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बीमारी की सही पहचान से लेकर बेहतर इलाज तक सब कुछ: इंदौर में होने जा रही देश की प्रमुख डायग्नोस्टिक कॉन्फ्रेंस- काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026




 
- मध्य प्रदेश में पहली बार इस तरह का आयोजन
- डायग्नोस्टिक पेशेवरों और मरीजों दोनों के लिए ज्ञान और सुधार का अवसर
- कॉन्फ्रेंस के लिए सम्पूर्ण भारत से 1600 लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन 
- यह कॉन्फ्रेंस डायग्नोस्टिक के सभी विंग्स के लिए है, जो इसमें शामिल होकर बहुत कुछ सीख सकते हैं

  इंदौर : मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सेवा संगठनों के संघ (काहो/सीएएचओ) की प्रमुख डायग्नोस्टिक कॉन्फ्रेंस- काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026, लोकमाता देवी अहिल्या सभागृह (डीएवीवी), इंदौर, मध्य प्रदेश में 24 और 25 जनवरी, 2026 को आयोजित होने जा रही है। यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन देश में स्वास्थ्य जाँच और डायग्नोस्टिक्स की गुणवत्ता, सुरक्षा और नई तकनीकों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। अपने पाँचवें संस्करण में यह कॉन्फ्रेंस इस बात पर जोर देती है कि आज की हेल्थकेयर व्यवस्था में डायग्नोस्टिक्स की भूमिका कितनी अहम् है, क्योंकि करीब 70 प्रतिशत मेडिकल फैसले जाँच रिपोर्ट पर आधारित होते हैं। बढ़ते रोग मामलों, नई बीमारियों के सामने आने और समय पर सही इलाज की जरूरत को देखते हुए, बेहतर स्वास्थ्य परिणाम और सभी तक समान स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए मजबूत डायग्नोस्टिक सिस्टम बेहद जरूरी हो गया है।

   मध्य प्रदेश में इस तरह का आयोजन पहली बार होने जा रहा है, जिसमें हेल्थ डायग्नोस्टिक में पेशेंट सेफ्टी पर ज़ोर दिया गया है। काहो एनजीओ इंदौर में पहली बार इस तरह की कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रहा है। हॉस्पिटल्स में पेशेंट्स के लिए जो सेफ्टी मेज़र्स अपनाने चाहिए, उसके लिए यह एनजीओ प्रशिक्षण प्रदान करता है, वह भी पूरी तरह निःशुल्क, ताकि मरीज़ों के लिए सुरक्षित देखभाल बनी रहे। काहो यह आश्वासन देता है कि हर अस्पताल में डायग्नोस्टिक पेशेंट सेफ्टी की ट्रेनिंग निःशुल्क प्रदान की जाएगी। इस आयोजन के लिए सम्पूर्ण भारत से 1600 रजिस्ट्रेशंस प्राप्त हुए। यह कॉन्फ्रेंस डायग्नोस्टिक के सभी विंग्स के लिए है, ऐसे में सभी इसमें शामिल होकर बहुत कुछ सीख सकते हैं।

  डॉ. विनीता कोठारी, सेक्रेटरी, डायग्नोस्टिक डिवीज़न, कंसोर्शियम ऑफ एक्रेडिटेड हैल्थकेयर ऑर्गेनाइजेशंस; डॉ. डी पी लोकवानी, फाउंडर वाइस चांसलर, एमपी मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी डायरेक्टर, सुख सागर मेडिकल कॉलेज जबलपुर; और डॉ. अपर्णा जयराम, चेयरमैन, डायग्नोस्टिक डिवीज़न, कंसोर्शियम ऑफ एक्रेडिटेड हैल्थकेयर ऑर्गेनाइजेशंस, ने कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होकर मीडिया को सम्बोधित किया।

  यह कॉन्फ्रेंस मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सेवा संगठनों के संघ (काहो) के डायग्नोस्टिक्स डिवीजन द्वारा आयोजित की जा रही है। काहो एक प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन है, जो देशभर के अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर्स और क्वालिटी प्रोफेशनल्स के साथ मिलकर काम करता है। संगठन ट्रेनिंग प्रोग्राम, क्षमता बढ़ाने की पहल और बेहतर कार्यप्रणालियों के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्ता को मजबूत करता रहा है। सुरक्षा, मानकीकरण और लगातार सुधार पर ध्यान देते हुए, खासकर जमीनी और संस्थागत स्तर पर काहो भारत की हेल्थकेयर व्यवस्था को बेहतर बनाने और उसे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने में अहम् भूमिका निभा रहा है।

  काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 का थीम 'नैदानिक उत्कृष्टता के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को सशक्त बनाना' भारत सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं, जैसे- आयुष्मान भारत, यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, डिजिटल हेल्थ मिशन और आत्मनिर्भर भारत की सोच से जुड़ा है। यह कॉन्फ्रेंस इस बात पर जोर देती है कि सही और समय पर जाँच कैसे मेडिकल फैसलों को बेहतर बनाती है, बीमारी की रोकथाम में मदद करती है और हर नागरिक तक बेहतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने में अहम् भूमिका निभाती है।

   1,500 से अधिक हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक प्रोफेशनल्स, 100 से ज्यादा एक्सपर्ट फैकल्टी और स्पीकर्स तथा 70 से अधिक इंडस्ट्री एग्ज़िबिटर्स और पार्टनर्स की मौजूदगी के साथ काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 एक बड़ा राष्ट्रीय मंच बनकर उभरेगा। यह कॉन्फ्रेंस ज्ञान साझा करने, अनुभवों से सीखने और आपसी सहयोग को मजबूत करने का अवसर देती है। इसमें लैब मेडिसिन एक्सपर्ट्स, रेडियोलॉजिस्ट, मॉलीक्यूलर डायग्नोस्टिक्स विशेषज्ञ, पॉलिसी मेकर्स, रेगुलेटर्स, शिक्षाविद और इंडस्ट्री लीडर्स एक साथ आकर नई तकनीकों पर चर्चा करते हैं और डायग्नोस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के समाधान तलाशते हैं।

  काहो डायग्नोस्टिकॉन की एक खास पहचान इसका क्वालिटी, पेशेंट सेफ्टी और मान्यता पर मजबूत फोकस है। देशभर के हजारों डायग्नोस्टिक सेंटर्स और हेल्थकेयर संस्थानों के अनुभवों के आधार पर यह कॉन्फ्रेंस बेहतर कामकाज, ऑपरेशनल एफिशिएंसी, स्टाफ की दक्षता और जोखिम प्रबंधन से जुड़ी अच्छी प्रैक्टिसेस को आगे बढ़ाती है। यह पहल खासतौर पर दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करने में मदद करती है, ताकि पूरे देश में एक समान और भरोसेमंद जाँच सुविधाएँ लोगों तक पहुँच सकें।

  यह आयोजन मेगा डायग्नोस्टिक एक्सपो, प्रैक्टिकल प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स और देश के प्रमुख अस्पतालों में होने वाले लाइव टेक्नोलॉजी डेमो के जरिए नवाचार और इंडस्ट्री ग्रोथ को बढ़ावा देगा। इन पहलों के माध्यम से नई और एडवांस्ड जाँच तकनीकों को सामने लाया जाता है, देश में हो रहे रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहन मिलता है, मेडटेक और डायग्नोस्टिक्स स्टार्टअप्स को सपोर्ट मिलता है और भारत को किफायती व उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सॉल्यूशंस का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में काम किया जाता है।

  वर्ष 2021 में अपनी स्थापना के बाद से हैदराबाद, कोलकाता और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में सफल आयोजन कर चुकी काहो डायग्नोस्टिकॉन की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, इंदौर में होने वाला डायग्नोस्टिकॉन 2026 का पाँचवाँ संस्करण अपने स्तर, प्रभाव और राष्ट्रीय महत्व के लिहाज से एक अहम् पड़ाव माना जा रहा है। भारत के प्रमुख हेल्थकेयर क्वालिटी कॉन्फ्रेंस काहोकॉन से ठीक पहले आयोजित यह कॉन्फ्रेंस, डायग्नोस्टिक्स, क्वालिटी, सेफ्टी और हेल्थकेयर मैनेजमेंट को एक साथ जोड़कर बेहतर और मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के काहो के समग्र नजरिए को दर्शाती है।

   मध्य प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला, लोकसभा के माननीय सांसद श्री शंकर लालवानी, एनएबीएल के डॉ. संदीप शाह, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघाई और अमलतास मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अध्यक्ष श्री मयंकराज भदोरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनकी उपस्थिति निदान और स्वास्थ्य सेवा समुदाय के लिए प्रेरणादायक होगी और सरकार की गुणवत्तापूर्ण, टेक्नोलॉजी-आधारित और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।

  इस तरह, काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 सिर्फ एक पेशेवर कॉन्फ्रेंस नहीं है, बल्कि यह भारत में स्वास्थ्य निदान के भविष्य को आकार देने और एक समावेशी, सुदृढ़ और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की नींव मजबूत करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रीय पहल के रूप में उभर रही है।

दिल्ली-एनसीआर में पहली बार बड़े पैमाने पर होगा 'रंगीला बिहार', पवन सिंह करेंगे अगुवाई

दिल्ली-एनसीआर, भारत

भोजपुरी संगीत और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को एक नए मंच पर प्रस्तुत करने जा रहा ‘रंगीला बिहार’ इस फरवरी दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन राजधानी क्षेत्र में इस पैमाने का पहला टिकटेड भोजपुरी लाइव इवेंट होगा, जिसमें संगीत, प्रस्तुति और सांस्कृतिक उत्सव एक साथ देखने को मिलेगा।
Rangeela Events के अंतर्गत तैयार किया गया ‘रंगीला बिहार’ एक ऐसा लाइव-इवेंट कॉन्सेप्ट है, जिसका उद्देश्य भोजपुरी संगीत और संस्कृति को बड़े स्तर पर, आधुनिक प्रस्तुति के साथ दर्शकों तक पहुँचाना है।

इस आयोजन के पहले संस्करण की अगुवाई भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार पवन सिंह करेंगे। उनके साथ मंच पर श्वेता महारा, विनय तिवारी और खुशी कक्कड़ भी अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे, जिससे यह आयोजन भोजपुरी संगीत की विविधता और लोकप्रियता को एक साथ सामने लाएगा।

आयोजन को लेकर पवन सिंह ने कहा, “रंगीला बिहार सिर्फ़ एक कॉन्सर्ट नहीं है, यह हमारी जड़ों और हमारी संस्कृति के सफ़र का उत्सव है।”

‘रंगीला बिहार’ का उद्देश्य केवल एक संगीत कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि एक ऐसा सांस्कृतिक मंच तैयार करना है, जहाँ दिल्ली-एनसीआर में रहने वाला भोजपुरी-भाषी समुदाय अपनी पहचान और जुड़ाव को महसूस कर सके, और नई पीढ़ी को भी भोजपुरी संगीत और संस्कृति से जोड़ सके।

‘रंगीला बिहार’ का पहला संस्करण 21 फरवरी 2026 को दिल्ली-एनसीआर में आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन के टिकट केवल RangeelaEvents.com पर उपलब्ध होंगे।

 
रंगीला बिहार के बारे में
‘रंगीला बिहार’ एक लाइव-इवेंट कॉन्सेप्ट है, जिसे भविष्य में एक नियमित सांस्कृतिक मंच के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य बिहार की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और भोजपुरी संगीत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।

इस आयोजन की परिकल्पना और क्यूरेशन Fourth Wall द्वारा की गई है, जो संस्कृति, मीडिया और लाइव अनुभवों के क्षेत्र में कार्यरत एक बहु-विषयक समूह है।
 

कपिवा ने आयुर्वेद को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में 50 करोड़ रुपये का इनोवेशन फंड लॉन्च किया

बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत

मिलेनियल्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया आधुनिक और समग्र आयुर्वेदिक ब्रांड कपिवा ने आज कपिवा इनोवेशन फंड के लॉन्च की घोषणा की। 50 करोड़ रुपये तक के इस फंड के माध्यम से कंपनी का उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में रिसर्च, इनोवेशन और वैज्ञानिक प्रमाणिकता को मज़बूत करना है। यह फंड शैक्षणिक संस्थानों, रिसर्च लैब्स, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को सहयोग प्रदान करेगा, ताकि आयुर्वेदिक समाधान आधुनिक वैज्ञानिक और क्लिनिकल मानकों के अनुरूप विकसित किए जा सकें।


इस पहल के ज़रिये कपिवा एक ऐसा आयुर्वेदिक रिसर्च इकोसिस्टम तैयार करना चाहता है, जो वैश्विक फार्मास्युटिकल मानकों के समकक्ष हो। यह फंड नए फॉर्मुलेशन्स, स्टैंडर्डाइजेशन, फाइटोकेमिस्ट्री, आयुर्वेद में एआई के उपयोग, प्री-क्लिनिकल और क्लिनिकल स्टडीज़, नई एक्सट्रैक्शन टेक्नोलॉजी, बायोएक्टिव एन्हांसमेंट तथा टेक-आधारित वेलनेस मॉडल्स जैसे क्षेत्रों में कार्यरत प्रोजेक्ट्स को समर्थन देगा।

 इस फंड के लिए रिसर्च संस्थान, पीएचडी स्कॉलर्स, डॉक्टर, अस्पताल, शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स आवेदन कर सकते हैं, जो आयुर्वेद, प्लांट-बेस्ड थैरेप्यूटिक्स या इंटीग्रेटिव हेल्थ से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय हों।

कपिवा इनोवेशन फंड को इस तरह संरचित किया गया है कि वह रिसर्च के हर चरण में सहयोग प्रदान कर सके—चाहे कोई प्रोजेक्ट शुरुआती शोध अवस्था में हो या व्यावसायिक लॉन्च के नज़दीक। चयनित प्रोजेक्ट्स को फंडिंग के साथ-साथ मेंटॉरशिप और क्लिनिकल संसाधनों का भी सहयोग मिलेगा, ताकि रिसर्च केवल सैद्धांतिक न रहे, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक और व्यावहारिक बदलाव ला सके।

इस फंड की घोषणा करते हुए कपिवा के फाउंडर अमेव शर्मा ने कहा, “लंबे समय तक आयुर्वेद को या तो केवल परंपरा के चश्मे से देखा गया, या फिर उसे आस्था तक सीमित कर दिया गया। हमारा मानना है कि आयुर्वेद का भविष्य परिणामों और वैज्ञानिक प्रमाणों से तय होगा। 50 करोड़ रुपये का यह फंड उसी भविष्य की दिशा में हमारा दीर्घकालिक निवेश है, जहाँ आयुर्वेदिक उत्पादों का विकास और परीक्षण आधुनिक दवाओं की तरह हो—लेकिन उनकी जड़ें भारतीय ज्ञान परंपरा में पूरी मजबूती से बनी रहें।”

कपिवा के चीफ इनोवेशन ऑफिसर डॉ. आर. गोविंदराजन ने कहा, “यदि आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा के समकक्ष स्थान दिलाना है, तो उसे भी उसी वैज्ञानिक अनुशासन और कठोर मानकों से गुजरना होगा। कपिवा में हम पहले से ही स्टैंडर्डाइज्ड एक्सट्रैक्ट्स, ह्यूमन ट्रायल्स और एआई-आधारित इनसाइट्स पर काम कर रहे हैं, जो हमारी फॉर्मुलेशन्स को दिशा देते हैं। कपिवा इनोवेशन फंड के माध्यम से हम शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और उद्यमियों के लिए अपना यह संपूर्ण इकोसिस्टम खोलना चाहते हैं—अपने संसाधन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञता साझा करना चाहते हैं—ताकि मज़बूत आयुर्वेदिक विज्ञान शोध-पत्रों से आगे बढ़कर वास्तविक उत्पादों का रूप ले सके और लाखों लोगों तक पहुँच सके।”

 कपिवा पहले से ही देश के सबसे उन्नत आयुर्वेद अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों में से एक संचालित कर रहा है। कंपनी एक समर्पित इन-हाउस रिसर्च टीम के साथ-साथ ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट तथा मणिपाल कॉलेज ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज़, मणिपाल हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

 वैज्ञानिक सख्ती और पारदर्शिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत कपिवा ने कच्चे माल से लेकर पैकेजिंग और अंतिम उत्पाद तक हर स्तर पर कड़े परीक्षण मानक लागू किए हैं। कंपनी के कई शिलाजीत आधारित उत्पाद, जिनमें शिलाजीत गोल्ड रेसिन भी शामिल है, पहले से ही सर्टिफिकेट ऑफ एनालिसिस के साथ उपलब्ध हैं। अब इन्हीं गुणवत्ता मानकों को चरणबद्ध तरीके से कपिवा के पूरे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विस्तारित किया जा रहा है।

 कपिवा इनोवेशन फंड के लिए आवेदन अब खुले हैं। इच्छुक शोधकर्ता, संस्थान और स्टार्टअप्स कपिवा की वेबसाइट पर उपलब्ध विशेष पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चयनित प्रस्तावों का मूल्यांकन वैज्ञानिक मजबूती, नवाचार, व्यावहारिकता तथा बड़े स्तर पर स्वास्थ्य परिणामों में सुधार की क्षमता जैसे मानकों के आधार पर कपिवा की आरएंडडी टीम और स्वतंत्र विषय-विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा।

 इच्छुक आवेदक innovation.kapiva.in पर जाकर फंड से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, अपना आवेदन जमा कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।
 

सरदारपुर में माँ माही माता प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव कल से, राजगढ़ से निकलेगी भव्य शोभायात्रा




 
 
   राजगढ़/सरदारपुर। माँ माही माता की असीम कृपा और प.पू. गुरुदेव श्री मंगलदासजी महाराज (बलदेव हनुमानजी) की प्रेरणा से कल, 24 जनवरी शनिवार को प्रातः 11 बजे भव्य नगर भ्रमण एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा राजगढ़ के प्रमुख मार्गों से प्रारंभ होकर सरदारपुर के मुख्य मार्गों से होती हुई माही तट पर पहुँचेगी।

