीशन

डलास, टेक्सास

कम्युनिटी-संचालित डिजिटल पहल, पीनटबटरजेली (PJELLY) ने आज एक कॉमर्स-ड्रिवन मार्केटप्लेस (व्यापारिक मंच) के लॉन्च की घोषणा की है। इस मंच को विशेष रूप से इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि इससे होने वाली कमाई का एक हिस्सा स्कॉलरशिप फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह पहल एक स्ट्रक्चर्ड कमीशन मॉडल पर आधारित है।

इस नए मार्केटप्लेस के जरिए उपयोगकर्ता स्टैंडर्ड 'एफिलिएट लिंक्स' का उपयोग करके थर्ड-पार्टी उत्पादों और सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सकेंगे। मार्केटप्लेस की गतिविधियों से प्राप्त होने वाला कमीशन, प्रोजेक्ट की सार्वजनिक आवंटन नीति के तहत स्कॉलरशिप फंड में जमा किया जाएगा। यह नीति 2028 तक लागू रहेगी। खास बात यह है कि इस मार्केटप्लेस को बिना किसी अतिरिक्त परिचालन लागत के विस्तार (scale) करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका अर्थ है कि जैसे-जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ेगा, स्कॉलरशिप की राशि भी उसी अनुपात में बढ़ती जाएगी। यह मार्केटप्लेस अब लाइव है और दुनिया भर में उपलब्ध है। शुरुआत में इसमें कंज्यूमर गुड्स, टेक्नोलॉजी, किताबें और शैक्षणिक सामग्री जैसी श्रेणियां शामिल की गई हैं।
 
परिचालन स्वतंत्रता (Operational Independence)

यह मार्केटप्लेस एक 'क्यूरेटेड पोर्टल' के रूप में कार्य करता है, जो छात्रों को टेक्नोलॉजी, शैक्षणिक संसाधनों और जीवनशैली से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं के विविध इकोसिस्टम तक पहुंचने की अनुमति देता है। यद्यपि यह मार्केटप्लेस विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त ब्रांडों तक पहुंच प्रदान करता है, लेकिन यह व्यापक इकोसिस्टम से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। इसमें प्रदर्शित थर्ड-पार्टी रिटेल विक्रेताओं के साथ कोई औपचारिक विज्ञापन समझौता (endorsement) या संयुक्त उद्यम (joint venture) नहीं है।
 
मार्केटप्लेस में भाग लेना पूरी तरह से वैकल्पिक है, और प्लेटफॉर्म के अन्य हिस्सों का उपयोग करने के लिए कोई भी खरीदारी करना अनिवार्य नहीं है। कमर्शियल फंडिंग के अलावा, यह प्लेटफॉर्म 'पीयर-टू-पीयर' (P2P) स्कॉलरशिप योगदान का भी समर्थन करता है, जिससे कम्युनिटी के सदस्य सीधे किसी छात्र या स्कॉलरशिप पहल के लिए फंड दे सकते हैं।
 
शिक्षा तक पहुंच में मदद

आवंटित स्कॉलरशिप फंड का उपयोग पात्र छात्र शैक्षणिक सामग्री, जैसे कि किताबें आदि खरीदने के लिए कर सकते हैं, जो प्लेटफॉर्म के एफिलिएट मार्केटप्लेस के जरिए उपलब्ध थर्ड-पार्टी विक्रेताओं से ली जा सकेंगी।
 
प्रोजेक्ट के एक प्रतिनिधि ने कहा, "यह लॉन्च प्लेटफॉर्म की गतिविधियों को एक निश्चित सामाजिक उद्देश्य के साथ जोड़ने का एक सोचा-समझा प्रयास है। मार्केटप्लेस से मिलने वाले कमीशन को स्कॉलरशिप के लिए आवंटित करके और वैकल्पिक पीयर-टू-पीयर योगदान का समर्थन करके, हम प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई रास्ते तैयार कर रहे हैं।"
 
प्रोजेक्ट ने बताया कि स्कॉलरशिप की पात्रता, आवंटन प्रक्रियाओं और भविष्य के प्लेटफॉर्म विकास से संबंधित अतिरिक्त जानकारी आगामी घोषणाओं में साझा की जाएगी।
 
