भोपाल। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश में पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदक विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्दी पर सजे पदक केवल सम्मान नहीं, बल्कि देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और जनसेवा के प्रति समर्पण के जीवंत प्रतीक हैं। पुलिस और होमगार्ड्स के जवान विषम परिस्थितियों में भी नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्य करते हैं।
नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश करीब 35 साल बाद नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। उन्होंने इसे प्रदेशवासियों के लिए स्वतंत्रता दिवस का अनमोल तोहफा बताते हुए कहा कि नक्सल मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश पुलिस और हॉक फोर्स की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि कई नक्सलियों का सफाया किया गया, जबकि कई ने सरकार और पुलिस के सामने हथियार डालकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का रास्ता अपनाया है। जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लगातार कार्य कर रही हैं।
साइबर अपराध और नशे के खिलाफ अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साइबर अपराध और नशे के खिलाफ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में साइबर अपराध पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है और इसके साथ नशे के खिलाफ भी लगातार प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई नागरिक संकट में होता है तो सबसे पहले उसे पुलिस की याद आती है। पुलिस भी नागरिकों के विश्वास पर खरा उतरते हुए तत्काल मदद पहुंचाती है। यही पुलिस सेवा का मूल धर्म है।
27 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को पदोन्नति
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष अब तक 27 हजार 534 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में नई भर्तियों की प्रक्रिया भी जारी है। वर्ष 2023 से अब तक 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का पुलिस में चयन किया गया है।
इसके अलावा इस वर्ष 9 हजार 751 पुलिस कर्मियों की नई भर्ती को मंजूरी दी गई है। पुलिस थानों और वरिष्ठ कार्यालयों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाया जा सके।
25 हजार टैबलेट से पेपरलेस पुलिसिंग
विशेष पुलिस महानिदेशक अपराध अन्वेषण पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस एआई, ड्रोन और साइबर अपराध जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से मजबूत हो रही है।
उन्होंने बताया कि ई-एफआईआर,साइबर पुलिसिंग और सीसीटीएनएस जैसी तकनीकों के माध्यम से प्रदेश के थानों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। गत माह से 25 हजार टैबलेट के उपयोग से अपराधों की विवेचना को पेपरलेस बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है।
नशे से दूरी है जरूरी 2.0 और सेफ क्लिक अभियान के जरिए भी आम नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही साइबर सुरक्षा की मजबूत दीवार हैं।
सिंहस्थ 2028 के लिए आधुनिक सुरक्षा मॉडल
मध्यप्रदेश पुलिस सिंहस्थ-2028 के लिए आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में भी काम कर रही है। खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही तीन नई राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की बटालियन बनाए जाने की तैयारी है।
समारोह में पुलिस अधिकारियों,पदक विजेताओं और उनके परिजनों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में पुलिस आर्केस्ट्रा ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। पुलिस के नवागत एवं प्रशिक्षु आरक्षकों ने श्रीकृष्ण लीला और जनजातीय पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए पुलिस जवानों के सांस्कृतिक दल को विशेष पुरस्कार देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को मिला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है,बल्कि उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन और राष्ट्र तथा समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान है।

