BREAKING NEWS
latest



 

News
News

राज्य

राज्य/block-5

आपके शहर की खबर

आपके शहर की खबर/block-3

राजनीति

राजनीति/block-6

मनोरंजन

मनोरंजन/block-6

धर्म

धर्म/block-3

"खेल"

खेल/block-3

"लेख"

लेख/block-3

ख़बरें जरा हटके

ख़बरें जरा हटके/block-10

स्टोरी

स्टोरी/block-7

आपकी बायोग्राफी

आपकी बायोग्राफी/block-11

बिज़नेस

बिज़नेस/block-10

Latest Articles

राजगढ़ (धार): मैन चौपाटी 'भगवा चौक' में दिखा अद्भुत नज़ारा,घूमती हुई झांकी ने मोह लिया सबका मन!





 


    राजगढ़ (धार): मध्य प्रदेश के धार जिले के राजगढ़ नगर में इस बार होली का पर्व भक्ति और आकर्षण का अनूठा संगम रहा। नगर के विभिन्न चौराहों पर होलिका दहन का पारंपरिक आयोजन किया गया, लेकिन सबकी निगाहें मेन चौपाटी स्थित 'भगवा चौक' पर टिकी रहीं।

  होलिका और भक्त प्रहलाद की लाइव झांकी भगवा चौक पर इस वर्ष होलिका और भक्त प्रहलाद की एक विशेष झांकी सजाई गई थी। इस झांकी की सबसे बड़ी खासियत इसका घूमता हुआ स्वरूप था,जो लोगों के लिए कौतूहल और श्रद्धा का विषय बना रहा। धुएं और रोशनी के बीच झिलमिलाती यह झांकी रात के अंधेरे में बेहद भव्य नजर आ रही थी।

  इस आकर्षक झांकी को देखने के लिए नगरवासियों का आना  जाना बड़ी संख्या में देखने को मिला। वही झांकी की भव्यता और इसकी अनूठी बनावट को देखते हुए लोग अपनी सेल्फी लेने से खुद को रोक नहीं पाए। 


राजगढ़ में शांति समिति की बैठक : कानफोड़ू डीजे पर रहेगा प्रतिबंध,हुड़दंगियों पर होगी पुलिस की पैनी नजर




 



   राजगढ़/धार। आगामी त्योहारों को उल्लास और शांति के साथ मनाने के उद्देश्य से नगर परिषद सभाकक्ष में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीओपी विश्वदीप परिहार ने सख्त लहजे में कहा कि नगर में 'कानफोड़ू' डीजे बजाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि 60-70 डेसिबल से अधिक शोर न केवल सेहत के लिए हानिकारक है, बल्कि कानूनन अपराध भी है।

   बैठक में थाना प्रभारी समीर पाटीदार,नप उपाध्यक्ष दीपक जैन, नगर परिषद लेखापाल रघुनाथ वसुनिया, तहसील पटवारी और विद्युत मंडल के मनीष भामरे सहित पार्षदगण, पत्रकार और विभिन्न आयोजन समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा न करने की अपील करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मांगा। विशेष रूप से होली और रंगपंचमी के दौरान 'रोको-टोको' अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत नशे में तेज रफ्तार बाइक चलाने वालों को न केवल समझाइश दी जाएगी, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।

  नगर परिषद सभाकक्ष उपाध्यक्ष दीपक जैन द्वारा जानकारी दी गई कि रंगपंचमी का मुख्य आयोजन नए बस स्टैंड पर सुबह 11 बजे से होगा,जहाँ पानी की फुहारों के बीच सामूहिक उत्सव मनाया जाएगा। यहाँ महिला और पुरुष वर्ग के लिए पृथक व्यवस्थाएं और स्वल्पाहार का प्रबंध रहेगा। बैठक के दौरान नगरवासियों ने प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध कार्रवाई और आवारा पशुओं की समस्या को प्रमुखता से उठाया। हाट बाजार में गोवंश के अवैध व्यापार और पशु क्रूरता की सूचना तत्काल पुलिस को देने की बात कही गई। साथ ही, नगर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक और उनकी नसबंदी का मुद्दा भी गरमाया,जिस पर यह तथ्य सामने आया कि फिलहाल कोई एजेंसी कुत्तों की नसबंदी के लिए तैयार नहीं हो रही है।

बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Barwani News, Modern Vegetable Market Barwani, CM Mohan Yadav, Madhya Pradesh Agriculture News, Barwani Mandi Update, MP Government Development News




 

50 एकड़ में स्थापित होगा आदर्श बीज उत्पादन केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी कृषि एवं विकास योजनाओं की सौगात
राजकीय गरिमा के साथ मनाया गया भगोरिया पर्व : जुलवानिया भगोरिया हाट में उड़ा उल्लास और परंपरा का रंग

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगोरिया केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आनंद में झूमने का पर्व है। पर्व में महिला और पुरुष समान रूप से कदम से कदम मिलाकर नृत्य करते हैं और पारंपरिक वेशभूषा में लोक संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरते हैं। ताड़ी जैसे पारंपरिक पेय का आनंद भी इस उत्सव का हिस्सा है। जनजातीय संस्कृति की अपनी विशिष्ट पहचान और महत्व है। इसी परंपरा को संरक्षित करने के लिये राज्य सरकार ने इस पर्व को राजकीय पर्व का दर्जा देकर इसकी गरिमा को और बढ़ाया गया है। यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले के जुलवानिया में भगोरिया उत्सव में कही।

    बड़वानी के जुलवानिया में भगोरिया हाट में उस समय उल्लास और उमंग का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय बंधुओं के भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन से पूरा हाट परिसर उत्साह, रंग और पारंपरिक उल्लास से सराबोर हो गया। जनजातीय संस्कृति की जीवंत छटा से सजे इस पारंपरिक पर्व में मांदल की गूंजती थाप, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित नर्तक-नर्तकियों की मनमोहक प्रस्तुतियां तथा गुलाल से रंगीन वातावरण ने भगोरिया को और भी आकर्षक बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कलाकारों के साथ मांदल की थाप पर कदम मिलाकर उनकी कला और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, उत्सवधर्मिता और जीवन के प्रति आनंदमयी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक मौसम के अनुरूप त्यौहारों की परंपरा रही है, जिससे जीवन में उल्लास और सामूहिकता बनी रहे। पूर्वजों द्वारा स्थापित यह आनंदमयी परंपरा आज भी जीवंत है। सदियों से भगोरिया पर्व इस क्षेत्र में हर्ष, उमंग और लोक जीवन की ऊर्जा का प्रतीक बना हुआ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ का क्षेत्र, मां नर्मदा के आशीर्वाद से समृद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल प्रबंधन एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से सूखे खेतों तक पानी पहुंचा है और फसलें लहलहा रही हैं। यहां विविध प्रकार की फसलें, फल और सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। प्राकृतिक खेती को भी किसान उत्साहपूर्वक अपना रहे हैं, जिसके कारण बड़वानी जिले के फल एवं सब्जियों की मांग देश-विदेश में बनी हुई है। अब लक्ष्य है कि फसल को खेत से कारखाने तक पहुंचाया जाए और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया जाए।

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया के आनंद और बड़वानी की उन्नत कृषि को सम्मान देने के उद्देश्य से कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया, जिसमें किसान कल्याण वर्ष की पहली कैबिनेट में 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के निर्णय लिए गए। किसानों के हित में भावांतर भुगतान योजना में सोयाबीन पर 1,500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर समान अवसर सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैबिनेट के साथ पहली बार भीलट देव के दर्शन कर मन आनंदित हुआ। निमाड़ महान संत सिंगाजी, दादा धूनिवाले जैसी विभूतियों की पावन भूमि है, जिन्होंने समरसता और सद्भाव का संदेश दिया। आपसी द्वेष और मतभेद भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ होली का त्यौहार मनाने का संदेश देते हुए अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा अधिक है। इसके विस्तार के लिये कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के साथ आधुनिक सब्जी मंडी की स्थापना की जाएगी। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए पानसेमल एवं वरला माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हैक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और जनजातीय किसानों को सीधा लाभ होगा। खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिये 25 किसानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 50 एकड़ क्षेत्र में आदर्श बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पलसूद बायपास एवं ओझर बायपास का निर्माण कराया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय आवागमन को नई सुविधा मिलेगी। साथ ही एबी रोड से भंवरगढ़ स्थित खाज्या नायक स्मारक तक पहुँच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही दीवानी से जोगवाड़ा पहुँच मार्ग तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इन सभी कार्यों से क्षेत्र के विकास, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति ने भगोरिया हाट के उल्लास को और भी विशेष बना दिया, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम नजर आया। जुलवानिया भगोरिया हाट में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अन्तर सिंह आर्य, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिले के प्रभारी मंत्री एवं कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री गजेन्द्र पटेल, राज्यसभा सदस्य श्री सुमेर सिंह सोलंकी, विधायक पानसेमल श्री श्याम बरडे अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

फिल्म Kissa Court Kachahari Ka, 300 सिनेमाघरों में 13 मार्च रिलीज को तैयार - रजनीश जयसवाल


सिनेमा के पर्दे पर अक्सर कोर्ट-कचहरी को तीखी बहसों और हाई-वोल्टेज ड्रामे के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन लवली फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड की आगामी फिल्म 'किस्सा कोर्ट कचहरी का' (Kissa Court Kachahari Ka Movie) इस छवि को तोड़ने के लिए तैयार है। यह फिल्म न्याय व्यवस्था के उन गलियारों की कहानी है जहाँ धूल, फाइलें और खामोशियाँ चीख-चीख कर अपनी दास्तां सुनाती हैं।

निर्देशक रजनीश जयसवाल (Rajnish Jaiswal) ने फिल्म की बुनावट में ‘स्वाभाविकता’ को सर्वोपरि रखा है। उनका कहना है कि इस फिल्म का उद्देश्य किसी काल्पनिक दुनिया को रचना नहीं, बल्कि देश की वास्तविक कानूनी प्रणाली और आम आदमी के संघर्षों को दर्शकों तक पहुँचाना है। कैमरे का इस्तेमाल एक मूक गवाह की तरह किया गया है, जो न्याय प्रणाली के भीतर छिपे डर और गुप्त संवादों को बारीकी से पकड़ता है। निर्देशक ने बताया कि फिल्म की रिलीज के बाद वह अपने अगले प्रोजेक्ट डीएनए फिल्म (DNA Film) पर काम शुरू करेंगे।

निर्माता अरुण कुमार (Arun Kumar) के अनुसार, इस फिल्म की जान इसकी कास्टिंग है। उन्होंने सितारों के बजाय ऐसे चेहरों को चुना है जो आम लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और वास्तविकता के करीब दिखाई देते हैं।

दिग्गज अभिनेता राजेश शर्मा (Rajesh Sharma) ने कहा, “इस फिल्म की पटकथा में जो ठहराव है, वही इसकी ताकत है। यह फिल्म दिखाती है कि कानून की मोटी किताबों से ज्यादा वजन एक आम इंसान की मजबूरियों और उसकी खामोश दास्तां में होता है।”

अभिनेता बृजेंद्र काला (Brijendra Kala) ने साझा किया, “जब सिनेमा सामाजिक सरोकार से जुड़ता है, तभी वह प्रभाव छोड़ता है। इस फिल्म के जरिए हमने न्याय प्रणाली के मानवीय पहलू को सामने लाने की कोशिश की है।”

यह फिल्म लीगल ड्रामा जॉनर (Legal Drama Genre) में एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। संगीतकार प्रवेश मलिक (Pravesh Malik) की धुनें और सिनेमैटोग्राफर धर्मेंद्र बिस्वास (Dharmendra Biswas) के विजुअल्स कहानी को और प्रभावशाली बनाते हैं। फिल्म यह दिखाने का प्रयास करती है कि इंसाफ की लड़ाई अक्सर शोर से दूर, शांत और एकाकी वातावरण में लड़ी जाती है।

फिल्म की शूटिंग मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut, Uttar Pradesh) की वास्तविक लोकेशनों पर की गई है, ताकि कहानी में प्रामाणिकता बनी रहे। निर्माण के दौरान स्थानीय कलाकारों और तकनीकी टीम को भी अवसर दिया गया। इससे क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला।

अभिनय के मोर्चे पर फिल्म में राजेश शर्मा, बृजेंद्र काला, नीलू कौर कोहली (Neelu Kohli), सुशील चंद्रभान परासर (Sushil Chandrabhan Parasara), अंजू जाधव (Anju Jadhav), लोकेश तिलकधारी (Lokesh Tilakdhari), कृष्णा सिंह बिष्ट (Krishna Singh Bisht), अवन्या कुमारी (Avanya Kumari) और नंदिनी सिंह राजपूत (Nandini Singh Rajput) जैसे कलाकार नजर आएंगे।

