अष्टमी और नवमी पर होंगे दुर्लभ दक्षिणमुखी मां कामाख्या कालिका के दर्शन,दाहोद के प्रमुख मेलोडी ग्रुप की गरबा प्रस्तुतियों पर झूम रहे श्रद्धालु
राजगढ़ (धार)। नगर के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल पांच धाम एक मुकाम श्री माताजी मंदिर में शारदीय नवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। श्री गणपति अम्बिका युवा मंच के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना, आरती और पारंपरिक गरबा रास में शामिल हो रहे हैं। महोत्सव का विशेष आकर्षण अष्टमी और नवमी पर दुर्लभ दक्षिणमुखी मां कामाख्या कालिका के दर्शन तथा नवमी पर 1008 दीपों से होने वाली भव्य महाआरती रहेगी।
यह धार्मिक आयोजन मंदिर के ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज की पावन निश्रा तथा आचार्य हेमंत भारद्वाज एवं कृष्णा भारद्वाज के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालु मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
आरती में शामिल हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी
नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन लाभार्थी परिवारों के साथ श्रद्धालु मां दुर्गा की आरती में सहभागिता कर रहे हैं। गुरुवार रात्रि आयोजित आरती में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भी शामिल होकर माताजी के दर्शन किए।
इस अवसर पर एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, एसडीओपी विश्वदीप परिवार, सेवानिवृत्त डीएसपी ऐश्वर्य शास्त्री तथा मेडिकल ऑफिसर डॉ. सचिन द्विवेदी ने माताजी की आरती की। उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।
धार्मिक आयोजन में अधिकारियों की सहभागिता से श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल रहा।
दाहोद के प्रमुख मेलोडी ग्रुप की गरबा प्रस्तुतियों पर झूम रहे श्रद्धालु
शारदीय नवरात्रि महोत्सव में गुजरात की पारंपरिक गरबा संस्कृति का भी आकर्षक संगम देखने को मिल रहा है। गुजरात के दाहोद से आए प्रसिद्ध प्रमुख मेलोडी ग्रुप के कलाकार पारंपरिक गुजराती गरबों की प्रस्तुतियां दे रहे हैं।
मां की भक्ति से ओतप्रोत गरबा रास में श्री गणपति अम्बिका महिला मंच की सदस्याओं के साथ नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुंच रही महिलाएं उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। पारंपरिक गरबा गीतों और संगीत के बीच श्रद्धालु भक्तिभाव से गरबा कर रहे हैं। इससे मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और उत्सव का माहौल बना हुआ है।
नवमी पर 1008 दीपों से होगी भव्य महाआरती
श्री गणपति अम्बिका युवा मंच के अध्यक्ष अमित कमेडिया ने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। नवरात्रि के अंतिम दिन नवमी तिथि, 19 अक्टूबर को भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि महाआरती में 1008 दीपकों में कुल 1 लाख 8 हजार 864 बत्तियां प्रज्वलित कर मां की स्तुति की जाएगी। इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली दीप महाआरती महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी। महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।
आयोजन में पहुंचने वाले श्रद्धालु इस विशेष महाआरती में सहभागी बनकर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
चार स्थानों पर एलईडी स्क्रीन से होगा सीधा प्रसारण
मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। श्री गणपति अम्बिका युवा मंच के अध्यक्ष अमित कमेडिया के अनुसार, नगर के चार प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिनके माध्यम से पूरे आयोजन का सीधा प्रसारण किया जा रहा है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को भी कार्यक्रम से जोड़ना है, जो किसी कारणवश मंदिर परिसर तक नहीं पहुंच पाते। इससे नगर के विभिन्न क्षेत्रों में रहकर भी श्रद्धालु नवरात्रि महोत्सव की गतिविधियों और धार्मिक अनुष्ठानों का लाभ ले सकते हैं।
अष्टमी और नवमी पर होंगे मां कामाख्या कालिका के विशेष दर्शन
पांच धाम एक मुकाम श्री माताजी मंदिर में विराजित दुर्लभ दक्षिणमुखी मां कामाख्या कालिका के दर्शन नवरात्रि के विशेष आकर्षण माने जाते हैं। प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी अष्टमी और नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की गई है।
मंदिर की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर, अष्टमी और 19 अक्टूबर, नवमी को सुबह सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां कामाख्या कालिका के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले रहेंगे। इन दोनों दिनों में धार जिले सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कामाख्या कालिका के दर्शन और आराधना को भक्त कष्टों से मुक्ति तथा मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना से जोड़ते हैं। इसी आस्था के चलते इन विशेष तिथियों पर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आगमन महत्वपूर्ण रहता है।
भक्ति, परंपरा और सामूहिक सहभागिता का संगम
पांच धाम एक मुकाम श्री माताजी मंदिर में आयोजित शारदीय नवरात्रि महोत्सव धार्मिक आस्था, पारंपरिक गरबा और सामूहिक सहभागिता का संगम बन रहा है। मां दुर्गा की आराधना, विशेष दर्शन, भव्य दीप महाआरती और महाप्रसादी जैसे आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
नवरात्रि के अंतिम दिनों में होने वाले विशेष धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। अष्टमी और नवमी पर मां कामाख्या कालिका के दर्शन तथा नवमी की भव्य महाआरती महोत्सव के प्रमुख आकर्षण रहेंगे।


