धार। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही निरंतर वृद्धि और उनमें होने वाली जनहानि को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत कठोर कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री राजीव रंजन मीना ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए जिले में 'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। अब जिले की राजस्व सीमा के भीतर बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 129 के अनुसार दोपहिया चालकों के लिए आई.एस.आई. मार्का हेलमेट पहनना अनिवार्य है। यह प्रतिबंध 10 जुलाई 2026 से प्रभावी होकर 06 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। आदेश के अनुसार, केवल चिकित्सा संबंधी आपातकालीन स्थितियों (Medical Emergency) में ही इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक बिना हेलमेट वाले चालकों को ईंधन देता है या आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
इस अभियान को धरातल पर कड़ाई से लागू करने के लिए जिला दंडाधिकारी ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है और इसके लिए विशेष औचक निरीक्षण टीमों का गठन किया गया है। जिले के प्रत्येक अनुभाग में अनुविभागीय दंडाधिकारियों (SDM) के नेतृत्व में तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों, पटवारियों, पुलिस और खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीमें तैनात की गई हैं, जो नियमित रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करेंगी।
अभियान की निगरानी हेतु धार और पीथमपुर के लिए श्रीमती अंकिता प्रजापति, बदनावर के लिए श्रीमती प्रियंका जिमरोट, सरदारपुर के लिए श्रीमती सलोनी अग्रवाल, मनावर/गंधवानी व धरमपुरी के लिए श्री प्रमोद गुर्जर तथा कुक्षी/डही के लिए श्री विशाल धाकड़ को प्रभार सौंपा गया है। जिला प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी दी है कि वे नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा उन्हें कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे सड़क सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण निर्णय में सहयोग करें और स्वयं की सुरक्षा के लिए हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।


