भोपाल। मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर रविवार को चार नई सीधी हवाई सेवाओं की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने राजा भोज विमानतल से इन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू की जाएगी।
नई हवाई सेवाओं के शुरू होने से भोपाल, रीवा और जबलपुर की कनेक्टिविटी देश के प्रमुख शहरों से और मजबूत होगी। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सीधी उड़ानें शुरू की गई हैं। भोपाल से रीवा जाने वाली अलायंस एयर की नई उड़ान में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी सवार होकर रीवा रवाना हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान रीवा, सतना और दतिया में तीन नए एयरपोर्ट शुरू हुए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण जारी है। इसके अलावा प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाने की मंजूरी दी गई है। इनमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश में दस से अधिक हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हुई हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी क्षेत्रों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
भोपाल से शारजाह सीधी उड़ान जल्द
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपालवासियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू की जाएगी। इस उड़ान के शुरू होने से मध्यप्रदेश की खाड़ी देशों के साथ हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित होने के कारण विभिन्न राज्यों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। हवाई नेटवर्क के विस्तार से प्रदेश में आने वाले पर्यटकों, व्यापारियों और निवेशकों को सुविधा मिलेगी।
मध्यप्रदेश में बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट
राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाने की योजना है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश की करीब दस हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में बदलने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
वर्तमान में मध्यप्रदेश में आठ एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और करीब 220 हेलीपैड उपलब्ध हैं। सरकार का लक्ष्य छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ना है।
चार नई सीधी उड़ानों की शुरुआत
मध्यप्रदेश में शुरू हुई चार नई हवाई सेवाओं में भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता शामिल हैं। इन सभी सेवाओं का संचालन अलायंस एयर द्वारा किया जाएगा।
भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगी। भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार और रविवार को चलेगी। रीवा-कोलकाता तथा जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवा मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी।
नई उड़ानों से यात्रा का समय घटेगा
सीधी हवाई सेवाओं के शुरू होने से यात्रियों के यात्रा समय में काफी कमी आएगी। भोपाल से रीवा की रेल यात्रा में करीब 10 घंटे लगते हैं, जबकि हवाई यात्रा करीब डेढ़ घंटे में पूरी हो सकेगी।
भोपाल से पटना जाने में ट्रेन से करीब 22 घंटे लगते हैं, जबकि सीधी उड़ान से यह यात्रा करीब दो घंटे में पूरी होगी। इसी तरह रीवा से कोलकाता की यात्रा करीब दो घंटे और जबलपुर से कोलकाता की यात्रा करीब ढाई घंटे में पूरी हो सकेगी।
इस तरह भोपाल-रीवा मार्ग पर करीब 8.5 घंटे, भोपाल-पटना और रीवा-कोलकाता मार्ग पर करीब 20-20 घंटे तथा जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर करीब 19.5 घंटे तक की यात्रा समय की बचत होगी।
नई उड़ानों का किराया कितना होगा
सीधी हवाई कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण पहले यात्रियों को कई रूट पर दिल्ली के रास्ते जाना पड़ता था और किराया भी अधिक होता था। नई सीधी उड़ानों से इन मार्गों पर यात्रा किराया कम होने की उम्मीद है।
भोपाल-रीवा उड़ान का किराया करीब 3,500 रुपये, भोपाल-पटना का करीब 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता का करीब 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता का करीब 4,500 रुपये बताया गया है।
भोपाल-रीवा फ्लाइट सप्ताह में चार दिन
भोपाल-रीवा हवाई सेवा 9 अगस्त 2026 से शुरू हुई है। यह सेवा मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगी। इस रूट पर अलायंस एयर विमान सेवा उपलब्ध कराएगी।
भोपाल-पटना फ्लाइट 10 अगस्त से शुरू
भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा 10 अगस्त 2026 से शुरू होगी। यह उड़ान सोमवार, बुधवार और रविवार को संचालित होगी। इससे मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और बिहार की राजधानी पटना के बीच सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता फ्लाइट
रीवा-कोलकाता सीधी उड़ान 9 अगस्त 2026 से शुरू हुई है। यह सेवा मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी। वहीं जबलपुर-कोलकाता सेवा 8 अगस्त 2026 से शुरू की गई है और यह भी मंगलवार, गुरुवार तथा शनिवार को संचालित होगी।
इन सेवाओं से विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के यात्रियों को कोलकाता सहित पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी से बढ़ी हवाई कनेक्टिविटी
नई हवाई सेवाओं को मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति 2025 के अंतर्गत वित्तीय सहायता दी जा रही है। घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए राज्य सरकार द्वारा 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार के अनुसार इस नीति से एयरलाइंस को छोटे शहरों के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने में प्रोत्साहन मिला है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में लगातार नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हो रही हैं।
2036 तक 29 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी केंद्र सरकार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार ने अगले दस वर्षों के लिए उड़ान योजना का विस्तार किया है। इसके तहत हवाई कनेक्टिविटी और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए करीब 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना के माध्यम से छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया गया। पिछले वर्षों में देश में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं।
हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट का लक्ष्य
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का लक्ष्य हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट,हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलिपोर्ट विकसित करना है।
केंद्र सरकार मध्यप्रदेश को इस दिशा में पूरा सहयोग करेगी। नए एयरपोर्ट और हवाई सेवाओं के विस्तार से रोजगार के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सिंगरौली एयरपोर्ट से बढ़ेंगी संभावनाएं
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि सिंगरौली देश के प्रमुख पावर हब में शामिल है। यहां एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके साथ ही क्षेत्र के पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
उन्होंने बताया कि रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर के लिए हवाई सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। अब भोपाल और कोलकाता से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से विंध्य क्षेत्र के यात्रियों को और सुविधा मिलेगी।
नई उड़ानों से व्यापार और पर्यटन को फायदा
सरकार का कहना है कि नई हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और उद्योग को लाभ मिलेगा। रीवा और जबलपुर जैसे शहरों की कोलकाता से सीधी कनेक्टिविटी होने से स्थानीय कारोबार और एमएसएमई क्षेत्र को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में सुविधा हो सकती है।
हवाई सेवाओं के विस्तार से प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य व्यवसायों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है।
मध्यप्रदेश में हवाई नेटवर्क का विस्तार
नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच मध्यप्रदेश में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू होने की जानकारी दी गई है। इनमें इंदौर-अबूधाबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है।
राज्य सरकार विमानन क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। विमानन क्षेत्र से जुड़े पाठ्यक्रमों की फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार द्वारा वहन किए जाने की जानकारी कार्यक्रम में दी गई।
चार नई उड़ानों से जुड़े प्रमुख तथ्य
भोपाल-रीवा: सप्ताह में 4 दिन, करीब 1.5 घंटे की हवाई यात्रा, किराया करीब 3,500 रुपये।
भोपाल-पटना: सप्ताह में 3 दिन, करीब 2 घंटे की हवाई यात्रा, किराया करीब 4,500 रुपये।
रीवा-कोलकाता: सप्ताह में 3 दिन, करीब 2 घंटे की हवाई यात्रा, किराया करीब 3,200 रुपये।
जबलपुर-कोलकाता: सप्ताह में 3 दिन, करीब 2.5 घंटे की हवाई यात्रा, किराया करीब 4,500 रुपये।
मध्यप्रदेश में नई हवाई सेवाओं के शुरू होने से राजधानी भोपाल के साथ विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूती मिली है। वहीं भोपाल से शारजाह की प्रस्तावित सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के बाद प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है।

