कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में आज एक नए सूर्य का उदय हुआ है। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित एक भव्य और विशाल समारोह में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मंच पर मौजूद रहे। यह समारोह न केवल एक शपथ ग्रहण था, बल्कि बंगाल में 15 साल के टीएमसी शासन के अंत और भाजपा की पहली सरकार के आगमन का महापर्व बन गया।
भवानीपुर के विजेता बने बंगाल के नए सारथी
शुभेंदु अधिकारी की यह जीत ऐतिहासिक रही है। उन्होंने भवानीपुर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर अपनी राजनीतिक शक्ति का परिचय दिया था। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 207 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। 8 मई को गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु ने राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया जनता का अभिवादन
जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिगेड मैदान के विशाल मंच पर पहुंचे, वहां मौजूद लाखों लोगों ने नारों के साथ उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर और अत्यंत विनम्रता के साथ जनता के इस अपार प्रेम और उत्साह का अभिवादन स्वीकार किया। हालांकि प्रधानमंत्री ने इस औपचारिक कार्यक्रम में कोई भाषण नहीं दिया, लेकिन उनकी मौजूदगी ने राज्य में 'डबल इंजन' सरकार के प्रति जनता के भरोसे को और मजबूत कर दिया।
अनेक राज्यों के मुख्यमंत्री और दिग्गज नेताओं का जमावड़ा
इस समारोह ने देश के राजनीतिक मानचित्र की एकजुटता को भी प्रदर्शित किया। मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ-साथ देश के अनेक राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय गौरव का स्वरूप दे दिया। इसके अलावा, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथी का विशेष सम्मान
कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत गरिमामयी और भावुक क्षण तब दिखा जब 97 वर्षीय माखनलाल सरकार को मंच पर विशेष स्थान दिया गया। माखनलाल जी जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस ऐतिहासिक कश्मीर दौरे के साथी रहे थे। प्रधानमंत्री द्वारा उनका अभिनंदन किया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत था कि नई सरकार अपनी विचारधारा की जड़ों और संघर्षों को सर्वोच्च सम्मान देती है।
नई कैबिनेट में दिखा विविधता का रंग
राज्यपाल आर.एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ दिलीप घोष,अग्निमित्रा पॉल,निसिथ प्रामाणिक और अशोक कीर्तनिया को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई। वहीं, खुदीराम टुडू ने अपनी पारंपरिक क्षेत्रीय भाषा में शपथ लेकर बंगाल की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया।
लोक संस्कृति और उत्सव का माहौल
चूँकि आज 25 वैशाख यानी गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, इसलिए पूरा आयोजन एक सांस्कृतिक उत्सव में तब्दील हो गया। मैदान में रायबेशे नृत्य, छाऊ नाच और बाऊल संगीत की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम स्थल को बंगाल के प्रसिद्ध मदन मोहन मंदिर और ऐतिहासिक पलाशी गेट जैसी कलाकृतियों से सजाया गया था। उपस्थित लोगों के लिए पारंपरिक बंगाली मिठाइयों और झालमुड़ी के विशेष स्टॉल लगाए गए थे, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय और आत्मीय बन गया।
इस शपथ ग्रहण के साथ ही पश्चिम बंगाल में शांति,सुरक्षा और विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत की उम्मीद जताई जा रही है।


