विश्व आदिवासी दिवस पर 150 बच्चों ने सुना प्रेरणादायी प्रवचन,भगवान बिरसा मुंडा और टंट्या मामा के जीवन से लिए सन्मार्ग के संदेश








 





  राजगढ़ (धार) । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर नवरत्न आराधना भवन उपाश्रय में श्री कृष्ण बालक-बालिका आश्रम के करीब 150 बच्चों के लिए प्रेरणादायी धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। परम पूज्य साध्वीवर्या श्री हेमेंद्र श्रीजी म. सा. आदि 5 ठाणा की प्रेरणा से आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने साहब जी के प्रवचन श्रवण किए और भगवान बिरसा मुंडा तथा टंट्या मामा के जीवन एवं उनके आदर्शों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

  प्रवचन के दौरान भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और समाज सुधार के कार्यों पर प्रकाश डाला गया। बच्चों को बताया गया कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में अनेक अच्छे कार्य किए और समाज को व्यसनमुक्त तथा सद्मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए बच्चों को अच्छे संस्कार, सदाचार और सत्कर्म को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रवचन में मांस एवं मदिरा त्याग का संदेश

  प्रवचन के दौरान मांस एवं मदिरा के सेवन से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा गया कि समाज में व्याप्त मांस एवं मदिरा सेवन जैसी प्रथाओं को समाप्त करने के लिए जागरूकता आवश्यक है। बच्चों को बताया गया कि भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से त्याग,संयम,साहस और समाज सुधार की प्रेरणा ली जा सकती है।

भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को किया याद

  कार्यक्रम में भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उन्होंने बहुत कम आयु में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया और आदिवासी समाज के अधिकारों एवं सम्मान के लिए आवाज उठाई। कम उम्र में ही उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए जेल यातना सही और उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी बन गया।

टंट्या मामा के जीवन से भी बच्चों को मिली प्रेरणा

  प्रवचन में मालवा-निमाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध जननायक टंट्या मामा के जीवन एवं उनके सिद्धांतों के बारे में भी बच्चों को जानकारी दी गई। उनके संघर्ष, साहस और समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए बच्चों को जीवन में अच्छे कर्म करने, सद्मार्ग पर चलने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने का संदेश दिया गया।

बच्चों को दी गई प्रभावना,150 बच्चों ने लिया नवकारसी का लाभ

 प्रवचन के पश्चात श्री कृष्ण बालक-बालिका आश्रम के सभी बच्चों को प्रभावना दी गई। इसके बाद करीब 150 बच्चों ने नवकारसी का लाभ लिया। बच्चों की प्रभावना का लाभ जमींदार परिवार द्वारा लिया गया,जबकि नवकारसी का लाभ चातुर्मास समिति द्वारा लिया गया।

 विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में धर्म, संस्कार,समाज सुधार और आदिवासी महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का सुंदर संदेश बच्चों तक पहुंचा। भगवान बिरसा मुंडा और टंट्या मामा के जीवन संघर्षों को जानकर बच्चों को सत्कर्म,सदाचार,संयम और सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली।