धार । धार जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा उपसमिति ने इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग NH-47 पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं का मौके पर आकलन करते हुए आवश्यक सुधारात्मक उपायों के निर्देश दिए।
कई प्रमुख दुर्घटना संभावित स्थानों का किया निरीक्षण
संयुक्त निरीक्षण में जिला परिवहन अधिकारी, पुलिस विभाग, एसडीओ पीडब्ल्यूडी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
टीम ने धुलेट फाटा, चौधरी ढाबा, फूलगांवड़ी फाटा, भेरू चौकी, मांगोद फाटा और बोधवाड़ा सहित अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था और दुर्घटनाओं के संभावित कारणों का मौके पर परीक्षण किया गया।
सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं की हुई विस्तृत जांच
निरीक्षण के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की गई,जिनमें शामिल रहे—
* रोड इंजीनियरिंग की स्थिति
* साइनेज बोर्ड
* रिफ्लेक्टर
* गति सीमा संकेतक
* स्ट्रीट लाइट एवं प्रकाश व्यवस्था
* रोड मार्किंग
* कैट्स आई
* डिवाइडर
* कट एवं अन्य सुरक्षा सुविधाएं
अधिकारियों ने प्रत्येक स्थान पर सुरक्षा संबंधी कमियों को चिन्हित करते हुए आवश्यक सुधारात्मक उपायों की आवश्यकता बताई।
संबंधित विभागों को दिए गए आवश्यक निर्देश
सड़क सुरक्षा उपसमिति ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्यवाही करने और चिन्हित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए हैं।
उपसमिति का उद्देश्य ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा आम नागरिकों की यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है।
यह भी जानिये आखिरकार ब्लैक स्पॉट क्या होता है?
ब्लैक स्पॉट वह स्थान होता है जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं या जहां दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है। ऐसे स्थानों पर विशेष सड़क सुरक्षा उपाय लागू किए जाते हैं ताकि दुर्घटनाओं की संख्या कम की जा सके।
मुख्य बिंदु
- धार में NH-47 इंदौर-अहमदाबाद हाईवे का संयुक्त निरीक्षण।
- धुलेट फाटा, मांगोद फाटा और बोधवाड़ा सहित कई ब्लैक स्पॉट की जांच।
- सड़क सुरक्षा संकेतकों और प्रकाश व्यवस्था का परीक्षण।
- NHAI, पुलिस, परिवहन और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई।
- दुर्घटना रोकने के लिए सुधारात्मक कार्यों के निर्देश जारी।

