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वेनेज़ुएला पर अमेरिका के सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ़्तारी सही या गलत : एक वैश्विक विवाद - डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

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डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

  इंदौर : वैश्विक राजनीति में एक नया, बेहद विवादास्पद तथा इतिहास बनाने वाला अध्याय जुड़ गया है। 3 जनवरी 2026 की रात अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला की राजधानी कराकास पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया और मात्र आधे घंटे के भीतर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ़्तार कर लिया। इस ऑपरेशन ने दुनिया भर में तीखी, गहन तथा बहुआयामी बहस छेड़ दी है। एक तरफ इसे तानाशाही के खिलाफ न्याय की जीत, दमनकारी शासन के अंत तथा लोकतंत्र बहाली की दिशा में निर्णायक कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन, संप्रभुता पर हमला तथा साम्राज्यवादी हस्तक्षेप माना जा रहा है। प्रख्यात राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम का कहना है कि “वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक जटिल, बहुआयामी, ऐतिहासिक तथा वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाली घटना है। यह कार्रवाई न केवल वेनेज़ुएला के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, अंतरराष्ट्रीय कानून की विश्वसनीयता, क्षेत्रीय स्थिरता, विकासशील देशों की संप्रभुता तथा बड़े देशों की एकतरफा कार्रवाइयों पर भी गहरा, दीर्घकालिक तथा अप्रत्याशित असर डालेगी। भारत जैसे देशों को इस घटना से सतर्कता बरतने, कूटनीतिक सबक लेने तथा अपनी रक्षा, सुरक्षा तथा विदेश नीति की रणनीति को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।”


   घटना का पूरा ब्यौरा बेहद चौंकाने वाला तथा फिल्मी पटकथा जैसा है। 3 जनवरी 2026 की रात कराकास में कई जोरदार धमाकों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टरों ने कराकास के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। ऑपरेशन इतना तेज तथा सुनियोजित था कि वेनेज़ुएला की रक्षा प्रणाली जवाब नहीं दे सकी। अमेरिकी विशेष बलों ने राष्ट्रपति भवन में घुसकर मादुरो तथा उनकी पत्नी को गिरफ़्तार किया। मादुरो दंपती को अमेरिका ले जाकर न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उन पर नारको-टेररिज्म, मादक पदार्थ तस्करी तथा हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “सफल कार्रवाई” बताया और दावा किया कि मादुरो ड्रग तस्करी तथा नारको-टेररिज्म में शामिल थे।


  इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि कई वर्षों की है। मादुरो पर 2020 से ही अमेरिकी अदालत में आरोप थे और उनकी गिरफ़्तारी के लिए इनाम घोषित था। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। लेकिन इस कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाईं।

  अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई नारको-टेररिज्म के खिलाफ थी। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि मादुरो तथा उनकी सरकार मादक पदार्थ तस्करी में शामिल थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेज़ुएला में स्थिरता के लिए भूमिका निभाएगा। इस दृष्टिकोण के समर्थकों का मानना है कि मादुरो का शासन दमनकारी था। वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट, भुखमरी तथा मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरें थीं। लाखों लोग देश छोड़कर भाग गए। समर्थकों का कहना है कि मादुरो की गिरफ़्तारी लोकतंत्र बहाली का कदम हो सकती है।

  विरोधी पक्ष इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, किसी संप्रभु देश पर हमला तभी वैध है जब वह आत्मरक्षा में हो या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी हो। विरोधी कहते हैं कि यह हमला तेल संसाधनों पर कब्जे की साजिश थी। वेनेज़ुएला के पास दुनिया के बड़े तेल भंडार हैं। इतिहास में अमेरिका के हस्तक्षेप अस्थिरता लाए हैं।

  भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और संयम व संवाद की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत संप्रभुता का सम्मान करता है।

  यह कार्रवाई नैतिक रूप से जटिल है। मादुरो का शासन दमनकारी था, लेकिन अमेरिका का तरीका अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन लगता है। कानूनी मानदंड से देखें तो यह गलत प्रतीत होता है। लेकिन सुरक्षा के नजरिए से कुछ के लिए जरूरी था।

  वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक ऐतिहासिक घटना है। यह वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी। डॉ. मलिकराम कहते हैं कि “यह घटना सतर्कता का संदेश है। भारत को अपनी रणनीति मजबूत करनी होगी।”