पीनटबटरजेली (PJELLY) के बारे में

पीनटबटरजेली (PJELLY) एक कम्युनिटी-संचालित डिजिटल पहल है जो सामाजिक प्रभाव के उद्देश्यों, जैसे शिक्षा तक पहुंच और भूखमरी राहत (hunger relief) से जुड़े प्रयासों पर केंद्रित है। यह प्रोजेक्ट स्वतंत्र रूप से संचालित होता है और स्टैंडर्ड एफिलिएट कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित किसी भी थर्ड-पार्टी ब्रांड से संबद्ध या उनके द्वारा समर्थित नहीं है। पीनटबटरजेली, वेरिटास नेटवर्क होल्डिंग्स (Veritas Network Holdings) का एक ब्रांड और ट्रेडमार्क है।
 
महत्वपूर्ण सूचना: यह प्रेस विज्ञप्ति केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और यह कोई प्रस्ताव, आग्रह या निवेश की सिफारिश नहीं है।
 
भारत के लिए अस्वीकरण (DISCLAIMER FOR INDIA): "क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी (NFTs) अनियंत्रित हैं और अत्यधिक जोखिम भरे हो सकते हैं। ऐसे लेन-देन से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए कोई विनियामक सहारा (regulatory recourse) उपलब्ध नहीं हो सकता है।"
 

मीडिया संपर्क: PeanutButterJelly Communications ईमेल: information@peanutbutterjelly.io
 
मार्केटप्लेस: www.peanutbutterjelly.io/marketplace वेबसाइट: www.peanutbutterjelly.io X (Twitter): @PButterJelly टेलीग्राम: t.me/PBJelly_Official
 
स्रोत: वेरिटास नेटवर्क होल्डिंग्स
 

मोहनखेड़ा की पावन धरा पर पहली बार होगा बागेश्वर सरकार का आगमन, 2 फरवरी को सजेगा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दिव्य दरबार

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  राजगढ़ (धार) | मालवा अंचल के सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में आगामी 2 फरवरी को एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक समागम होने जा रहा है। विश्व विख्यात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहली बार इस पावन क्षेत्र में कदम रखेंगे और अपने मुखारविंद से एक दिवसीय विशाल कथा एवं प्रवचन के माध्यम से ज्ञान की गंगा बहाएंगे। मोहनखेड़ा तीर्थ स्थित 108 धर्मशाला के पीछे के विशाल मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर लाभार्थी परिवार कमला अंकीबाई घमंडीराम गोवाणी ट्रस्ट मुंबई द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने के लिए देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

  आयोजन की भव्यता और संभावित जनसमूह को देखते हुए प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को धार एसपी मयंक अवस्थी भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचे। उन्होंने कथा पांडाल, निर्माणाधीन हेलिपैड और भोजनशाला का सघन निरीक्षण किया। एसपी अवस्थी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था को इस तरह से प्रबंधित किया जाए कि राजगढ़-धार मार्ग पर यातायात की स्थिति सुगम बनी रहे। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से हेलिपैड की बैरिकेडिंग और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

पुण्यतिथि के अवसर पर भक्ति और सुरों का संगम

  उल्लेखनीय है कि यह विशाल आयोजन मुंबई निवासी घमंडीराम गोवाणी तथा अंकीबाई घमंडीराम गोवाणी की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस गरिमामयी आयोजन में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा क्योंकि सुप्रसिद्ध गायिका अनुराधा पौडवाल भी अपनी विशेष प्रस्तुति देने यहाँ पहुंच रही हैं। आयोजन के सूत्रधार रमेश गोवाणी ने प्रशासन के साथ आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की है। इस दौरान एएसपी विजय डावर, पारुल बेलापुरकर, एसडीएम सलोनी अग्रवाल और एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने सुरक्षा चक्र का खाका तैयार किया है।

सियासी और सामाजिक दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा

   तीर्थ के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल जैन और प्रबंधक अर्जुन प्रसाद मेहता ने आयोजन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि बागेश्वर धाम सरकार की बढ़ती लोकप्रियता और मोहनखेड़ा तीर्थ की गहरी मान्यता के कारण इस कार्यक्रम में देश और प्रदेश की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने की भी प्रबल संभावना है। फिलहाल तीर्थ क्षेत्र में चारों ओर उत्साह का माहौल है और पांडाल निर्माण से लेकर अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि आने वाले लाखों भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।







वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक तिमाही एनआईआई 1,000 करोड़ रुपए




 

* वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में वितरण रिकॉर्ड स्तर 8,293 करोड़ रुपए
* जमा 7.7% तिमाही दर तिमाही बढ़ी, ऋण पुस्तिका वृद्धि 7.1% तिमाही दर तिमाही से आगे
* सकल ऋण पुस्तिका (दिसंबर’25) 37,057 करोड़ रुपए, 21.6% सालाना वृद्धि; जमा 42,223 करोड़ रुपए, 22.4% सालाना वृद्धि
* सुरक्षित ऋण पुस्तिका 17,825 करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 48.7% सालाना वृद्धि; कुल ऋण में सुरक्षित ऋण का हिस्सा 48.1%
* माइक्रो बैंकिंग सकल ऋण पुस्तिका 19,372 करोड़ रुपए (दिसंबर’25); 4.1% सालाना वृद्धि

  मुंबई : उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड [BSE: 542904; NSE: UJJIVANSFB] ने आज 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
 उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक- व्यवसाय प्रदर्शन सारांश
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही एवं वित्त वर्ष 26 के 9 महीने
❖ परिसंपत्तियाँ
  सकल ऋण पुस्तिका 37,057* करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 21.6% सालाना / 7.1% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
सुरक्षित ऋण पुस्तिका का हिस्सा 48.1% (दिसंबर’25) बनाम 39.3% (दिसंबर’24) और 46.8% (सितंबर’25)
अब तक का सर्वाधिक तिमाही वितरण 8,293 करोड़ रुपए; 54.7% सालाना / 4.5% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
माइक्रो बैंकिंग वितरण 4,688 करोड़ रुपए; 62.4% सालाना / 10.1% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
❖ संग्रह एवं परिसंपत्ति गुणवत्ता 
  समूह एवं व्यक्तिगत ऋण बकेट-एक्स की संग्रह दक्षता में सुधार; दिसंबर’25 में 99.7%
जोखिमग्रस्त पोर्टफोलियो*/जीएनपीए*/एनएनपीए* क्रमशः 3.98% / 2.39% / 0.58% (दिसंबर’25); जबकि दिसंबर’24 में 5.36% / 2.68% / 0.66%
प्रोविजन कवरेज रेशियो दिसंबर’25 में बढ़कर 76%
❖ जमा 
 जमा 42,223 करोड़ रुपए (दिसंबर’25), 22.4% सालाना / 7.7% तिमाही दर तिमाही वृद्धि
कासा 11,535 करोड़ रुपए; 33.2% सालाना वृद्धि, कासा अनुपात 27.3% (दिसंबर’25)
रिटेल टर्म डिपॉजिट^ + कासा 29,395 करोड़ रुपए; 16.3% सालाना वृद्धि
  वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में फंड की लागत (सीओएफ) 7.09%, वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही की तुलना में 25 बीपीएस कम

