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भारत ने GEOX AI लॉन्च किया — Geolocation Intelligence और Security के लिए उन्नत AI प्लेटफॉर्म

TraceX Labs ने GEOX AI नाम का एक उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से वास्तविक दुनिया की लोकेशन पहचानने में सक्षम है।

यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक तरीकों से अलग काम करता है। GEOX AI इमेज और वीडियो में मौजूद विज़ुअल क्लू जैसे बिल्डिंग्स, सड़कें, पेड़-पौधे, और आसपास का वातावरण समझकर यह अनुमान लगाता है कि यह कंटेंट कहाँ कैप्चर किया गया था।

कैसे काम करता है GEOX AI

GEOX AI का उपयोग करना काफी सरल है। उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म में लॉगिन करके कोई भी फोटो या वीडियो अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद AI कुछ ही सेकंड में उस कंटेंट का विश्लेषण करके परिणाम दिखाता है।

GEOX AI

परिणाम में शामिल होते हैं:

  • लोकेशन की पहचान
  • जियोग्राफिक कोऑर्डिनेट्स
  • कॉन्फिडेंस स्कोर
  • AI द्वारा दिया गया विश्लेषण
  • इंटरैक्टिव मैप पर लोकेशन

उपयोगकर्ता इन सभी जानकारियों को एक प्रोफेशनल रिपोर्ट के रूप में डाउनलोड भी कर सकते हैं।

मुख्य फीचर्स

GEOX AI - Dashboard

  • सटीक लोकेशन पहचान (Precise Geolocation)
  • इंटरैक्टिव सैटेलाइट मैप व्यू
  • AI आधारित रीजनिंग (कैसे परिणाम मिला)
  • कई संभावित लोकेशनों का सुझाव (Multi-result analysis)
  • एक क्लिक में PDF रिपोर्ट एक्सपोर्ट

तेज़ और प्रभावी तकनीक

GEOX AI अधिकांश मामलों में 10 सेकंड से कम समय में परिणाम देता है। जटिल या अस्पष्ट इमेज के लिए यह गहराई से विश्लेषण भी कर सकता है, जिससे सटीकता और बढ़ जाती है।

कहां उपयोग हो सकता है

GEOX AI कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है:

  • कानून प्रवर्तन (Law Enforcement)
  • जांच और खुफिया कार्य (Investigation & Intelligence)
  • पत्रकारिता और OSINT विश्लेषण
  • साइबर सुरक्षा और थ्रेट एनालिसिस
  • डिजिटल फॉरेंसिक
  • आपातकालीन स्थिति में लोकेशन पहचान

बड़ा प्रभाव

GEOX AI जैसे प्लेटफॉर्म यह दिखाते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल डेटा प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विज़ुअल कंटेंट से भी महत्वपूर्ण जानकारी निकाल सकता है।

इस तरह की तकनीकें भविष्य में जांच, सुरक्षा और डेटा विश्लेषण के तरीकों को पूरी तरह बदल सकती हैं।

निष्कर्ष

GEOX AI के लॉन्च के साथ, TraceX Labs ने AI आधारित geolocation intelligence के क्षेत्र में एक मजबूत कदम रखा है। यह प्लेटफॉर्म तेज़, सटीक और उपयोग में आसान है, जो आने वाले समय में कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जन्मदिन पर सेवा की मिसाल: समाज सेविका अर्चना सिंगरौल ने जरूरतमंदों के बीच बांटी खुशियाँ






 




  पन्ना (मध्य प्रदेश)। आज के दौर में जहाँ जन्मदिन अक्सर निजी उत्सवों और भौतिक सुखों तक सीमित रह गए हैं, वहीं समाज सेविका अर्चना सिंगरौल ने एक मिसाल पेश करते हुए अपने जन्मदिन को सेवा और करुणा का माध्यम बनाया। पवई तहसील के वार्ड नंबर 08 में कौशल्या ह्यूमैनिटी फाउंडेशन (KHF NGO) के तत्वावधान में उन्होंने एक विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बीच वस्त्रों का वितरण किया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों और संस्था के कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति देखी गई। जरूरतमंदों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और कई परिवारों ने इस पहल को समाज में आशा और विश्वास जगाने वाला बताया।

