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प्रधानमंत्री मोदी को चाहिये कि वे राष्ट्र के उन पीड़ित और आहत नागरिकों से माफी मांगें, जिनसे उन्होंने केवल 50 दिन मांगे थे : शोभा ओझा

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 भोपाल- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्षा श्रीमती शोभा ओझा ने आज जारी अपने वक्तव्य में कहा है कि अव्यावहारिक जीएसटी और नोटबंदी जैसे मोदी सरकार के सनकपूर्ण और तुगलकी निर्णयों के कारण, आज देश ऐतिहासिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। देश के आर्थिक हालात बताने वाले औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 4.3 फ़ीसदी की गिरावट के साथ ही, जीडीपी के 4.2 प्रतिशत हो जाने का अनुमान भी आर्थिक मंदी और बेरोजगारी के भयानक हालातों की ओर इंगित कर रहा है।

आज जारी अपने बयान में देश की अर्थव्यवस्था के मौजूदा हालातों के लिए मोदी सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए श्रीमती ओझा ने आगे कहा कि ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग आदि क्षेत्रों में आई गिरावट के कारण, भारत में मंदी का दौर लंबा चलने वाला है।

श्रीमती ओझा ने अपने बयान में आगे कहा कि विश्व की प्रसिद्ध रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की अर्थव्यवस्था के संबंध में अपना आंकलन प्रस्तुत करते हुए, यह कहा है कि "देश में बड़ी मंदी की आशंकाएं बढ़ गई हैं, जिससे आय में बढ़ोत्तरी कम हुई है और जीवन-स्तर में सुधार और मध्यम से दीर्घावधि में निवेश के लिए संभावित नीतिगत विकल्प खासे सीमित हो गए हैं।"

श्रीमती ओझा ने कहा कि केवल यही नहीं, मूडीज ने भारत का क्रेडिट रेटिंग आउटलुक भी नकारात्मक कर दिया है, जो साख को घटाने की दिशा में पहला कदम है, इससे जहां विकास दर नीचे रहने का जोखिम बढ़ा है, वहीं राजकोषीय घाटा बढ़कर 3.7 फ़ीसदी होने के अनुमान के साथ ही, सरकारी खजाने पर भी बोझ बढ़ा है। मूडीज के इस आंकलन से साफ जाहिर है कि आर्थिक मंदी का दौर आगे और विकराल रूप लेने वाला है।

अपने बयान के अंत में श्रीमती ओझा ने कहा कि रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का यह कहना कि "इस आर्थिक मंदी ने, देश को 15 वर्ष पीछे धकेल दिया है", बिल्कुल सही प्रतीत होता है, देश अब यह भी अच्छी तरह समझ गया है कि देश में चल रहे इस अघोषित आर्थिक आपातकाल के जनक प्रधानमंत्री मोदी ही हैं, जिनकी सनकपूर्ण और तुगलकी नीतियों के कारण, देश को आज ऐसे मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ रहा है। देश में नोटबंदी लागू करने के बाद पीड़ित और आहत नागरिकों से केवल 50 दिन मांगने वाले प्रधानमंत्री मोदी को, अब इस राष्ट्र के नागरिकों से अविलंब और बिना शर्त माफी मांगना चाहिए, जो पिछले 1100 दिनों से नोटबंदी से उत्पन्न मंदी जैसी "मोदी-निर्मित" गंभीर आपदा के दंश को झेल रहे हैं।
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