❖ वित्तीय प्रदर्शन 
  वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अब तक का सर्वाधिक एनआईआई 1,000 करोड़ रुपए; 12.8% सालाना वृद्धि
एनआईएम 33 बीपीएस बढ़कर वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 8.23%
  कॉस्ट-टू-इनकम अनुपात तिमाही के लिए 66% पर स्थिर; हालाँकि नए श्रम संहिता के तहत एकमुश्त ग्रेच्युटी खर्च समायोजन के बाद 65% से नीचे
  वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में पीएटी 186 करोड़ रुपए; 70.8% सालाना वृद्धि
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में आरओए 1.5% (सालाना 45 बीपीएस वृद्धि); आरओई 11.5% (सालाना 423 बीपीएस वृद्धि)
❖ पूँजी एवं तरलता
पूँजी पर्याप्तता अनुपात 21.6%
मजबूत तरलता; दिसंबर’25 के लिए औसत दैनिक एलसीआर 165.6%
* जहाँ लागू हो, शर्तें/परिभाषाएँ बैंक की रिपोर्टिंग के अनुसार।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री संजीव नौटियाल ने कहा, “भारत का व्यापक आर्थिक परिदृश्य अनुकूल बना हुआ है। वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की मजबूत जीडीपी वृद्धि ने ऋण वृद्धि और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के लिए सहायक माहौल तैयार किया है।
   उज्जीवन एसएफबी में जमा वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 7.7% तिमाही दर तिमाही और 22.4% सालाना बढ़कर 42,223 करोड़ रुपए हो गई, जबकि दिसंबर’25 के अंत में क्रेडिट–डिपॉजिट अनुपात 88% रहा। गुणवत्ता वाले ‘न्यू-टू-बैंक’ ग्राहकों को जोड़ने तथा ‘एग्ज़िस्टिंग-टू-बैंक’ ग्राहकों से बेहतर जुड़ाव के लिए समर्पित चैनलों पर स्पष्ट फोकस के चलते कासा अनुपात लगातार दो तिमाहियों से 27% से ऊपर बना हुआ है। वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में किए गए जमा दरों में कटौती और बेहतर तरलता प्रबंधन के कारण फंड की लागत में गिरावट का रुझान जारी रहा। तिमाही के लिए सीआईएफ 7.08% रहा, जो सालाना आधार पर 49 बीपीएस कम है।
   तिमाही के दौरान सकल ऋण पुस्तिका 7.1% तिमाही दर तिमाही और 21.6% सालाना बढ़कर 37,057 करोड़ रुपए हो गई, जिसे 8,293 करोड़ रुपए के अब तक के सर्वाधिक तिमाही वितरण का सहारा मिला। यह असुरक्षित और सुरक्षित, दोनों श्रेणियों के उत्पादों में सर्वांगीण प्रदर्शन का परिणाम रहा। आवास, एमएसएमई, गोल्ड, वाहन और कृषि ऋण जैसे सुरक्षित पोर्टफोलियो हमारी दीर्घकालिक विविधीकरण रणनीति के अनुरूप विस्तार करते रहे, जिससे दिसंबर’25 तक सुरक्षित ऋण का हिस्सा बढ़कर 48% हो गया।
  बैंक का पीएआर 4% से नीचे रहा। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में स्लिपेज घटकर 221 करोड़ रुपए रहा, जबकि दिसंबर’25 के अंत में जीएनपीए 2.39% और एनएनपीए 0.58% रहा। तिमाही के लिए क्रेडिट लागत ₹195 करोड़ रही और हमें मौजूदा परिचालन तिमाही में इसमें और कमी की उम्मीद है। दिसंबर’25 तक पीसीआर बढ़कर 76% हो गया। माइक्रोफाइनेंस बकेट-एक्स की संग्रह दक्षता दिसंबर’25 में 99.7% तक पहुँचने के साथ प्रावधान आवश्यकताएं घटने लगी हैं।
   वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में हमारी नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एमआईएम) 33 bps तिमाही दर तिमाही बढ़कर 8.23% हो गई, जिसे कम CoF, अनुकूल उत्पाद मिश्रण, कम ब्याज रिवर्सल और सीआरआर में ढील का समर्थन मिला। हमने तिमाही में ₹1,000 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक एनआईआई दर्ज किया। इसके परिणामस्वरूप लाभप्रदता मजबूत हुई और वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कर पश्चात लाभ (पीएटी) ₹186 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 70.8% की स्वस्थ वृद्धि दर्शाता है। नवंबर’25 से लागू नए श्रम संहिता के तहत एकमुश्त ग्रेच्युटी खर्च को समायोजित करने पर हमारा पीएटी लगभग ₹200 करोड़ होता। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 1.5% का आरओए और 11.5% का आरओई हमारे रिटर्न मेट्रिक्स में निरंतर सुधार को रेखांकित करता है।
  21.6% की स्वस्थ पूंजी पर्याप्तता, मजबूत तरलता बफर और वृद्धि के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण के साथ बैंक आने वाली तिमाहियों में टिकाऊ और लाभकारी वृद्धि देने के लिए सुदृढ़ स्थिति में है।”

