जयपुर : साहित्य और आध्यात्मिकता के संगम के साथ लेखिका पूजा शांति चौबे अपनी नई कृति 'आत्मचिंतन से परम सत्य तक (भीतर के प्रश्न, परमात्मा के उत्तर)' लेकर आ रही हैं। 17 मई को लॉन्च होने जा रही यह पुस्तक केवल पौराणिक कथाओं का वर्णन नहीं है, बल्कि मानव मन के भीतर चलने वाले अंतर्द्वंद्वों और आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का एक गहरा दस्तावेज है।
लेखिका के अनुसार,यह पुस्तक आत्मा,धर्म और कर्म के उन गूढ़ सत्यों की खोज करती है जो आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। पुस्तक में महाभारत के ऐतिहासिक पात्रों—अर्जुन, युधिष्ठिर, कर्ण,धृतराष्ट्र,द्रौपदी और अश्वत्थामा—को केवल चरित्रों के रूप में नहीं,बल्कि मानवीय संवेदनाओं और मानसिक अवस्थाओं के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता इसके वे प्रश्न हैं जो एक भक्त और जिज्ञासु के मन में उठते हैं। चाहे वह द्रौपदी का क्षमा और स्मृतियों के बीच का संघर्ष हो, या युधिष्ठिर का धर्म के मार्ग पर कष्टों को लेकर संशय, इन सभी जटिल सवालों का उत्तर भगवान श्री कृष्ण की दिव्य दृष्टि के माध्यम से दिया गया है।
पूजा शांति चौबे का यह प्रयास महाभारत के शाश्वत संवादों को आधुनिक जीवन की चुनौतियों से जोड़ना है। यह कृति पाठकों को बाहरी शोर से हटकर स्वयं के भीतर झाँकने और आत्मजागृति की राह पर चलने के लिए प्रेरित करती है।
आध्यात्मिक रुचि रखने वाले पाठक इस पुस्तक को Amazon और Flipkart जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, लेखिका से उनके इंस्टाग्राम हैंडल (@Poojacc_93) पर जुड़कर इस यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।