विद्वानों के सानिध्य में होंगे अनुष्ठान

  महोत्सव में श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा का वाचन कथा प्रवक्ता श्री कमलकिशोरजी शर्मा (बेटमा) द्वारा किया जाएगा। यज्ञ की समस्त विधियाँ यज्ञाचार्य पं. श्री योगेशजी शर्मा (राऊ) के मार्गदर्शन में संपन्न होंगी, जबकि मंदिर के पुजारी श्री बजरंगदासजी (बरखेड़ा आश्रम) अपनी सेवाएँ देंगे।

नर्मदा जयंती पर कलश यात्रा और मण्डप प्रवेश

  रविवार 25 जनवरी को नर्मदा जयंती और गुप्त नवरात्रि के पावन पर्व पर हेमाद्री कर्म, भव्य कलश यात्रा और पंचांग कर्म के साथ मण्डप प्रवेश का आयोजन होगा। सोमवार 26 जनवरी को देव आह्वान के साथ स्थापना कथा का प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्य मूर्ति संस्कार और शिखर स्थापना

  मंगलवार 27 जनवरी को इस महोत्सव का मुख्य आयोजन 'माँ माही माता मूर्ति संस्कार' एवं शिखर स्थापना विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। इस दौरान गुप्त गौमुख स्थापना और श्री पंचकुण्डात्मक श्रीराम रामायण महायज्ञ के विशेष अनुष्ठान भी होंगे।

कथा एवं यज्ञ का समय 

  आयोजन के दौरान प्रतिदिन दोपहर 12 से 4 बजे तक कथा का वाचन होगा। यज्ञ का समय प्रतिदिन प्रातः 8 से 11 बजे एवं सायं 3 से 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।

प्रतिदिन रात्रि में सुंदरकाण्ड एवं भजन

  श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन रात्रि में विशेष सुंदरकाण्ड एवं भजनों का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का समापन 1 फरवरी को कथा विराम, यज्ञ पूर्णाहुति, संत समागम और विशाल भंडारे के साथ होगा।

आयोजक मंडल

  इस आयोजन के विनीत श्री रामपालकी सरकार, दादा नरखेड़ा ग्रुप, राज ऋषभ ग्रुप और सोनाणा खेतलाजी भेरुजी भक्त मंडल ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पधारने की अपील की है।

अहमदाबाद और दुबई में होगा ‘बेटी हैं तो सृष्टि हैं’ का पोस्टर लॉन्च और द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक, दो देशों में एक ही सांस्कृतिक आयोजन

भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रचनात्मक संवाद को मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल के तहत Ahmedabad और Dubai वर्ष 2026 में एक समान सांस्कृतिक आयोजन की मेजबानी करने जा रहे हैं। इस पहल के अंतर्गत हिंदी फीचर फिल्म बेटी हैं तो सृष्टि हैं का आधिकारिक पोस्टर लॉन्च और द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक का आयोजन दो अलग-अलग देशों में एक ही प्रारूप में किया जाएगा।

आयोजन की शुरुआत अहमदाबाद में 28 फरवरी 2026 को होगी, जबकि इसी कार्यक्रम का अंतरराष्ट्रीय संस्करण दुबई में 03 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह पहल सिनेमा, फैशन और सामाजिक सरोकारों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है, जिससे भारतीय रचनात्मक सोच को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सके।

दो शहर, एक साझा सांस्कृतिक दृष्टिकोण

इस दो-शहरी आयोजन को पारंपरिक कार्यक्रमों से अलग माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे सांस्कृतिक और फैशन इवेंट्स एक ही शहर तक सीमित रहते हैं। अहमदाबाद और दुबई में समान प्रारूप में कार्यक्रम आयोजित कर आयोजक यह संदेश देना चाहते हैं कि भारतीय सिनेमा और फैशन की सोच अब वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत की जा सकती है।

संस्कृति विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल कलाकारों और रचनाकारों को अंतरराष्ट्रीय दर्शक मिलते हैं, बल्कि शहरों की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है।

अहमदाबाद में 28 फरवरी को होगा पहला आयोजन

कार्यक्रम का पहला चरण अहमदाबाद में 28 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस दिन के आयोजन को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। दिन के समय बेटी हैं तो सृष्टि हैं फिल्म का आधिकारिक पोस्टर लॉन्च किया जाएगा, जबकि शाम के सत्र में द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक का फैशन शो आयोजित होगा।

आयोजकों के अनुसार, दोनों कार्यक्रम एक ही दिन आयोजित करने का उद्देश्य यह है कि सिनेमा और फैशन के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जा सके और विभिन्न रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोग एक साथ मंच साझा करें।

सामाजिक संदेश पर आधारित फिल्म का पोस्टर लॉन्च

बेटी हैं तो सृष्टि हैं फिल्म का पोस्टर लॉन्च केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद का मंच माना जा रहा है। यह फिल्म महिलाओं के सम्मान, बेटियों की गरिमा और समाज में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका जैसे विषयों पर आधारित है।

फिल्म के कास्ट और क्रू सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और मीडिया से संवाद करेंगे। चर्चा का केंद्र फिल्म की सोच, इसके निर्माण की प्रक्रिया और वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता रहने की संभावना है।

कलाकारों और राजनीतिक हस्तियों की संभावित भागीदारी

आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में बेटी हैं तो सृष्टि हैं के कास्ट और क्रू के साथ-साथ कई अभिनेता और अभिनेत्रियां भी शामिल होंगी। इसके अलावा, भारतीय राजनीतिक जगत से जुड़े कई प्रमुख नेताओं की उपस्थिति की संभावना है।

सूत्रों का कहना है कि दुबई में होने वाले आयोजन में विदेशों से भी कुछ राजनेता, अंतरराष्ट्रीय कलाकार और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म, फैशन और राजनीति से जुड़ी हस्तियों की मौजूदगी इस आयोजन को एक व्यापक सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान करती है।

