राजगढ़ (धार)। परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद् विजय लेखेंद्रसूरिश्वरजी महाराज साहब के शिष्यरत्न मुनिराज श्री मृगेंद्रविजयजी महाराज साहब की आठवें वर्षीतप के अंतर्गत अत्यंत कठिन श्रेणी की तप आराधना चल रही है। इस महान तपस्या के पारणा उत्सव में शामिल होने के लिए राजगढ़ से श्रीसंघ के 60 श्रद्धालुओं का संघ शंखेश्वर तीर्थ पहुंचा।
राजगढ़ से 8 अगस्त 2026 को प्रातः 8 बजे बस द्वारा श्रद्धालुओं का संघ शंखेश्वर तीर्थ के लिए रवाना हुआ। यात्रा के दौरान दाहोद,महुडीजी,अगलोट,मेहसाणा सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से होते हुए रात्रि में शंखेश्वर तीर्थ पहुंचा। इसके बाद 9 अगस्त को शंखेश्वर तीर्थ में आयोजित भव्य पारणा महोत्सव में राजगढ़ श्रीसंघ के श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर तपस्वी रत्न के दर्शन-वंदन एवं धार्मिक कार्यक्रमों का लाभ लिया।
शंखेश्वर तीर्थ में आयोजित इस भव्य पारणा महोत्सव में पंजाब के राज्यपाल महामहिम गुलाबचंद कटारिया सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं देशभर से आए विभिन्न श्रीसंघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुनिराज श्री मृगेंद्रविजयजी महाराज साहब की कठिन तपस्या के पारणा अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
पारणा महोत्सव के दौरान तपस्वी रत्न के तप की बोली लगाई गई। इसके साथ ही गुरु पूजन एवं अन्य धार्मिक बोलियों का भी आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस समारोह ने सभी श्रद्धालुओं को भक्ति और तप की प्रेरणा से भर दिया।
शंखेश्वर तीर्थ में आयोजित पारणा महोत्सव को भव्याती भव्य रूप से मनाया गया। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे जैन समाज के श्रद्धालुओं ने तपस्वी रत्न की तप आराधना को नमन करते हुए धर्मलाभ लिया। राजगढ़ श्रीसंघ के श्रद्धालुओं ने भी इस अवसर को अपने लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव बताया।
संघ यात्रा के संयोजक अशोक भंडारी एवं धर्मेंद्र भंडारी ने बताया कि मुनिराज श्री मृगेंद्रविजयजी महाराज साहब के आठवें वर्षीतप के पारणा महोत्सव में शामिल होने के लिए राजगढ़ से बस द्वारा 60 यात्रियों को शंखेश्वर तीर्थ दर्शन-वंदन के लिए ले जाया गया था। सभी श्रद्धालुओं ने पारणा महोत्सव में सहभागिता के बाद रात्रि में पुनः राजगढ़ पहुंचकर यात्रा पूर्ण की।

