मध्यप्रदेश में 10,630 करोड़ के विकास प्रस्तावों को मंजूरी,सड़क,स्वास्थ्य,साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण पर बड़ा फैसला





 



 भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सेवाओं, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को मजबूत करने के लिए मंगलवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में करीब 10,630 करोड़ रुपये से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

 बैठक में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने, सिवनी-बालाघाट मार्ग को फोरलेन बनाने, मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन के संचालन के लिए पद स्वीकृत करने, साइबर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और कमजोर वर्गों की कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने सहित कई निर्णय लिए गए।

12 सड़कों के निर्माण के लिए 4,600 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी

 मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम यानी एमपीआरडीसी को 12 प्रमुख मार्गों के निर्माण के लिए नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये का ऋण लेने की अनुमति दी है। इस ऋण के लिए राज्य सरकार की ओर से गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।

 इस योजना में भोपाल-विदिशा, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास, नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़, इंदौर-देपालपुर, चापड़ा-नेवरी-देवास, दिनारा-दतिया-सेवड़ा, आगर-सारंगपुर, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई-खिमलासा तथा सुन्दरा-सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया-गोहदा-सिरमोर जैसे मार्ग शामिल हैं।

 सरकार का उद्देश्य इन मार्गों के माध्यम से प्रदेश में सड़क संपर्क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

22 प्रमुख सड़कों का एमपीआरडीसी को हस्तांतरण

 मंत्रि-परिषद ने प्रदेश की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व एमपीआरडीसी को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया है। यह हस्तांतरण नाममात्र मूल्य पर किया जाएगा।

 इसके बदले एमपीआरडीसी का संचालक मंडल राज्य सरकार के पक्ष में अपनी अंश पूंजी जारी करेगा। इन मार्गों से मिलने वाले टोल और अन्य आय का इस्तेमाल ऋण तथा उसके ब्याज के भुगतान में किया जाएगा।

 इसके लिए मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम, 2012 में आवश्यक संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना में जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग 'जस्ट इन टाइम' व्यवस्था के तहत किया जाएगा।

सिवनी-बालाघाट मार्ग होगा फोरलेन

 सड़क परियोजनाओं में सिवनी-बालाघाट मार्ग को बड़ी मंजूरी मिली है। मंत्रि-परिषद ने 91.64 किलोमीटर लंबे सिवनी-बालाघाट मार्ग को फोरलेन, पेव्ड शोल्डर सहित विकसित करने के लिए 3,960 करोड़ 9 लाख रुपये की कुल राशि स्वीकृत की है।

 परियोजना के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत 3,458 करोड़ 93 लाख रुपये की परियोजना एवं वित्तीय लागत स्वीकृत की गई है। निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य बजट से और शेष राशि 15 वर्ष की संचालन अवधि में छमाही एन्यूटी के रूप में खर्च की जाएगी।

 भूमि अधिग्रहण, अन्य प्रारंभिक कार्य और सुपरविजन चार्ज के लिए भी 501 करोड़ 16 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

 सिवनी-बालाघाट मार्ग प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग 44 और 543 सहित अन्य प्रमुख मार्गों से जोड़ता है। मार्ग से पेंच और कान्हा क्षेत्र के पर्यटन, कृषि, खनिज एवं वन उत्पादों की आवाजाही को भी बेहतर संपर्क मिलने की उम्मीद है। इससे लगभग 8 से 10 लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलने का अनुमान है।

गरीब और कमजोर वर्गों की 19 योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रुपये

 सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से संबंधित 19 जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्ष 2026 से 2031 तक जारी रखने के लिए 1,740 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

 इन योजनाओं का लाभ गरीब, कमजोर, निराश्रित, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, कन्या विवाह एवं निकाह सहायता से जुड़े लाभार्थियों, नशा पीड़ितों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों सहित विभिन्न वर्गों को मिलेगा।

 इनमें पेंशन, राष्ट्रीय परिवार सहायता, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन, दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति, अंत्येष्टि सहायता, मुख्यमंत्री निकाह योजना, कृत्रिम अंग एवं उपकरण वितरण, आईटीआई प्रशिक्षण, बाधारहित वातावरण, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और नशा मुक्ति से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन में 244 पद स्वीकृत

 उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के बेहतर संचालन के लिए कुल 244 पदों को मंजूरी दी गई है।

 इनमें 154 नियमित पद, एक संविदा पद और 89 आउटसोर्स के माध्यम से रखे जाने वाले पद शामिल हैं।

 सरकार के अनुसार विश्वविद्यालय के संचालन से प्रदेश में स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा के प्रशासन को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे कई संभागों के स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों की संबद्धता, निरीक्षण, परीक्षा और अन्य विश्वविद्यालयीन कार्यों के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध होगी।

 इससे परीक्षा प्रक्रिया, मूल्यांकन, परिणाम, प्रमाण-पत्र और अकादमिक निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है।

