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शहादत दिवस पर “कौन थे वो लोग” कविता में जमशेदपुर की कवयित्री रीना सिन्हा ने क्रांतिकारियों का साहस दिखाकर युवा पीढ़ी को प्रेरित किया

 

कौन थे वो लोग – शहादत दिवस पर विशेष

शहीद भगत सिंह की याद में कविता ने जगाई देशभक्ति की भावना

23 मार्च को पूरे देश में शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत को याद किया गया। इस अवसर पर कई साहित्यिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जहाँ देशभक्ति से ओतप्रोत कविताओं और लेखों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया गया। इसी क्रम में कवयित्री रीना सिन्हा "सलोनी" की कविता "कौन थे वो लोग" विशेष रूप से चर्चा में रही।

कविता में उन क्रांतिकारियों के संघर्ष को दर्शाया गया है, जो जेल की काल कोठरियों में भी अपने विचारों को जिंदा रखते थे। यह रचना आज की पीढ़ी को यह संदेश देती है कि आजादी अनगिनत बलिदानों का परिणाम है।

पढ़िए पूरी कविता:

कौन थे वो लोग कौन थे वो लोग जो कैद में भी लिखते रहे जेल की दीवारों पर अपनी नाखूनों से खुरच खुरच कर क्रांतिकारी कविताएँ… वो कौन लोग थे जो खाना पानी नहीं काग़ज़ कलम और अखबार माँगा करते जो लिखते थे ख़त देशवासियों के नाम, और पहुँच जाते थे दूर गांवों और शहरों में विचारों का तूफान बनकर… वो कैसे बंदी थे जिनसे डरती थीं सरकारें और हुक्मरान, जिन्हें चुप करने को पूरा सिस्टम चीख उठा था, वो कौन लोग थे जिनकी बातें ही नहीं चुप्पी भी सुनी जाती थी सात समंदर पार तक… वो कैसे लोग थे जिन्हें उपवास से मिलती थी ताक़त, और जिनके मुँह में कौर ठूसने को जेलर और सिपाही लगा देते थे पूरा जोर वो कौन लोग थे जिनके बमों की धमक से हिल जाती थी ब्रिटिश हुकूमत की नींव… कौन थे वो लोग जो भरी जवानी में छोड़ आए अपना घर, गाँव, परिवार, जिनकी दुल्हन आज़ादी थी, जिन्हें अपनी माँ की नहीं भारत माँ की फिक्र थी… वो कौन थे जिन्हें दे दी गई फाँसी चुपचाप आधी रात को, जो फंदे को चूमकर झूल गए हँसते हुए, वो कौन थे जिनकी लाशों से इतनी भयभीत थी सरकार कि उन्हें टुकड़ों में काटकर जला दिया गया चुपचाप… वो कैसे लोग थे जो जेल में क़ैद होकर भी मुक्त थे, वो कौन लोग हैं जो मर कर भी नहीं मरे, वो लोग भी आम ही थे बस इतनी ही खासियत रही उनमें वो झुके नहीं, टूटे नहीं आखिरी साँस तक ….
~ रीना सिन्हा "सलोनी"

द लीजेंड ऑफ़ उधम सिंह, भावनात्मक और प्रेरणादायक कहानी ने जीता दर्शकों का दिल

 

वसीम अमरोही के दमदार अभिनय और सशक्त निर्देशन ने फ़िल्म को बनाया प्रभावशाली, वेव्स ओटीटी पर देशभक्ति कंटेंट की मजबूत पेशकश

देशभक्ति पर आधारित फ़िल्म द लीजेंड ऑफ़ उधम सिंह दर्शकों के सामने एक सशक्त और भावनात्मक कहानी पेश करती है। यह फिल्म बिना किसी अनावश्यक जटिलता के सीधे अपने मूल विषय पर केंद्रित रहती है, जिससे इसकी कहानी और भी प्रभावशाली बन जाती है। दर्शकों को एक ऐसी यात्रा पर ले जाया जाता है जो गहराई से जुड़ाव और गर्व की भावना पैदा करती है। वेव्स ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म लगातार देशभक्ति से जुड़ी कहानियों को बढ़ावा दे रहा है, और यह फिल्म उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। इस तरह की सार्थक फिल्मों के माध्यम से प्लेटफ़ॉर्म न केवल इतिहास को जीवंत करता है, बल्कि युवा दर्शकों को भी आकर्षित करने में सफल होता दिख रहा है। अगर इसी तरह का कंटेंट जारी रहा, तो यह बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को कड़ी टक्कर दे सकता है।

फ़िल्म में वसीम अमरोही ने मुख्य भूमिका निभाई है और उनका अभिनय संतुलित और प्रभावशाली है। उन्होंने उधम सिंह के किरदार को बेहद सादगी और दृढ़ता के साथ प्रस्तुत किया है। बिना किसी अतिशयोक्ति के, उनका प्रदर्शन कहानी को मजबूती देता है और दर्शकों को किरदार से जोड़ता है। कहानी का भावनात्मक केंद्र जलियांवाला बाग नरसंहार की घटना है, जिसने उधम सिंह के जीवन को गहराई से प्रभावित किया। फिल्म इस ऐतिहासिक घटना के असर को संवेदनशीलता के साथ दिखाती है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनती है। कई दृश्य दर्शकों को भावुक कर देते हैं और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।

सहायक कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों के साथ कहानी को मजबूती दी है। अफ़सर अमरोही और ख़ुशबू खान ने सधी हुई एक्टिंग की है, जबकि राजेश दुबेय कुछ महत्वपूर्ण दृश्यों में खास प्रभाव छोड़ते हैं। भगत सिंह के रूप में सत्यम तिवारी की छोटी लेकिन असरदार उपस्थिति फिल्म में अतिरिक्त भावनात्मक गहराई जोड़ती है। द लीजेंड ऑफ़ उधम सिंह एक प्रेरणादायक और भावनात्मक फिल्म है जो दर्शकों को इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ गर्व की भावना भी जगाती है। यह फिल्म खासकर उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अनुभव है जो अर्थपूर्ण और प्रभावशाली सिनेमा देखना पसंद करते हैं।

जमशेदपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता केवल कृष्ण के निधन पर शोक, विधि समुदाय में शोक की लहर

 

पांच दशकों तक ईमानदारी और समर्पण से की वकालत, 81 वर्ष की आयु में निधन

जमशेदपुर: शहर के प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता केवल कृष्ण, जिन्हें स्नेहपूर्वक “केवल बाबू” के नाम से जाना जाता था, का शनिवार, 21 मार्च की देर रात लगभग 2:00 बजे टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। उनके निधन से जमशेदपुर के विधि समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है।

भुइयांडीह निवासी केवल कृष्ण ने वर्ष 1974 में अपने विधिक करियर की शुरुआत की थी। पांच दशकों से अधिक समय तक उन्होंने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ वकालत की। अपने सादगीपूर्ण जीवन और सिद्धांतों पर अडिग रहने के कारण वह अधिवक्ताओं के बीच अत्यंत सम्मानित थे। उनके निधन के साथ ही स्थानीय बार में एक युग का अंत माना जा रहा है। उनके सम्मान में जिला बार एसोसिएशन ने सोमवार, 23 मार्च को न्यायिक कार्य के दूसरे सत्र में कार्य से विरत रहने की घोषणा की है। झारखंड स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ला ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि केवल कृष्ण का योगदान विधि क्षेत्र के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।

इस दौरान बार एसोसिएशन के कई पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने शोक व्यक्त किया, जिनमें अध्यक्ष रत्नेंद्र नाथ दास, उपाध्यक्ष बलई पांडा, महासचिव कुमार राजेश रंजन, संयुक्त सचिव विनीता सिंह एवं संजीव रंजन बरियार, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश भक्त, कार्यकारिणी सदस्य अभय कुमार सिंह और आलोक सिंह शामिल हैं। इसके अलावा अधिवक्ता अक्षय कुमार झा, मिथिलेश सिंह और राजीव नयन ओझा सहित कई अन्य अधिवक्ताओं ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। जमशेदपुर का विधि समुदाय आज एक ऐसे व्यक्तित्व को खो चुका है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