 कौशल्या ह्यूमैनिटी फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय है और उसका लक्ष्य केवल सहायता देना ही नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना भी है। संस्था द्वारा गरीबों को भोजन व वस्त्र सहायता, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग, गरीब छात्रों को शैक्षणिक सहायता, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और चिकित्सा सहायता, रक्तदान व स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, वृद्धजन सेवा, अनाथ व बेसहारा बच्चों की मदद, नशा मुक्ति अभियान, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण, आपदा राहत कार्य, बेरोजगार युवाओं के लिए मार्गदर्शन एवं कौशल विकास के साथ-साथ ग्रामीण विकास और सामाजिक समरसता जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं।

  संस्था की संस्थापक अध्यक्ष अर्चना सिंगरौल ने कहा कि उनका प्रयास केवल एक दिन की सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे निरंतर हर जरूरतमंद तक मदद पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ‘सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है’ की भावना से काम करने की बात दोहराई और कहा कि आने वाले समय में संस्था और भी व्यापक स्तर पर सेवा कार्य करेगी। यह कार्यक्रम केवल एक सेवा कार्य नहीं था, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी था कि अगर हर व्यक्ति अपने विशेष अवसरों को समाज सेवा से जोड़ ले, तो समाज में एक सकारात्मक और स्थायी बदलाव जरूर लाया जा सकता है।

ग्लोबल आर्टिस्ट Eylsia Nicolas के ओरिजिनल हिंदी गानों ने भारत में 100 मिलियन व्यूज का आंकड़ा किया पार

ज्यूपिटर, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका; मुंबई, महाराष्ट्र, भारत 

ग्लोबल रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट Eylsia Nicolas ने भारत में एक दुर्लभ मुकाम हासिल किया है। विशेष रूप से भारतीय श्रोताओं के लिए फोनेटिक्स (ध्वन्यात्मकता) के आधार पर पूर्ण ओरिजिनल गाने लिखने, रिकॉर्ड करने और रिलीज करने वाली पहली पश्चिमी कलाकारों में से एक बनने के बाद उनके ओरिजिनल हिंदी-भाषा के सिंगल (गाने) ने 100 मिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है।


उनके अगले हिंदी रिलीज़ ने पहले 24 घंटों के भीतर ही 10 मिलियन से अधिक व्यूज बटोरे, जो हाल के वर्षों में भारत में किसी गैर-भारतीय कलाकार के लिए दर्शकों की सबसे तेज़ वृद्धि में से एक है।

 
खुद के ओरिजिनल हिंदी गाने गाकर वायरल हो रही एक वेस्टर्न आर्टिस्ट

भाषा का सम्मान करने के लिए फोनेटिक्स को लाइन-दर-लाइन सीखते हुए अपनी स्वयं की रचनाओं को हिंदी में रिकॉर्ड करने के Nicolas के फैसले ने भारतीय दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। उनके हिंदी वोकल्स (गायन) की भावनात्मक सटीकता और प्रमाणिकता के लिए काफी प्रशंसा की गई है, जिससे उन्हें उस देश में तेजी से बढ़ता हुआ फैन बेस बनाने में मदद मिली जहां उनकी पहले कोई पहचान नहीं थी।

 भारतीय मीडिया आउटलेट्स ने उनके इस उभार को "अप्रत्याशित", "ताजगी भरा", और "पश्चिम से पूर्व तक एक दुर्लभ सांस्कृतिक सेतु" बताया है।

 वापसी की एक ऐसी कहानी जिसने खींचा दुनिया का ध्यान

ठीक एक साल पहले, Nicolas कोविड से संबंधित विनाशकारी नुकसान से उबर रही थीं, जिसने उन्हें एक साल से अधिक समय तक बिस्तर पर रहने को मजबूर कर दिया था। इसके कारण उनके फेफड़ों की क्षमता में 20% का स्थायी नुकसान हुआ था और उनकी वोकल कॉर्ड गंभीर रूप से चोटिल हो गई थी।