द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक का अंतरराष्ट्रीय मंच

पोस्टर लॉन्च के बाद आयोजन का दूसरा प्रमुख आकर्षण द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक होगा। यह फैशन वीक एक राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य भारतीय डिजाइनरों और मॉडलों को वैश्विक अवसर प्रदान करना है।

अहमदाबाद में आयोजित फैशन शो के बाद, इसी प्रारूप में कार्यक्रम दुबई में 03 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। दुबई संस्करण को अंतरराष्ट्रीय फैशन बाजार के लिहाज से विशेष महत्व दिया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुति और भागीदारी

आयोजकों के अनुसार, फैशन वीक में भारत और विदेशों के डिजाइनर अपनी कलेक्शन प्रस्तुत करेंगे। रैंप पर भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मॉडल्स नजर आएंगे। दोनों शहरों में आयोजन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें पेशेवर कोरियोग्राफी, आधुनिक लाइटिंग और भव्य स्टेज डिजाइन शामिल होंगे।

फैशन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आयोजन उभरते शहरों के लिए फैशन इकोसिस्टम विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उभरते मॉडलों और डिजाइनरों को मिलेगा मंच

द रिन्यूअल रनवे फैशन वीक के दौरान चयनित मॉडलों और डिजाइनरों को विभिन्न खिताब और सम्मान प्रदान किए जाएंगे। अहमदाबाद में चुने गए प्रतिभागियों को दुबई में भी प्रस्तुति देने का अवसर मिल सकता है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मंच युवा प्रतिभाओं के लिए करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होते हैं।

मीडिया और अंतरराष्ट्रीय ध्यान की संभावना

अहमदाबाद और दुबई, दोनों शहरों में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की व्यापक मौजूदगी की उम्मीद है। इसके साथ ही डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस आयोजन को लेकर खासा ध्यान रहने की संभावना है।

संस्कृति विश्लेषकों का मानना है कि दो देशों में एक ही आयोजन का आयोजन करना भारतीय रचनात्मक उद्योग के लिए एक रणनीतिक कदम है, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा दे सकता है।

सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की पहल

28 फरवरी 2026 को अहमदाबाद और 03 अप्रैल 2026 को दुबई में होने वाला यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। यह सिनेमा, फैशन और सामाजिक सरोकारों को जोड़ते हुए भारत की रचनात्मक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दो-शहरी और दो-देशीय आयोजन भविष्य में सांस्कृतिक कूटनीति का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं, जिससे भारतीय कहानियों और प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।


चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने लॉन्च किया भारत का पहला 'एआई फेस्ट – 2026'; रजिस्ट्रेशन पोर्टल किया लॉन्च

चंडीगढ़, भारत

युवा इनोवेटर्स को सशक्त बनाने, क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने और प्रभावी विचारों (आइडियाज़) को टेक्नोलॉजी-आधारित, रियल-वर्ल्ड सॉल्यूशन में बदलने के लिए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत का पहला एआई फेस्ट लॉन्च किया। इस तीन तीन दिवसीय मेगा इनोवेशन पहल में तीन फ्लैगशिप प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जिनमें ‘‘सीयू इन्नोवफेस्ट 2026’, कैंपस टैंक और सैंडबॉक्स शामिल हैं। यह फेस्ट 19 से 21 फरवरी तक नई दिल्ली में होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। एआई-आधारित स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योरियल टैलेंट के लिए एक नेशनल लॉन्चपैड के रूप में देखे जा रहे इस फेस्ट का मकसद मेंटरशिप, इंडस्ट्री एक्सपोजर, फंडिंग के रास्ते और इनक्यूबेशन सपोर्ट देकर आइडिया जेनरेशन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मार्केट-रेडी सॉल्यूशन के बीच के अंतर को भरना है। एआई, डीप टेक और उभरती टेक्नोलॉजी में इनोवेशन को बढ़ावा देकर, यह अपनी तरह की पहली पहल है जो स्केलेबल स्टार्टअप को बढ़ावा देने, समाज और इंडस्ट्री की चुनौतियों का समाधान करने और सस्टेनेबल, इनोवेशन-आधारित आर्थिक विकास के माध्यम से विकसित भारत के विजन को साकार करने में योगदान देने का लक्ष्य रखती है।
फेस्ट का उद्घाटन एटोस सॉल्यूशंस एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ उमर अली शेख और राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान मौजूद गणमान्य व्यक्तियों ने सीयू इनोवफेस्ट 2026 के आधिकारिक मास्कॉट (शुभंकर) ‘इनोवबॉट’ (InnovBot) को भी लॉन्च किया गया, जो इनोवेशन, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और भविष्य-निर्माण की विज़न का प्रतीक है। फेस्ट में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। इच्छुक उम्मीदवार www.cuchd.in/innovfest-2026/ पर रजिस्टर कर सकते हैं।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा लॉन्च किया गया एआई फेस्ट एआई, डीप-टेक, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और दूसरे उभरते हुए फील्ड्स में भावी पीढ़ी को इनोवेशन के प्रति प्रेरित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस फेस्ट में तीन कैटेगरी में 35 से ज़्यादा कॉम्पिटिशन होंगे, जिनमें देश भर से 1,000 से ज़्यादा नेशनल और इंटरनेशनल टीमें भाग लेंगी। 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा के कुल प्राइज़ पूल के साथ, विजेता टीमों को नकद पुरस्कार और उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह फेस्ट इमर्सिव हैकाथॉन, इनोवेशन चैलेंज, एक्सपर्ट पैनल डिस्कशन, स्किल-ड्रिवन वर्कशॉप और कोलैबोरेटिव सेशन के ज़रिए असरदार आइडिया के लिए एक लॉन्चपैड का काम करेगा। यह इनोवेशन, एक्सपेरिमेंटेशन और इंटरडिसिप्लिनरी कोलैबोरेशन की संस्कृति को बढ़ावा देगा।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा मेज़बानी किए जा रहे भारत के पहले एआई फेस्ट के तहत कैंपस टैंक इवेंट का नेशनल फिनाले होगा, जिसका उद्देश्य यूनिवर्सिटी संचालित स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है, जिनमें एआई , डीप-टेक, हेल्थकेयर और दूसरे उभरते हुए फील्ड में शामिल हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने भारतीय यूनिकॉर्न एवं प्रोफेशनल जॉब नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म 'अपना' और भारत के टॉप स्टार्टअप इनक्यूबेटर 'वेंचर कैटलिस्ट्स' (वीकैट्स) के साथ मिलकर अगस्त 2025 में कैंपस टैंक लॉन्च किया था, जिसमें 6 मिलियन डॉलर के फंडिंग पूल तक पहुंच संभव बनाई। कैंपस टैंक के लिए कुल 1055 स्टार्ट-अप आवदेन मिले, जिनमें से 331 स्टार्टअप्स को ऑन-कैंपस राउंड में हिस्सा लेने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। 21 फरवरी को होने वाले फिनाले में टॉप 10 टीमों के बीच फाइनल पिच कॉम्पिटिशन होगा।