अदाणी पावर के सबसे बड़े बॉन्ड इश्यू पर निवेशकों की कतार, कोटक-टाटा समेत कई दिग्गज आगे




 


  बिजनेस । देश के बॉन्ड बाजार में इस हफ्ते एक साफ संदेश गया निवेशक भरोसा वहीं टिकता है, जहां कारोबार मजबूत दिखता है। अदाणी ग्रुप की थर्मल पावर कंपनी अदाणी पावर की अब तक की सबसे बड़ी घरेलू बॉन्ड इश्यू को लेकर म्यूचुअल फंड और बड़े निवेशकों में जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली। कोटक, निप्पॉन, टाटा, इनवेस्को, आईसीआईसीआई, एक्सिस समेत कई प्रमुख फंड हाउस इस इश्यू में पैसा लगाने के लिए आगे आए।
  एक निवेशक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “कंपनी का बिजनेस बुनियादी तौर पर मजबूत है। हालिया घटनाक्रम का इसके ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ा है।” एक अन्य निवेशक के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियां “कंपनी या ग्रुप को किसी बड़े नुकसान की ओर नहीं ले जातीं।” अदाणी पावर इस समय देश में 18 गीगावाट की थर्मल पावर क्षमता संचालित कर रही है और कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2032 तक इसे 42 गीगावाट तक ले जाने का है। यानी आने वाले वर्षों में बिजली उत्पादन में बड़ी छलांग की तैयारी है। निवेशकों का मानना है कि कंपनी का इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल, साफ दिखती  एक्सपैंशन पाइपलाइन और तुलनात्मक रूप से संतुलित बैलेंस शीट इसे लंबे समय के लिए आकर्षक बनाती है। कर्ज के मोर्चे पर भी अदाणी पावर की स्थिति उद्योग के कई बड़े नामों से बेहतर मानी जा रही है। कंपनी का नेट डेट-टू-ईबीआईटीडीए करीब 1.6 गुना है जबकि एनटीपीसी, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और टाटा पावर जैसी कंपनियों में यह अनुपात 4 से 5 गुना के बीच बताया जाता है। यही वजह है कि बॉन्ड निवेशकों को कंपनी का रिस्क प्रोफाइल अपेक्षाकृत संतुलित नजर आ रहा है।
 
   एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि आने वाले पांच साल में अदाणी पावर की ऑपरेटिंग कमाई तीन गुना से भी ज्यादा हो सकती है। मौजूदा समय में कंपनी का ईबीआईटीडीए करीब 21 हजार करोड़ रुपए है, जो वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 75 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। इसके पीछे नई क्षमता जोड़ने की योजना, बेहतर प्लांट एफिशिएंसी और स्थिर मांग जैसे कारक गिनाए जा रहे हैं। रेटिंग एजेंसियों के स्तर पर भी संकेत निवेशकों के भरोसे को मजबूत करते हैं। मूडीज़ और फिच जैसी वैश्विक रेटिंग एजेंसियां पहले ही अदाणी समूह की कई इकाइयों के आउटलुक को स्टेबल कर चुकी हैं। फिच ने नवंबर में कहा था कि अमेरिका में चल रही जांच से जुड़े जोखिम निकट भविष्य में प्रबंधनीय हैं और इसका तात्कालिक असर सीमित रहने की उम्मीद है।
  बॉन्ड बाजार के जानकार मानते हैं कि इस इश्यू को मिली मजबूत प्रतिक्रिया सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर में निवेशकों के भरोसे को भी दिखाती है। भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है चाहे वह इंडस्ट्री हो, शहर हों या ग्रामीण इलाकों में बढ़ती खपत। ऐसे में बड़ी और स्थापित पावर कंपनियों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। कुल मिलाकर, अदाणी पावर का यह बॉन्ड इश्यू यह संकेत देता है कि बाजार शोर से ज्यादा नंबर, क्षमता और भविष्य की योजना देख रहा है।

"बाधा नहीं,संकल्प चाहिए": बजट सत्र से पहले PM मोदी का सांसदों को दो टूक, बताया 2047 के भारत का पूरा मास्टरप्लान।




 

   नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज संसद परिसर में 2026 के बजट सत्र के प्रारंभ से पहले मीडिया को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ नागरिकों के विश्वास की अभिव्यक्ति, उनके परिश्रम का प्रमाण और युवाओं की आकांक्षाओं का सटीक प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने सत्र और वर्ष 2026 की शुरुआत में ही सभी सांसदों के समक्ष कई मार्गदर्शक बिंदु रखे हैं। श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्राध्यक्ष के रूप में राष्ट्रपति द्वारा सरल शब्दों में व्यक्त की गई अपेक्षाओं को सभी सांसदों ने गंभीरता से लिया होगा, जिससे यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट सत्र 21वीं सदी की पहली तिमाही के समापन और दूसरी तिमाही के प्रारंभ का प्रतीक है। उन्होंने रेखांकित किया कि 2047 तक एक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगले 25 वर्ष महत्वपूर्ण हैं और यह बजट सदी की दूसरी तिमाही का पहला बजट है। प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जो देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश कर रही हैं, जो भारत के संसदीय इतिहास में एक गौरवपूर्ण क्षण है।

   प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि वर्ष की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है, एक आत्मविश्वासी भारत विश्व के लिए आशा की किरण और आकर्षण का केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इस तिमाही की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और आगे की आशाजनक दिशाओं को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह समझौता महत्वाकांक्षी भारत, आकांक्षावान युवाओं और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार है। प्रधानमंत्री ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि भारत के निर्माता अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इस अवसर का लाभ उठाएंगे। उन्होंने सभी उत्पादकों से आग्रह किया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए इस समझौते, जिसे "सभी समझौतों की जननी" कहा जा रहा है, के साथ अब एक विशाल बाजार खुल गया है और भारतीय सामान वहां कम लागत पर पहुंचेंगे। उन्होंने उद्योग जगत प्रमुखों और निर्माताओं को आगाह किया कि वे आत्मसंतुष्ट न हों, बल्कि गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ इस खुले बाजार में प्रवेश करने से न केवल 27 यूरोपीय संघ देशों के खरीदारों से लाभ प्राप्त होगा, बल्कि उनका विश्वास भी जीता जाएगा, जिससे दशकों तक दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के ब्रांड के अनुरूप कंपनियों के ब्रांड नई प्रतिष्ठा स्थापित करेंगे। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता भारत के मछुआरों, किसानों, युवाओं और सेवा क्षेत्र में कार्यरत उन लोगों के लिए अपार अवसर लेकर आया है जो वैश्विक स्तर पर अवसर तलाशने के इच्छुक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह एक आत्मविश्वासपूर्ण, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 प्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि राष्ट्रीय ध्यान स्वाभाविक रूप से बजट की ओर जाता है, फिर भी इस सरकार की पहचान सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन रही है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश अब सुधार की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस सुधार यात्रा को गति देने में अपना सकारात्मक योगदान देने वाले सभी सांसदों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश दीर्घकालिक लंबित समस्याओं से हटकर दीर्घकालिक समाधानों की ओर बढ़ रहा है, जो पूर्वानुमान योग्य हैं और वैश्विक विश्वास का निर्माण करते हैं। श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय प्रगति के उद्देश्य से लिया गया प्रत्येक निर्णय मानव-केंद्रित रहेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत प्रौद्योगिकी के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा, उसे आत्मसात करेगा और उसकी शक्ति को स्वीकार करेगा, लेकिन सरकार मानव-केंद्रित प्रणालियों पर कभी समझौता नहीं करेगी और संवेदनशीलता के साथ प्रौद्योगिकी को संतुलित करने की दृष्टि से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आलोचक भी अंतिम छोर तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और उन्हें केवल कागजों तक सीमित न रखकर लोगों के जीवन तक पहुंचाने पर सरकार के फोकस को स्वीकार करते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सुधार की राह पर अगली पीढ़ी के सुधारों के साथ यह परंपरा जारी रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र और जनसंख्या आज विश्व के लिए एक बड़ी उम्मीद है और लोकतंत्र के इस मंदिर में, भारत के पास शक्ति, लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से लिए गए निर्णयों के प्रति सम्मान का संदेश देने का अवसर है—ऐसे संदेश जिनका वैश्विक स्तर पर स्वागत और स्वीकृति हो। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समय व्यवधान का नहीं, बल्कि समाधानों का है, बाधाओं का नहीं, बल्कि संकल्पों का है। उन्होंने सभी सांसदों से समाधानों के युग को गति देने, निर्णयों को सशक्त बनाने और अंतिम छोर तक सफल डिलीवरी सुनिश्चित करने में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी को हार्दिक धन्यवाद और शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन का समापन किया।


ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है जॉन अब्राहम की दमदार थ्रिलर ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर- शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे




 

  मुंबई, जनवरी 2026: दमदार कहानी, हाई क्वालिटी एक्शन और रोमांचक सस्पेंस के साथ ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है फिल्म ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर, शनिवार, 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे। इस फिल्म में जॉन अब्राहम अपने अब तक के सबसे इंटेंस और ताकतवर किरदारों में से एक में नज़र आएँगे। तेज़ रफ्तार घटनाओं और लगातार बदलते हालातों के बीच आगे बढ़ती यह थ्रिलर दर्शकों को शुरुआत से लेकर अंत तक बाँधे रखने वाली है।


  फिल्म की कहानी एक खौफनाक बम धमाके से शुरू होती है, जिसके पीछे छिपे आतंकियों तक पहुँचने के लिए जॉन अब्राहम एक खतरनाक और चुनौतीपूर्ण मिशन पर निकलते हैं। जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ती है, साजिशें और गहरी होती जाती हैं और हर नया मोड़ कहानी में सस्पेंस की परतें जोड़ देता है, जो फिल्म की पकड़ को और मजबूत बनाता है।


  अरुण गोपालन के निर्देशन में बनी ‘तेहरान’ में जॉन अब्राहम के साथ मानुषी छिल्लर और नीरू बाजवा भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आएँगी। सभी कलाकारों की परफॉर्मेंस कहानी को मजबूती देती है और फिल्म के जज़्बात और रोमांच को और असरदार बनाती है।


   फिल्म में जॉन अब्राहम एसीपी राजीव कुमार के रूप में दिखते हैं, जो दिल्ली में विदेशी अधिकारियों पर हुए एक जानलेवा बम धमाके के बाद एक खतरनाक गुप्त मिशन की जिम्मेदारी संभालते हैं। एसीपी राजीव कुमार का मिशन जो शुरुआत में हमले के पीछे मौजूद लोगों की तलाश होती है, वह जल्द ही उसे छिपे हुए मकसदों, बदलती वफादारियों और सीमाओं के पार सक्रिय रहस्यमय ताकतों के खतरनाक जाल में खींच ले जाती है। जैसे-जैसे वह सच्चाई के करीब पहुँचता है, हालात उसे अकेला कर देते हैं और उसी वक्त कहानी ऐसा मोड़ लेती है, जो पूरी जाँच की दिशा ही बदल देती है। 


  दमदार कहानी, हाई क्वालिटी एक्शन और जबर्दस्त सस्पेंस के साथ ‘तेहरान’ दर्शकों को एक यादगार अनुभव देने का वादा करती है। ‘तेहरान’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर देखना न भूलें, शनिवार 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे, सिर्फ ज़ी सिनेमा पर।

अहमदाबाद और दुबई में 27 फरवरी और 3 अप्रैल को द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक और ‘बेटी है तो सृष्टि है’ पोस्टर लॉन्च होगा