 अपनी R&D कंपनी WorldIPI.com द्वारा विकसित साउंड-रिस्टोरेशन तकनीक और AI-असिस्टेड प्रक्रियाओं के सहयोग से उन्होंने अपनी आवाज़ वापस पाई। इस बड़ी सफलता के परिणामस्वरूप दिसंबर 2025 में उन्हें एक अमेरिकी पेटेंट प्राप्त हुआ, जिसका सह-आविष्कार उन्होंने प्रसिद्ध आविष्कारक Donald Spector के साथ किया था।

 
एक बार जब उनकी आवाज़ वापस आ गई, तो Nicolas ने 2025 में 90 से अधिक गाने लिखे और रिलीज़ किए। इसमें एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी शामिल है: ग्लोबल इंडी चार्ट्स (global indie charts) पर एक ही सप्ताह में टॉप 10 सिंगर-सॉन्गराइटर गानों में से आठ गाने उनके थे।

 
2026 के ग्लोबल विस्तार का केंद्र बना भारत

अपने वायरल हिंदी रिलीज़ के बाद, Nicolas भारत-केंद्रित एक बड़े वर्ष की तैयारी कर रही हैं, जिसमें शामिल हैं:

BookKards™ का भारत में लॉन्च: यह उनका पेटेंटेड पब्लिशिंग फॉर्मेट है जो 100 रुपये से भी कम में मल्टीमीडिया, AI-निर्देशित और पढ़ने का व्यक्तिगत अनुभव प्रदान करता है।

एक चैरिटी टेनिस प्रदर्शनी: एक उभरते हुए युवा भारतीय खिलाड़ी के साथ यह प्रदर्शनी, आयरिश ओपन की सबसे कम उम्र की विजेता और पूर्व विंबलडन प्रतियोगी के रूप में उनकी जड़ों को सम्मानित करेगी।

भारतीय रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट के साथ सहयोग: जो उनकी ओरिजिनल रचनाओं में से एक पर परफॉर्म करेंगे।

मल्टी-सिटी टूर: प्रशंसकों, क्रिएटर्स और पार्टनर्स से मिलने के लिए कई शहरों का दौरा।

 
भारत में एक नए फॉर्मेट BookKards™ का डेब्यू

Nicolas का BookKards™ फॉर्मेट जो पहले से स्वीकृत पेटेंट पोर्टफोलियो पर आधारित है और जिसकी नई फाइलिंग अभी लंबित हैं, एक ही कार्ड के माध्यम से निम्नलिखित सुविधाएं अनलॉक करने की अनुमति देता है:

अनलिमिटेड मल्टीमीडिया कंटेंट

पर्सनलाइज्ड AI-निर्देशित रीडिंग जर्नी

ऑटोमैटिक ट्रांसलेशन

पाठक की पसंद के आधार पर कहानी का विस्तार या संक्षिप्तीकरण

 भारत अपनी विशाल युवा आबादी और 'मोबाइल-फर्स्ट' रीडिंग कल्चर के साथ, वह पहला देश होगा जहां BookKards™ को बड़े पैमाने पर पेश किया जाएगा।

 
लचीलेपन और सांस्कृतिक जुड़ाव की कहानी

आधी फिलिपिनो, आधी आयरिश और पहली पीढ़ी की अमेरिकी, Nicolas भारत के साथ अपने जुड़ाव को "अप्रत्याशित, भावनात्मक और विनम्र" बताती हैं। वह एक कलाकार के रूप में उन्हें दूसरा जीवन देने का श्रेय भारतीय श्रोताओं को देती हैं।

 
Nicolas कहती हैं, "मैंने सम्मान के तौर पर हिंदी में रिकॉर्डिंग की। मैंने कभी नहीं सोचा था कि भारत मुझे इस तरह से अपनाएगा। मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं, आभारी हूं और भारत को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए बेहद उत्साहित हूं।"

 

Eylsia Nicolas को फॉलो करें:

Instagram: www.instagram.com/lisaeylsia

TikTok: tiktok.com/@lisaeylsia

Facebook: facebook.com/eylsianicolas

YouTube: www.youtube.com/@eylsia

 
Nicolas of Palm Beach के बारे में

Nicolas of Palm Beach दुनिया की 'कैजुअल लग्जरी कैपिटल' के रूप में पाम बीच (Palm Beach) की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। अपने बेहतरीन फैशन, आभूषण, सुगंध और एक्सेसरीज के लिए प्रसिद्ध, यह ब्रांड Worldipi.com कंपनियों के परिवार का हिस्सा है। यह अनूठा समूह विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला और मनोरंजन का विलय करता है, जिससे अपनी कंपनियों और बाहरी भागीदारों के बीच परियोजनाओं पर सहयोगात्मक तालमेल को बढ़ावा मिलता है।

 
Eylsia Nicolas के बारे में

Eylsia Nicolas एक सिंगर-सॉन्गराइटर, उद्यमी और इनोवेटर हैं जिनका करियर एथलेटिक्स, शिक्षा, व्यापार और कला के क्षेत्र में फैला हुआ है। वह Nicolas of Palm Beach, Real Boxer और WorldIPI.com की मालिक हैं। उनका संगीत कई शैलियों (genres) का मिश्रण है और इसने अपनी भावनात्मक गहराई और बहुमुखी प्रतिभा के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की है।

 
WORLDIPI.COM के बारे में

इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज इंटरनेशनल होल्डिंग्स (Intellectual Properties International Holdings), WORLDIPI.COM, intellectual property में एक विश्वव्यापी लीडर है। यह Donald Spector की संपदाओं और तकनीकों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें दुनिया के सबसे विपुल (prolific) आविष्कारकों में से एक कहा जाता है। कंपनी के पास चिकित्सा, मनोरंजन, संचार, प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता उत्पादों में सैकड़ों अमेरिकी और विदेशी पेटेंट हैं। मिस्टर स्पेक्टर ने कई अरब-डॉलर के उद्योगों की शुरुआत की है।

 World IPI के संस्थापकों ने पहला हाइड्रोलिक एक्सरसाइजर, बीजों के लिए पहला हाइपरबेरिक चैंबर और रात में चमकने वाली पहली गेंद बनाई थी। ब्रिस्टल-मायर्स स्क्विब (Bristol-Myers Squibb) ने स्पेक्टर के पेटेंट के लिए एक अलग डिवीजन स्थापित किया था जिसमें पहला इलेक्ट्रॉनिक एयर फ्रेशनर, 'अरोमा डिस्क सिस्टम' (Aroma Disc System) शामिल है। स्पेक्टर के पेटेंट लोकेशन-आधारित विज्ञापन के लिए पहले ज्ञात ऐप से लेकर; साइबर ट्रांसलेशन सिस्टम के लिए पहले ज्ञात पेटेंट; वियरेबल बायो-सेंसर बाजार से पहले के पेटेंट, साथ ही सैकड़ों अन्य पेटेंट और प्रौद्योगिकियों तक फैले हुए हैं।

