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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन किया आयोजित

लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत।
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन की शुरुआत की, भारत को ग्लोबल एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग हब बनाने का लक्ष्य
  • चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 की मेज़बानी की
भारत की पहली एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से अपनी तरह के पहले एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 का आयोजन किया। एआई कन्वर्जेंस समिट 2026, भारत सरकार द्वारा 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 के आधिकारिक प्री-रनअप इवेंट्स में से एक है।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी द्वारा आयोजित एआई कन्वर्जेंस शिखर सम्मेलन में विचार विमर्श करते एआई एक्सपर्ट

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 में भारत सहित अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के एआई और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, पॉलिसीमेकर्स, ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, स्टार्ट-अप्स, वेंचर कैपिटलिस्ट्स, इन्वेस्टर्स और शिक्षाविदों ने एक मंच पर एकत्र होकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत और उसके नागरिकों के लिए अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 के तहत, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन भी आयोजित कर रही है, क्योंकि भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य को ‘हेल्थ एंड एआई’ की राष्ट्रीय थीम सौंपी गई है।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 में अमेरिका, डेनमार्क, जर्मनी, भारत और यूके से आए 70 से अधिक एआई एक्सपर्ट्स, रिसर्चर्स, हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स, स्टार्ट-अप लीडर्स, सीईओ, फाउंडर्स, अकादमिक विशेषज्ञ, सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि और इनोवेटर्स ने सहभागिता की।

देशभर से 1,500 टीमों के 5,000 से अधिक युवा प्रतिभागी एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन में हिस्सा ले रहे हैं, जहां युवा टेक्नोक्रेट्स और इंजीनियर्स द्वारा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन एआई सॉल्यूशंस पर काम किया जा रहा है। हेल्थकेयर क्षेत्र से जुड़े 100 से अधिक प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स सरकार और इंडस्ट्री द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं, जिन पर एआई-ऑगमेंटेड समाधान हैकाथॉन के दौरान विकसित और चर्चा के माध्यम से तैयार किए जा रहे हैं।

एआई कन्वर्जेंस समिट 2026 के बारे में जानकारी देते हुए, सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा, “इस समिट का आयोजन युवा इनोवेटर्स को एक ऐसा मंच प्रदान करने के लिए किया गया है, जहां वे ग्लोबल एआई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से सीधे संवाद कर सकें और एआई एवं क्वांटम कंप्यूटिंग में हो रही टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स और उनके अनुप्रयोगों को समझ सकें। इसके साथ ही, एआई कन्वर्जेंस समिट आम नागरिकों को भी सरकार की उन पॉलिसीज़ और पहलों की जानकारी देता है, जिनके माध्यम से एआई की मदद से वेलफेयर स्कीम्स का अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “यह समिट भारत के एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क को रियल-वर्ल्ड डिप्लॉयमेंट से जोड़ने का प्रयास है, जिससे सरकार, अकादमिक जगत, इंडस्ट्री और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बीच सहयोग को मजबूती मिल सके।

इस समिट में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब, इंडिया एआई और डिजिटल इंडिया की सक्रिय सहभागिता और सहयोग रहा, जो इस आयोजन को मजबूत संस्थागत और पॉलिसी समर्थन प्रदान करता है।

समिट के प्रमुख वक्ताओं में मुख्य अतिथि निवेदन राठी, फाउंडर, फ्यूचर एंड एआई; प्रसाद मेनन, सीईओ एवं प्रेसिडेंट, सीआईबीए, आईएसबीए; डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, एमईआईटीवाय स्टार्ट-अप हब, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय; तेजा चिंतलपति, प्रिंसिपल मैनेजर, साइबर इनोवेशन, डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ  इंडिया (डीएससीआई); जेबीवी रेड्डी, मिशन डायरेक्टर, नेशनल क्वांटम मिशन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार; हिमांशु जोशी, डायरेक्टर, अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग; और संजीव सिंह, जॉइंट सेक्रेटरी, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय सहित अन्य अतिथि शामिल रहे।

समिट का प्रमुख आकर्षण “शेपिंग इंडिया’ज़ एआई एंड क्वांटम फ्यूचर: फ्रॉम पॉलिसी टू प्लेटफॉर्म्स” विषय पर आयोजित स्ट्रैटेजिक पॉलिसी डायलॉग रहा, जिसमें गवर्नेंस, डिफेंस, इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप्स और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में भारत की एआई और क्वांटम रणनीतियों के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। इस संवाद के माध्यम से उत्तर प्रदेश को इंडिया एआई इम्पैक्ट ग्लोबल समिट 2026 से पहले भारत की एआई और क्वांटम यात्रा में एक महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन पार्टनर के रूप में स्थापित किया गया।"

सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने ग्लोबल एआई एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय पहल “क्वांटम फॉर भारत” का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में नेक्स्ट-जेन टैलेंट को तैयार करने के लिए ट्रेनिंग और अपस्किलिंग प्रोग्राम्स प्रदान करना, तथा युवा इनोवेटर्स के लिए रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के मैनेजिंग डायरेक्टर जय इंदर सिंह संधू ने कहा, “क्वांटम फॉर भारत मिशन के माध्यम से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का लक्ष्य स्कूल स्तर से लेकर यूनिवर्सिटी स्तर तक टैलेंट को विकसित करते हुए भारत को क्वांटम कंप्यूटिंग का ग्लोबल हब बनाना है। इसके साथ ही, यह पहल एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारतीय युवाओं के बीच स्टार्ट-अप्स और रिसर्च को भी सशक्त करेगी।”
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने अपनी राष्ट्रीय पहल “एआई फॉर ऑल” मिशन की भी शुरुआत की, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशभर में एआई लिटरेसी बढ़ाने के विज़न को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एआई फॉर ऑल मिशन पूरे भारत में विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और वर्कशॉप्स के प्रसार पर कार्य करेगा, ताकि देश के युवा भविष्य की आवश्यक स्किल्स से सुसज्जित होकर अपनी एम्प्लॉयबिलिटी को और अधिक मजबूत कर सकें।

समिट के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल डिस्कशंस भी आयोजित की गईं, जिनमें “ऑपरेशनलाइजिंग द विज़न: उत्तर प्रदेश ऐज़ इंडिया’ज़ एआई एंड क्वांटम पावरहाउस”, “रिस्पॉन्सिबल एंड इनक्लूसिव एआई में इंडस्ट्री लीडरशिप”, “एआई में विमेन लीडरशिप”, “एआई-ऑगमेंटेड हेल्थकेयर”, “फ्रॉम लैब टू लॉन्च: बिल्डिंग एआई-फर्स्ट डीप-टेक स्टार्ट-अप्स” और “एआई इनोवेशन के लिए फंडिंग पाथवेज़” जैसे विषय शामिल रहे।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपीः सस्टेनेबिलिटी के कल्चर को प्रमोट करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश, 21वीं सदी के शिक्षार्थियों को फ्यूचर-रेडी लर्निंग के थ्रू एक होलिस्टिक अकादमिक एक्सपीरियंस प्रोवाइड करती है, जहां एआई-पावर्ड अकादमिक मॉडल और शिक्षा के प्रति मल्टीडायमेंशनल एवं फ्यूचरिस्टिक पर्सपेक्टिव को प्रभावी रूप से इंटीग्रेट किया गया है। उत्तर प्रदेश स्थित इसका कैंपस, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, पंजाब की एक दशक से अधिक पुरानी विरासत को आगे बढ़ाते हुए इनोवेटिव पेडागॉजी और रिसर्च-ड्रिवन इनोवेशन का पायनियर बना हुआ है। सीयू का एआई-ऑगमेंटेड नया कैंपस इंडस्ट्री-ड्रिवन और फ्यूचरिस्टिक अकादमिक प्रोग्राम्स की एक विस्तृत रेंज प्रेज़ेंट करता है, जिसमें डेटा-ड्रिवन इनसाइट्स, वर्चुअल रियलिटी एक्सपीरियंसेज़, रियल-वर्ल्ड सिमुलेशन्स, कॉर्पोरेट मेंटरशिप, इंटरनेशनल पर्सपेक्टिव, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, एंटरप्रेन्योरियल स्पिरिट का विकास और प्रोफेशनल कॉम्पिटेंसीज़ शामिल हैं।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें: www.culko.in.