पंजाब लोक भवन में नवकार महामंत्र महाजाप संपन्न सबसे पहले मैं समाज का श्रावक, उसके बाद राज्यपाल- कटारिया

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नवकार महामंत्र व्यक्ति नहीं, गुणों की उपासना का मंत्र: राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया
सलाहकार दिनेश मुनि का दो दिवसीय प्रवास रहा लोकपाल भवन

  चंडीगढ़-  पंजाब लोक भवन का सभागार उस समय केवल एक भवन नहीं रहा, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का जीवंत तीर्थ बन गया, जब विश्व शांति, मानव कल्याण और सार्वभौमिक सद्भाव की भावना के साथ नवकार महामंत्र का विराट महाजाप संपन्न हुआ। श्रमण संघीय सलाहकार दिनेश मुनि, डॉ द्वीपेंद्र मुनि, डॉ पुष्पेंद्र मुनि महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब सामूहिक चेतना आध्यात्मिक उद्देश्य से एकत्र होती है, तब मंत्र केवल ध्वनि नहीं रहते, वे ऊर्जा में परिवर्तित होकर वातावरण को रूपांतरित कर देते हैं।

मंत्रोच्चार से जागृत हुई सामूहिक चेतना
  
  सैकड़ों श्रद्धालुओं की एकाग्र साधना से उठती नवकार महामंत्र की नादधारा ने लोकपाल भवन (राज भवन) के कण-कण को स्पंदित कर दिया। डॉ पुष्पेंद्र मुनि द्वारा “णमो अरिहंताणं...” की लयबद्ध गूँज ने उपस्थित जनसमूह को एक ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की, जहाँ व्यक्ति स्वयं से ऊपर उठकर समाज और विश्व के लिए मंगल की कामना करता दिखाई दिया। आयोजन के दौरान अनुशासन, शांति और गहन तन्मयता का जो दृश्य उपस्थित हुआ, वह आधुनिक समय में सामूहिक साधना की दुर्लभ मिसाल बना।
  पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक सुश्रावक श्री गुलाबचंद कटारिया ने अपने उद्बोधन में नवकार महामंत्र की दार्शनिक गहराई को रेखांकित करते हुए कहा कि यह मंत्र किसी देवी-देवता या अवतार विशेष की स्तुति नहीं करता, बल्कि अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधुकृइन पंच परमेष्ठियों के गुणों को नमन करता है। यही कारण है कि नवकार महामंत्र संकीर्ण धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर सर्वधर्म समन्वय का सेतु बनता है।
  उन्होंने कहा कि हर धर्म का अपना मंत्र होता है, पर नवकार महामंत्र लोक के समस्त पापों का नाश करने वाला, सर्वकालिक और सार्वजनीन प्रभाव वाला मंत्र है। यह आत्मा को भीतर से शुद्ध करता है और मनुष्य को करुणा, संयम और विवेक के पथ पर अग्रसर करता है। “नवकार महामंत्र सिर्फ एक मंत्र नहीं, यह हमारी आस्था का मूल है”कृउनका यह कथन सभागार में उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय में गूंजता प्रतीत हुआ।
  राज्यपाल कटारिया ने भावपूर्ण शब्दों में अपने धर्मगुरु उपाध्याय पुष्कर मुनि को स्मरण किया। उन्होंने बताया कि पुष्कर मुनि प्रतिदिन तीन बार नवकार महामंत्र का जाप कर मंगलपाठ सुनाते थे और अपने शिष्यों तथा गृहस्थ अनुयायियों को भी इसका अभ्यास करने की प्रेरणा देते थे। उन्होंने जीवन भर देखा कि किस प्रकार यह महामंत्र संकट, भय और निराशा में डूबे लोगों के लिए संबल बना।
  उपाध्याय पुष्कर मुनि व आचार्य देवेन्द्र मुनि के साथ बिताए गए आंतरिक क्षणों को साझा करते हुए कटारिया ने कहा कि उन्होंने स्वयं अनेक बार इस मंत्र के अकल्पनीय प्रभावों का साक्षात्कार किया है। उन्होंने कहा कि यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि श्रद्धा, एकाग्रता और आत्मिक अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने माता-पिताओं से आग्रह किया कि वे आने वाली पीढ़ी को नवकार महामंत्र के अर्थ, मूल्य और आध्यात्मिक प्रभाव से परिचित कराएं, ताकि युवा वर्ग मानसिक तनाव, हिंसा और भटकाव से दूर रह सके।