राजगढ माहेश्वरी समाज एवं माहेश्वरी युवा संगठन के निर्वाचन सम्पन्न











   राजगढ :  मंगलवार को राजगढ माहेश्वरी समाज एवं माहेश्वरी युवा संगठन की बैठक त्रिमूर्ति कालोनी मे सम्पन्न हुई जिसमे सर्वानुमति से राजगढ माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष पद पर मुकेश सत्यनारायण बजाज एवं कोषाध्यक्ष पद पर गोपाल रामचंद्र बजाज और माहेश्वरी युवा संगठन के अध्यक्ष पद पर मधुर मनोज पलोड निर्वाचित हुए है। इस निर्वाचन प्रक्रिया के पूर्व समाज के आय - व्यय का ब्योरा कोषाध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत किया गया । 
   दोनो निवृत्तमान अध्यक्ष जानकीलाल माहेश्वरी(सर) (माहेश्वरी समाज) एवं गोविंद अशोक पलोड (माहेश्वरी युवा संगठन) का बहुमान समाज द्वारा किया गया और साथ ही राजगढ नगर परिषद मे भाजपा की ओर से एल्डरमेन के रूप मे मनोज राधाकिशन पलोड को नियुक्त होने पर समाज द्वारा उनका भी बहुमान किया गया।
 आगामी कार्यक्रम की रुपरेखा भी तय हुई जिसमे माहेश्वरी समाज ने उत्पत्ती दिवस  महेश जयंति पर्व हर्षोल्लास मनाने का निर्णय लिया गया । समाज के नवीन पदाधिकारी की नियुक्ति पर कैलासजी बजाज,भगवानदास बजाज , सुनिल कोठारी , जानकीलाल माहेश्वरी(सर) , अनिल पलोड , मनोज पलोड , रविकांत पलोड , मनिष बजाज , महेश पलोड , आशीष बजाज , गौरव बाहेती  , पवन पलोड , नितेश सोमानी , अमित कोठारी , गोविंद पलोड , राघव पलोड एवं प्रिंस माहेश्वरी ने हर्ष व्यक्त किया है।
 

डॉ आंबेडकरजी जन्म जयंती पर राजगढ़ भाजपा मंडल द्वारा कार्यक्रम आयोजित






 



  राजगढ़ (धार) भारतीय जनता पार्टी मंडल राजगढ़ द्वारा संविधान निर्माता डॉ.भीमराव आंबेडकरजी की जन्म जयंती पर कुक्षी नाका स्थित प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर डॉ आंबेडकरजी की प्रतिमा स्थल पर साफ सफाई की गई एवम प्रतिमा का अभिषेक किया गया। प्रतिमा स्थल पर दीप प्रज्ज्वलन किया गया।स्वच्छता एवम दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में कार्यक्रम के जिला सहसंयोजक व विधानसभा प्रभारी डॉ बलबहादुरसिंह छढावद,मण्डल अध्यक्ष सोहन पटेल,वरिष्ठ नेता ज्ञानेंद्र मूणत,भाजपा नेता निलेश सोनी,मण्डल महामंत्री प्रीतम ठाकुर,प्रेमकुमार वैद्य,महेश राठौड़,सुशील जैन,महेश वर्मा,भाजपा महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष सीमा जैन,हर्षा व्यास,दीपिका ठाकुर,सहित भाजपा नेता कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

   जन्म जयंती 14 अप्रैल को बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। प्रतिमा पूजन कर दीपक अगरबत्ती द्वारा बाबा साहेब को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

 माल्यार्पण कार्यक्रम में प्रभारी डॉ बलबहादुरसिंह छड़ावद,मण्डल अध्यक्ष सोहन पटेल,भाजपा नेता निलेश सोनी,एल्डरमैन प्रफुल्ल रावल,मण्डल महामंत्री प्रीतम ठाकुर,मण्डल महामंत्री लाला शर्मा,पार्षद प्रति.शंभु परवार,पार्षद चिंटू चौहाण,पार्षद पंकज बारोड,पार्षद रमेश राजपूत,मण्डल पदाधिकारीगण सर्व श्री अंतिम पँवार,नरेश जैन,तोलसिंह पटेल,पप्पूसिंह भूरिया,सुनील गौड़,समाजसेवी लक्ष्मण डामेचा,प्रभुलाल जाट,शैलेष डामेचा,राजा चौधरी सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे।

14 अप्रैल को नगर में आचार्य द्वय का भव्य मंगल प्रवेश




 


