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ऑपरेशन मुस्कान : बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया सुरक्षा और जागरूकता का संदेश

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  राजगढ़। मध्य प्रदेश शासन द्वारा पुलिस विभाग के माध्यम से संचालित ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत गुरुवार को राजगढ़ में पुलिस द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मॉडल स्कूल सरदारपुर के बच्चों ने “मत छीनो बचपन हमारा” विषय पर एक मार्मिक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने देखा और सराहा।

  यह आयोजन पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर और पारूल बेलापुरकर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार एवं थाना प्रभारी समीर पाटीदार विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं एवं बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों, सामाजिक कुरीतियों और असामाजिक गतिविधियों से होने वाले खतरों को लेकर आमजन को जागरूक करना था।

   नया सवेरा टीम के बच्चों ने नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया कि बच्चों और बालिकाओं के लिए खतरा केवल बाहर ही नहीं, बल्कि कई बार पड़ोसियों व परिचितों से भी हो सकता है। नाटक में यह भी दर्शाया गया कि पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अनजान व्यक्ति बच्चों को बहला-फुसलाकर उनका दुरुपयोग कर सकते हैं। प्रस्तुति में बच्चों ने स्पष्ट किया कि आज के समय में बच्चों की सुरक्षा घर और बाहर दोनों जगह चुनौती बनी हुई है। नाटक में यह भी जोर दिया गया कि बच्चों को सेल्फ डिफेंस सिखाया जाना चाहिए और किसी भी गलत व्यवहार की जानकारी तुरंत अभिभावकों या शिक्षकों को देनी चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत में शिक्षिका प्रतिभा सिंह राजावत ने पूरे आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की।






बच्चों का रखें विशेष ध्यान

   कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने ऑपरेशन मुस्कान के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि 18 वर्ष तक के कई बच्चे नादानी या बहकावे में आकर घर से भाग जाते हैं, लेकिन पुलिस ऐसे बच्चों को खोजकर उनके परिवार तक सुरक्षित पहुंचाती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को कम उम्र से ही सही-गलत की समझ दें और उन्हें सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से दूर रखें, ताकि वे किसी असामाजिक तत्व के संपर्क में न आएं।

20 वर्ष की सजा का प्रावधान

  एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार ने कहा कि पुलिस का मुख्य प्रयास बच्चों—विशेषकर बालिकाओं—की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने या परेशान करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के साथ गलत कृत्य करने वालों को 20 वर्ष तक की कठोर सजा का प्रावधान है।

  कार्यक्रम के अंत में एसडीओपी परिहार ने नगरवासियों को स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलवाई। मंच संचालन दीपक जैन द्वारा किया गया।


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