राजगढ़ (धार) – आज के दौर में जहाँ भौतिकता ने मानवीय मूल्यों को कहीं पीछे छोड़ दिया है, वहीं राजगढ़ निवासी प्रोफेसर आर.के. जैन के पुत्र प्रतीक कुमार जैन ने अपनी सजगता, संवेदनशीलता और ईमानदारी से एक मिसाल कायम की है।
हाल ही में प्रतीक कुमार जैन अपने परिवार के साथ मोहनखेड़ा जैन तीर्थ के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे उन्हें एक प्रतिष्ठित कंपनी का अत्याधुनिक एवं महंगा मोबाइल पड़ा हुआ मिला। बिना किसी लालच या झिझक के उन्होंने तुरंत अपनी कार रोकी, मोबाइल सुरक्षित उठाया और निर्णय लिया कि इसे बिना किसी देरी के उसके असली मालिक तक पहुँचाया जाएगा।
इस संबंध में प्रतीक जैन ने तत्काल सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार को पूरी स्थिति से अवगत कराया और मोबाइल के हालिया कॉल विवरण के आधार पर मालिक के पुत्र से संपर्क स्थापित किया। उस समय तक परिवार मोहनखेड़ा से काफी आगे झाबुआ तक पहुँच चुका था। सूचना पाकर वे तुरंत वापस लौटे।
बाद में पता चला कि यह मोबाइल संजेली (जिला दाहोद, गुजरात) निवासी ललित कुमार बाबूलाल जैन की धर्मपत्नी विमला जैन का था।
प्रतीक कुमार जैन ने अपने निजी निवास पर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार की उपस्थिति में यह मोबाइल उसके वास्तविक स्वामियों को सुरक्षित और सकुशल सौंप दिया। इस परिवार ने मोबाइल वापस पाकर प्रतीक जैन के इस सराहनीय कृत्य के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा उनकी निष्ठा व मानवीय दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
प्रोफेसर आर.के. जैन के पुत्र के इस कार्य ने यह सिद्ध कर दिया है कि ईमानदारी, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी आज भी जीवित हैं। एक छोटी-सी सजगता न केवल किसी की बड़ी परेशानी दूर कर सकती है, बल्कि समाज में विश्वास को भी पुनर्स्थापित करती है।
इस उत्कृष्ट कार्य की जानकारी मिलने पर राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने भी प्रतीक कुमार जैन को उनकी इस अनुकरणीय पहल,जिम्मेदारी और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पण के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
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