  राजगढ़। नगर में आगामी 14 अप्रैल को दो जैन आचार्य भगवंतों का एक साथ भव्य मंगल प्रवेश होने जा रहा है, जिसको लेकर जैन समाज ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
    जानकारी के अनुसार आचार्य श्री लेखेंद्रसूरीश्वर जी महाराज एवं आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी महाराज का नगर में एक साथ भव्य प्रवेश होगा। श्री त्रिस्तुति श्री संघ के अध्यक्ष संदीप खजांची एवं समाजसेवी अशोक भंडारी ने बताया कि आचार्य द्वय का मंगल प्रवेश मेला मैदान स्थित शिव वाटिका से प्रारंभ होगा। यहां से शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए राजेंद्र भवन पहुंचेगी, जो धर्मसभा में परिवर्तित होगी। 
   खजांची ने बताया कि आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वर जी महाराज के नगर प्रवेश के लिए बुधवार को श्रीसंघ द्वारा सिंघाना पहुंचकर भावपूर्ण विनती की गई थी, वहीं आचार्य श्री लेखेंद्रसूरीश्वर जी महाराज से गुरुवार श्रीसंघ ने दाहोद पहुंचकर नगर आगमन का आग्रह किया गया। दोनों ही आचार्यों ने श्रीसंघ की विनती स्वीकार कर अपनी सहमति प्रदान की।
  आचार्य द्वय का मंगल प्रवेश 14 अप्रैल को प्रातः 8:00 बजे होगा। इस अवसर पर शिव वाटिका में नवकारसी का आयोजन रखा गया है, जिसका लाभ शैलेंद्र कुमारअशोक कुमार परिवार द्वारा लिया गया है।
 विनती के दौरान अशोक भंडारी, सुनील चत्तर, निलेश जैन, दीपक जैन सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। आचार्य श्री लेखेंद्रसूरीश्वर जी महाराज दाहोद से झाबुआ, कालीदेवी, दत्तीगांव होते हुए राजगढ़ पहुंचेंगे, वहीं आचार्य श्री हितेशचंद्र सूरीश्वरजी महाराज मनावर, जीराबाद, अमझेरा मार्ग से नगर में प्रवेश करेंगे।

फिल्मकार ऋत्विक घटक पर महत्वपूर्ण चर्चा और दो पुस्तकों का विमोचन




 


  मुंबई। ऋत्विक घटक (1925–1976) बांग्ला सिनेमा के उन महान फिल्मकारों में हैं जिन्होंने बंगाल विभाजन की पीड़ा, विस्थापन, शरणार्थी जीवन और सामाजिक विघटन को अपनी फिल्मों में गहरी संवेदना और वैचारिक तीक्ष्णता के साथ चित्रित किया। उनका सिनेमा यथार्थवाद, मेलोड्रामा, ब्रेख्तियन शैली, मिथकीय प्रतीक और अभिव्यक्तिवादी ध्वनि के अनोखे संयोजन के लिए जाना जाता है। उन्होंने केवल आठ फीचर फिल्में बनाईं, पर उनकी विभाजन त्रयी विशेष रूप से चर्चित रही।

  जनवादी लेखक संघ एवं स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कल इंदिरा गाँधी हास्पिटल में स्थित विरूंगला केन्द्र, मीरा रोड में आयोजित कार्यक्रम में जाहिद खान एवं जयनारायण प्रसाद द्वारा संपादित पुस्तक ‘ऋत्विक घटक: नव यथार्थवाद सिनेमा का कलात्मक सर्जक’ का विमोचन हुआ। इसी अवसर पर जाहिद खान द्वारा अनुवादित कृष्ण चंदर का उर्दू नाटक ‘दरवाजा खोल दो’ (हिंदी अनुवाद) का भी विमोचन किया गया।

