राजगढ़ (धार)। श्री महावीर स्वामी की असीम कृपा से राजगढ़ की पावन धरा पर श्री महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव एवं हाथीवाला श्री महावीरजी मंदिर (राजेंद्र भवन) के प्राण प्रतिष्ठा दिवस की वर्षगांठ अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। चैत्र सुदी तेरस के इस पावन अवसर पर समूचा नगर भक्ति और अध्यात्म के रंग में सराबोर नजर आया। यह गरिमामय आयोजन परम पूज्य गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहेब, मुनि श्री पीयूषचंद्र विजयजी, मुनि श्री रूपेंद्र विजयजी आदि ठाणा एवं साध्वी मंडल की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। मंदिर की वर्षगांठ के पावन स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में इस वर्ष मंदिर के शिखर पर 24 ध्वजाएं चढ़ाई गईं, जो नगर की सुख-समृद्धि और अटूट श्रद्धा का प्रतीक बनीं। शुभ मुहूर्त में मंत्रोच्चार और विशेष पूजन-अर्चन के साथ जब ध्वजारोहण संपन्न हुआ, तो पूरा आकाश प्रभु के जयकारों से गूंज उठा। इससे पूर्व प्रातः काल में तहलटी से राजेंद्र भवन तक भव्य मंगल प्रवेश निकाला गया। यहाँ आयोजित समारोह में सकल जैन श्रीसंघ ने गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहेब को पूर्ण श्रद्धा के साथ कांबली ओढ़ाई। इसके पश्चात गुरुदेव ने उपस्थित जनसमूह को अमृतमयी मांगलिक श्रवण कराई। महोत्सव के दौरान विधि-विधान के साथ सत्तरभेदी पूजन का आयोजन भी किया गया।
ध्वजारोहण एवं गच्छाधिपति एवं मुनि भगवन्तों के प्रवचन के बाद श्रीसंघ का स्वामीवात्सल्य का आयोजन हुआ । दोपहर में नगर में भव्य वरघोड़ा (शोभायात्रा) निकाला गया, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला जब प्रभु महावीर स्वामी के रथ को श्रद्धालु अपने हाथों से खींचते हुए नजर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच श्रावकों ने पूरी श्रद्धा के साथ रथ खींचकर धर्म लाभ लिया। सकल जैन श्रीसंघ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।




