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देशभक्ति के गीतों से गूंजा पातालपानी, विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियां 'उत्कृष्ट सेवा सम्मान' से सम्मानित




 


  इंदौर। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पातालपानी झरने के सामने अहिंसा पर्वत स्थित अमर जवान स्मारक पर एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम के आयोजक पर्यावरणविद् अशोक मेहता ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें अपने संवैधानिक अधिकार समझना चाहिए और देश एवं समाज के प्रति अपनी कर्तव्य निष्ठा को भूलना नहीं चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक राजेश बियानी ने बताया कि गायक कलाकार श्री राजा सलूजा श्री सुनील बामनिया श्रीमती मंगला जैन, श्री एवं श्रीमती जसविंदर बेस ने देशभक्ति आधारित राष्ट्र गीतों से श्रोताओं को झुमा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में बालिका आरना मेहता, चहेती जैन, कियारा मेहता, हिरल जैन ने अपनी राष्ट्र के प्रति भावना प्रकट की साथ ही इस भावुक अवसर पर श्रीमती पायल परदेसी ने वंदे मातरम गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्र मुक्त कर दिया।
   इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, एनिमल वेलफेयर, समाज सेवा, योग एवं सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग आदि क्षेत्रो में अपनी उत्कृष्ट सेवाओ के लिए श्रीमती पायल परदेसी, श्री यशवंतसिंग बिस्ट, डॉ अमित सोनी, श्री इंदरसिंग योगी, श्री आनंद यादव, श्रीमती आशा परमार, श्रीमती सुमित्रा अरोरा, श्री राधेश्याम वर्मा, डॉ अनुपम श्रीवास्तव, श्रीमती राधा तोषनवाल, डॉ लकी खंडएलवाल, श्रीमती दीक्षित, श्रीमती कांता मजदे को उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया गया। 
   कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री गोरू बियानी, श्रीमती रिवा सिंह, श्री आर एस बियानी, श्री सुमेर सिंह (गोल्डनमेन), श्री केपी सिंह,डाॅ शिवकांत वाजपेई, श्री विजय शर्मा, श्री मोहन चावडा, श्री हुकुम आंजना, श्री गनु भाई, श्रीमती नेहा जैन आदि उपस्थित थे।
  आभार कार्यक्रम संयोजक श्रेयांश मेहता ने प्रकट किया।

सरदारपुर जेल में गणतंत्र दिवस पर हुआ विशेष आयोजन




 

  सरदारपुर। 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरदारपुर जेल परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्री मोहनखेड़ा तीर्थ के मालव भूषण मुनिराज श्री जीतचन्द्र विजयजी महाराज का प्रेरक प्रवचन हुआ। मुनिराज के सानिध्य में सभी कैदियों ने पूजा-अर्चना की।

  इस अवसर पर मुख्य रूप से एसडीएम सलोनी अग्रवाल, एसडीओपी विश्वदीप परिहार और सरदारपुर अस्पताल के डॉ. सचिन द्विवेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अहमदाबाद निवासी दानदाता श्रीमान दर्शन पूजा पारस शाह की ओर से जेल के सभी 97 कैदियों को फल वितरित किए गए।

  कार्यक्रम का सफल संचालन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के वाणिज्य अध्ययन मंडल के चेयरमैन एवं श्री राजेंद्र सूरी शासकीय महाविद्यालय सरदारपुर-राजगढ़ (धार) के वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आर.के. जैन द्वारा किया गया। अंत में सरदारपुर जेलर संजय परमार ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जेल स्टाफ और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मन की बात 2026: पीएम मोदी ने दिया 'क्वालिटी' का मंत्र, बोले- 18 के होते ही बनें वोटर, देश के नाम किए कई बड़े संदेश

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  नई दिल्ली |  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्ष 2026 के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुए इस 124वें एपिसोड में पीएम मोदी ने युवाओं के जोश, भारतीय स्टार्ट-अप्स की कामयाबी और 'विकसित भारत' के लिए गुणवत्ता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।

 नए मतदाताओं से खास अपील: 'उत्सव की तरह मनाएं वोटर बनना'

  आज 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के अवसर पर प्रधानमंत्री ने 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं से वोटर के तौर पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, *"मतदाता लोकतंत्र की आत्मा है। जब कोई युवा पहली बार मतदाता बने, तो पूरे मोहल्ले और गांव को एकजुट होकर उसका अभिनंदन करना चाहिए। इससे वोटिंग के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोकतंत्र मजबूत होगा।"

स्टार्ट-अप इंडिया के 10 साल: 'हम दुनिया में तीसरे स्थान पर'

  प्रधानमंत्री ने साल 2016 में शुरू हुए 'स्टार्ट-अप इंडिया' अभियान की 10 साल की यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है। भारतीय युवा आज AI, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में दुनिया को राह दिखा रहे हैं।

क्वालिटी का मंत्र: "चलता है वाला युग अब बीत गया"

  देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए पीएम ने 'क्वालिटी' पर सबसे अधिक जोर दिया। उन्होंने कहा, "भारतीय प्रोडक्ट का मतलब ही 'टॉप क्वालिटी' होना चाहिए। चाहे वह कपड़ा हो, टेक्नोलॉजी हो या पैकेजिंग, हमें उत्कृष्टता को ही अपना बेंचमार्क बनाना होगा। हमारा संकल्प होना चाहिए- 'Zero Defect, Zero Effect'।"

