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गुरु सप्तमी महामहोत्सव पर श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ पर उमड़ा आस्था का जन सैलाब,2020 की गुरुसप्तमी पर कई समाजसेवियों को अलंकृत किया। गुरु का डर और गुरु का दर कभी ना छुटे यह प्रयास करें : आचार्य ऋषभचन्द्रसूरि


राजगढ़ (धार) | श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के विकास प्रेरक, पाट परम्परा के अष्टम पट्टधर वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. ने गुरु सप्तमी महामहोत्सव के पावन अवसर पर कहा कि कभी-कभी अज्ञात प्रेरणा जीवन में बड़ा भारी बदलाव ले आती है वह अज्ञात प्रेरणा गुरु तत्व की होती है जो हमारे जीवन को संवारने का कार्य करती है । गुरु तत्व ही हमारे जीवन को हमेशा सफल बनाने में सहयोगी बने इस लिये जीवन से गुरु के डर को कभी निकलने नहीं देना है साथ ही गुरु का दर कभी ना छुटे यह प्रयास हमेशा करते रहे । श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में ये लाखों गुरु भक्त आखिर क्यो आते है यह बहुत बड़ा प्रश्न है ? जब मैंने भक्तों से यह जानने का प्रयास किया तो मैं भी यह सोचने को मजबूर हुआ की दादा गुरुदेव ज्ञात अज्ञात रुप में आकर भक्तों की मनोकामनाओं को कैसे कैसे पूर्ण कर देते है । आश्चर्य तो तब होता है जब दादा गुरुदेव भक्तों को उनके घर बैठे ही उनकी कामनाएं पूर्ण करते है | जब भक्त उनके दर पर संकल्प लेकर जाता है और घर जाकर देखता है कि दादा गुरुदेव ने उनकी बात सुन ली है | कई भक्तों ने यहां पर संकल्प लिया, बीकानेर के एक भक्त जिसके यहां 9 पुत्रियों ने जन्म लिया था, दादा गुरुदेव से प्रार्थना के बाद स्वप्न में श्राविका को पुष्प दिखाई दिया और घर में पुत्ररत्न की प्राप्ति होती है, वही गुरु भक्त यहां पर केसर, मिश्री, मिठाई उस बच्चे के वजन के बराबर तोलकर अपनी मन्नते उतारते है । इसी कारण लाखों गुरु भक्त सुबह 4 बजे से लम्बी-लम्बी कतारों में पूजा के माध्यम से गुरु चरण छुने का इन्तजार करते है । आचार्यश्री ने कहा कि श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में वर्तमान में 41 वर्षों से जो भोजनशाला चल रही है उसका नवीनीकरण किया जावेगा । भीनमाल निवासी श्रीमती सोहनीदेवी सुखराजजी नाहर परिवार नाहर बिल्डिर्स मुम्बई वालों ने इस भोजनशाला को तीन मंजिला बनाने के लिये आदेश प्राप्त किया है । भीनमाल निवासी श्री माणकचंदजी सरेमलजी कपुरचंदजी कोठारी परिवार के पुत्र राकेश कोठारी ने भावना व्यक्त की कि यहां की गौशाला में जिन गायों की मृत्यु हो जाती है, उनके अंतिम संस्कार के लिये हमारे परिवार द्वारा शवदाह गृह बनवाया जावेगा । इन्दौर चातुर्मास के दौरान मौन साधना की पूर्णाहुति पर इन्दौर के प्रसिद्ध दानवीर परिवार श्रीमती समतादेवी दीपकजी जैन ने 30138 वर्गफुट जमीन खजराना गणेशजी मंदिर के सामने इन्दौर शहर के मध्य जैन समाज की गतिविधियां संचालित करने के लिये विशाल हॉल बनाने हेतु दान देने की घोषणा की थी । जिसके सभी वैध दस्तावेज गुरु सप्तमी के अवसर पर आज ट्रस्ट मण्डल को मंच पर सुपुर्द किये है ।



इस अवसर पर ज्ञानप्रेमी मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी म.सा. ने कहा कि जिसके जीवन में गुरु का डर और दर होता है उनका जीवन सुधर कर धन्य हो जाता है गुरु तत्व दिखता नहीं है इसे हम महसुस कर करते है।

दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की 193 वीं जन्मजयंति एवं 113 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में गुणानुवाद सभा के अन्तर्गत समाजसेवा व धार्मिक क्षेत्र में विशिष्ठ योगदान देने वालों को अलंकरण प्रदान किये गये- नेशनल कमीशन फार माईनारिटी नईदिल्ली के सदस्य सुनिल सिंघी को तीर्थ रत्न, समाजसेवा एवं संघभक्ति के लिये टाण्डा इन्दौर निवासी जयसिंह जी जैन को युवा समाज भूषण, मुम्बई निवासी राकेश जी कोठारी को गुरुमंदिर निर्माण एवं जीवदया के लिये तीर्थ रत्न, इन्दौर निवासी संतोष जी पुराणी को आदर्श गुरु भक्ति के लिये समाज रत्न, नागदा जं. निवासी भंवरलालजी बोहरा को संघ संगठन के लिये जैन रत्न, नीमच निवासी शौकिन जी जैन को समाजिक नेटवर्क के लिये जैन रत्न, राजगढ़ में अष्टपद मंदिर स्थापित करने वाले खजांची परिवार के इन्दौर निवासी सम्पतलालजी खजांची को समाजसेवा के लिये समाज रत्न एवं भाण्डुप मुम्बई निवासी श्रीमती ललिता जयंतिलालजी जैन को स्वर्ण शिखर समर्पण के लिये तीर्थ गौरव अलंकरण दिया गया । कार्यक्रम में मंच पर विराजित वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म. सा. के सम्मुख गहुंली करने का लाभ श्री चम्पालाल किशोरचंदजी वर्धन परिवार को प्राप्त हुआ । आचार्यश्री की गुरु चरण पूजा का लाभ श्री जगदीश जी कटारिया गोदन और श्री कपील जैन गांधीधाम को प्राप्त हुआ | गुरु सप्तमी से गुरु सप्तमी तक तीर्थाधिपति आदिनाथ भगवान के अखण्ड दीपक का लाभ संजयकुमार फतेहलालजी कोठारी परिवार रतलाम, दादा गुरुदेव के अखण्ड दीपक का लाभ पारसमल नेनमलजी संकलेचा मेंगलवा व वर्षभर आयंबिल तप करवाने का लाभ श्रीमती टीना जयसिंह राजेन्द्रकुमारजी लोढा परिवार टाण्डा को प्राप्त हुआ । वर्ष 2020 की गुरु सप्तमी में प्रभु आदिनाथ भगवान के प्रथम शाही अभिषेक का लाभ श्री सरेमल कपुरचंदजी कोठारी परिवार, दादा गुरुदेव के अभिषेक का लाभ श्री संजयकुमार बाबुलालजी नाहर परिवार, प्रभुजी व दादा गुरुदेव की सप्तमी की प्रथम केसर पुजा श्री सरेमलजी कपुरचंदजी कोठारी परिवार को मिला । प्रतिवर्ष की भाति इस 2020 की गुरु सप्तमी महामहोत्सव की दादा गुरुदेव की मुख्य महाआरती का लाभ श्री राजेशकुमार फागणिया देसुरी वाले परिवार को प्राप्त हुआ ।
आज सुबह 4 बजे द्वारोद्घाटन के पश्चात लम्बी लम्बी कतारों में वासक्षेप पूजा के साथ हजारों गुरु भक्तों ने प्रभु श्री आदिनाथ भगवान व दादागुरुदेव की केसर पूजा में करके अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण किया । सुबह 5 बजे लाभार्थी परिवार ने दादा गुरुदेव को पालने में झुलाकर गुरु जन्म महोत्सव मनाया । देश भर से लाखों की संख्या में गुरुभक्तों का जनसैलाब आया । इन सभी गुरुभक्तों ने गुरु प्रसादी प्राप्त की । मेला क्षेत्र में श्री सुगंधीलाल वेणीरामलजी सराफ परिवार, श्री शेलेन्द्रकुमार सराफ परिवार नाकोड़ा ज्वेलर्स एवं श्री सरेमल कपुरचंदजी कोठारी परिवार ने सभी गुरुभक्तों के लिये निःशुल्क चाय नास्ते की व्यवस्था की ।
दादा गुरुदेव की पाट परम्परा के अष्टम पट्टधर श्री मोहनखेड़ा तीर्थ विकास प्रेरक प.पू. वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा., ज्ञानप्रेमी मुनिराज श्री पुष्पेन्द्रविजयजी म. सा., मुनिराज श्री रुपेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं साध्वी श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा., साध्वी श्री सद्गुणाश्री जी म.सा., साध्वी श्री संघवणश्री जी म.सा. आदि ठाणा की निश्रा व श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के तत्वावधान में गुरु सप्तमी महामहोत्सव के अवसर पर गुरुगुणानुवाद सभा हुई।
तीर्थ के उपाध्यक्ष पृथ्वीराज सेठ, महामंत्री फतेहलाल कोठारी, कोषाध्यक्ष हुक्मीचंद वागरेचा, मेनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ, ट्रस्टी- शांतिलाल सांकरिया, मांगीलाल पावेचा, चम्पालाल वर्धन, जयंतिलाल बाफना, बाबुलाल खिमेसरा, बाबुलाल वर्धन, संजय सराफ, सुखराज कबदी, मांगीलाल रामाणी, कमलेश पांचसौवोरा, आनन्दीलाल अम्बोर, गौतम बालगोता एवं समाजसेवी भेरुलाल गादिया, जयंतिलाल कंकुचोपड़ा, मोहनलाल बागरा, भरत शाह, अशोक जैन, चिमनलाल जैन, अशोक कापड़िया, प्रकाश सेजलमणी, संतोष पुराणी, सेवन्तीलाल मोदी, राजेन्द्र खजांची, नरेन्द्र भण्डारी पार्षद, दिलीप भण्डारी, तीर्थ महाप्रबंधक अर्जुनप्रसाद मेहता, सहप्रबंधक प्रीतेश जैन व सलाहकार मंत्रणा बोर्ड समिति के सदस्यगणों ने सभी अतिथियों एवं अलंकरण प्राप्त करने वाली विशिष्ट हस्तियों का सम्मान किया । तीर्थ के मेनेजिंग ट्रस्टी सुजामल सेठ ने स्वागत उद्बोधन दिया । संगीतमय प्रस्तुति श्री नरेन्द्र वाणीगोता एण्ड पार्टी द्वारा दी गई मंच संचालन मनोज सुराणा एवं मांगीलाल रामाणी ने किया ।

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