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आचार्य ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के महापुण्योत्सव का चतुर्थ दिन,प्रभु अभिषेक, श्री महावीरस्वामी महापूजन, आंगी-भक्ति हुई,आचार्य श्री ऋषभचन्द्रसूरि मानवसेवा के मसीहा थे: मुनि पीयुषचन्द्रविजय



 राजगढ़ (धार)। दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की पाट परम्परा के अष्टम पट्टधर गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. का महापुण्योत्सव 11 से 18 सितम्बर तक श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट के तत्वाधान में मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज वैराग्ययशविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं साध्वी श्री सद्गुणाश्रीजी म.सा., साध्वी श्री संघवणश्रीजी म.सा., साध्वी श्री विमलयशाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की निश्रा में चल रहा है ।

महापुण्योत्सव के चौथे दिन गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्यरत्न मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा. ने कहा कि आचार्यश्री हमेशा जिनशासन के कार्यो में अग्रणी रहते थे और हमेशा दूर की सोचते थे । मानवसेवा के लिये हमेशा तत्पर रहते थे । आपने अपने जीवनकाल में श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में रोगियों हेतु कई स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण व कई आपरेशन शिविर लगवाये और क्षेत्र के कई असहाय लोगों को मद्द पहुंचाकर उन्हें लाभांवित किया । राजगढ़ नगर में मानवसेवा चिकित्सालय की स्थापना करके राजगढ़ वासियों के साथ आस पास के जरुरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवायी । श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के श्री राजेन्द्रसूरि चिकित्सालय में सभी प्रकार की जांच सुविधा, आपरेशन सुविधा, डायलेसिस की चार मशीने उपलब्ध करवाकर क्षेत्र के मरीजों को लाभांवित किया । आचार्यश्री ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये प्रशासन से चर्चा करके श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में कोविड का 300 बिस्तर वाला चलित अस्पताल शुरु करवाकर क्षेत्र की जनता को लाभांवित किया । ऐसे गुरुदेव को हम बार बार शत् शत् नमन करते है । उनकी उच्च कोटि की मानव सेवा को देखकर क्षेत्र की जनता उन्हें मानव सेवा के मसीहा कहती थी । आज श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में चातुर्मासार्थ विराजित मुनिश्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा. आदि ठाणा एवं साध्वीवृंद को क्षमायाचना करने हेतु बड़नगर एवं टाण्डा श्रीसंघों का आगमन हुआ । टाण्डा श्रीसंघ के सदस्यों ने शत्रुंजय अवतार प्रभुश्री आदिनाथ भगवान के जिन मंदिर व दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के समाधि मंदिर व गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के समाधि स्थल पर वंदन किया तत्पश्चात् तीर्थ पर विराजित मुनिश्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा. आदि ठाणा एवं साध्वीवृंद को वंदन कर क्षमायाचना की । श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट की ओर से मेनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ, महाप्रबंधक अर्जुनप्रसाद मेहता, सहप्रबंधक प्रीतेश जैन आदि ने टाण्डा श्रीसंघ से श्री आनन्दीलाल डुंगरवाल, सागरमल चौधरी, राजेन्द्र लोढ़ा, सुरेश कोठारी, राजेन्द्र श्रीश्रीमाल, पारस हरण आदि का बहुमान किया ।

पुण्योत्सव के अवसर पर जिन मंदिर में प्रातः प्रभुजी एवं दादा गुरुदेव के अभिषेक, दोपहर में श्री महावीरस्वामी महापूजन एवं प्रभु की अंगरचना का लाभ श्री भेरुलालजी पुखराजजी गादिया परिवार आहोर द्वारा लिया गया । रात्रि भक्ति भावना का लाभ श्री मंजुलादेवी ललितकुमारजी जैन सियाणा द्वारा लिया गया । जिन मंदिर, गुरु समाधि मंदिर एवं आचार्य ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के समाधि स्थल पर विद्युत सज्जा की गयी है ।

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