जन-भागीदारी की प्रेरक कहानियां

  संबोधन के दौरान पीएम ने समाज की सामूहिक शक्ति के कुछ उदाहरण भी साझा किए:

   तमसा नदी का कायाकल्प: यूपी के आजमगढ़ में स्थानीय लोगों ने श्रमदान के जरिए विलुप्त हो रही तमसा नदी को साफ कर उसे नया जीवन दिया।

  अनंतपुर का जल संरक्षण : आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में 'अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट' के तहत 10 जलाशयों को पुनर्जीवित किया गया और 7 हजार से अधिक पेड़ लगाए गए।

  नशामुक्त गांव: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के शेखगुन्ड गांव में स्थानीय लोगों के प्रयास से दुकानों ने तंबाकू उत्पादों को बेचना बंद कर दिया है।

सांस्कृतिक उभार: 'भजन क्लबिंग' और वैश्विक पहचान

  प्रधानमंत्री ने आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z) द्वारा भक्ति को नए अंदाज में जीने की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहरों में 'भजन क्लबिंग' का चलन बढ़ रहा है, जहाँ युवा पूरे उत्साह और मर्यादा के साथ भजनों का आनंद ले रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मलेशिया में भारतीय समुदाय द्वारा 'लाल पाड़ साड़ी' वॉक के जरिए बनाए गए रिकॉर्ड का भी जिक्र किया।

पर्यावरण और श्रीअन्न (मिलेट्स)

  एक पेड़ माँ के नाम: इस अभियान के तहत देश में अब तक 200 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं।

  मिलेट्स (श्रीअन्न): पीएम ने बताया कि तमिलनाडु और राजस्थान के महिला किसान समूह मिलेट्स की प्रोसेसिंग कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसे स्वास्थ्य के लिए 'सुपर-फूड' बताया।

आगामी कार्यक्रम: India AI Impact Summit

  पीएम मोदी ने जानकारी दी कि अगले महीने भारत में 'India AI Impact Summit' का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के दिग्गज एक्सपर्ट्स शामिल होंगे।

  अंत में प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराया।





 

MATTER ने टेक्नोलॉजी डे 3.0 पर भारत का पहला AI-DV प्लेटफॉर्म पेश किया; संपूर्ण ईवी परिवर्तन के लिए दोपहिया श्रेणी के उत्पादों की नई श्रृंखला की घोषणा की

नई दिल्ली, दिल्ली, भारत
MATTER ने आज टेक्नोलॉजी डे 3.0 के अवसर पर भारत के पहले एआई-डिफाइंड व्हीकल्स (AIDV) प्लेटफॉर्म का अनावरण किया। यह तकनीकी रूप से एक परिभाषित उपलब्धि और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के विकास क्रम में एक निर्णायक क्षण है। यह अनावरण दोपहिया उद्योग के अगले चरण का नेतृत्व करने के कंपनी के इरादे को दर्शाता है और साथ ही यह संकेत देता है कि वाहनों की इंजीनियरिंग, निर्माण और अनुभव के तरीके में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव आ रहा है 

MATTER - TechUp3.0 - The New Continuum

इस घोषणा के साथ, MATTER ने केवल हार्डवेयर को नहीं, बल्कि 'इंटेलिजेंस' को अगली पीढ़ी के दोपहिया वाहनों की परिभाषित परत के रूप में स्थापित किया है। AIDV प्लेटफॉर्म अगले 36-48 महीनों में कई उत्पादों में फैले एक विस्तार योग्य तकनीक और उत्पाद रोडमैप को तैयार करता है। साथ ही यह MATTER को प्रदर्शन, दक्षता, सुरक्षा और लाइफसाइकिल वैल्यू में एक दीर्घकालिक लीडर के रूप में स्थापित करता है जिसमें टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार वाहनों के निर्माण में एक पूरक प्रमुख पहल के रूप में वैकल्पिक सामग्रियों का उपयोग शामिल है।

भारतीय दोपहिया वाहनों के लिए एक निर्णायक क्षण
टेक्नोलॉजी डे 3.0 के साथ MATTER ने खुद को केवल एक ईवी निर्माता के रूप में नहीं बल्कि एक 'डीप-टेक्नोलॉजी' कंपनी के रूप में पेश किया है, जो समय से पहले यह पुनर्परिभाषित कर रही है कि दोपहिया वाहनों की परिकल्पना, इंजीनियरिंग और विकास कैसे किया जाए।

AIDV प्लेटफॉर्म का अनावरण एक निर्णायक मोड़ है। यह संकेत देता है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का निर्माण कैसे होता है, उन्हें कैसे अनुभव किया जाता है और भविष्य में उन्हें किस दिशा में ले जाया जाएगा। इसमें एक संरचनात्मक बदलाव आ रहा है।

AIDV: दोपहिया वाहनों की सरंचना को फिर से परिभाषित करना
MATTER ने इस बात पर जोर दिया कि AIDVs मौजूदा इलेक्ट्रिक आर्किटेक्चर में केवल मामूली सुधार नहीं हैं। वे इस क्षेत्र में आगे बढ़कर एक मौलिक पुनर्संरचना का प्रतिनिधित्व करते हैं जहां इंटेलिजेंस सक्रिय रूप से यह नियंत्रित करती है कि वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों में सामग्री, ऊर्जा, शक्ति और नियंत्रण प्रणालियां कैसे व्यवहार करती हैं।

