भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आम जनता से जुड़े 21 प्रमुख कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों के काम तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं और लोगों को अपनी समस्याएं हेल्पलाइन तक पहुंचाने की जरूरत ही न पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत लगाए जा रहे शिविरों और संवाद कार्यक्रमों से लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। यदि शुक्रवार को किसी कारण से शिविर नहीं लगाया जा सके तो अगले दिन शनिवार को इसकी कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए।
मंत्रालय और भवनों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मंत्रालय के साथ विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके बाद इसे प्रदेश के जिलों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें तथा नागरिकों से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करें। इस व्यवस्था की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
ग्रामीण आबादी को नि:शुल्क रजिस्ट्री और पट्टे
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए राजस्व तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समितियां गठित की जाएंगी।
गांवों में दखल रहित भूमि का चिन्हांकन कर आगामी वर्षों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमि उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जाएगी। भूमिहीन लोगों के लिए आबादी भूमि घोषित कर आवासीय पट्टे देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण नागरिकों को भूमि का अधिकार मिलने से उन्हें बैंक से ऋण प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।
नर्मदा समग्र मिशन के गठन पर जोर
मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नर्मदा समग्र मिशन के गठन और उसके क्रियान्वयन से संबंधित जरूरी कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा।
मिशन का उद्देश्य मां नर्मदा को स्वच्छ और प्रवहमान बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, सामाजिक एवं सांस्कृतिक सहभागिता तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।
शहरों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
नगरीय क्षेत्रों में तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं का उपयोग करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।
चित्रकूट, दतिया, ओरछा और धार्मिक स्थलों का विकास
प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों को भी बैठक में प्रमुखता से लिया गया। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में कामदगिरी परिक्रमा मार्ग के विकास सहित अन्य कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
भगवान श्रीराम वन गमन पथ परियोजना के तहत कई स्थानों पर विकास कार्य चल रहे हैं। चित्रकूट में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए वन भूमि का चिन्हांकन किया गया है। गुप्त गोदावरी मंदिर परिसर और सती अनसूइया मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के विकास कार्य भी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने दतिया और ओरछा के साथ ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर के प्रांगण विकास से जुड़े स्वीकृत कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना के तहत भी विभिन्न स्तरों पर विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
सिंहस्थ 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के साथ भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
उज्जैन सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। उज्जैन में टेंपल बॉन्ड के माध्यम से प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी
बैठक में गृह विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों की भी समीक्षा हुई। राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की क्षमता बढ़ाने, होमगार्ड भर्ती नियमों को अंतिम रूप देने तथा भर्ती परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई।
बैगा, भारिया और सहरिया विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं के लिए विशेष भर्ती प्रक्रिया से सेवाएं लेने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। मध्यप्रदेश राज्य द्रुतगति बल के गठन और काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की क्षमता बढ़ाने से जुड़े विषयों की भी समीक्षा हुई।
21 प्रमुख कार्यों की समीक्षा
बैठक में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, संस्कृति-पर्यटन, गृह और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े कुल 21 प्रमुख कार्यों की समीक्षा की गई।
इनमें ग्रामीण आबादी की नि:शुल्क रजिस्ट्री, भूमिहीनों को आवासीय पट्टे, नर्मदा समग्र मिशन, जल प्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाएं, चित्रकूट का विकास, श्रीराम वन गमन पथ, ममलेश्वर मंदिर विकास, धार्मिक स्थलों का विकास और भगवान श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना प्रमुख हैं।
इसके अलावा उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां, सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाना, विशेष भर्ती प्रक्रिया और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था जैसे विषयों पर भी दिशा-निर्देश दिए गए।
सितंबर-अक्टूबर में पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित समीक्षा में मुख्यमंत्री ने पदोन्नति से जुड़े शेष कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए सितंबर और अक्टूबर में विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आमजन के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं और विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय बढ़ाकर लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

