राजगढ़ (धार) । दादा गुरुदेव की पाट परम्परा के अष्टम पट्टधर श्री मोहनखेड़ा तीर्थ विकास प्रेरक वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा एवं मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं साध्वी श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा., साध्वी श्री सद्गुणाश्री जी म.सा., साध्वी श्री संघवणश्री जी म.सा. आदि ठाणा की पावनतम सानिध्यता में श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी (ट्रस्ट) श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के तत्वावधान में श्री पाश्र्वनाथ प्रभु के अट्ठम तप (तेले) की तपस्या के सभी आराधकों का सोमवार को पारणे के पश्चात् श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी (ट्रस्ट) की और से महाप्रबंधक श्री अर्जुनप्रसाद मेहता द्वारा बहुमान किया गया ।
श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में अट्ठम तप आराधकों का पारणा व बहुमान हुआ....
राजगढ़ (धार) । दादा गुरुदेव की पाट परम्परा के अष्टम पट्टधर श्री मोहनखेड़ा तीर्थ विकास प्रेरक वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा एवं मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जनकचन्द्रविजयजी म.सा. एवं साध्वी श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा., साध्वी श्री सद्गुणाश्री जी म.सा., साध्वी श्री संघवणश्री जी म.सा. आदि ठाणा की पावनतम सानिध्यता में श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी (ट्रस्ट) श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के तत्वावधान में श्री पाश्र्वनाथ प्रभु के अट्ठम तप (तेले) की तपस्या के सभी आराधकों का सोमवार को पारणे के पश्चात् श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी (ट्रस्ट) की और से महाप्रबंधक श्री अर्जुनप्रसाद मेहता द्वारा बहुमान किया गया ।
