राजगढ़ में 16 अगस्त से मंशा महादेव व्रत का शुभारंभ हुआ। शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ कथा का श्रवण किया गया....
राजगढ़(धार)। भगवान शिव की आराधना और मनोकामना पूर्ति से जुड़ा प्रसिद्ध मंशा महादेव व्रत रविवार 16 अगस्त से श्रद्धा और भक्ति के साथ आरंभ हो गया। राजगढ़ नगर सहित आसपास के ग्रामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंशा महादेव व्रत का संकल्प लेकर शिवलिंग की पूजा-अर्चना की। व्रत के शुभारंभ के अवसर पर शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई।
श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से प्रारंभ हुआ यह व्रत कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पूर्ण होगा। व्रत के दौरान चार माह में आने वाले प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से शिवलिंग का पूजन किया जाएगा तथा मंशा महादेव की कथा का श्रवण विद्वानों के मार्गदर्शन में किया जाएगा।
राजगढ़ नगर के अति प्राचीन पांच धाम एक मुकाम माताजी मंदिर परिसर में भी सुबह से ही मंशा महादेव व्रतधारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर ॐ नमः शिवाय और मंशा महादेव के जयकारे लगाए। जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
मंशा महादेव व्रत का शुभारंभ पूज्य गुरुदेव श्री पुरुषोत्तम जी भारद्वाज के पावन सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को मंशा महादेव व्रत की कथा का श्रवण कराया और भगवान शिव की आराधना के महत्व पर प्रकाश डाला। बड़ी संख्या में व्रतधारी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
माना जाता है कि मंशा महादेव व्रत भगवान शिव के प्रति आस्था, संकल्प और भक्ति का विशेष पर्व है। इसी श्रद्धा के साथ राजगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आगामी चार माह तक भगवान शिव की आराधना और व्रत की धार्मिक परंपरा का पालन करेंगे।

