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घड़ियाली आंसू बहा कर जनता को बरगलाने की बजाय,केंद्र से यूरिया की बची हुई खेप दिलवाएं शिवराज : शोभा ओझा

 

 मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्षा श्रीमती शोभा ओझा ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर यूरिया आपूर्ति के मामले में ओछी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कमलनाथ सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को यूरिया की आपूर्ति के संबंध में भाजपा द्वारा की जा रही राजनीति सर्वथा निंदनीय है क्योंकि लगभग डेढ़ दशक के शासन काल के बाद भी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार एक भी किसान की कर्ज माफी नहीं कर पाई, उसके पूरे शासनकाल में कर्जमाफी के अभाव, भावांतर योजना की असफलता, यूरिया और अन्य खादों की आपूर्ति ना हो पाने, आपदा राशि और बोनस न मिल पाने के कारण 21000 किसानों को आत्महत्या के माध्यम से असमय मौत को गले लगाना पड़ा, यही नहीं अपना हक मांग रहे  किसानों  के नरसंहार  से भी  पूर्ववर्ती सरकार  पीछे नहीं हटी। इसके ठीक विपरीत मध्यप्रदेश की वर्तमान कमलनाथ सरकार ने यह फैसला लिया है कि 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक 2 लाख मीट्रिक टन यूरिया प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदाय किया जाएगा। केन्द्र की मोदी सरकार के द्वारा किये जा रहे तमाम भेदभाव और असहयोग के बावजूद प्रदेश के किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने इस संबंध में किसानों की मदद के लिए एक काॅल सेंटर भी बनाया है। 

आज जारी अपने बयान में शिवराज सिंह और भाजपा पर उक्त आरोप लगाते हुए कमलनाथ सरकार द्वारा प्रदेश में यूरिया की आपूर्ति के संबंध में किए जा रहे ठोस प्रयासों की जानकारी देते हुए श्रीमती ओझा ने आगे बताया कि
हमने केंद्र सरकार से 18 लाख मीट्रिक टन यूरिया की मांग की थी, मगर केंद्र ने 15 लाख 40 हज़ार मीट्रिक टन यूरिया प्रदाय करने की मंजूरी दी। जिससे मप्र में अभी भी 2 लाख 60 हज़ार मीट्रिक टन यूरिया का अभाव है। केन्द्र से हम यह अपील करते हुए, गुहार लगाते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ यह भेदभाव बंद करें, आखिर इस प्रदेश ने आपको 28 सांसद चुन कर दिए हैं, यह बात अलग है कि उनमें से एक भी सांसद की आवाज इस मुद्दे पर नहीं उठ रही है। 

अपने बयान में श्रीमती ओझा ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने यूरिया की कालाबाजारी को रोकने के लिए बड़े और प्रभावी कदम उठाए हैं, सहकारी समितियों  और निजी दुकानों का पहले जो  50 : 50 का अनुपात था, उसे बदल कर अब 80:20 कर दिया गया है। अब प्रदेश में 80 प्रतिशत यूरिया सोसाइटी से किसानों को दिया जाएगा एवं 20 प्रतिशत प्राइवेट दुकानों से बेचा जाएगा ।

श्रीमती ओझा ने आगे कहा कि केवल यही नहीं, पिछली  भाजपा सरकार  के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में पनपे मिलावटखोरों और कालाबाजारियों के लिए भी म.प्र. शासन द्वारा घोषित "शुद्ध के लिये युद्ध" के तहत प्रदेश के कृषि मंत्री के निर्देशन में अमानक बीज, उर्वरक, पौध संरक्षण दवाओं के विक्रय तथा इनकी कालाबाजारी, अवैध परिवहन, भण्डारण आदि पर शीघ्र एवं ठोस कार्यवाही हेतु दिनांक 15/11/2019 से 30/11/2019 तक विशेष सघन अभियान भी चलाया गया, जिसके चलते दिनांक 28.11.2019 को 113 उर्वरक विक्रेताओं / गोदामों का निरीक्षण कर 51 नमूने लिये गये एवं 6 प्रकरण पर अनियमितता पाये जाने पर कार्यवाही की गई। इसी तरह दिनांक 28.11.2019 तक कुल 3426 उर्वरक विक्रेता/गोदामों का निरीक्षण कर 2610 नमूने लिये गये एवं 299 प्रकरणों पर अनियमितता के फलस्वरूप कार्यवाही की गई।

अपने बयान में श्रीमती ओझा ने आगे कहा कि शिवराज सिंह और भाजपा द्वारा फैलाए गए छूट के विपरीत यूरिया की आपूर्ति के संबंध में कमलनाथ सरकार की मुस्तैदी और गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि इस संबंध में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सचिन यादव यूरिया की वितरण प्रणाली पर खुद नज़र रखे हुए हैं। उनके निर्देश पर प्रदेश के किसानों के लिए यूरिया की शिकायत हेतु मंत्रालय में एक कॉल सेंटर भी स्थापित कर दिया गया है, जिसके लिए सहायक संचालक पद के अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है जो पूरे दिन में आई शिकायतों का निराकरण करने के बाद, शाम को कृषि मंत्री को अपनी रिपोर्ट से अवगत कराएंगे ।
किसान अपनी शिकायत सुबह 10 बजे से 5:30 बजे तक फोन नंबर 0755-2558823 पर दर्ज करा सकते हैं।

अपने बयान के अंत में श्रीमती ओझा ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी, यूरिया की आपूर्ति और आपदा की राहत राशि के संबंध में शिवराज सिंह और भाजपा को अब घड़ियाली आंसू बहाना बंद कर देना चाहिए क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश के साथ खुले आम किए जा रहे भेदभाव और सौतेले व्यवहार को जनता स्पष्ट रूप से देख रही है, वह यह भी देख रही है कि केंद्र सरकार से आपदा की राहत राशि और यूरिया दिलवाने की बजाय  शिवराज सहित भाजपा के सभी नेता और सांसद केवल ओछी राजनीति कर भ्रम फैलाने का घृणित प्रयास करने में लिप्त हैं, जिससे किसानों का कोई भला नहीं हो रहा है। यदि शिवराज सिंह और भाजपा के अन्य नेता तथा सांसद किसानों को यूरिया ना मिल पाने के मुद्दे पर, वाकई गंभीर हैं तो उन्हें केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को नहीं दी गई यूरिया की खेप को अविलंब जारी करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री कड़ा दबाव बनाना चाहिए, जिससे प्रदेश के किसानों को यूरिया की कमी से अविलंब राहत मिल सके।
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