BREAKING NEWS
latest
TIMES OF MALWA
DIGITAL SERVICES
PR • MEDIA PROMOTION • SEO • NEWS COVERAGE • CGI ADS • SOCIAL MEDIA
TIMES OF MALWA
PR • SEO • CGI ADS • NEWS PROMOTION
VISIT NOW

"केसरिया तो हमारे तिरंगे का भी हिस्सा है..." राजगढ़ के विराट कवि सम्मेलन में देशभक्ति के स्वर, सुबह 4 बजे तक झूमे श्रोता






 



  राजगढ़ (धार)। धर्मनगरी राजगढ़ में प्रभु श्री राम, भगवान महावीर और श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में एक भव्य अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। हिन्दू उत्सव समिति द्वारा आयोजित और सराफा एसोसिएशन व दत्तीगांव सोशल ग्रुप के सहयोग से संपन्न हुआ यह गौरवमयी कार्यक्रम नगर के मुख्य चौराहे, भगवा चौक (मेन चौपाटी) पर आयोजित किया गया।
    कार्यक्रम के संयोजक निलेश सोनी ने बताया कि यह काव्य संध्या नगर की दिवंगत पुण्यात्माओं स्व. राजा श्री प्रेमसिंह दत्तीगांव, स्व. श्री चांदमल सोनी, स्व. श्री शांतिलाल सुराणा, स्व. श्री सुमेंतिलाल सराफ, स्व. श्री दिपेश फरबदा, स्व. श्री विशाल-श्रीमती गौरी सोनी और स्व. श्री राजेश ठाकर की पावन स्मृति को समर्पित रही। कवियों ने अपनी मार्मिक रचनाओं के माध्यम से इन विभूतियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजन के दौरान नगर के प्रमुख समाजसेवियों का अभिनंदन भी किया गया।
   मंच का सफल संचालन लाला माहेश्वरी ने किया,जबकि स्वागत भाषण निलेश सोनी ने दिया और आभार प्रदर्शन अजय श्रीवास्तव द्वारा किया गया। रात्रि 9 बजे शुरू हुआ यह काव्योत्सव अलसुबह 4 बजे तक चला, जिसमें देश के विख्यात कवियों ने अपनी ओजस्वी और सुरीली प्रस्तुतियों से जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
    सम्मेलन में कवियों ने सामाजिक विसंगतियों पर गहरा प्रहार किया। "शहर वालों ने पैसा तो खूब कमाया पर सभ्यता नहीं दिखी, पालतू कुत्ते खूब नज़र आए पर गौ माता एक भी नहीं दिखी" जैसी पंक्तियों ने श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। राष्ट्रभक्ति का शंखनाद करते हुए कवियों ने कहा कि "गौत्र हमारा राष्ट्र धर्म, कुलदेवी भारत माता है"।
   उज्जैन की कवयित्री निशा पंडित ने प्रेम और आस्था का संगम प्रस्तुत करते हुए कहा कि "विष को भी अमृत कर दे, प्रेम वो अमर बूटी है"। उन्होंने अयोध्या के गौरव पर प्रहार करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि "बाबर के बाप-दादा की जागीर नहीं है, बरसों से हमारी थी और हमारी ही रहेगी अयोध्या"।
  कवि नगेन्द्र ठाकुर ने ओजपूर्ण स्वर में देशद्रोहियों को ललकारते हुए कहा कि "सोने की चिड़िया रहे भारत, सोने का शेर बनाएंगे हम, पर औरंगजेब-बाबर की जयकार करने वाली औलाद नहीं चाहिए"। शाजापुर के पंडित अशोक नागर ने केसरिया के महत्व को तिरंगे से जोड़ते हुए कहा कि "जिस केसरिया में लोगों को उग्रवाद की बू आ रही है, वो तो हमारे तिरंगे का सबसे ऊपर वाला हिस्सा है"। वहीं व्यंग्यकार अर्जुन अल्हड़ ने समसामयिक मुद्दों पर तीखे कटाक्ष किए।
  अतुल ज्वाला ने कविता पाठ करते हुए भगवान ने धरती पे उतारी है अयोध्या सूरज के वंशजो ने संवरी है अयोध्या बाबर के बाप दादा की जागीर नहीं है बरसो से हमारी थी हमारी है अयोध्या। 
 इस विराट आयोजन में जनसमूह ने पूरी रात उत्साह के साथ कवियों का साथ दिया।
« PREV
NEXT »