“परस्परोपग्रहो जीवनम्”ः आज के युग का महामंत्र -
  
  अपने संबोधन में राज्यपाल ने जैन दर्शन के मूल सूत्र “परस्परोपग्रहो जीवनम्” को आज के वैश्विक संदर्भ में व्याख्यायित किया। उन्होंने कहा कि यह सूत्र केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और वैश्विक शांति का घोषणापत्र है। सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर हैंकृयह भावना यदि समाज और राष्ट्रों के बीच विकसित हो जाए, तो संघर्ष, शोषण और युद्ध स्वतः समाप्त हो सकते हैं।

   कटारिया ने कहा- सबसे पहले मैं समाज का श्रावक हूं, बाद में राज्यपाल। जीवन में जो भी अच्छा है, वह संतों और महापुरुषों की कृपा से मिला है। उन्होंने जैन संतों की तपस्या, साधना, पद विहार की अनुमोदना करते हुए कहा कि वास्तव में जैन संतों का जीवन त्यागमय होता है, और यही कारण है कि हमारा मस्तक भी संतों के चरणों में नतमस्तक होता है।

   श्रमण संघीय सलाहकार दिनेश मुनि ने अपने प्रवचन में नवकार महामंत्र की आध्यात्मिक महिमा को गहराई से प्रतिपादित किया। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन में नवकार महामंत्र को अनादि, अनंत और सर्वश्रेष्ठ मंत्र माना गया है। यह शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा की सतत प्रवाहित धारा है।
   उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह व्यक्ति-पूजा से ऊपर उठकर गुण-पूजा की प्रेरणा देता है। यह मंत्र आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का सीधा मार्ग है। श्रद्धा और निष्ठा के साथ किया गया जाप पाप कर्मों की निर्जरा करता है, मन को शांति, साहस और आत्मबल प्रदान करता है तथा साधक को मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर करता है। “यह सर्व मंगल मांगल्यम् है”कृदिनेश मुनि का यह कथन पूरे आयोजन का सार बन गया।
   समारोह के दौरान राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने श्रमण संघीय सलाहकार दिनेश मुनि का भव्य अभिनंदन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने दिनेश मुनि के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया। राज्यपाल ने इस क्षण को अपने लिए सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि मुनि श्री का सानिध्य प्राप्त कर वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

भक्ति, शांति और सामूहिक संकल्प
  
  महाजाप के दौरान लोक भवन में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में पूर्णतः डूबे दिखाई दिए। मंत्रोच्चार के प्रत्येक क्षण में अनुशासन, एकाग्रता और आंतरिक शांति का अद्भुत सामंजस्य देखने को मिला। आयोजन का समापन विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, मानवता की रक्षा और अहिंसा के प्रसार के संकल्प के साथ हुआ।
  यह महाजाप केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आधुनिक समाज के लिए यह संदेश था कि आंतरिक शांति के बिना बाहरी शांति संभव नहीं है। नवकार महामंत्र की यह सामूहिक साधना मानवता को करुणा, संयम और सहअस्तित्व के पथ पर ले जाने का एक मौन लेकिन सशक्त आह्वान बनकर उभरी।
  उल्लेखनीय है कि सलाहकार दिनेश मुनि का दो दिवसीय प्रवास लोक भवन में रहा, जहां पर राज्यपाल सुश्रावक श्री गुलाबचंद कटारिया, धर्मपत्नी सुश्राविका अनीता जी कटारिया, शिवकुमार बागरेचा, राखी बागरेचा, मुकेश सांड, अणु सांड सहित कटारिया परिवार के सदस्यो ने गुरु सेवा भक्ति की।

पेयजल वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन हुआ सजग,एसडीएम व सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश,नागरिकों को भी किया जाएगा जागरूक

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   पेटलावद/झाबुआ : नगर में पेयजल वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शासन के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेटलावद तनुश्री मीणा के निर्देशन में नगर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति, संचालन एवं संधारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