पैनोरमा स्टूडियो इंटरनेशनल लिमिटेड (Panorama Studios International Ltd.) के सहयोग से तैयार यह फिल्म 13 मार्च 2026 को देशभर के लगभग 300 सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

‘किस्सा कोर्ट कचहरी का’ (Kissa Court Kachahari Ka Release Date 13 March 2026) केवल एक कानूनी कहानी नहीं, बल्कि भारतीय न्याय व्यवस्था से जुड़ी मानवीय संवेदनाओं को सामने लाने का प्रयास है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव से सभी की समृद्धि के लिए की कामना लोक देवता भीलट देव के आंगन नागलवाड़ी में है पहली कृषि कैबिनेट





 

   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को निमाड़-मालवा के लोक देवता भीलट देव का दर्शन कर प्रदेश के किसानों की सुख समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। किसान कल्याण वर्ष में बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले दर्शन लाभ लेने के बाद सतपुड़ा की पहाडी पर विराजित लोक देवता के रमणीय स्थल की सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भीलट देव निमाड़-मालवा क्षेत्र के आराध्य देव है। आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे।

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है। मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिये मिल रहा है। किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, जिससे किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मृदा की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे प्रारंभ में मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फिर धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी।

भीलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नागलवाड़ी भीलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भीलट देव के तपस्या स्थल पर बने मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद सदस्यों के साथ नागलवाड़ी मंदिर दर्शन के बाद सामूहिक फोटो भी खिंचवाया।

निमाड़ के खेत और बाड़ियों में उपजने वाली फसलों की प्रदर्शनी का अवलोकन

   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट से पहले निमाड़ के फार्म/खेतो और बाड़ियों में उपजने वाली फसलों का परिसर में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों ने निमाड़ की कृषि पद्धतियों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी के सम्बंध में बड़वानी कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने प्रस्तुतिकरण भी दिया।

अलग-अलग थीम पर आधारित रही प्रदर्शनी

  कृषि कैबिनेट के मद्देनजर जिला प्रशासन और कृषि कार्यों से जुड़े विभागों ने प्रदर्शनी में अलग-अलग थीम पर अपना प्रस्तुतिकरण किया गया। इनमें प्राकृतिक खेती क्रियान्वयन और प्रभावी मॉडल, वोकल फ़ॉर लोकल, केले का विकास मॉडल, डॉलर चना संपूर्ण मूल्य श्रृंखला, बड़वानी मिर्च प्लास्टर, तिल उभरती हुई विकासशील फसल, गन्ना आर्थिक और प्रभावी मॉडल, मिशन सिकलसेल उन्मूलन कार्यक्रम, नवाचार वन्य ग्राम समृद्धि अभियान थीम पर आधारित थी।

प्रदेश के वन राज्य ही नहीं राष्ट्र की भी हैं बड़ी धरोहर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,वन विभाग का "विजन@2047 री-इमेजिनिग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर" महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट






 



   भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके परिणामस्वरुप ही समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लिए प्रदेश में सभी क्षेत्रों में समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं अपितु राष्ट्र की अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर हैं। वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के दृष्टिगत प्रदेश के वन संसाधनों के संरक्षण, उनके समुदाय आधारित प्रबंधन और 21वीं सदी में भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में वनों के योगदान संबंधी दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जैव विविधता, समृद्ध सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा "विजन @2047 री-इमैजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर" महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट है।

    मध्यप्रदेश,विविध और समृद्ध वनों से परिपूर्ण है। यहां घने वनों से लेकर अर्ध-शुष्क वन और नदी तटीय पारिस्थितिक तंत्र तक विद्यमान हैं। ये वन असंख्य वनस्पतियों और वन्य जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं तथा प्रमुख नदियों के उद्गम क्षेत्र बनकर लाखों लोगों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रदेश के वन, जनजातियों एवं वन-आश्रित समुदायों की आजीविका का आधार हैं, जिनकी संस्कृति और पहचान, वन पारिस्थितिकी से परस्पर जुड़ी है। इन वनों की सुरक्षा केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अनिवार्यता भी है।

    विजन@2047 इस विश्वास पर आधारित है कि केवल नियमन और संरक्षण पर आधारित पारंपरिक वन प्रबंधन पद्धतियाँ अब पर्याप्त नहीं हैं। बदलते वर्षा पैटर्न, बढ़ता तापमान, वनों में लगने वाली आग और भूमि उपयोग का दबाव व्यापक एवं दूरदर्शी समाधान की मांग करते हैं। इस संदर्भ में यह विज़न पारिस्थितिकी-आधारित, जलवायु- अनुकूल, विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को अपनाता है।

    विजन@2047 का प्रमुख आधार समुदायों की भागीदारी है। विजन में वन-आश्रित समुदायों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि वन संसाधनों के सह-प्रबंधक एवं संरक्षक के रूप में देखा गया है। जब समुदायों को वनों से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है, तो वे उनके सबसे सशक्त संरक्षक बन जाते हैं। इस विश्वास के साथ यह विज़न समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। यह विज़न वन प्रबंधन के आधुनिकीकरण पर भी विशेष बल देता है। शासकीय प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने पर विजन डॉक्यूमेंट में विशेष महत्व दिया गया है।

   संस्थागत सुधार और क्षमता निर्माण विज़न@2047 की आधारशिला हैं। नीतियों को प्रभावी परिणामों में परिवर्तित करने के लिए एक दक्ष, प्रशिक्षित और प्रेरित कार्यबल अत्यंत आवश्यक है। विभाग प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार में सतत निवेश करेगा।

   विजन@2047 को 5 अध्यायों में विभाजित किया गया है। इसमें वन विभाग के इतिहास और संरचना, विभाग की दृष्टि- मिशन और नीति निर्देशक सिद्धांतों, वर्ष 2024 तक के लक्ष्यों पर विशेष अध्याय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही विजन@2024 को क्रियान्वित करने के प्रमुख 11 स्तंभों क्रमश: वन प्रबंधन, वन्य जीव संरक्षण, वन संरक्षण, वन संसाधनों का श्रेष्ठतम उपयोग, वन भूमि के बाहर हरित आच्छादन, सामुदायिक वानिकी और आजिविका, पर्यावरण पर्यटन और प्रकिृत शिक्षा, जलवायु सहनशीलता, कार्बन एवं परिस्थितिकीय तंत्र सेवाएं, नीतिगत एवं विधिक सुधार, मानव संसाधन- क्षमता एवं कल्याण और डिजिटल एवं डेटा रूपांतरण की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। विजन@2047 ऐसा दस्तावेज है, जो समय के साथ उभरती चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप आकार लेता रहेगा। यह दृष्टि पत्र 33% हरित आच्छादन के लक्ष्य तथा वर्ष 2017 तक नेट जीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के वन आने वाले वाली पीढियों के लिए स्वस्थ, उत्पादक और सम सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहे।

श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर मोहनखेड़ा में गुड़ी पड़वा पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब: 1008 भक्त करेंगे सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ







 


    राजगढ़ (धार)। स्थानीय मोहनखेड़ा मार्ग स्थित प्रसिद्ध श्री खेड़ापति हनुमान जी मंदिर परिसर में आगामी गुड़ी पड़वा के पावन पर्व को लेकर तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी आयोजित होने वाले भव्य धार्मिक महोत्सव के संबंध में रविवार को मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा तय कर कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई।

  बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर मंदिर में विशाल संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण 1008 श्रद्धालुओं द्वारा किया जाने वाला सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ होगा, जो क्षेत्र में भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा। आयोजन के सफल समापन पर विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का भी आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

   बैठक के दौरान उपस्थित धर्मप्रेमियों और भक्तों ने इस दिव्य आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। आयोजन समिति ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना और युवा पीढ़ी को धर्म एवं संस्कृति से जोड़ना है। बैठक में व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए अलग-अलग टोलियां गठित की गई हैं, जो स्वच्छता, बैठक व्यवस्था और प्रसाद वितरण का कार्य संभालेंगी।

  इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस महोत्सव को लेकर उत्साह व्यक्त किया और अधिक से अधिक भक्तों से सपरिवार सम्मिलित होने की अपील की।