‘बेटी हैं तो सृष्टि हैं’ और ‘द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक’ के ज़रिए अहमदाबाद में राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय क्रिएटिव संगम

Ahmedabad एक बार फिर देश और दुनिया के क्रिएटिव मैप पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है। 7 और 8 फरवरी 2026 को शहर में दो बड़े आयोजन होने जा रहे हैं, जिनके केंद्र में हिंदी सिनेमा, इंटरनेशनल फैशन और सामाजिक चेतना होगी। हिंदी फीचर फिल्म बेटी हैं तो सृष्टि हैं के आधिकारिक पोस्टर लॉन्च और द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक के प्री-फिनाले के साथ अहमदाबाद एक ऐसे मंच के रूप में उभरेगा, जहां रचनात्मकता और उद्देश्य एक साथ नजर आएंगे।

इन दोनों आयोजनों को अलग-अलग इवेंट्स की बजाय एक साझा सांस्कृतिक उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद, वैश्विक सोच और उभरती प्रतिभाओं को मंच देना है।

दो दिन, दो बड़े आयोजन, एक साझा दृष्टि

7 फरवरी को बेटी हैं तो सृष्टि हैं का भव्य पोस्टर लॉन्च आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और मीडिया के लिए भी खास माना जा रहा है। इसके अगले दिन, 8 फरवरी को द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक का हाई-प्रोफाइल प्री-फिनाले होगा, जो भारत और अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत को जोड़ने वाला अहम पड़ाव है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बैक-टू-बैक आयोजनों से शहर की सांस्कृतिक ऊर्जा और ग्लोबल अपील दोनों को मजबूती मिलती है।

‘बेटी हैं तो सृष्टि हैं’: सिनेमा के ज़रिए सामाजिक संदेश

7 फरवरी को होने वाला पोस्टर लॉन्च केवल एक फिल्म प्रमोशन तक सीमित नहीं रहेगा। बेटी हैं तो सृष्टि हैं ऐसी फिल्म के रूप में सामने आ रही है, जो बेटी के सम्मान, नारी सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भूमिका जैसे विषयों को केंद्र में रखती है।

कार्यक्रम में फिल्म की पूरी कास्ट और प्रमुख क्रू सदस्यों की मौजूदगी रहेगी, जो मीडिया से बातचीत के दौरान फिल्म की सोच, निर्माण यात्रा और इसके सामाजिक संदेश पर खुलकर चर्चा करेंगे। खास बात यह है कि फिल्म में राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ-साथ अहमदाबाद के उभरते कलाकारों को भी अहम भूमिकाएं दी गई हैं, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिलने की उम्मीद है।

फिल्म की शूटिंग राजस्थान, मुंबई, दिल्ली और महाराष्ट्र के अलावा सिंगापुर और मलेशिया में की गई है। इससे फिल्म को अंतरराष्ट्रीय विजुअल ट्रीटमेंट मिला है और इसे वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक: अहमदाबाद से ग्लोबल रनवे तक

8 फरवरी को आयोजित होने वाला द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक का प्री-फिनाले फैशन इंडस्ट्री के लिए खास आकर्षण रहेगा। यह फैशन वीक एक राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय फैशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हो रहा है, जिसका ग्रैंड फिनाले दुबई में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

अहमदाबाद में होने वाले इस प्री-फिनाले में देश और विदेश के डिजाइनर्स अपने विशेष कलेक्शन पेश करेंगे। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मॉडल्स की भागीदारी, प्रोफेशनल कोरियोग्राफी, उन्नत लाइटिंग और इंटरनेशनल स्टेज प्रोडक्शन के साथ यह आयोजन वैश्विक स्तर के फैशन शो का अनुभव देने का दावा करता है।