यह दूसरे यांत्रिक वाहनों से अलग है जहां उत्पादन के समय प्रदर्शन और व्यवहार तय हो जाते हैं। यह इलेक्ट्रॉनिक रूप से परिभाषित वाहनों (EDVs) से भी अलग है जहां इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से नियंत्रण में सुधार होता है। यह सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहनों (SDVs) जैसे MATTER AERA, जो एक SDV आर्किटेक्चर का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें वाहन के कार्य और व्यवहार सॉफ्टवेयर के माध्यम से परिभाषित और अपग्रेड किए जाते हैं - से भी आगे की चीज है। AIDVs पूरे वाहन जीवनचक्र में लगातार विकसित होते रहते हैं।

इंटेलिजेंस इसके मूल में स्थित है जो लगातार वास्तविक दुनिया के प्रदर्शन और ऊर्जा दक्षता, कम आजीवन लागत के साथ पूर्वानुमानित विश्वसनीयता, सॉफ्टवेयर के माध्यम से निरंतर क्षमता विस्तार और डिजाइन द्वारा तकनीकी रूप से उन्नत एडाप्टिव राइड व्यवहार के साथ गहरे निजीकरण (personalisation) को सक्षम करती है।

जैसे-जैसे वाहन मैकेनिकल → इलेक्ट्रॉनिक → सॉफ्टवेयर → इंटेलिजेंस-ड्रिवन की ओर बढ़ते हैं, MATTER का लक्ष्य अगली पीढ़ी के लिए समय से पहले बेंचमार्क स्थापित करना है, जहां सामग्री, मशीनें और इंटेलिजेंस एक एकल, अनुकूलन प्रणाली (adaptive system) के रूप में काम करते हैं।

यह दृष्टिकोण इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को ऊर्जा घनत्व, थर्मल प्रबंधन और बिजली वितरण की पारंपरिक बाधाओं से आगे बढ़ने में सक्षम बनाता है। उन्हें केवल जीवाश्म-ईंधन वाहनों के विकल्प के रूप में नहीं बल्कि इस श्रेणी के लिए समय से आगे एक नए संदर्भ बिंदु के रूप में स्थापित करता है।

वह इनोवेशन जो पहले से मायने रखता है: AERA, SDV 1.0 के रूप में
  • MATTER ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह परिवर्तन आज शुरू नहीं हुआ है। AERA के साथ कंपनी ने पहले ही उद्योग में कई बड़े बदलाव (paradigm shifts) पेश किए हैं:
  • हाइपरशिफ्ट (Hypershift™) गियरबॉक्स: जो ईवी में राइडर नियंत्रण और जुड़ाव को फिर से परिभाषित करता है।
  • लिक्विड-कूल्ड मोटर और बैटरी: जो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में लंबे समय से चली आ रही थर्मल सीमाओं को समाप्त करते हैं।
  • डीपली एम्बेडेड कंट्रोल सिस्टम: जो FOC को CLA में एकीकृत करते हैं।
  • सेल और पैक इनोवेशन: जो बेहतर मरम्मत क्षमता, लेजर-वेल्डेड अखंडता और उच्च शक्ति घनत्व को सक्षम करते हैं।
MATTER ने दोहराया कि AERA पहले से ही एक SDV 1.0 प्लेटफॉर्म है और हर OTA (ओवर-द-एयर) अपडेट के साथ अपरिवर्तित हार्डवेयर पर वाहन के चरित्र और क्षमता को बढ़ाता है।

सॉफ्टवेयर-डिफाइंड से एआई-डिफाइंड वाहनों तक
जहां सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहनों ने कनेक्टिविटी और अपडेट के माध्यम से वाहनों को डिजिटाइज़ किया, वहीं MATTER का AIDV आर्किटेक्चर एक गहरा बदलाव पेश करता है, जिसमें तकनीकी रूप से उन्नत इंटेलिजेंस सीधे नियंत्रण और निर्णय लेने वाली परतों में एम्बेड की गई है।

यहाँ इंटेलिजेंस नियंत्रित करती है कि मोटर्स वास्तविक समय में टॉर्क और दक्षता को कैसे अनुकूलित करते हैं, बैटरी कैसे पुरानी होती हैं और खुद को सुरक्षित रखती हैं। थर्मल सिस्टम प्रदर्शन को घटाने (derate) के बजाय तनाव का प्रबंधन कैसे करते हैं और वाहन कैसे खराबी की जाँच करते हैं, व्यवहार को अपनाते हैं और समय के साथ सुधार करते हैं। यह MATTER को विकास को धीमा किए बिना बढ़ती सिस्टम जटिलता का प्रबंधन करने की अनुमति देता है जिससे इंजीनियरिंग की गहराई एक सिद्ध दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धी लाभ में बदल जाती है।

मैटेरियल्स की नई परिकल्पना और इंटेलिजेंस द्वारा संचालन
MATTER ने रेखांकित किया कि अगला दशक न केवल AI द्वारा परिभाषित किया जाएगा, बल्कि समान रूप से नई सामग्रियों (new materials) द्वारा और उस इंटेलिजेंस द्वारा जो उन सामग्रियों को समझती है और समय से पहले उन्हें नियंत्रित करती है।

प्रमुख सफलताओं में रेयर-अर्थ-फ्री मोटर आर्किटेक्चर (rare-earth-free motor architectures), एडाप्टिव वेरिएबल फ्लक्स ड्राइव्स, उन्नत सेमीकंडक्टर और सेंसर रणनीतियाँ और सेल-लेवल इंटेलिजेंस शामिल हैं जो उद्योग में अग्रणी बैटरी जीवन और स्थिरता को अनलॉक करते हैं। सामग्री कैसे व्यवहार करती है न कि केवल उन्हें कैसे चुना जाता है इसमें इंटेलिजेंस को एम्बेड करके MATTER क्षेत्र में सबसे आगे रहते हुए दक्षता, लंबी अवधि और ग्राहक अनुभव में नए मानदंड स्थापित करता है।

डोमेन-इंटीग्रेटेड कंप्यूट और बड़े पैमाने पर इंटेलिजेंस
MATTER ने अपनी डोमेन और ज़ोनल इंटीग्रेशन रणनीति का विवरण दिया जो अलग-अलग कंट्रोलर्स में इंटेलिजेंस को वितरित करने के बजाय पूरे वाहन में कंप्यूट (compute) को अनुकूलित करती है। यह निष्पादन में तकनीकी रूप से उन्नत है।

यह 'एज' (edge) और 'क्लाउड' इंटेलिजेंस के बीच संतुलन बनाता है, जिससे हार्डवेयर के फैलाव के बिना उच्च प्रदर्शन, कम विलंबता (lower latency) और विस्तार योग्य जटिलता सक्षम होती है।

इवेंट में बोलते हुए, MATTER के संस्थापक और ग्रुप सीईओ, मोहल लालभाई ने कहा: "दोपहिया वाहन दशकों से यांत्रिक रूप से परिभाषित (mechanically defined) रहे हैं। इंटेलिजेंस-ड्रिवन वाहन इसे स्थायी रूप से बदल देते हैं। जब इंटेलिजेंस सामग्री, ऊर्जा और नियंत्रण को संचालित करती है न कि केवल सॉफ्टवेयर को। तो हम ऐसे वाहनों को अनलॉक करते हैं जो अपने स्वयं के शुरुआती बिंदु से लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हैं। यह एक ईवी संक्रमण (transition) नहीं है। यह श्रेणी का कायाकल्प (category reset) है।"

MATTER के संस्थापक और ग्रुप सीटीओ, कुमार प्रसाद तेलिकेपेल्ली ने कहा: "इंटेलिजेंस ही इनोवेशन को धीमा किए बिना जटिलता को विस्तार देने का एकमात्र तरीका है। AIDVs हमें विकास चक्रों को छोटा करने, 'पहली बार में सही' परिणाम प्राप्त करने और ऐसे वाहन बनाने में मदद करते हैं जो हर किलोमीटर चलने से सीखते हैं। साथ ही सामग्रियों के लिए एक नया दृष्टिकोण पेश करते हैं, जहां इंटेलिजेंस यह नियंत्रित करती है कि सामग्री वास्तविक दुनिया की स्थितियों में कैसे व्यवहार करती है, पुरानी होती है और प्रदर्शन करती है। इस तरह इंजीनियरिंग की गहराई एक सिद्ध चक्रवृद्धि लाभ (compounding advantage) बन जाती है।"

दोपहिया वाहनों का भविष्य केवल इलेक्ट्रिक नहीं है। यह इंटेलिजेंट है।

पांच-सेगमेंट उत्पाद विस्तार रणनीति (36-48 महीने)
  • MATTER ने एक पांच-सेगमेंट विस्तार रोडमैप की घोषणा की, जो सभी एक सामान्य AI-defined हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, कंप्यूट और डेटा बैकबोन पर आधारित हैं:
  • नेकेड स्ट्रीट मोटरसाइकिल (Naked Street Motorcycles)
  • स्ट्रीट फाइटर मोटरसाइकिल (Street Fighter Motorcycles)
  • एडवेंचर (ADV) मोटरसाइकिल
  • युवा-केंद्रित कम्यूटर मोटरसाइकिल
  • इलेक्ट्रिक स्कूटर्स
यह रणनीति MATTER को एक कोर, विस्तार योग्य टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत की दोपहिया मांग के एक बड़े हिस्से को पूरा करने में सक्षम बनाती है।

दीर्घकालिक प्रौद्योगिकी नेतृत्व
MATTER ने 97 स्वीकृत पेटेंट्स (granted patents) द्वारा समर्थित 400 से अधिक तकनीकी इनोवेशन की सूचना दी जो कंपनी की सिद्ध दीर्घकालिक बौद्धिक संपदा सुरक्षा और डीप-टेक्नोलॉजी नींव को पुख्ता करते हैं।

AIDV प्लेटफॉर्म के साथ MATTER ने एक स्पष्ट दिशा निर्धारित की है: यांत्रिक रूप से परिभाषित मोटरसाइकिलों से AI-defined इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों में परिवर्तन का नेतृत्व करना, समय से पहले, प्रदर्शन, विश्वसनीयता और स्वामित्व अनुभव के लिए नए मानदंड स्थापित करना।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया विज़िट करें: www.matter.in.

