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जीव दया और गौसेवा का पुण्य कार्य: राजगढ़ की सामायिक मंडल की महिलाओं को पंडित कमल किशोर नागर ने दिया आशीर्वाद






  


   राजगढ़ (धार)। सनातन, जैन और हिंदू धर्म में 'जीव दया' को सर्वोपरि स्थान दिया गया है, इसी भावना को आत्मसात करते हुए राजगढ़ की राजेंद्र कॉलोनी स्थित सामायिक मंडल की महिलाओं ने एक अनुकरणीय पहल की है। मंडल की महिलाओं ने राजगढ़ से 22 किलोमीटर दूर स्थित 'श्री गुरु गोविंद गोसेवा गौशाला, गोंदी खेड़ा' पहुँचकर मुक्त पशुओं की सेवा की। इस सेवा कार्य के दौरान राष्ट्र संत पंडित कमल किशोर नागर का गौशाला में आगमन हुआ, जिन्होंने महिलाओं के इस पुनीत कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
   गौशाला में सेवा देते हुए महिलाओं ने 3 ट्रॉली हरा चारा, 20 किलो गुड़ और 2 थैला पशु आहार गोवंश को खिलाया। इसके अतिरिक्त, गौशाला की व्यवस्था में सहयोग हेतु 9 टफ भी भेंट किए गए। महिलाओं ने अपने घरों से विशेष रूप से रोटियाँ बनाकर गोवंश को खिलाईं और गौशाला में विधिवत राशि भेंट कर रसीद भी प्राप्त की। इस सेवा यात्रा के दौरान मंडल की महिलाओं ने रास्ते में नरसिंह देवला तीर्थ और वापसी में भोपावर तीर्थ पहुंचकर भगवान शांतिनाथ के दर्शन और वंदन भी किए।
   गौशाला में उपस्थित होकर राष्ट्र संत पंडित कमल किशोर नागर ने महिलाओं को आशीर्वचन और प्रवचन दिए। उन्होंने गौशाला में आए नए फर्नीचर (सोफे एवं टेबल) का मुहूर्त सर्वप्रथम महिलाओं को उस पर बिठाकर करवाया। अपने प्रवचन में नागर जी ने कहा कि सनातन, जैन और हिंदू धर्म का मूल आधार जीव दया है और भगवान महावीर स्वामी ने सदैव अहिंसा का मार्ग दिखाया है। उन्होंने नारी शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि धर्म और दान-पुण्य को घर-घर तक पहुँचाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जब पति द्वारा कमाए गए धन को नारी दान-पुण्य और सेवा कार्यों में लगाती है, तो वह धन भी पुण्य में परिवर्तित हो जाता है।













   मंडल की महिलाओं ने बताया कि वे प्रतिवर्ष अपने स्वयं के खर्चे से क्षेत्र की विभिन्न गौशालाओं में जाकर बेजुबान पशुओं की सेवा करती हैं। इसके लिए वे वर्ष भर सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से राशि एकत्रित करती हैं, जिसमें सभी महिलाएं उत्साहपूर्वक भागीदारी करती हैं। इस पुनीत कार्य में नगर के सेवानिवृत्त विद्युत विभाग अधिकारी स्वर्गीय हीरालाल गोस्वामी के परिवार ने भी 3100 रुपये की राशि दान स्वरूप प्रदान की। सेवा के इस संकल्प के साथ महिलाएं गौशाला की व्यवस्थाओं में सहयोग कर समाज के लिए प्रेरणा बनी हैं।


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