धार-झाबुआ के 57,422 हेक्टेयर खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य,सावित्री ठाकुर,कलेक्टर और SP ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण,सुरक्षा से लेकर पार्किंग तक तैयारियों की समीक्षा
सरदारपुर/धार। धार और झाबुआ जिले के किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में 24 अक्टूबर का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को धार जिले के सरदारपुर स्थित खेल परिसर में ₹2,387.60 करोड़ की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण करेंगे। परियोजना के माध्यम से दोनों जिलों के 260 गांवों की कुल 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, जनप्रतिनिधियों, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने सरदारपुर खेल परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने और सुरक्षा, यातायात तथा आमजन की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
₹2,387.60 करोड़ की परियोजना से 260 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की निचली नर्मदा परियोजनाएं, इंदौर द्वारा निर्मित इस परियोजना का उद्देश्य धार और झाबुआ जिले के निर्धारित ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा का विस्तार करना है। परियोजना के तहत धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर भूमि को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।
वहीं, झाबुआ जिले की विभिन्न तहसीलों के 194 गांवों की 32,000 हेक्टेयर कृषि भूमि को परियोजना के दायरे में शामिल किया गया है। दोनों जिलों को मिलाकर कुल 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
कृषि के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को फसलों की सिंचाई की योजना बनाने और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, खेतों तक पानी की वास्तविक उपलब्धता परियोजना के सफल संचालन, जल वितरण और विद्युत आपूर्ति पर निर्भर करेगी।
झाबुआ जिले की छह तहसीलों के गांव भी होंगे लाभान्वित
परियोजना के अंतर्गत झाबुआ जिले में तहसीलवार लाभ का विवरण इस प्रकार है:
झाबुआ तहसील: 108 गांव, 17,802 हेक्टेयर भूमि।
पेटलावद तहसील: 6 गांव, 1,502 हेक्टेयर भूमि।
मेघनगर तहसील: 28 गांव, 5,504 हेक्टेयर भूमि।
थांदला तहसील: 39 गांव, 5,927 हेक्टेयर भूमि।
रामा तहसील: 12 गांव, 1,185 हेक्टेयर भूमि।
राणापुर तहसील: 1 गांव, 80 हेक्टेयर भूमि।
इन छह तहसीलों के कुल 194 गांवों की 32,000 हेक्टेयर भूमि को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसके साथ धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गांवों को जोड़ने पर परियोजना का कुल लाभ क्षेत्र 260 गांव हो जाता है।
भूमिगत पाइपलाइन से पहुंचेगा दबावयुक्त पानी
परियोजना की प्रमुख विशेषता भूमिगत पाइप नहर प्रणाली है। इसके माध्यम से 2.5 हेक्टेयर चक तक 20 मीटर दबावयुक्त जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था बताई गई है। इस प्रणाली से किसान ड्रिप और स्प्रिंकलर पद्धति के जरिए सिंचाई कर सकेंगे।
ड्रिप प्रणाली में पानी पौधों की जड़ों के पास पहुंचाया जाता है, जबकि स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव किया जाता है। इन पद्धतियों से परिस्थितियों के अनुसार जल का अधिक प्रभावी उपयोग करने में सहायता मिल सकती है। परियोजना की प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार सिंचाई के लिए खेतों को पारंपरिक तरीके से समतल कराने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
कुक्षी के चंदनखेड़ी से नर्मदा नदी का जल होगा उद्वाहित
परियोजना के अंतर्गत धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम चंदनखेड़ी में नर्मदा नदी से 186.62 मिलियन घन मीटर (एमसीएम) जल का उद्वहन प्रस्तावित है। योजना के संचालन के लिए 102.30 मेगावाट विद्युत की आवश्यकता निर्धारित की गई है।
इस स्तर की परियोजना में पंपिंग व्यवस्था, बिजली की उपलब्धता, भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क और नियमित रखरखाव की अहम भूमिका होगी। परियोजना के लोकार्पण के बाद परीक्षण, कमीशनिंग और जल वितरण व्यवस्था का सुचारू संचालन यह तय करेगा कि निर्धारित गांवों के किसानों तक सिंचाई सुविधा किस प्रकार पहुंचती है।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले खेल परिसर में तैयारियों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 24 अक्टूबर को प्रस्तावित सरदारपुर भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों से आयोजन की तैयारियों और विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान मंच निर्माण, पंडाल, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सुरक्षा प्रबंध, यातायात संचालन और पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुविधा और आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की।
बिजली,पेयजल और साफ-सफाई पर विशेष निर्देश
कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं। उन्होंने विद्युत आपूर्ति, पेयजल, साफ-सफाई, ध्वनि व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने और आमजन को असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध करने पर जोर दिया।
संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और उन्हें सौंपे गए दायित्व समय पर पूरे करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि मुख्यमंत्री का प्रस्तावित कार्यक्रम सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
किसानों की नजर अब परियोजना के नियमित संचालन पर
नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से धार और झाबुआ के निर्धारित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। भूमिगत पाइपलाइन और दबावयुक्त जल वितरण प्रणाली के माध्यम से आधुनिक सिंचाई के विकल्प उपलब्ध कराने की योजना है।
परियोजना के अपेक्षित लाभ को जमीन पर उतारने में नियमित जल आपूर्ति, बिजली की उपलब्धता, रखरखाव और किसानों तक प्रभावी वितरण महत्वपूर्ण होंगे। ऐसे में लोकार्पण के बाद परियोजना के संचालन और निर्धारित कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचने की प्रगति पर किसानों की नजर रहेगी।