एआई फेस्ट 2026 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (CU TBI) द्वारा आयोजित सैंडबॉक्स भी होगा जो एक ओपन इनोवेशन प्लेटफॉर्म है जो स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप्स और इंडिपेंडेंट इनोवेटर्स को हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करता है। एआई फेस्ट 2026 के दौरान, युवा इनोवेटर्स अपने नए प्रोडक्ट्स और आइडियाज़ दिखाएंगे। सीयू-टीबीआई फाइनल 10 शॉर्टलिस्टेड टीमों को सम्मानित करेगा ताकि एक डीप-टेक और एआई आधारित कोहोर्ट को औपचारिक किया जाएगा। 

 लॉन्च के दौरान छात्रों को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एटोस सॉल्यूशंस और सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ उमर अली शेख ने कहा, “बिजनेस और इनोवेशन में सफल होने के लिएआत्मविश्वास, उद्देश्य और निरंतर सीखने की इच्छा सबसे अहम हैं। केवल कौशल पर्याप्त नहीं, बल्कि भीतर से आने वाली इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीवन और इनोवेशन मैराथन हैं, स्प्रिंट नहीं, जहां धैर्य, निरंतरता और फोकस आवश्यक हैं। टेक्नोलॉजी और एआई लगातार बदल रहे हैं, इसलिए अपनी स्किल्स और सॉल्यूशंस अपडेट बनाए रखने के लिए लगातार सीखते रहें।”

 शेख ने आगे कहा, “कॉम्पिटिशन में करुणा का तालमेल ज़रूर करें। यही दृष्टिकोण इनोवेशन को दीर्घकालिक और सार्थक बनाता है। भारत एआई टैलेंट में ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है, जो देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था में सबसे अग्रणी बना रहा है। 2030 तक, एआई इकोसिस्टम से लाखों नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, जो आर्थिक विस्तार और राष्ट्रीय विकास पर एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करता है। लेकिन एआई एक सहायक है, रिप्लेसमेंट नहीं। यह हमें तेज़ी से और स्मार्ट तरीके से काम करने में मदद करता है, लेकिन मानवीय बुद्धिमत्ता का विकल्प नहीं है। एआई का समझदारी से इस्तेमाल करें, ऐसी स्किल्स और सोच विकसित करें जो आपको समाज और इंडस्ट्री के लिए मूल्यवान योगदानकर्ता बनाए।” उन्होंने छात्रों को सन्देश देते हुए कहा कि इनोवेशन में उद्देश्य, प्रभाव और नैतिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दें। इनोवेटर्स के तौर पर, आपको सही रास्ते पर रहने और सीखने पर ध्यान देना चाहिए। खुद को एक मूल्यवान योगदानकर्ता बनाये , न कि सिर्फ़ एक चीज़। अपनी स्किल्स पर गर्व करें, दुनिया में बदलाव लाने की अपनी काबिलियत पर विश्वास कर दुनिया को दिखाएं कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के भारत के AI टैलेंट सिर्फ़ आईटी सपोर्ट नहीं, बल्कि असल दुनिया पर प्रभाव डालने में सक्षम हैं।"

राज्यसभा सांसद और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा, “19 फरवरी को दिल्ली में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के विज़न के अनुरूप चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी विकसित भारत के लक्ष्य को गति और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए भारत का पहला एआई फेस्ट लॉन्च किया है। 2047 तक विकसित भारत के विज़न को हासिल करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एक अहम भूमिका होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को विकसित भारत के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माना है। इस राष्ट्रीय विज़न को साकार करने में युवा और टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लगातार टेक्नोलॉजी-आधारित पहल कर रही है ताकि युवाओं में इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा सके और उनमें उद्यमशीलता की सोच विकसित की जा सके। भारत का पहला एआई फेस्ट इसी प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है। जिस तरह एआई इम्पैक्ट समिट 'एआई फॉर ऑल' एजेंडा के तहत लोग, पृथ्वी और प्रगति के तीन सूत्रों (बुनियादी स्तंभों) से निर्देशित है, उसी तरह सीयू में एआई फेस्ट , युवाओं को सामाजिक हित में एआई के उपयोग के लिए प्रेरित करेगा।"

फेस्ट से जुड़ी जानकारियां साझा करते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर दीपइंदर सिंह संधू ने कहा, “एआई फेस्ट 2026 एआई इनोवेशन और उसके प्रभाव के लिए भारत का प्रमुख संगम है, जो देशभर से उत्साही छात्र इनोवेटर्स को एक मंच पर लाकर सृजन, सहयोग और ब्रेकथ्रू थिंकिंग का एक प्रभावी इकोसिस्टम तैयार करता है। यह प्लेटफॉर्म आइडिया और उनके क्रियान्वयन के बीचके अंतर को समाप्त करता है, जिससे युवा इनोवेटर्स कॉन्सेप्ट्स को स्केलेबल, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन रियल-वर्ल्ड सॉल्यूशंस में बदल सकें। एआई फेस्ट 2026 एक विकसित भारत के लिए टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट और सामाजिक बदलाव लाने में सक्षम भविष्य के लिए तैयार इनोवेटर्स को तैयार करने के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता दर्शाता है। अपने बड़े पैमाने, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और इनोवेशन-ड्रिवन फोकस के साथ, एआई फेस्ट 2026 इनोवेशन, क्रिएटिविटी और फ्यूचर रेडी टैलेंट को बढ़ावा देने के लिए भारत के सबसे प्रभावशाली यूनिवर्सिटी-आधारित प्लेटफॉर्म के रूप में उभरने के लिए तैयार है।”

इनोवफेस्ट 2026 के सभी 35 कॉन्टेस्ट पाँच स्ट्रेटेजिक पिलर्स पर केंद्रित हैं, जिनमें डीप टेक और इंटेलिजेंट सिस्टम, गवर्नेंस, लॉ और नेशनल रेजिलिएंस, इनोवेशन लेड मार्केट और लीडरशिप, एडवांस्ड इंजीनियरिंग, डिज़ाइन और फिजिकल सिस्टम, क्रिएटिविटी, डिज़ाइन थिंकिंग और ह्यूमन एक्सप्रेशन शामिल हैं।

 फेस्ट में हिस्सा लेने वालों को दुनिया की अग्रणी एनालिटिक्स और डेटा साइंस सॉफ्टवेयर कंपनी एसएएस (SAS) से ग्लोबली मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन पाने का मौका भी मिलेगा, जिसके सर्टिफिकेशन बेनिफिट्स की कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अलावा, सबसे अच्छे स्टार्टअप आइडिया पेश करने वाले को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी – टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (CU-TBI) में इनक्यूबेट करने के लिए फंडिंग के मौके मिलेंगे, साथ ही अपने वेंचर को सफलतापूर्वक लॉन्च करने और बढ़ाने के लिए लगातार मेंटरशिप और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट भी मिलेगा। इसके अलावा, हिस्सा लेने वालों को स्कोपस इंडेक्स्ड पब्लिकेशन और पेटेंट फाइलिंग के लिए टेक्निकल और वित्तीय सहायता भी प्राप्त होगी। सीयू इन्नोवफेस्ट 2026 का आयोजन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मेटा, क्राफ्टन, अल्टियम, सैमसंग, कठपुतली और आईजीडीसी (IGDC) जैसे प्रमुख इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से किया जा रहा है।

 स्टार इवेंट्स कैटेगरी के तहत, 'एआई हैक मैट्रिक्स – एआई फॉर गुड: सॉल्यूशंस' फॉर सोशल इम्पैक्ट, एक 24 घंटे का हैकाथॉन होगा जो सामाजिक चुनौतियों के लिए AI-पावर्ड सॉल्यूशंस डेवलप करने पर केंद्रित होगा, जिसमें 1.5 लाख रुपये के इनाम दिए जाएंगे। जेनेसिस-X में प्रतिभागियों को 36 घंटे के अंदर एआई-संचालित गेम्स विकसित करने की चुनौती होगी, जिसमें 2.5 लाख की पुरस्कार राशि दी जायेगी। 'रेजिलिएंट इंडिया–एक विकसित भारत की ओर एक पुल' में फोटोग्राफी, डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकिंग और पॉलिसी ड्राफ्टिंग के कॉम्पिटिशन होंगे, जिनकी कुल पुरस्कार राशि 6 लाख रुपये से अधिक होगी। एपेक्स एड स्प्रिंट ब्रांड-बिल्डिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजी के ज़रिए मार्केटिंग इनोवेशन पर फोकस करेगा, जिसमें 3 लाख रुपये तक के इनाम दिए जाएंगे।

 एपेक्स एड स्प्रिंट ब्रांड-बिल्डिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजी के ज़रिए मार्केटिंग इनोवेशन पर फोकस करेगा, जिसमें 3 लाख रुपये तक के इनाम दिए जाएंगे। फ्लैगशिप इवेंट्स कैटेगरी के तहत, ड्रोन फोर्ज में छात्र सीमित समय में ड्रोन का डिज़ाइन, निर्माण और उड़ान प्रदर्शन करेंगे, जिसके लिए 1 लाख रुपये का प्राइज़ पूल होगा। पीसीबी इनोवेटेक्स, जो अल्टियम (Altium) के के सहयोग से एक वर्कशॉप और डिज़ाइन चैलेंज है, पीसीबी डिज़ाइन पर फोकस करेगा, जिसमें 4.45 लाख रुपये के इनाम होंगे।

 
देश भर में होने वाले मूट कोर्ट कॉम्पिटिशन में देश भर के लॉ छात्र हिस्सा लेकर कुल 2.17 लाख रुपये की पुरस्कार राशि के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। एक सहयोगात्मक थीम आधारित मैप-मेकिंग प्रतियोगिता, मैपाथॉन में 3.5 लाख, जबकि हार्डवेयर और प्रोटोटाइप विकास पर केंद्रित कॉम्पिटिशन प्रोटोवार (ProtoWar) में 1.5 लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। केसवर्स – केस स्टडीज़ एंड सिमुलेशन, जिसे हार्वर्ड बिज़नेस पब्लिशिंग एजुकेशन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, एक एकेडमिक-इंडस्ट्री इंटरफ़ेस है, जो ‘सस्टेनेबल बिज़नेस सॉल्यूशंस के लिए एआई का उपयोग’ विषय पर आधारित है। यह कॉम्पिटिशन प्रतिभागियों को रियल वर्ल्ड के मुश्किल बिज़नेस कठिनाइयों के विषय में बताएगी, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी एक-दूसरे से जुड़ते हैं। इसमें 60,000 रुपये का प्राइज पूल है।