Nivedita Chandel’s new Haryanvi song ‘Family’ released, receiving a positive response from the audience

 

Nivedita Chandel’s new Haryanvi song ‘Family’ released, receiving a positive response from the audience

Nivedita Chandel is currently making headlines with her latest Haryanvi song ‘Family’. As a rising face in the entertainment industry, she has carved a distinct identity for herself in a short span of time. With her charming personality, strong screen presence, and consistent work, she continues to gain popularity among audiences. This new release is being seen as a significant step forward in her career.

The song ‘Family’ had already generated buzz before its release, and now that it is out, it is receiving a positive response from viewers. Presented under the banner of SV Haryanvi, the lyrics have been written by KG. The track is sung by Amar Kharkiya, while the music has been composed by Mohit Preet.

The project is backed by a strong and experienced team. It has been directed by Sarab Maan and produced by JS Pannu. Cinematography by Ali Khan enhances the visuals, while editing by Prince Sethi keeps the storytelling engaging. The poster is designed by Abhishek Singh, with support from Mohali Motion Pictures.

In the song, Nivedita Chandel appears as the female lead and delivers a compelling performance. The storyline of ‘Family’ revolves around emotions, relationships, and social bonding, making it relatable for a wide audience. Despite its simple concept, the emotional depth makes it stand out.

For now, all eyes are on ‘Family’, as industry experts believe the song has the potential to gain more popularity across digital platforms in the coming days.

राजगढ़ में गणगौर महोत्सव की धूम: गाजे-बाजे के साथ निकला माँ गौरा का भव्य जुलूस





 


  राजगढ़। आस्था, प्रेम और सुहाग के प्रतीक गणगौर पर्व के अवसर पर आज राजगढ़ नगर में समाज की महिलाओं के विशेष उत्साह के साथ श्रद्धा और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री देववंशीय मालवीय लोहार समाज मंदिर से शाम 6 बजे बैंड-बाजों की गूंज और ढोल की थाप के साथ माँ गणगौर का भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा मार्ग 'ईश्वर-गौरी' के जयकारों और पारम्परिक लोक गीतों से गुंजायमान रहा।
  
  जुलूस में बड़ी संख्या में मातृशक्ति सोलह श्रृंगार कर और लाल चुनरी ओढ़कर सम्मिलित हुई, जो उत्सव की गरिमा को चार चाँद लगा रही थी। बैंड की मधुर धुन पर झूमती सखियों और भक्तिभाव में डूबे समाजजनों ने माँ गौरा और ईसर जी का भव्य स्वागत किया। गणगौर उत्सव में जवारे (गेहूं के अंकुर) बोना और अंत में उन्हें 'ठंडा' (विसर्जन) करना माता पार्वती और शिव की पूजा का अहम हिस्सा है, जो चैत्र माह में अखंड सौभाग्य की कामना से किया जाता है। यह परंपरा निमाड़ और राजस्थान में अत्यंत प्रचलित है, जिसके अंतर्गत कल सोमवार को पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान के साथ इन जवारों को जलाशयों में विसर्जित (ठंडा) किया जाएगा। आज के इस गौरवमयी आयोजन में समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जहाँ उपस्थित जनसमूह ने माँ गणगौर से सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

राजगढ़: मुनिराज पीयूषचन्द्र विजयजी का भव्य मंगल प्रवेश 24 मार्च को








   राजगढ़ (धार)। श्री सोधर्म वृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ के तत्वावधान में श्री मोहनखेड़ा तीर्थ प्रेरक आचार्य श्री ऋषभचंद्र सुरीश्वर जी आज्ञानुवृति व वर्तमान सप्तम वर्षीताप तपस्वी मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश 24 मार्च 2026 को होने जा रहा है।

   त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ के अध्यक्ष संदीप खजांची ने बताया कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे हेमकमल धाम मंदिर (पुराना बस स्टैंड) से होगी, जहाँ से मुनि श्री की भव्य अगवानी की जाएगी। इसके पश्चात सुबह 9:30 बजे राजेंद्र भवन में मुनिराज के मंगल प्रवचन होंगे। श्री संघ ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस पावन प्रसंग में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।

भारत में LPG साइबर घोटालों में उछाल: फर्जी बुकिंग लिंक, WhatsApp APK मैलवेयर और UPI फ्रॉड का बड़ा खुलासा

भारत में LPG से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। देशभर में अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि ठग गैस की कथित कमी की अफवाह फैलाकर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन डर और जल्दबाज़ी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को फर्जी मैसेज, कॉल और लिंक के जरिए जाल में फंसा रहे हैं।

फर्जी बुकिंग लिंक, WhatsApp APK मैलवेयर और UPI फ्रॉड का बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र, पंजाब, ओडिशा, कर्नाटक और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों से एक समान पैटर्न सामने आया है। लोगों को SMS और WhatsApp पर ऐसे मैसेज मिल रहे हैं जिनमें LPG बुकिंग फेल, पेमेंट एरर या कनेक्शन बंद होने की चेतावनी दी जाती है। इन मैसेज में फर्जी वेबसाइट लिंक या नकली कस्टमर केयर नंबर दिए जाते हैं। कई मामलों में यूजर्स को “ऑफिशियल” दिखने वाले ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है, जो बाद में फ्रॉड का कारण बनते हैं।

साइबर सुरक्षा कंपनी TraceX Labs के अनुसार, यह घोटाला अब केवल साधारण फिशिंग तक सीमित नहीं है। हमलावर ट्रोजन से संक्रमित APK फाइल्स का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें Remote Access Trojan (RAT) छिपा होता है। जैसे ही यूजर इसे इंस्टॉल करता है, हमलावर उसके फोन का पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं—जिससे वे OTP पढ़ सकते हैं, मैसेज एक्सेस कर सकते हैं और बैंकिंग व UPI ऐप्स तक पहुंच बना सकते हैं।

इस फ्रॉड को और खतरनाक बनाता है एडवांस UPI बायपास टेक्निक। हमलावर टोकन-बेस्ड सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर बिना यूजर की अनुमति के ट्रांजैक्शन कर देते हैं। इससे पैसे बहुत तेजी से खाते से निकल जाते हैं और कई बार यूजर को पता भी नहीं चलता।

एक और बड़ा खतरा इसका तेजी से फैलना है। एक बार डिवाइस संक्रमित होने के बाद, मैलवेयर खुद-ब-खुद यूजर के कॉन्टैक्ट्स को फर्जी लिंक और APK फाइल्स भेजता है। क्योंकि ये मैसेज किसी जान-पहचान वाले के नंबर से आते हैं, लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं और यह स्कैम तेजी से फैलता जाता है।

इसके अलावा ठग नकली LPG बुकिंग वेबसाइट्स, कैशबैक वाले QR कोड और स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यूजर्स को लगता है कि वे सामान्य प्रक्रिया जैसे सिलेंडर बुक करना या KYC अपडेट कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में वे अपनी संवेदनशील जानकारी ठगों को दे रहे होते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक सुनियोजित साइबर अपराध नेटवर्क है, जिसमें सोशल इंजीनियरिंग, मैलवेयर और फाइनेंशियल फ्रॉड का कॉम्बिनेशन शामिल है। ठग लोगों के डर, भरोसे और जल्दबाज़ी का फायदा उठाकर उन्हें फंसा रहे हैं।

बचाव के लिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक LPG वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनवेरिफाइड APK फाइल्स डाउनलोड न करें। OTP, UPI PIN या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यहां तक कि जान-पहचान वाले नंबर से आए मैसेज पर भी बिना जांच भरोसा न करें।

सरकारी एजेंसियां लगातार जागरूकता बढ़ाने में लगी हैं। यदि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शक हो, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।

यह बढ़ता हुआ LPG स्कैम यह दिखाता है कि भारत में साइबर अपराध अब और अधिक एडवांस और खतरनाक होते जा रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।