  इस कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता पुलक चक्रवर्ती ने बताया कि, ऋत्विक घटक मार्क्सवादी विचारधारा से गहराई से प्रभावित थे। उन्होंने 1948 में भारतीय जन नाट्य संघ (IPTA) से जुड़कर अपनी सांस्कृतिक यात्रा शुरू की, जो उस समय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआय) का सांस्कृतिक मोर्चा था। विभाजन, अकाल और सामाजिक अन्याय ने उन्हें मार्क्सवाद की ओर आकर्षित किया। वे आईपीटीए के सक्रिय सदस्य रहे, नाटक लिखे-निर्देशित किए और 1951 में पार्टी के लिए ‘ऑन द कल्चरल फ्रंट’ नामक महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार किया, जिसमें उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी की सांस्कृतिक नीति पर जोर दिया कि कला को जनता की पीड़ा और आकांक्षाओं को व्यक्त करना चाहिए। हालांकि उनका जुड़ाव केवल संगठनात्मक नहीं था — वे सच्चे अर्थों में क्रांतिकारी कलाकार थे। मार्क्सवाद उनकी फिल्मों की रीढ़ बना रहा — उनकी रचनाएँ पूंजीवाद की विनाशकारी प्रवृत्तियों, वर्ग संघर्ष, विभाजन की त्रासदी और बौद्धिक संकट के खिलाफ निरंतर विद्रोह का रूप लेती रहीं। घटक ने कला के माध्यम से मानवता और सामाजिक न्याय के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता निभाई।

 उनकी प्रसिद्ध फिल्म मेघे ढाका तारा शरणार्थी परिवार की त्रासदी के माध्यम से स्त्री-त्याग और शोषण की मार्मिक कथा कहती है और उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति मानी जाती है। कोमल गांधार थिएटर आंदोलन और सांस्कृतिक पुनर्मिलन की आकांक्षा को राजनीतिक विभाजन के संदर्भ में प्रस्तुत करती है, जबकि सुवर्णरेखा विस्थापन, जाति-वर्ग और नैतिक संकट की दार्शनिक पड़ताल करती है। अजान्त्रिक में मनुष्य और मशीन के संबंध को प्रतीकात्मक ढंग से दिखाया गया है। बांग्लादेश में बनी तितास एक्टी नदीर नाम एक लुप्त होती नदी-सभ्यता की महाकाव्यात्मक कथा है, जबकि जुक्ति, तक्को आर गप्पो राजनीतिक बहस और बौद्धिक संकट पर आधारित अर्ध-आत्मकथात्मक फिल्म है। उनकी प्रारंभिक फिल्म नागरिक और बाड़ी थेके पालिए भी उल्लेखनीय हैं।

 कार्यक्रम में अनारकली ऑफ आरा और कागज-2 जैसी सामाजिक-राजनीतिक मुद्दे पर आधारित फिल्में, और रात बाकी है व शी नामक क्राइम-ड्रामा सीरीज़ बना चुके फिल्म निर्देशक अविनाश दास ने कहा, “ऋत्विक घटक का सिनेमा सबसे ज़्यादा ओरिजिनल सिनेमा है। उन्होंने सिनेमा का पूरा व्याकरण खड़ा किया है। उनका कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ाव केवल संगठनात्मक नहीं था, इसलिए जब उन्हें लगा कि वह इस संगठन के साथ बहुत दूर तक नहीं जा सकते, तो उन्होंने संगठन छोड़ दिया।” अविनाश दास ने एक फिल्म डायरेक्टर की विवशताओं का जिक्र करते हुए बताया कि फिल्म बनाने में कितनी मशक्कत, चिरौरी और तानों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी के हवाले से कहा कि “डायरेक्टर का जन्म अपमानित होने के लिए होता है।” ऐसे में ऋत्विक घटक द्वारा अपनी शर्तों पर सिनेमा बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मीरा रोड के स्वर संगम फाउंडेशन की तुलना कलकत्ता के उस सृजनात्मक माहौल से की, जिसमें ऋत्विक घटक और मृणाल सेन एक-दूसरे को सहयोग देते थे।

  मुंबई विश्व विद्यालय के हिन्दी विभाग के भूतपूर्व प्रोफेसर डॉ.हूबनाथ पांडे ने ऋत्विक घटक की फिल्मों को समझने के अपने शोध संस्मरण साझा किए और बताया कि बंगाली न समझने के बावजूद उन्होंने विजुअल्स के सहारे घटक की फिल्मों को देखा। उन्होंने ‘खुद्दार’ फिल्म में अमिताभ बच्चन के सीन का उदाहरण देकर परसानीफिकेशन की घटक की अनोखी अवधारणा पर प्रकाश डाला। डॉ. पांडेय ने हर महीने कम से कम एक फिल्म दिखाने की पेशकश की और कहा कि हमें फिल्में देखना सीखना होगा। उन्होंने फिल्म सोसाइटी की स्थापना की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “बी. शांताराम की फिल्म सोसाइटी बंद हो चुकी है। इसकी शुरुआत मीरा रोड से की जा सकती है। मेरे पास दस हजार फिल्मों का संकलन है।”

