भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के किसानों, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण को गति देने के उद्देश्य से कुल 32,070 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सहकारिता विभाग की कवच योजना, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, खेल अधोसंरचना, स्टेट डाटा सेंटर के उन्नयन और जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।
मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की कवच योजना को मंजूरी देते हुए लगभग 5 हजार किसानों को राहत प्रदान करने का निर्णय लिया। यह योजना उन किसानों के लिए लागू होगी जिनके सहकारी ऋण खातों में अनियमितताएं होने तथा जांच लंबित रहने के कारण वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब ऐसे किसानों को मुख्यधारा में लाकर उन्हें दोबारा ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के तहत अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक मिलकर 50 करोड़ रुपये तक की निधि तैयार करेंगे, जबकि राज्य सरकार किसान हित में एकमुश्त 25 करोड़ रुपये की अंशपूंजी उपलब्ध कराएगी। सरकार का उद्देश्य प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत देकर उन्हें पुनः सहकारी ऋण व्यवस्था से जोड़ना है।
मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दी। जिला एवं सिविल अस्पतालों तथा औषधालयों के संचालन के लिए 12,517.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इस राशि से अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, चिकित्सा सेवाओं को सुचारू बनाए रखने तथा परिवार कल्याण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।
प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना एवं संचालन योजना को 11,812.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को उपचार, दवाइयां, आवश्यक सुविधाएं तथा स्वास्थ्य निगरानी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के संचालन के लिए 2,448.79 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना के तहत जिला अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब तथा विकासखंड स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों का विकास किया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य में कोविड जैसी स्वास्थ्य आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटना और जांच सुविधाओं को मजबूत बनाना है।
मलेरिया तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण के लिए 1,704.81 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। योजना के अंतर्गत मलेरिया नियंत्रण, नए कीटनाशकों और लार्वीसाइड के उपयोग सहित विभिन्न रोग नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 2,460.57 करोड़ रुपये की खेल अधोसंरचना योजना को स्वीकृति मिली है। इसके माध्यम से जिला मुख्यालयों और विकासखंड स्तर पर स्टेडियमों का निर्माण, खेल प्रशिक्षण केंद्रों का विकास तथा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करना है।
ई-गवर्नेंस को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्टेट डाटा सेंटर के उन्नयन, परिचालन और संधारण हेतु 1,099.58 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित यह डाटा सेंटर विभिन्न शासकीय विभागों की वेबसाइट, पोर्टल, ईमेल सेवाएं, क्लाउड होस्टिंग तथा डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करेगा। इससे सरकारी आईटी लागत में कमी आएगी और नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध होंगी।
मंत्रि-परिषद ने जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से बड़ी संख्या में शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए इन निर्णयों का उद्देश्य किसानों को राहत देना, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना, खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना, डिजिटल प्रशासन को आधुनिक बनाना तथा शिक्षकों के हितों का संरक्षण करना है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।