इस कार्यक्रम में Miss Sushmita चीफ गेस्ट के रूप में शामिल होंगी, जिससे इवेंट की प्रतिष्ठा और मीडिया आकर्षण और बढ़ने की संभावना है।

फाइनलिस्ट मॉडल्स को मिलेगा सम्मान और पहचान

प्री-फिनाले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उभरते मॉडल्स का सम्मान समारोह होगा। चयनित फाइनलिस्ट्स को प्रतिष्ठित टाइटल्स, क्राउन और अवॉर्ड्स प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न सब-टाइटल्स के विजेताओं को भी क्राउन और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा।

फैशन इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के अनुसार, इस तरह के मंच नए चेहरों को न केवल पहचान देते हैं, बल्कि उनके प्रोफेशनल करियर की दिशा भी तय करते हैं।

सेलिब्रिटीज़ और इंटरनेशनल डेलीगेट्स की मौजूदगी

दोनों आयोजनों में फिल्म और फैशन जगत की जानी-मानी हस्तियों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, इंडस्ट्री लीडर्स, वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स की मौजूदगी अपेक्षित है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज के चलते अहमदाबाद को वैश्विक स्तर पर व्यापक दृश्यता मिलने की संभावना है।

मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आयोजन शहर की ब्रांड इमेज को मजबूत करते हैं और भविष्य में और बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स के लिए रास्ता खोलते हैं।

अनुभवी नेतृत्व में आयोजन

इन दोनों कार्यक्रमों का शो निर्देशन बीना व्यास कर रही हैं, जिन्हें फैशन और परफॉर्मिंग आर्ट्स के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। आयोजन की योजना, समन्वय और संचालन की जिम्मेदारी अभिलाष और उनकी टीम संभाल रही है, जो हर स्तर पर अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयारियां कर रही है।

अहमदाबाद की बदलती सांस्कृतिक पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि बेटी हैं तो सृष्टि हैं और द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक जैसे आयोजन अहमदाबाद को केवल व्यापारिक शहर की छवि से आगे ले जाकर एक आधुनिक, जागरूक और रचनात्मक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

7 और 8 फरवरी 2026 को अहमदाबाद वह मंच बनेगा, जहां सिनेमा की संवेदनशीलता, फैशन की ग्लैमर और सामाजिक चेतना एक साथ दिखाई देगी। यह दो दिवसीय आयोजन न केवल शहर के लिए, बल्कि भारत के उभरते क्रिएटिव परिदृश्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: भारतीय सभ्यता और संघर्ष की विजय का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर – गुरुदेव श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज

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  राजगढ़/धार । भारतीय जनता पार्टी मंडल राजगढ़ द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अवसर पर श्री माताजी मंदिर में मंशा महादेव का भव्य जलाभिषेक संपन्न हुआ। 8 से 11 जनवरी तक चलने वाले इस गौरवशाली आयोजन में परम पूज्य गुरुदेव श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

ऐतिहासिक महत्व: संघर्ष के 1000 वर्ष

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुरुदेव श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों की भारतीय सभ्यता, अटूट विश्वास और निरंतर संघर्ष की जीवंत गाथा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वर्ष 2026 इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि इसी वर्ष सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।

   भाजपा मंडल अध्यक्ष सोहन पटेल ने कहा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व — हमारे शाश्वत सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक। एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में, सोमनाथ मंदिर ने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। वह केवल मंदिर पर नहीं, बल्कि भारत की आस्था और आत्मा पर प्रहार था। फिर भी न इतिहास की आँधियाँ, न आक्रमणों की आँच हमारी श्रद्धा को डिगा सकी। हर बार, राख से उठते हुए, सोमनाथ ने अपने पुनर्निर्माण के साथ भारत की सांस्कृतिक एकता को और सशक्त किया।

    इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रभारी पंकज बारोड, भाजपा नेता विपिन पांडे, निलेश शर्मा, दीपक चौधरी, प्रीतम ठाकुर निलेश सोनी, शंभू परवार, मोतीसिंह राठौर,विक्रम बारोड़,नीलेश परमार, शुभम जोक्सन् सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दिनेश गुप्ता आनंदश्री के नाम एक और पांचवा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड,नेपाल का 15 वर्ष पुराना रिकॉर्ड टूटा

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  कल्याण, महाराष्ट्र | भारत के लिए गर्व का क्षण तब आया,जब प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता आनंदश्री ने एक मिनट में सबसे अधिक डाक टिकट जीभ से चिपकाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह रिकॉर्ड पहले नेपाल के नाम दर्ज था, जो लगभग 15 वर्षों बाद टूट गया।
    दिनेश गुप्ता आनंदश्री ने यह रिकॉर्ड 22 दिसंबर 2025 को कल्याण, महाराष्ट्र में आधिकारिक रूप से अटेम्प्ट किया था। लंदन स्थित Guinness World Records संस्था ने सभी साक्ष्यों की गहन समीक्षा के बाद इस प्रयास की पुष्टि करते हुए रिकॉर्ड को मान्यता प्रदान की। इसके साथ ही यह उपलब्धि अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दर्ज कर दी गई है।
  इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता आनंदश्री ने अपने परिवार, सहयोगियों, शुभचिंतकों एवं समर्थकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि लगातार एक सप्ताह के कठिन अभ्यास और समर्पित प्रयास के बाद यह रिकॉर्ड संभव हो सका।
   इस उपलब्धि के साथ ही महाराष्ट्र के कल्याण शहर का नाम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित हुआ है, और भारत ने एक और पांचवा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ की कलाकार अपरा मेहता का विश्वास: टीवी की पकड़ आज भी मजबूत




 



  मुंबई : टेलीविज़न सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह लोगों की सोच बदलने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की ताकत रखता है। लंबे समय से टीवी इंडस्ट्री का हिस्सा रहीं वरिष्ठ अभिनेत्री अपरा मेहता इस बात को भली-भाँति समझती हैं। वे इन दिनों सन नियो के शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में राजश्री की भूमिका निभा रही हैं। अभिनेत्री बताती हैं कि आज के दौर में भी टेलीविज़न किस तरह एक प्रभावशाली और सशक्त माध्यम बना हुआ है।

  अपने विचार साझा करते हुए अपरा मेहता कहती हैं, “मैंने खुद टेलीविज़न को इन सालों में बदलते हुए देखा है और मुझे गर्व है कि मैं इस सफर का हिस्सा रही हूँ। जो भी शो अच्छा और सकारात्मक संदेश देता है, वह हमेशा दर्शकों को अपनी कहानी से जोड़ता है। टीवी पहले जैसा जरूर नहीं रहा, लेकिन यह खत्म होने वाला नहीं है। टीवी की पहुँच बहुत व्यापक है और इसके दर्शक आज भी बड़ी संख्या में हैं। यही वजह है कि टीवी आज भी बदलाव लाने और सही संदेश लोगों तक पहुँचाने का एक मजबूत माध्यम बना हुआ है।”

   भारतीय टेलीविज़न की वैश्विक पहुँच पर बात करते हुए वे आगे कहती हैं, “मैं अपने ड्रामा के लिए दुनिया भर की सैर करती हूँ और मैंने देखा है कि विदेशों में रहने वाले लोग भारतीय टीवी से आज भी कितनी गहराई से जुड़े हैं। हो सकता है कि वे फिल्में नियमित रूप से न देखते हों, लेकिन टीवी जरूर देखते हैं। इसलिए हमारे लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि हम आज की सच्चाई को अपनी कहानी के जरिए दिखाएँ, न कि पुरानी सोच को। जैसा कि सन नियो के मेरे मौजूदा शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में मेरा किरदार मानता है कि लड़कियों को पढ़ने की जरूरत नहीं है। लेकिन, कहानी और मुख्य किरदारों के जरिए शो यह मजबूत संदेश देता है कि लड़कियों की शिक्षा बहुत जरूरी है। आज भी कई जगहों पर लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता, ऐसे में यह संदेश लोगों तक पहुँचाना बहुत जरूरी है।”

  'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' शो राजस्थान की एक गाँव की लड़की घेवर की कहानी है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है, जब उसके परिवार में एक नवजात बच्चा आता है, जो दो अलग-अलग जिंदगियों को एक साथ जोड़ता है। प्यार, त्याग और छिपे हुए सच के बीच घेवर अपने हौसले और हिम्मत से अपनी सबसे कीमती चीज की रक्षा करती है।

  देखिए 'प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी' शो हर रोज रात 9 बजे, सिर्फ सन नियो पर।

धार : शीत लहर के कारण 7 जनवरी को कक्षा नर्सरी से 8 वीं तक अवकाश,8 जनवरी से प्रातः 10 बजे के बाद लगेंगी कक्षाएं

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     धार। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के आदेशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी धार द्वारा तापमान में निरंतर गिरावट एवं शीत लहर के प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए जिले के शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव की संभावना को ध्यान में रखते हुए आदेश जारी किए गए हैं।

      जारी आदेश के अनुसार धार जिलान्तर्गत संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदानप्राप्त, मान्यता प्राप्त, सी.बी.एस.ई. एवं अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए दिनांक 07 जनवरी 2026 को अवकाश घोषित किया गया है।

        साथ ही जिले के समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदानप्राप्त, मान्यता प्राप्त, सी.बी.एस.ई. एवं अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में दिनांक 08 जनवरी 2026 से कक्षा नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की कक्षाएं प्रातः 10.00 बजे से पूर्व संचालित नहीं की जाएंगी।

  उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

गुरु गोविंद सिंह बस्ती में 'हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया,जात-पात छोड़कर जब हम सनातनी बनेंगे,तभी भारत पुनः विश्व गुरु बनेगा: कैलाश अमलियार

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  राजगढ़/धार। नगर की गुरु गोविंद सिंह बस्ती में 'हिंदू सम्मेलन' का भव्य आयोजन चबूतरा चौक पर किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जनजाति कार्य प्रमुख (मालवा प्रांत) कैलाश अमलियार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि कथावाचक श्री सुभाष जी शर्मा ने की। मातृशक्ति के रूप में श्रीमती उर्मिला कुशवाह एवं सुजाता दीदी ठाकुर मंचासीन रहीं।

  मुख्य वक्ता कैलाश अमलियार ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता पर बल देते हुए कहा कि जब तक हम जात-पात के बंधनों में बंधे रहेंगे, असामाजिक तत्व हमें आपस में लड़वाते रहेंगे। उन्होंने कहा, "स्वतंत्रता के बाद से ही कई षड्यंत्रों के माध्यम से हिंदुओं को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि भारत को विश्व गुरु बनने से रोका जा सके। हमें इन मंसूबों को नाकाम करना होगा।" उन्होंने नारा दिया— "जात पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई" और सभी से गर्व के साथ स्वयं को सनातनी हिंदू कहने का आह्वान किया। मातृशक्ति की ओर से विचार रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए पारिवारिक प्रणाली को सुदृढ़ बनाना अनिवार्य है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष में दिए गए 'पंच परिवर्तन' के संकल्पों को दोहराया गया है। पंच परिवर्तन और सुदृढ़ नागरिकता मातृशक्ति की ओर से विचार रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए पारिवारिक प्रणाली को सुदृढ़ बनाना अनिवार्य है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष में दिए गए पंच परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुंब व्यवस्था, पर्यावरण, स्वाधारित जीवन शैली एवं नागरिक अनुशासन) का पालन करते हुए हम अच्छे नागरिक बनेंगे, तो हमारे देश को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।

  मंचीय कार्यक्रम के पश्चात बस्ती के समस्त रहवासियों के लिए ओसवाल समाज धर्मशाला में सपरिवार सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और गणमान्य जन उपस्थित रहे।