   इस अवसर पर आयोजित बैठक में जल वितरण व्यवस्था, शुद्धता, पाइपलाइन संधारण, वाल्व संचालन एवं जल परीक्षण की स्थिति की जानकारी ली गई। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेन्द्र भण्डारी, पीएचई विभाग के अधिकारी बघेल,नायब तहसीलदार अंकिता भिडे,नगर में जल आपूर्ति करने वाली कंपनी पी.सी. स्नेहल के स्थानीय प्रबंधक संदीप, दीपक वास्केल, उपयंत्री नगर परिषद एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।

फिल्टर प्लांट का निरीक्षण, जल गुणवत्ता की जांच

   अनुविभागीय अधिकारी तनुश्री मीणा एवं सीएमओ आशा जितेन्द्र भण्डारी ने फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल वितरण प्रक्रिया, क्लोरीनेशन एवं पानी की गुणवत्ता की टेस्टिंग हेतु पी एच ई विभाग द्वारा सैंपल लिए गए ।एसडीएम ने मुख्यनगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा शुद्धता के मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

   उन्होंने आम नागरिकों को हो रही पानी संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने हेतु हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश भी दिए।

जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

   मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेन्द्र भण्डारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार नगर में पेयजल को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नागरिकों को पानी की समस्या होने पर तत्काल नगर पालिका को सूचना देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
   नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर प्रत्येक वार्ड के घरों के पानी के सैंपल लिए जाकर गुणवत्ता की जांच की जाएगी वोराली डेम का भी निरीक्षण किया गया ।
  नगर में पेयजल संचालन, संधारण व वितरण का कार्य पी सी स्नेहल कंपनी अहमदाबाद द्वारा किया जा रहा हे ।

इंदौर की घटना के बाद प्रशासन सख्त

  हाल ही में इंदौर में जल आपूर्ति से जुड़ी घटना के बाद शासन एवं प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत जिला एवं स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है। नगर में लगातार अभियान चलाकर नागरिकों को नल खुले न छोड़ने, गंदे पानी का जमाव न होने देने, स्वच्छता बनाए रखने एवं आवश्यकता अनुसार दवा छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पेयजल व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

नगर में प्रदाय जल का परीक्षण कराए - विधायक प्रताप ग्रेवाल,शालिनी मार्ग पर दुषित पेयजल सप्लाई के बाद मौके पर पहुॅचे विधायक ग्रेवाल







  सरदारपुर /धार। सरदारपुर नगर के शालिनी मार्ग पर दुषित पेयजल सप्लाई की खबर मिडीया मे प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद नगर परिषद अमला तेजी से सक्रिय है। वही विधायक प्रताप ग्रेवाल को जब मिडीया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली तो शनिवार को सुबह वे शालिनी मार्ग पर पहुॅचे। 
    विधायक प्रताप ग्रेवाल ने नगर परिषद के जवाबदारो को सख्त लहजे मे कह दिया की लापरवाही बर्दाशत नही की जायेगी, नगर परिषद की जवाबदारी है जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना। विधायक प्रताप ग्रेवाल ने नगर परिषद सीएमओ को नगर में प्रदाय जल के परीक्षण करवाने के निर्देश दिए एवं मौके पर मौजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ब्लाक समन्वयक अधिकारी बीएल परवार से पानी की टेस्टिग आदि के बारे मे जानकारी ली। जिस पर बीएल परवार ने विधायक प्रताप ग्रेवाल को बताया की हर माह पानी की टेस्टीग होना चाहिए नगर परिषद के द्वारा 2 जनवरी को पानी का नमुना दिया गया है जिसकी जांच करवाई जा रही है। जांच रिर्पोट के बाद बता सकेगे की पानी मे क्लोरीन की मात्रा कितनी है तथा दुषित पानी मे कौन से बैक्टीरिया है।  

   निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष प्रतिनिधि अर्पित ग्रेवाल, सीएमओ यशवंत शुक्ला, उपयंत्री कविता जमरे, पीएचई विभाग के बाबूलाल परवार, पार्षद प्रतिनिधि परवेज लोदी, मुन्ना बंसल, सुनील गर्ग आदि उपस्थित थे।



अब चुप्पी नहीं,समझदारी ज़रूरी है समुदाय,विज्ञान और जिम्मेदारी के पक्ष में नागरिकों की एकजुट उपस्थिति

 

  इंदौर : इंदौर में 4 जनवरी को नागरिकों की एक शांत, जिम्मेदार और जागरूक एकत्रता आयोजित की जा रही है। यह न तो कोई प्रदर्शन है, न आंदोलन और न ही किसी संगठन विशेष का कार्यक्रम। यह उन सामान्य नागरिकों की सामूहिक उपस्थिति है जो मानते हैं कि सार्वजनिक नीति डर, अफवाह और अप्रमाणित सूचनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि विज्ञान, कानून और मानवीय मूल्यों के आधार पर तय होनी चाहिए।

  हाल के समय में सामुदायिक कुत्तों को लेकर फैली गलत सूचनाओं और भ्रामक रिपोर्टिंग के कारण समाज में भय और भ्रम का वातावरण बना है। एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना को बिना तथ्यात्मक पुष्टि के जिस प्रकार प्रस्तुत किया गया, उसी के आधार पर व्यापक और दूरगामी निर्णयों की दिशा तय होने लगी। बाद में आधिकारिक रिकॉर्ड से तथ्य अलग सामने आए, लेकिन तब तक सामाजिक और नीतिगत नुकसान हो चुका था।

  जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों और वैज्ञानिकों का स्पष्ट मत है कि सामुदायिक कुत्तों को बड़े पैमाने पर हटाना या शेल्टर में बंद करना न तो रेबीज़ नियंत्रण का समाधान है और न ही यह वैज्ञानिक या व्यावहारिक रूप से प्रभावी है। ऐसे कदम शहरी पारिस्थितिकी को असंतुलित करते हैं और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक जोखिम पैदा करते हैं।

  देशभर के 2,00,000 से अधिक जागरूक नागरिकों, विशेषज्ञों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों ने एक खुले पत्र के माध्यम से तथाकथित मेगा-शेल्टर मॉडल पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इस मॉडल को अत्यधिक खर्चीला, अव्यावहारिक और वैज्ञानिक प्रमाणों से रहित बताया गया है।

  विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि Animal Birth Control और Anti Rabies Vaccination (ABC-ARV) को आज तक अधिकांश राज्यों में आवश्यक स्तर पर लागू ही नहीं किया गया। ऐसे में इसकी विफलता की बात करना भ्रामक है। समस्या नीति में नहीं, बल्कि उसके सही और ईमानदार क्रियान्वयन की कमी में है।

   इंदौर में पलासिया चौराहे पर होने वाली यह नागरिक एकत्रता पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी। इसमें किसी प्रकार की नारेबाजी या टकराव नहीं होगा। नागरिक केवल तथ्यों, सवालों और जिम्मेदारी के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

  इसी समय देश के 30 से अधिक शहरों में भी नागरिक इसी भावना के साथ एकत्र हो रहे हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता, जयपुर, अहमदाबाद, पुणे, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम प्रमुख हैं।

नागरिकों की प्रमुख अपेक्षाएं:

* सामुदायिक कुत्तों को बड़े पैमाने पर हटाने व बंद करने से जुड़े निर्देशों पर तत्काल रोक  
* किसी भी बड़े निर्णय से पहले पशु चिकित्सकों, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों, महामारी विशेषज्ञों और पर्यावरण वैज्ञानिकों की सार्थक सुनवाई  
* कानून के अनुसार ABC-ARV के समुचित, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन पर पुनः फोकस  

  आयोजकों का स्पष्ट कहना है कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के विरुद्ध नहीं, बल्कि वैज्ञानिक, जिम्मेदार और मानवीय तरीकों से सुरक्षा सुनिश्चित करने के पक्ष में एक नागरिक अपील है।

कार्यक्रम विवरण:
स्थान: पलासिया चौराहा, इंदौर  
समय: सुबह 10 बजे  
दिनांक: 4 जनवरी 2026

रिंगनोद का सर्वांगीण विकास ही हमारी प्राथमिकता - विधायक प्रताप ग्रेवाल,विधायक ग्रेवाल ने रिंगनोद एवं रतनपुरा मे विकास कार्यो का लोकार्पण किया




 