साइबर सुरक्षा के लिए 80 करोड़ रुपये मंजूर

 प्रदेश में बढ़ती डिजिटल गतिविधियों और साइबर खतरों को देखते हुए मंत्रि-परिषद ने एमपी-सीईआरटी से संबंधित योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 80 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

 राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट/रिस्पांस ऑपरेशन सेंटर के माध्यम से साइबर सुरक्षा घटनाओं की निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया, फॉरेंसिक जांच और जोखिम कम करने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।

 योजना के अंतर्गत 25 नए पदों सहित विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए लगभग 3.99 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। पूर्व से स्वीकृत 21 मानव संसाधनों के वेतन पुनर्निर्धारण के लिए भी 3.24 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

 इसके अलावा साइबर सुरक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं को अवसर देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों से इंजीनियरिंग स्नातक उत्तीर्ण 10 प्रशिक्षुओं को एक वर्ष के लिए प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

मध्यप्रदेश भवन और अतिथि गृहों के लिए 250.67 करोड़ रुपये

 नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन तथा अन्य संबंधित कार्यालयों और अतिथि गृहों के उन्नयन एवं संचालन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

 इसमें मध्यप्रदेश भवन, आवासीय आयुक्त कार्यालय, विशेष आयुक्त कार्यालय, मुंबई स्थित मध्य लोक कार्यालय और अन्य परिसंपत्तियों के रखरखाव से जुड़ी राशि शामिल है।

 नई दिल्ली में प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार निर्माण तथा नए कार्यालयों की स्थापना के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है।

आपसी सहमति से भूमि खरीद नीति में बदलाव

  मंत्रि-परिषद ने 12 नवंबर 2014 की आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन को मंजूरी दी है।

 संशोधन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की निजी कृषि भूमि के लिए निर्धारित मुआवजा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ग्रामीण कृषि भूमि के संबंध में कलेक्टर द्वारा जारी गाइडलाइन की प्रभावी दर के आधार पर गणना की गई राशि की दोगुनी राशि पुनर्वास अनुदान के रूप में दिए जाने का प्रावधान किया गया है, निर्धारित शर्तों के अनुसार।

 सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्त करने में लगने वाले समय और लागत को कम करना तथा भू-धारकों की सहमति से भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है।

EOW को भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्यवाही के लिए अधिकार

 मंत्रि-परिषद ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW मध्यप्रदेश को भारतीय दंड संहिता, 1860 से भारतीय न्याय संहिता, 2023 में परिवर्तित धाराओं के तहत कार्यवाही के लिए अधिकृत करने संबंधी अधिसूचना में संशोधन को मंजूरी दी है।

 इसके लिए गृह विभाग की 31 मई 1977 की अधिसूचना में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।

दृष्टिबाधित महिला टी-20 वर्ल्ड कप खिलाड़ियों को 78 लाख रुपये

 मंत्रि-परिषद ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट 2025 में भारतीय टीम की उपलब्धि के लिए मध्यप्रदेश की तीन खिलाड़ियों और तीन प्रशिक्षकों को दी जाने वाली कुल 78 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि की कार्योत्तर स्वीकृति दी है।

 2025 में श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित दृष्टिबाधित महिला टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने नेपाल को हराकर स्वर्ण पदक जीता था।

 मध्यप्रदेश की खिलाड़ी सुनीता सराठे, दुर्गा येबले और सुषमा पटेल को 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। प्रत्येक खिलाड़ी की राशि में 10 लाख रुपये नकद और 15 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में शामिल हैं।

 तीन प्रशिक्षकों सोनू गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस तरह खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए कुल 78 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।

मध्यप्रदेश कैबिनेट के फैसलों से विकास को मिलेगी गति

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए फैसलों में सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य शिक्षा, साइबर सुरक्षा, सामाजिक कल्याण, भूमि व्यवस्था और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

 सरकार के इन निर्णयों से प्रदेश में सड़क अधोसंरचना मजबूत होने, स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा के विस्तार, साइबर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और गरीब एवं कमजोर वर्गों के लिए चल रही योजनाओं को निरंतरता मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बिंदु:

  • मध्यप्रदेश में 10,630 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी

  • एमपीआरडीसी को 12 सड़कों के लिए 4,600 करोड़ रुपये के ऋण की गारंटी

  • 22 प्रमुख सड़कों का एमपीआरडीसी को हस्तांतरण

  • सिवनी-बालाघाट 91.64 किमी मार्ग के फोरलेन निर्माण को मंजूरी

  • सामाजिक कल्याण की 19 योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रुपये

  • धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में 244 पद स्वीकृत

  • साइबर सुरक्षा के लिए 80 करोड़ रुपये

  • नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन और संबंधित परिसंपत्तियों के लिए 250.67 करोड़ रुपये

  • दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए 78 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि