भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, अधोसंरचना और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने कुल 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी।
बैठक में आगामी पांच वर्षों के लिए समग्र शिक्षा योजना की निरंतरता के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये, परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़ रुपये तथा उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
इसके अलावा उज्जैन, सिंगरौली और अशोकनगर की सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता के लिए 2,607 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। मंत्रि-परिषद ने नवगठित जिलों में खनिज कार्यालयों के लिए नए पदों तथा अनूपपुर और शहडोल के उन्नयित हाई स्कूलों के लिए नियमित पदों को भी मंजूरी दी।
समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006 करोड़ रुपये की मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित समग्र शिक्षा योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
इस योजना के अंतर्गत पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार करना, शिक्षा में सामाजिक एवं लैंगिक असमानता को कम करना और शाला शिक्षा में समावेशन सुनिश्चित करना है।
योजना के तहत व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों, एससीईआरटी और डाइट को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़ रुपये
परिवहन विभाग की 11 योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 1,166 करोड़ 60 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
इसमें उड़नदस्ता एवं चेक पॉइंट की स्थापना और संचालन के लिए 377 करोड़ 41 लाख रुपये तथा जिला स्थापना व्यय के लिए 361 करोड़ 89 लाख रुपये का प्रावधान है।
वहीं परिवहन विभाग के मुख्यालय के लिए 120 करोड़ 10 लाख रुपये और राज्य परिवहन अपीलीय अधिकरण के संचालन के लिए 10 करोड़ 39 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
स्मार्ट कार्ड योजना के निरंतर संचालन के लिए 245 करोड़ 55 लाख रुपये तथा विभागीय कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है। ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों के लिए 12 करोड़ रुपये, ग्रामीण परिवहन नीति के क्रियान्वयन के लिए 2.50 करोड़ रुपये और सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले नागरिकों के लिए नेक व्यक्ति पुरस्कार योजना के लिए 1.25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
उद्यानिकी विभाग की 8 योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये
किसानों की आय बढ़ाने और उद्यानिकी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ राज्य पोषित योजनाओं को आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 491 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसमें फल पौध रोपण और मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
संरक्षित खेती प्रोत्साहन योजना के लिए 85 करोड़ रुपये, फसल बीमा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास के लिए 53-53 करोड़ रुपये तथा एकीकृत शीत श्रृंखला यानी कोल्ड चेन अधोसंरचना के लिए 50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
कृषक प्रशिक्षण और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 25-25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उज्जैन की चितावद सिंचाई परियोजना के लिए 1,846.05 करोड़ रुपये
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील के पास क्षिप्रा नदी पर प्रस्तावित चितावद वृहद सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 1,846 करोड़ 5 लाख रुपये की मंजूरी दी है।
परियोजना का उद्देश्य बांध का निर्माण कर संचित जल के माध्यम से लगभग 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
सिंगरौली की गौंड सिंचाई परियोजना के लिए 749.62 करोड़ रुपये
सिंगरौली जिले की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 2026-27 से 2030-31 तक की निरंतरता के लिए 749 करोड़ 62 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
परियोजना के माध्यम से बांध निर्माण और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए सिंगरौली जिले में लगभग 34,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को 11.49 करोड़ रुपये
अशोकनगर जिले की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 11 करोड़ 49 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
परियोजना का उद्देश्य माइक्रो सिंचाई प्रणाली के माध्यम से लगभग 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
तीन जिलों में खनिज कार्यालयों के लिए 21 नए पद
नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में जिला कार्यालय यानी खनि शाखा की स्थापना के लिए कुल 21 नए पदों को मंजूरी दी गई है।
प्रत्येक जिले में सात-सात पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खनिज अधिकारी, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, सहायक मानचित्रकार, सर्वेयर, सिपाही और भृत्य के एक-एक पद शामिल हैं।
अनूपपुर और शहडोल के 4 हाई स्कूलों के लिए 36 पद
अनूपपुर और शहडोल जिलों में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल में उन्नयित चार विद्यालयों के लिए कुल 36 नियमित पदों की स्वीकृति दी गई है।
इनमें प्राचार्य हाई स्कूल के 4, माध्यमिक शिक्षक के 24, प्राथमिक शिक्षक के 4 और सहायक ग्रेड-3 के 4 पद शामिल हैं।
रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त सहायता
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के अंतर्गत रक्षाबंधन के अवसर पर हितग्राहियों को दी गई 250 रुपये की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता के निर्णय का अनुसमर्थन किया।
यह राशि अगस्त 2026 की नियमित आर्थिक सहायता के अतिरिक्त रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदान की गई थी। मुख्यमंत्री द्वारा 20 अगस्त 2026 को दिए गए आदेश तथा विभाग द्वारा 24 अगस्त 2026 को जारी आदेश का मंत्रि-परिषद ने अनुसमर्थन किया।
MARKFED को 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ यानी MARKFED की रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि के भुगतान के लिए कैबिनेट ने 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
इस राशि का 30 सितंबर 2026 तक पुनर्भुगतान सुनिश्चित किया जाना है। ऋण की राशि वित्त विभाग द्वारा राज्य की नगद तरलता और राजकोषीय घाटे की सीमा को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराई जाएगी।
ऋण की अन्य शर्तें MARKFED की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग की सहमति से निर्धारित की जाएंगी।
ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के निर्णयों से कैबिनेट को कराया अवगत
मंत्रि-परिषद को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति की 26 मई 2026 को आयोजित 64वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी भी दी गई।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में
प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े 42,490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव मंजूर।
समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये।
परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़ रुपये।
उद्यानिकी विभाग की 8 योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये।
चितावद सिंचाई परियोजना के लिए 1,846.05 करोड़ रुपये।
गौंड सिंचाई परियोजना के लिए 749.62 करोड़ रुपये।
चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 11.49 करोड़ रुपये।
मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में खनिज कार्यालयों के लिए 21 नए पद।
अनूपपुर और शहडोल के चार हाई स्कूलों के लिए 36 नियमित पद।
लाड़ली बहना हितग्राहियों को रक्षाबंधन पर दी गई 250 रुपये की अतिरिक्त सहायता के निर्णय का अनुसमर्थन।
MARKFED को 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में शिक्षा, सिंचाई, परिवहन, उद्यानिकी, प्रशासनिक व्यवस्था और महिला कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के इन फैसलों का फोकस आगामी वर्षों में अधोसंरचना को मजबूत करने, कृषि एवं सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को निरंतर जारी रखने पर है।