अहमदाबाद: फैशन, सिनेमा और सामाजिक चेतना को एक साझा मंच पर लाने वाला एक बड़ा राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन आगामी दिनों में अहमदाबाद और दुबई में आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन के तहत द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक और हिंदी फीचर फिल्म ‘बेटी है तो सृष्टि है’ का आधिकारिक पोस्टर लॉन्च किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत 27 फरवरी को Ahmedabad में होगी, जबकि इसी प्रारूप का अंतरराष्ट्रीय संस्करण 3 अप्रैल को Dubai में आयोजित किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, दोनों शहरों में कार्यक्रम की संरचना और प्रस्तुति समान रखी जाएगी, ताकि भारतीय फैशन और सिनेमा को एक सुसंगत रचनात्मक पहचान के साथ राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा सके। यह पहल भारतीय रचनात्मक उद्योग को सीमित भौगोलिक दायरे से बाहर ले जाकर अंतरराष्ट्रीय संवाद से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अहमदाबाद में होने वाला आयोजन इस श्रृंखला की पहली कड़ी होगा। यहां फिल्म और फैशन जगत से जुड़े कई जाने-माने नामों की मौजूदगी रहने की संभावना है। इसके साथ ही मीडिया प्रतिनिधि, सांस्कृतिक विशेषज्ञ और विशिष्ट अतिथि भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। जानकारों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से अहमदाबाद जैसे शहरों की पहचान केवल व्यापारिक या औद्योगिक केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि एक उभरते सांस्कृतिक और रचनात्मक हब के रूप में भी मजबूत होती है।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण हिंदी फीचर फिल्म ‘बेटी है तो सृष्टि है’ का आधिकारिक पोस्टर लॉन्च होगा। यह फिल्म महिलाओं के सम्मान, बेटियों की गरिमा और समाज में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका जैसे विषयों को केंद्र में रखकर बनाई गई है। फिल्म के कास्ट और क्रू सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और मीडिया से बातचीत करेंगे। आयोजकों के मुताबिक, इस सत्र के दौरान फिल्म की सोच, इसके निर्माण की प्रक्रिया और सामाजिक संदर्भों पर चर्चा की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, इस आयोजन में फिल्म उद्योग से जुड़े कई अभिनेता और अभिनेत्रियों की भागीदारी भी अपेक्षित है। इसके अलावा, भारतीय राजनीतिक जगत से जुड़ी कुछ प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है। आयोजकों का कहना है कि सिनेमा और राजनीति से जुड़े लोगों की मौजूदगी कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक संदर्भ प्रदान करती है और इसके संदेश को अधिक प्रभावी बनाती है।

आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अहमदाबाद संस्करण में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री शुष्मिता और डॉ. अदिति शामिल होंगी, जबकि सुश्री सिमरन इस आयोजन में मानद अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगी। उनकी भागीदारी से कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व मिलने की उम्मीद है।

पोस्टर लॉन्च के बाद कार्यक्रम का दूसरा प्रमुख हिस्सा द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक होगा। यह फैशन वीक एक राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य भारतीय डिजाइनरों और मॉडलों को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराना है। फैशन शो में भारत और विदेशों के डिजाइनर अपनी-अपनी कलेक्शन प्रस्तुत करेंगे, जबकि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मॉडल्स रैंप पर नजर आएंगे।

आयोजकों के अनुसार, फैशन वीक की प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगी। इसमें पेशेवर कोरियोग्राफी, आधुनिक लाइटिंग, तकनीकी रूप से सशक्त मंच सज्जा और सुव्यवस्थित रनवे शो शामिल होंगे। फैशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन उभरते डिजाइनरों और मॉडलों के लिए करियर की नई संभावनाएं खोलते हैं।

अहमदाबाद में चयनित कुछ डिजाइनर और मॉडल्स को दुबई में होने वाले कार्यक्रम में भी अपनी प्रस्तुति देने का अवसर मिल सकता है। दुबई संस्करण को अंतरराष्ट्रीय फैशन बाजार के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जहां वैश्विक मीडिया, खरीदार और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी की संभावना है।

दुबई में 3 अप्रैल को होने वाला आयोजन भारतीय रचनात्मक उद्योग के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करेगा। सूत्रों का कहना है कि इस संस्करण में विदेशों से राजनेता, अंतरराष्ट्रीय कलाकार और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं, जिससे आयोजन को वैश्विक स्तर पर और व्यापक पहुंच मिलेगी।

संस्कृति विशेषज्ञों का मानना है कि अहमदाबाद और दुबई में एक ही प्रारूप में कार्यक्रम आयोजित करना सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा देता है। यह पहल न केवल फैशन और सिनेमा को एक मंच पर लाती है, बल्कि सामाजिक संदेश को भी वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम बनती है।

27 फरवरी और 3 अप्रैल को आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम भारतीय फैशन और सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और संगठित पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के दो-शहरी और दो-देशीय आयोजन भविष्य में और भी बड़े सांस्कृतिक सहयोग और रचनात्मक साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेंगे।