भोपाल। मध्यप्रदेश में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर 56 किलोमीटर लंबे रेलखंड का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही ग्वालियर-कैलारस मेमू ट्रेन का वीरपुर स्टेशन तक विस्तार भी शुरू हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए और उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रेल सौगात बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रेलवे और ग्वालियर का पुराना और गहरा संबंध रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में लगातार रेलवे से जुड़ी नई परियोजनाओं पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के साथ रेलवे के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने इंदौर-मनमाड रेल लाइन परियोजना को भी मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। करीब 18 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना मालवा और गुना क्षेत्र को मुंबई से जोड़ने वाले नए रेल मार्ग के रूप में विकसित होगी। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ डिफेंस कॉरिडोर और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को रेल विस्तार का लाभ
कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड के शुरू होने से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए बेहतर कनेक्टिविटी जरूरी है। रेल सुविधा बढ़ने से शिक्षा, व्यापार, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में भी लोगों को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 56 किलोमीटर लंबे कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस रेल लाइन को श्योपुरकला से कोटा तक बढ़ाने की योजना है। इससे कोटा जैसे बड़े शिक्षा केंद्र तक पहुंच आसान होगी और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
ग्वालियर से श्योपुर तक रेल सेवा का रास्ता साफ
रेल मंत्री के अनुसार वीरपुर से सिरौली रोड तक करीब 37 किलोमीटर और सिरौली रोड से श्योपुरकला तक करीब 33 किलोमीटर रेलखंड का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आने वाले कुछ महीनों में ग्वालियर से श्योपुरकला तक रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
इस रेल मार्ग पर ग्वालियर, बिरला नगर,बामौरगांव,अंबिकेश्वर,सुमावली,भटपुरा,कैलारस,पीपलवाली चौकी, सबलगढ़ और वीरपुर स्टेशन शामिल हैं।
मध्यप्रदेश में रेलवे बजट बढ़ने का दावा
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पहले मध्यप्रदेश में रेलवे के विकास के लिए बजट करीब 632 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 15,188 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रेलवे क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश जारी है और 80 रेलवे स्टेशनों के पुनर्निर्माण का काम चल रहा है।
उन्होंने मध्यप्रदेश को पांच वंदे भारत ट्रेनों और सात अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सुविधा मिलने की भी जानकारी दी। इसके अलावा प्रदेश में कई स्थानों पर तीसरी और चौथी रेल लाइन से जुड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
रेलवे में लाखों युवाओं को रोजगार
रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारतीय रेलवे में 5 लाख 54 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि रेलवे में भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर तैयार किया गया है। पिछले 12 से 14 महीनों में रेलवे की अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में करीब तीन करोड़ युवाओं के शामिल होने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से रेलवे में करीब 1 लाख 40 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया क्षेत्र के विकास का नया दौर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बन रही हैं। उन्होंने ग्वालियर-कैलारस रेल सेवा के वीरपुर तक विस्तार को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 में ग्वालियर से कैलारस तक रेल लाइन की शुरुआत हुई थी और इसी वर्ष दिसंबर तक रेल सेवा को श्योपुर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सिंधिया ने ग्वालियर के ऐतिहासिक रेल विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में रेलवे का इतिहास करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से नैरोगेज रेलवे लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने का काम शुरू हुआ था और अब रेलवे तथा हवाई सेवाओं के विस्तार से क्षेत्र में कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है।
ग्वालियर-चंबल में अन्य परियोजनाओं पर भी जोर
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि रेलवे के विस्तार से ग्वालियर से श्योपुर तक बड़ी आबादी को लाभ मिलेगा। रेल लाइन केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार और व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में ग्वालियर से आगरा तक सुपर एक्सप्रेस-वे, ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन और अन्य विकास परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
मध्यप्रदेश में रेलवे कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का शुभारंभ ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले समय में श्योपुर तक रेल सेवा पहुंचने से इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होने की संभावना है।