 

टाटा क्लासएज ने 'एडटेक एक्सपीरियंस सेंटर्स' लॉन्च करने के लिए इटोम वर्क्स लिमिटेड के साथ मिलाया हाथ


मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
भारत भर के स्कूलों के लिए भविष्योन्मुख अकादमिक पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) बनाने में एक विश्वसनीय भागीदार, टाटा क्लासएज लिमिटेड (TCE) ने आज इटोम वर्क्स लिमिटेड (Etome) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। इटोम एक ऐसा संगठन है जो शैक्षिक प्रौद्योगिकी (EdTech) के प्रभावी एकीकरण को बड़े पैमाने पर सक्षम करने के लिए अनुभव-आधारित प्रौद्योगिकी स्थान (experience-led technology spaces) बनाने में विशेषज्ञता रखता है। इस सहयोग के हिस्से के रूप में TCE Etome में एक रणनीतिक इक्विटी हिस्सेदारी (strategic equity stake) लेगा जो डिजिटल लर्निंग समाधानों और कक्षा के अभ्यास (classroom practice) में उनके प्रभावी एकीकरण के बीच के अंतर को कम करने की साझी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बाएं से दाएं – सुश्री नेहा जोसन, एमडी, इटोम, श्री जोसन थॉमस, निदेशक, इटोम, श्री केआरएस जमवाल, ईडी, टीआईएल और चेयरमैन, टीसीई, और श्री तरुण भोजवानी, सीईओ, टीसीई

जैसे-जैसे शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन (digital transformation) तेज हो रहा है, संस्थान अपनी आवश्यकताओं के लिए सबसे उपयुक्त समाधानों को खोजने और उनका मूल्यांकन करने के लिए विश्वसनीय माध्यम तलाश रहे हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य 'एडटेक एक्सपीरियंस सेंटर्स' (EdTech Experience Centres) को भौतिक हब (physical hubs) के रूप में स्थापित करके उस मांग को पूरा करना है। यह स्कूल के नेताओं को प्रत्यक्ष रूप से समाधानों का पता लगाने और सार्थक प्रौद्योगिकी एकीकरण के लिए तैयारी करने में सक्षम बनाएगा। ये केंद्र शिक्षण प्रभावशीलता को बढ़ाने और स्कूलों में निर्बाध डिजिटलीकरण का समर्थन करने के लिए संरचित प्रशिक्षण और कौशल प्रदान करके शिक्षक क्षमता निर्माण (teacher capacity building) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस गठबंधन के रणनीतिक इरादे पर बोलते हुए टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड (TIL) के कार्यकारी निदेशक और TCE के चेयरमैन श्री के.आर.एस. जमवाल ने कहा, “मुझे प्री-के (pre-K) से के-12 (K-12) पारिस्थितिकी तंत्र के सभी प्रमुख तत्वों में अपना योगदान करने और भाग लेने के अपने लक्ष्य की ओर टाटा क्लासएज की प्रगति देखकर खुशी हो रही है। यह सहयोग इस पारिस्थितिकी तंत्र में 'फिजीटल एक्सपीरियंस सेंटर्स' (phygital experience centres) के प्रमुख तत्व को जोड़ता है। चूंकि एडटेक (EdTech) K-12 शिक्षा के विकास का नेतृत्व कर रहा है, इसलिए ऐसे केंद्र देश भर के स्कूलों और शिक्षकों के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं, उपकरणों, तकनीकों और डिवाइस को प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

एडटेक डिस्कवरी (EdTech Discovery) की नई कल्पना
जहाँ स्कूलों में डिजिटल अपनाने की प्रक्रिया बढ़ रही है, वहीं टेक्नोलॉजी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर कंटेंट समाधानों के साथ भौतिक रूप से बातचीत (physically interact) करने की क्षमता बाजार में एक कमी बनी हुई है। यह जुड़ाव 'एक्सपीरियंस सेंटर्स' का एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क लॉन्च करके उस जरूरत को पूरा करता है। ये ऐसे समर्पित स्थान होंगे जहाँ स्कूल व्यावहारिक वातावरण (hands-on environment) में एडटेक समाधानों में खोज, अनुभव और मूल्यांकन कर सकेंगे।

इस जुड़ाव पर अपने विचार साझा करते हुए, इटोम के निदेशक श्री जोसन थॉमस ने कहा, “टाटा क्लासएज के साथ साझेदारी करना हमारे लिए एक निर्णायक क्षण है। ये अनुभव केंद्र केवल उत्पादों को प्रदर्शित करने के बारे में नहीं होंगे; वे जुड़ाव के लिए जीवंत स्थान होंगे। TCE के समर्थन के साथ हम एक विश्वसनीय वितरण नेटवर्क बनाने की अपनी क्षमता को लेकर आश्वस्त हैं जो देश भर के संस्थानों में सर्वश्रेष्ठ एडटेक लाएगा।”

डिजिटल परिवर्तन के लिए स्कूलों को आगे बढ़ाना
कक्षाओं को नया रूप देने वाले डिजिटल परिवर्तन के साथ स्कूलों को केवल तकनीक तक पहुंच से अधिक की आवश्यकता है, उन्हें मार्गदर्शन, एक्सपोज़र और संरचित समर्थन की आवश्यकता है।

एक साथ मिलकर यह पहल इस गठबंधन को स्कूलों द्वारा तकनीक को खोजने और अपनाने के तरीके को ऊपर उठाने के लिए प्रेरित करती है। आगे जोड़ते हुए, TCE के सीईओ, श्री तरुण भोजवानी ने कहा, “आज स्कूल तेजी से विस्तारित हो रहे एडटेक परिदृश्य (EdTech landscape) को नेविगेट कर रहे हैं। हमारे केंद्र उन्हें अनुभव करने और समाधानों का मूल्यांकन करने के लिए एक विश्वसनीय, अकादमिक रूप से निर्देशित वातावरण प्रदान करके अनिश्चितता से सूचित निर्णय लेने (informed decision-making) की ओर बढ़ने में मदद करेंगे। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर स्कूल उस तकनीक को अपनाए जो वास्तव में उसकी शिक्षण और सीखने की जरूरतों को पूरा करती है।

इस दिशा के स्थापित होने के साथ, नेतृत्व टीम ने अपना दृष्टिकोण साझा किया कि यह पहल स्कूलों के लिए क्या सक्षम करेगी:
  • एडटेक एक्सपीरियंस सेंटर्स (EdTech Experience Centres): अनुभव केंद्र स्थापित करना जो अकादमिक खोज क्षेत्र (academic discovery zones) के रूप में काम करेंगे जहाँ शिक्षक शिक्षण-संचालित (pedagogy-driven) कक्षा समाधानों के साथ सार्थक रूप से जुड़ सकते हैं, उन्हें समझ सकते हैं और उनका मूल्यांकन कर सकते हैं।
  • शिक्षक क्षमता निर्माण (Teacher Capacity Building): उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षक प्रशिक्षण, कौशल-निर्माण सत्र और शैक्षणिक कार्यशालाओं (pedagogical workshops) का संचालन करने के लिए इन केंद्रों का लाभ उठाना जो प्रौद्योगिकी एकीकरण और भविष्य के अनुकूल कक्षा प्रथाओं को मजबूत करते हैं।
  • क्यूरेटेड लर्निंग सॉल्यूशंस इकोसिस्टम: एक सोच-समझकर तैयार किया गया, मल्टी-ब्रांड नेटवर्क विकसित करना जो यह सुनिश्चित करता है कि स्कूलों के पास सीखने के परिणामों (learning outcomes) के अनुरूप विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षिक तकनीकों तक पहुंच हो।
  • सलाहकार और कार्यान्वयन उत्कृष्टता: यह सुनिश्चित करना कि अनुभव केंद्र मजबूत मार्गदर्शन, संस्थान की तैयारी में सहायता और स्कूलों को सुसंगत गुणवत्ता के साथ जमीनी कार्यान्वयन (on-ground implementation) प्रदान करें।
परिचालन दृष्टि पर टिप्पणी करते हुए, इटोम की प्रबंध निदेशक, नेहा जोसन ने कहा, “हमारा ध्यान एक ऐसा वातावरण बनाने पर है जहाँ तकनीक सुलभ और मददगार लगे न कि भारी। हम इन केंद्रों में शिक्षकों का स्वागत करने और उनकी कक्षाओं को बेहतर बनाने के लिए सही उपकरण खोजने में उनकी मदद करने के लिए उत्सुक हैं।

संगठनों के बारे में
टाटा क्लासएज लिमिटेड (TCE), टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, जो नवीन डिजिटल और अकादमिक समाधानों के माध्यम से K–12 शिक्षा को बदलने के लिए समर्पित है। कंपनी अपने अकादमिक समाधानों के निर्बाध अनुकूलन को सुनिश्चित करती है, जिससे स्कूलों के लिए डिजिटल शिक्षण और सीखने का संक्रमण आसान हो जाता है। शिक्षा के प्रति टाटा समूह की स्थायी प्रतिबद्धता द्वारा समर्थित, शिक्षाशास्त्र (pedagogy), प्रौद्योगिकी और सामग्री में कंपनी के नवाचार देश भर के छात्रों के लिए आकर्षक, सार्थक और प्रभावशाली सीखने के अनुभव प्रदान करते हैं।

Etome Works Limited: Etome Works Ltd, जिसे पहले Resolute के नाम से जाना जाता था, एडटेक और डिजिटलीकरण में एक दशक से अधिक के अनुभव के साथ एक अग्रणी एडटेक कंपनी है। Etomosphere के माध्यम से, जो भारत का पहला एडटेक एक्सपीरियंस सेंटर और मल्टी-ब्रांड मार्केटप्लेस है, कंपनी शैक्षणिक संस्थानों और संगठनों को सही समाधान खोजने और अपनाने में मदद करती है। Etome Works शिक्षा-केंद्रित तकनीकों को भी पेश करता है जैसे कि Etome eNote (परिसरों में कागज का डिजिटल विकल्प), eBoard (स्वस्थ कक्षाओं के लिए डिज़ाइन किया गया आंखों के अनुकूल डिस्प्ले) और कई अन्य नवीन प्रौद्योगिकियां।

बीमारी की सही पहचान से लेकर बेहतर इलाज तक सब कुछ: इंदौर में होने जा रही देश की प्रमुख डायग्नोस्टिक कॉन्फ्रेंस- काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026




 
- मध्य प्रदेश में पहली बार इस तरह का आयोजन
- डायग्नोस्टिक पेशेवरों और मरीजों दोनों के लिए ज्ञान और सुधार का अवसर
- कॉन्फ्रेंस के लिए सम्पूर्ण भारत से 1600 लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन 
- यह कॉन्फ्रेंस डायग्नोस्टिक के सभी विंग्स के लिए है, जो इसमें शामिल होकर बहुत कुछ सीख सकते हैं

  इंदौर : मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सेवा संगठनों के संघ (काहो/सीएएचओ) की प्रमुख डायग्नोस्टिक कॉन्फ्रेंस- काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026, लोकमाता देवी अहिल्या सभागृह (डीएवीवी), इंदौर, मध्य प्रदेश में 24 और 25 जनवरी, 2026 को आयोजित होने जा रही है। यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन देश में स्वास्थ्य जाँच और डायग्नोस्टिक्स की गुणवत्ता, सुरक्षा और नई तकनीकों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। अपने पाँचवें संस्करण में यह कॉन्फ्रेंस इस बात पर जोर देती है कि आज की हेल्थकेयर व्यवस्था में डायग्नोस्टिक्स की भूमिका कितनी अहम् है, क्योंकि करीब 70 प्रतिशत मेडिकल फैसले जाँच रिपोर्ट पर आधारित होते हैं। बढ़ते रोग मामलों, नई बीमारियों के सामने आने और समय पर सही इलाज की जरूरत को देखते हुए, बेहतर स्वास्थ्य परिणाम और सभी तक समान स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए मजबूत डायग्नोस्टिक सिस्टम बेहद जरूरी हो गया है।

   मध्य प्रदेश में इस तरह का आयोजन पहली बार होने जा रहा है, जिसमें हेल्थ डायग्नोस्टिक में पेशेंट सेफ्टी पर ज़ोर दिया गया है। काहो एनजीओ इंदौर में पहली बार इस तरह की कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रहा है। हॉस्पिटल्स में पेशेंट्स के लिए जो सेफ्टी मेज़र्स अपनाने चाहिए, उसके लिए यह एनजीओ प्रशिक्षण प्रदान करता है, वह भी पूरी तरह निःशुल्क, ताकि मरीज़ों के लिए सुरक्षित देखभाल बनी रहे। काहो यह आश्वासन देता है कि हर अस्पताल में डायग्नोस्टिक पेशेंट सेफ्टी की ट्रेनिंग निःशुल्क प्रदान की जाएगी। इस आयोजन के लिए सम्पूर्ण भारत से 1600 रजिस्ट्रेशंस प्राप्त हुए। यह कॉन्फ्रेंस डायग्नोस्टिक के सभी विंग्स के लिए है, ऐसे में सभी इसमें शामिल होकर बहुत कुछ सीख सकते हैं।

  डॉ. विनीता कोठारी, सेक्रेटरी, डायग्नोस्टिक डिवीज़न, कंसोर्शियम ऑफ एक्रेडिटेड हैल्थकेयर ऑर्गेनाइजेशंस; डॉ. डी पी लोकवानी, फाउंडर वाइस चांसलर, एमपी मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी डायरेक्टर, सुख सागर मेडिकल कॉलेज जबलपुर; और डॉ. अपर्णा जयराम, चेयरमैन, डायग्नोस्टिक डिवीज़न, कंसोर्शियम ऑफ एक्रेडिटेड हैल्थकेयर ऑर्गेनाइजेशंस, ने कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होकर मीडिया को सम्बोधित किया।

  यह कॉन्फ्रेंस मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सेवा संगठनों के संघ (काहो) के डायग्नोस्टिक्स डिवीजन द्वारा आयोजित की जा रही है। काहो एक प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन है, जो देशभर के अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर्स और क्वालिटी प्रोफेशनल्स के साथ मिलकर काम करता है। संगठन ट्रेनिंग प्रोग्राम, क्षमता बढ़ाने की पहल और बेहतर कार्यप्रणालियों के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्ता को मजबूत करता रहा है। सुरक्षा, मानकीकरण और लगातार सुधार पर ध्यान देते हुए, खासकर जमीनी और संस्थागत स्तर पर काहो भारत की हेल्थकेयर व्यवस्था को बेहतर बनाने और उसे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने में अहम् भूमिका निभा रहा है।

  काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 का थीम 'नैदानिक उत्कृष्टता के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को सशक्त बनाना' भारत सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं, जैसे- आयुष्मान भारत, यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, डिजिटल हेल्थ मिशन और आत्मनिर्भर भारत की सोच से जुड़ा है। यह कॉन्फ्रेंस इस बात पर जोर देती है कि सही और समय पर जाँच कैसे मेडिकल फैसलों को बेहतर बनाती है, बीमारी की रोकथाम में मदद करती है और हर नागरिक तक बेहतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में अहम् भूमिका निभाती है।

   1,500 से अधिक हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक प्रोफेशनल्स, 100 से ज्यादा एक्सपर्ट फैकल्टी और स्पीकर्स तथा 70 से अधिक इंडस्ट्री एग्ज़िबिटर्स और पार्टनर्स की मौजूदगी के साथ काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 एक बड़ा राष्ट्रीय मंच बनकर उभरेगा। यह कॉन्फ्रेंस ज्ञान साझा करने, अनुभवों से सीखने और आपसी सहयोग को मजबूत करने का अवसर देती है। इसमें लैब मेडिसिन एक्सपर्ट्स, रेडियोलॉजिस्ट, मॉलीक्यूलर डायग्नोस्टिक्स विशेषज्ञ, पॉलिसी मेकर्स, रेगुलेटर्स, शिक्षाविद और इंडस्ट्री लीडर्स एक साथ आकर नई तकनीकों पर चर्चा करते हैं और डायग्नोस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के समाधान तलाशते हैं।

  काहो डायग्नोस्टिकॉन की एक खास पहचान इसका क्वालिटी, पेशेंट सेफ्टी और मान्यता पर मजबूत फोकस है। देशभर के हजारों डायग्नोस्टिक सेंटर्स और हेल्थकेयर संस्थानों के अनुभवों के आधार पर यह कॉन्फ्रेंस बेहतर कामकाज, ऑपरेशनल एफिशिएंसी, स्टाफ की दक्षता और जोखिम प्रबंधन से जुड़ी अच्छी प्रैक्टिसेस को आगे बढ़ाती है। यह पहल खासतौर पर दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करने में मदद करती है, ताकि पूरे देश में एक समान और भरोसेमंद जाँच सुविधाएँ लोगों तक पहुँच सकें।

  यह आयोजन मेगा डायग्नोस्टिक एक्सपो, प्रैक्टिकल प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स और देश के प्रमुख अस्पतालों में होने वाले लाइव टेक्नोलॉजी डेमो के जरिए नवाचार और इंडस्ट्री ग्रोथ को बढ़ावा देगा। इन पहलों के माध्यम से नई और एडवांस्ड जाँच तकनीकों को सामने लाया जाता है, देश में हो रहे रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहन मिलता है, मेडटेक और डायग्नोस्टिक्स स्टार्टअप्स को सपोर्ट मिलता है और भारत को किफायती व उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सॉल्यूशंस का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में काम किया जाता है।

  वर्ष 2021 में अपनी स्थापना के बाद से हैदराबाद, कोलकाता और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में सफल आयोजन कर चुकी काहो डायग्नोस्टिकॉन की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, इंदौर में होने वाला डायग्नोस्टिकॉन 2026 का पाँचवाँ संस्करण अपने स्तर, प्रभाव और राष्ट्रीय महत्व के लिहाज से एक अहम् पड़ाव माना जा रहा है। भारत के प्रमुख हेल्थकेयर क्वालिटी कॉन्फ्रेंस काहोकॉन से ठीक पहले आयोजित यह कॉन्फ्रेंस, डायग्नोस्टिक्स, क्वालिटी, सेफ्टी और हेल्थकेयर मैनेजमेंट को एक साथ जोड़कर बेहतर और मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के काहो के समग्र नजरिए को दर्शाती है।

   मध्य प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला, लोकसभा के माननीय सांसद श्री शंकर लालवानी, एनएबीएल के डॉ. संदीप शाह, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघाई और अमलतास मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अध्यक्ष श्री मयंकराज भदोरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनकी उपस्थिति निदान और स्वास्थ्य सेवा समुदाय के लिए प्रेरणादायक होगी और सरकार की गुणवत्तापूर्ण, टेक्नोलॉजी-आधारित और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।

  इस तरह, काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 सिर्फ एक पेशेवर कॉन्फ्रेंस नहीं है, बल्कि यह भारत में स्वास्थ्य निदान के भविष्य को आकार देने और एक समावेशी, सुदृढ़ और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की नींव मजबूत करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रीय पहल के रूप में उभर रही है।

दिल्ली-एनसीआर में पहली बार बड़े पैमाने पर होगा 'रंगीला बिहार', पवन सिंह करेंगे अगुवाई

दिल्ली-एनसीआर, भारत

भोजपुरी संगीत और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को एक नए मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा ‘रंगीला बिहार’ इस फरवरी दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन राजधानी क्षेत्र में इस पैमाने का पहला टिकटेड भोजपुरी लाइव इवेंट होगा, जिसमें संगीत, प्रस्तुति और सांस्कृतिक उत्सव एक साथ देखने को मिलेगा।
Rangeela Events के अंतर्गत तैयार किया गया ‘रंगीला बिहार’ एक ऐसा लाइव-इवेंट कॉन्सेप्ट है, जिसका उद्देश्य भोजपुरी संगीत और संस्कृति को बड़े स्तर पर, आधुनिक प्रस्तुति के साथ दर्शकों तक पहुँचाना है।

इस आयोजन के पहले संस्करण की अगुवाई भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार पवन सिंह करेंगे। उनके साथ मंच पर श्वेता महारा, विनय तिवारी और खुशी कक्कड़ भी अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे, जिससे यह आयोजन भोजपुरी संगीत की विविधता और लोकप्रियता को एक साथ सामने लाएगा।

आयोजन को लेकर पवन सिंह ने कहा, “रंगीला बिहार सिर्फ़ एक कॉन्सर्ट नहीं है, यह हमारी जड़ों और हमारी संस्कृति के सफ़र का उत्सव है।”

‘रंगीला बिहार’ का उद्देश्य केवल एक संगीत कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि एक ऐसा सांस्कृतिक मंच तैयार करना है, जहाँ दिल्ली-एनसीआर में रहने वाला भोजपुरी-भाषी समुदाय अपनी पहचान और जुड़ाव को महसूस कर सके, और नई पीढ़ी को भी भोजपुरी संगीत और संस्कृति से जोड़ सके।

‘रंगीला बिहार’ का पहला संस्करण 21 फरवरी 2026 को दिल्ली-एनसीआर में आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन के टिकट केवल RangeelaEvents.com पर उपलब्ध होंगे।

 
रंगीला बिहार के बारे में
‘रंगीला बिहार’ एक लाइव-इवेंट कॉन्सेप्ट है, जिसे भविष्य में एक नियमित सांस्कृतिक मंच के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य बिहार की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और भोजपुरी संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।

इस आयोजन की परिकल्पना और क्यूरेशन Fourth Wall द्वारा की गई है, जो संस्कृति, मीडिया और लाइव अनुभवों के क्षेत्र में कार्यरत एक बहु-विषयक समूह है।