 सरदारपुर/धार । सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधीयो ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत रिंगनोद मे विभीन्न विकास कार्यो का लोकार्पण किया। जिसमे रिंगनोद के मोटाभाटा मोहल्ला मे 12.97 लाख की लागत से निर्मीत आंगनवाडी भवन निर्माण, मुस्लिम समाज कब्रस्तान मे 12.50 लाख की लागत से निर्मीत सभा हाल एवं रतनपुरा मे विधायक निधी से 5 लाख की लागत से निर्मीत सीमेन्ट कांक्रिट चैक निर्माण का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि रिंगनोद का सर्वांगीण विकास ही हमारी प्राथमिकता है मोटाभाटा मोहल्ला मे आंगनवाडी भवन निर्माण से आंगनवाडी संचालन मे सुविधा मिलेगी, मुस्लिम कब्रस्तान मे सभा हाल की मुस्लिम समाजजनो एवं रतनपुरा मे सीमेन्ट कांक्रिट चैक की सिर्वी समाजजनो की प्रमुख मांग थी जिसके पूर्ण होने से सामाजिक कार्यो मे सुविधा मिलेगी। ग्राम रतनपुरा मे सिर्वी समाजजनो द्वारा विधायक प्रताप ग्रेवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधीयो का साल श्रीफल भेटकर सम्मान किया गया एवं मुस्लिम कब्रस्तान मे समाजजनो द्वारा पुष्पमालाओ से स्वागत किया गया, कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम कब्रस्तान मे पौधारोपण किया गया।
   आयोजित कार्यक्रम मे वरिष्ठ नेता शंकरदास बैरागी, युवक कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष अर्जुन गेहलोत, भाजपा मण्डल अध्यक्ष आशीष जैन, सरपंच प्रतिनिधी प्रकाश मोर्य, उपसरपंच प्रतिनिधी ज्वाला सौलंकी, भानाजी कोटवाल, गोमाजी चैधरी, शंकर जमादारी, अजय चैयल, भुरालाल काग, सचिव अखिलेश मोलवा, पूर्व सरपंच दलपत पाल, काना निनामा, मुस्लिम समाज सदर काले खान, नायब सदर हाजी रहमत खान, हाजी मंजूर अली सैयद, हाजी आफताब मौहम्मद कुरैशी, असलम खान, अबरार खान, सरफराज कुरैशी, पंच राजु डामोर, नानसिंह सिंगार, भुवानसिंह आदि उपस्थित रहे।

अहमदाबाद की बेटी चाहत ठक्कर का हिंदी सिनेमा में बड़ा कदम, फ़िल्म ‘बेटी हैं तो सृष्टि हैं’ से करेंगी सशक्त शुरुआत

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अहमदाबाद की रचनात्मक धरती से निकलकर एक और युवा प्रतिभा अब हिंदी सिनेमा के राष्ट्रीय मंच पर कदम रखने जा रही है। शहर की होनहार कलाकार Chahat Thakkar जल्द ही अपनी पहली हिंदी फ़ीचर फ़िल्म Beti Hain Toh Srishti Hain के ज़रिये दर्शकों के सामने होंगी। यह फ़िल्म न केवल उनके करियर की शुरुआत है, बल्कि एक ऐसे सामाजिक विषय को भी उठाती है, जो आज के समय में व्यापक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

हिंदी सिनेमा में अहम भूमिका के साथ एंट्री

फ़िल्म बेटी हैं तो सृष्टि हैं में चाहत ठक्कर एक किशोर उम्र की लड़की का मुख्य किरदार निभाती नज़र आएंगी। यह भूमिका कहानी के भावनात्मक और वैचारिक ढांचे की धुरी मानी जा रही है। किसी भी नए कलाकार के लिए डेब्यू फ़िल्म में लीड रोल मिलना एक बड़ी उपलब्धि होती है, खासकर तब जब फ़िल्म सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हो।

फ़िल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चाहत का किरदार आज की उस युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है, जो सवाल भी पूछती है और बदलाव का रास्ता भी दिखाती है। यही कारण है कि यह भूमिका उनके अभिनय कौशल के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व को भी सामने लाने वाली मानी जा रही है।

मजबूत प्रोडक्शन और अनुभवी टीम

इस फ़िल्म का निर्माण Rajat Motion Film Production और Bluemoon Entertainment के बैनर तले किया जा रहा है। कहानी प्रसिद्ध लेखक S. M. Ahlaae द्वारा लिखी गई है, जिन्होंने सामाजिक विषयों पर आधारित कई चर्चित कहानियाँ लिखी हैं। निर्देशन की कमान अनुभवी फ़िल्मकार Raj Shri Ji ने संभाली है।

फ़िल्म में बॉलीवुड के कई वरिष्ठ और जाने-माने कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। हालांकि अभी पूरी स्टारकास्ट का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी से फ़िल्म को एक संतुलित और भरोसेमंद प्रस्तुति मिलने की उम्मीद की जा रही है।

बेटियों के महत्व पर आधारित संवेदनशील कहानी

बेटी हैं तो सृष्टि हैं का मूल संदेश समाज में बेटियों की भूमिका, उनके अधिकार और उनके महत्व को केंद्र में रखता है। फ़िल्म यह दिखाने का प्रयास करती है कि बेटियाँ केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की नींव हैं। कहानी भावनात्मक होने के साथ-साथ प्रेरणादायक भी है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।

फ़िल्म की टीम का दावा है कि कहानी को उपदेशात्मक बनाए बिना, रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े पात्रों और घटनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, ताकि दर्शक खुद को इससे जोड़ सकें।

मुंबई में पोस्टर लॉन्च से बनेगा माहौल

फ़िल्म का आधिकारिक पोस्टर जल्द ही मुंबई में लॉन्च किया जाएगा। इस मौके पर बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी रहने की संभावना है। पोस्टर लॉन्च इवेंट को लेकर पहले से ही फ़िल्म इंडस्ट्री में चर्चा शुरू हो चुकी है, क्योंकि इसी के साथ फ़िल्म की मार्केटिंग औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

चाहत ठक्कर के लिए यह इवेंट खास माना जा रहा है, क्योंकि यही वह मंच होगा जहां उनका औपचारिक परिचय हिंदी फ़िल्म जगत से होगा।

शूटिंग शेड्यूल और रिलीज़ प्लान

फ़िल्म के निर्माता Dr. Vijay के अनुसार, फ़िल्म की शूटिंग 25 अप्रैल से शुरू होगी। शूटिंग को कई चरणों में पूरा किया जाएगा और इसे साल के अंत तक रिलीज़ करने की योजना है। फ़िल्म को दिसंबर के अंत में देश के कई प्रमुख शहरों में एक साथ रिलीज़ किया जाएगा।

शूटिंग के लिए राजस्थान, मुंबई और कश्मीर के साथ-साथ मलेशिया और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय लोकेशन्स चुने गए हैं। इन विविध स्थानों से फ़िल्म को एक भव्य और वैश्विक स्तर का दृश्य स्वरूप मिलने की उम्मीद है।

अभिनय, नृत्य और मॉडलिंग से फ़िल्म तक का सफर

अहमदाबाद की रहने वाली चाहत ठक्कर इससे पहले भी अभिनय, डांस और मॉडलिंग के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। कम उम्र में ही उन्होंने कई मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है और स्थानीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनके प्रशिक्षकों के अनुसार, उनमें सीखने की ललक और अनुशासन शुरू से ही रहा है।

इस फ़िल्म तक चाहत की प्रतिभा को पहुंचाने का श्रेय Beena Vyas, Ajay Sir और SST Dance Studio को जाता है। वहीं, उनके अभिनय गुरु Abhilash Sir ने उनके अभिनय को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अहमदाबाद के लिए गर्व का क्षण

चाहत ठक्कर की यह उपलब्धि अहमदाबाद के सांस्कृतिक परिदृश्य के लिए भी खास मानी जा रही है। हाल के वर्षों में शहर से कई कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं और अब चाहत का नाम भी इसी सूची में जुड़ता दिखाई दे रहा है।

जैसे-जैसे बेटी हैं तो सृष्टि हैं की शूटिंग और प्रचार आगे बढ़ेगा, दर्शकों की उत्सुकता भी बढ़ेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सामाजिक फ़िल्म बॉक्स ऑफिस और दर्शकों के दिलों पर कितना असर डाल पाती है। फिलहाल, इतना तय है कि चाहत ठक्कर की यह शुरुआत नज़रअंदाज़ नहीं की जा सकती।