  पुस्तक के संपादक जाहिद खान ने बताया कि हिंदी पट्टी में ऋत्विक घटक को मुख्यतः ‘मधुमती’ और ‘मुसाफिर’ जैसी फिल्मों के स्क्रिप्ट लेखन के लिए जाना जाता है, जबकि उनका नाम मृणाल सेन और सत्यजीत राय के साथ क्लासिकल डायरेक्टर के रूप में लिया जाता है। उन्होंने ऋत्विक घटक को मूल रूप से नाटककार बताया, जो आईपीटीए से जुड़े रहे और बाद में सिनेमा की ओर मुड़े क्योंकि सिनेमा के पास अधिक दर्शक थे। जाहिद खान ने कहा कि घटक कला के माध्यम से मानवता और मानवीय मूल्यों को क्षरण से बचाने के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। उन्होंने श्रोताओं से अपील की कि ऋत्विक घटक के पूरे व्यक्तित्व और कृतित्व को समझने के लिए यह पुस्तक अवश्य पढ़ें।

  जलेस के केन्द्रीय कमिटी सदस्य संजय भिसे ने कहा कि, ऋत्विक घटक का महत्व इस बात में है कि उन्होंने सिनेमा को मात्र मनोरंजन नहीं माना, बल्कि उसे इतिहास, राजनीति और मानवीय संवेदना का माध्यम बनाया। उनकी फिल्मों में विभाजन की त्रासदी निजी जीवन की कहानियों से जुड़कर व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय संदर्भ ग्रहण करती है। उन्होंने सिनेमा की भाषा को नए ढंग से गढ़ते हुए दर्द को विद्रोह और कविता में रूपांतरित किया, जिससे उनका सिनेमा आज भी गहरे प्रभाव के साथ याद किया जाता है। मराठी फिल्म उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने अपने बच्चों के नाम ऋत्विक घटक से प्रभावित होकर ऋत्विक रखा है।

  कलकत्ता से विशेष रूप से आए जयनारायण प्रसाद ने सत्यजीत राय, मृणाल सेन और ऋत्विक घटक के बीच के संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ‘मेघे ढाका तारा’ फिल्म का विशेष उल्लेख किया और कहा कि विभाजन की पीड़ा और शरणार्थियों की समस्या को इस फिल्म में अद्भुत रूप से प्रस्तुत किया गया है।

  कार्यक्रम में रंगमंच और सिनेमा अभिनेता अजय रोहिल्ला ने ऋत्विक घटक के सिनेमा की स्ट्रांग विजुअल सेंस की तारीफ की। सिने पत्रकार हरि मृदुल ने बताया कि घटक बड़े कथाकार भी थे और उनकी कहानियों का अनुवाद ‘संभावना प्रकाशन’ से आया है। सिने जगत से जुड़े फरीद खान ने भी ‘मेघ ढके तारा’ का उल्लेख करते हुए ऋत्विक घटक को यथार्थवादी सिनेमा का महत्वपूर्ण हस्ताक्षर बताया।

 हृदयेश मयंक, चेयरमैन, स्वर संगम फाउंडेशन एवं अध्यक्ष, विरूंगला केन्द्र, मीरा रोड ने बताया कि प्रो. हूबनाथ पांडेय के प्रस्ताव पर स्वर संगम फाउंडेशन शीघ्र ही कमेटी की बैठक बुलाकर फिल्म सोसाइटी संबंधी विचार करेगी।

 कार्यक्रम का संचालन रमन मिश्र ने किया। हरिप्रसाद राय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए इस समृद्ध करने वाला अनुभव बताया।