 
कोर इवेंट्स कैटेगरी के तहत, प्रतिभागी होवरमेनिया, शेफ डे कैंपस, PHYSX फ्यूजन, शेल्टर जीनियस, रोबोटिक्स स्किल्स चैलेंज, वर्चुअल पेशेंट जर्नी चैलेंज, AI क्वेस्ट, कोडरिप्ले, टेककॉउचर, वैनिटी कप, मिलेटवर्स, इनोवेटिव हेल्दी स्ट्रीट फूड, वेल्थक्राफ्ट चैलेंज, थिंक लाइक एन इकोनॉमिस्ट, बायो-सर्कुलर इनोवेशन स्प्रिंट, कॉनफ्लोट, टेक4 एसडीजी आइडियाथॉन, एपेक्स एनर्जी एआई समिट, इटिनररी इनोवेटर चैलेंज, रिवीलिंग द इनविजिबल: इंस्ट्रूमेंटल केमिस्ट्री इन एनवायरनमेंटल मॉनिटरिंग , फार्मा मंथन, फ्यूचर बिल्ड इनोवेशन पिच कॉम्पिटिशन, टेक फॉर ट्रूथ – एआई इन क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एंड बियॉन्ड और लर्निंग कार्निवल सहित कई तरह के क्रिएटिव और टेक्निकल इवेंट्स में भी हिस्सा लेंगे।

 
एआई फेस्ट 2026 की विशेषताएं :

कैंपस टैंक – भारत का पहला यूनिवर्सिटी संचालित स्टार्टअप लॉन्चपैड जो प्रभावशाली, इनोवेशन-संचालित वेंचर को सपोर्ट करने के लिए 6 मिलियन की पूल फंडिंग का अवसर देता है।

सैंडबॉक्स – एक ओपन, बिना उम्र सीमा वाला इनोवेशन प्लेटफॉर्म है जहाँ 10 चुनी हुई टीमें एक संरचित स्टार्टअप कोहोर्ट के तहत एआई और डीप-टेक सॉल्यूशन पर काम करेंगी।

इनोवफेस्ट: 1,000 से ज़्यादा नेशनल और इंटरनेशनल टीमें तीन कैटेगरी में 35 कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेंगी, जिनमें 1 करोड़ की पुरस्कार राशि मिलेगी।

प्रतिभागियों को 1 करोड़ से ज़्यादा के वैश्विक मान्यता प्राप्त एसएएस और अन्य प्रतिष्ठित सर्टिफिकेशन जीतने का अवसर

एआई हैक मैट्रिक्स – 24 घंटे के नॉन-स्टॉप एआई फॉर गुड, हैकाथॉन में टॉप तीन टीमों को 1.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि

PCB इनोवेटेक्स: एलटियम के साथ मिलकर एक पीसीबी डिज़ाइन वर्कशॉप और चैलेंज, जिसमें 4.45 लाख रुपये की पुरस्कार राशि है।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा सबसे प्रभावी स्टार्टअप आइडिया को हैंडहोल्डिंग, फंडिंग और इनक्यूबेशन सपोर्ट।

जेनेसिस-X: 36 घंटे का फ्लैगशिप चैलेंज जहाँ टीमें एआई -पावर्ड गेम्स डेवलप कर, जीतेगी 2.5 लाख का इनाम।

रेजिलिएंट इंडिया: एक मल्टीडिसिप्लिनरी कॉम्पिटिशन जो फोटोग्राफी, आपदा जागरूकता, डॉक्यूमेंट्री और पॉलिसी ड्राफ्टिंग पर केंद्रित होगा, जिसमें 2.5 लाख रुपये से ज़्यादा के पुरस्कार मिलेंगे

एपेक्स और स्प्रिंट: एक प्रीमियर मार्केटिंग चैलेंज है, जहाँ टीमें ब्रांडिंग स्किल्स दिखाकर, 3 लाख रुपये के इनाम जीतेंगी।

 
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बारे में

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक NAAC A+ ग्रेड और क्यूएस वर्ल्ड (QS World) रैंक धारक यूनिवर्सिटी है। यूजीसी द्वारा मान्य यह स्वायत्त शैक्षणिक संस्थान पंजाब राज्य में चंडीगढ़ के पास स्थित है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत की सबसे यंगेस्ट तथा पंजाब की एकमात्र प्राइवेट यूनिवर्सिटी है, जिसे NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद) द्वारा A+ ग्रेड से सम्मानित किया गया है। यूनिवर्सिटी विभिन्न क्षेत्रों में 109 से अधिक अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम प्रदान करती है, जिनमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, लॉ, आर्किटेक्चर, जर्नालिज्म, एनीमेशन, होटल मैनेजमेंट, और कॉमर्स शामिल हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट रिकॉर्ड बना कर वर्ल्ड कंसल्टिंग एंड रिसर्च कारपोरेशन (डब्ल्यूसीआरसी) द्वारा पुरस्कारित ''यूनिवर्सिटी विद बेस्ट प्लेसमेंट'' अवार्ड को भी अपने नाम किया है।

Website: www.cuchd.in.
 

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित हुआ




 
 राजगढ़ /धार। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, कंचन हास्पिटल राजगढ़ एवं धार जिला अंधत्व निवारण समिति के संयुक्त तत्वावधान में चोइथराम नेत्रालय के सहयोग से मोतियाबिंद परीक्षण एवं लैंस प्रत्यारोपण शिविर वरिष्ठ चिकित्सक एवं धार जिला चिकित्सा प्रभारी माननीय डॉ श्री एम एल जैन साहब के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ हुआ। धार जिला अध्यक्ष योगेन्द्र तिवारी ने बताया कि इस शिविर में 110 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। परीक्षण नेत्र चिकित्सा सहायक श्रीमती ममता पाराशर द्वारा किया गया। 26 मरीजों में मोतियाबिंद पाया गया तथा मरीजों को निःशुल्क आपरेशन एवं लैंस प्रत्यारोपण हेतु बस द्वारा चोइथराम नेत्रालय इंदौर भेजा गया। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय संयोजक प्रेम कुमार वैद्य, संभाग अध्यक्ष महेश कुमार वर्मा, प्रवीण कुमार शर्मा धार जिला विधी प्रभारी, श्रीमती सीता शर्मा, राजेन्द्र दुबे, झमकलाल मारु, बुद्धेसिंह जी पांडर, रामसिंह जी देवड़ा, भारत सिंह खराड़ी आदि उपस्थित थे। शिविर के पश्चात धार जिला कार्यकारिणी की मीटिंग रखी गई, जिसमें नशामुक्ति अभियान एवं स्वच्छता जागरुकता अभियान प्रत्येक माह किए जाने पर सहमति बनी।