मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान : किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली,100 लाख हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य





 


 ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की ताकत किसानों के हाथों में है और खेत में मेहनत करने वाला किसान ही अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है। किसानों के परिश्रम को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसान की पूरी कृषि यात्रा में उसके साथ खड़ी है। बीज की उपलब्धता से लेकर उत्पादन, प्रसंस्करण, बाजार और निर्यात तक किसानों को सुविधाएं देने पर सरकार का विशेष जोर है।

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को हल षष्ठी के अवसर पर ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम को संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और अन्नदाता शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों को बलराम जयंती की शुभकामनाएं देते हुए भगवान बलराम को कृषि, श्रम और किसान सम्मान का प्रतीक बताया।

 कार्यक्रम के दौरान आयोजकों की ओर से मुख्यमंत्री को कृषि और किसान जीवन से जुड़े प्रतीक के रूप में हल भेंट किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी की वर्तमान स्थिति में सुधार के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।

ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल की शुरुआत

 मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण से जुड़ी कई नई सुविधाओं और योजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल प्रमुख है। इसके माध्यम से किसान अब घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे।

 कार्यक्रम में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण व्यवस्था को भी सरल बनाने की शुरुआत की गई। नई व्यवस्था में खरीफ और रबी फसल के ऋण की अलग-अलग अदायगी की अनिवार्यता समाप्त की गई है। अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार 12 महीने की अवधि में ऋण राशि जमा कर सकेंगे।

कृषक कवच योजना से किसानों को मिलेगा लाभ

 मुख्यमंत्री ने कृषक कवच योजना का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से ऐसे किसानों को भी कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके खातों की जांच लंबित होने के कारण वे अब तक योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे।

 गांवों में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 200 नई प्राथमिक कृषि साख समितियों यानी पैक्स के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही अपेक्स बैंक की ग्वालियर संभागीय शाखा की शुरुआत भी की गई।

किसानों को दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई के लिए किसानों को लगातार बिजली उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब किसानों को रात के साथ दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने प्रदेश की बढ़ती बिजली उत्पादन क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

 उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 60 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित है। सरकार का लक्ष्य अगले ढाई वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है।

बीज से बाजार और खेत से निर्यात तक किसानों पर फोकस

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती। किसानों को उत्पादन के साथ ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

 उन्होंने कहा कि कृषि मध्यप्रदेश की परंपरा और विरासत है, जबकि एग्री-टेक और एग्री-बिजनेस आने वाले समय की दिशा हैं। तकनीक, कृषि प्रसंस्करण और बेहतर बाजार व्यवस्था के जरिए प्रदेश में कृषि क्षेत्र को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

 किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यानिकी, प्राकृतिक और जैविक खेती, मत्स्य पालन तथा नई फसलों को प्रोत्साहन देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने किसानों से पानी की प्रत्येक बूंद का बेहतर उपयोग करने, फसल विविधीकरण अपनाने और युवाओं को कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने का आह्वान किया।

मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने का लक्ष्य

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सरकार मध्यप्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है।

 प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित करने की योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चारा अनुदान को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है।

 दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई गौपालन योजना शुरू की गई है। इसके तहत पशुपालकों को 40 लाख रुपये तक के ऋण पर 10 लाख रुपये का अनुदान दिए जाने की व्यवस्था बताई गई। इसके अलावा किसानों और पशुपालकों को मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।

किसान फार्मर आईडी जरूर बनवाएं

 मुख्यमंत्री ने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी होने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, समर्थन मूल्य पर भुगतान प्राप्त करने तथा सब्सिडी के माध्यम से खाद और बीज जैसी सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी।

 उन्होंने किसानों से अपनी उपज को बेहतर तरीके से तैयार कर सीधे बाजार से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।

एक बगिया मां के नाम योजना का उल्लेख

 मुख्यमंत्री ने किसानों को अनाज उत्पादन के साथ उद्यानिकी फसलों से भी आय बढ़ाने की सलाह दी। इसके लिए "एक बगिया मां के नाम" योजना का उल्लेख किया गया।

 उन्होंने कहा कि कृषि के साथ उद्यानिकी, पशुपालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को अपनाकर किसान अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं।

युवाओं को खेती से जोड़े रखने पर जोर

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं।

 उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ें, लेकिन अपनी कृषि और गांव से जुड़ी जड़ों को भी बनाए रखें। कृषि को मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत बताते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने की बात कही।

 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबें, ड्रेस और साइकिलें उपलब्ध कराने तथा प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जाने की जानकारी भी कार्यक्रम में दी गई।

केन-बेतवा परियोजना और सड़क-रेल कनेक्टिविटी पर जोर

 मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सड़क और रेल कनेक्टिविटी को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रीनफील्ड सड़कों का निर्माण जारी है। एविएशन और रेल कनेक्टिविटी के विस्तार पर भी सरकार काम कर रही है।

 उन्होंने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में इस दिशा में महत्वपूर्ण काम शुरू हुआ है।

 मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में और तेजी से आगे बढ़ेगा।

जरूरतमंदों के लिए एयर एम्बुलेंस और राहवीर योजना

 मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

 राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की व्यवस्था बताई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लिए लोगों की जान बचाना प्राथमिकता है।

सहकारी बैंकों को मजबूत करने का दावा

 मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के 16 सहकारी बैंकों को डिफॉल्टर होने से बचाने के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है।

 ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता व्यवस्था को किसानों की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कृषि और सहकारिता को बताया महत्वपूर्ण

 केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसानों का सम्मान ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की परंपरा का हिस्सा रहा है।

 उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बने बांध और जलाशयों से खेती को लाभ मिला है। श्योपुर क्षेत्र को ग्वालियर से जोड़ने वाली नैरोगेज रेल लाइन के माध्यम से किसानों को अपनी उपज ग्वालियर में बेचने की सुविधा मिली। अब इस रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने का काम आगे बढ़ रहा है और इसे ग्वालियर से कोटा तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

 सिंधिया ने अक्षय ऊर्जा को किसानों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और ड्रोन जैसी सुविधाओं के इस्तेमाल से कृषि को और बेहतर बनाया जा सकता है।

 उन्होंने किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की राशि मिल रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को माइक्रो एटीएम, कृषक कवच योजना तथा नई पंजीकृत 200 पैक्स समितियों के कार्यालय जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों की समृद्धि को बताया देश की मजबूती

 विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में करीब दो दशक से बलराम जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से अब प्रदेश के सभी जिलों में बलराम जयंती मनाई जा रही है।

 उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। सहकारिता के माध्यम से किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर उन्होंने जोर दिया।

 तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया।

उन्होंने जैविक खेती के विस्तार को भी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

विश्वास कैलाश सारंग ने बताया 2026 को कृषक कल्याण वर्ष

 खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के उद्देश्य से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

 उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सहकारिता व्यवस्था के जरिए किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास जारी है।

 सारंग ने बलराम जयंती के अवसर पर किसानों की खेती को लाभकारी बनाने और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए काम करने का संकल्प लेने की बात कही।

22 जिलों में हो चुके हैं बलराम कृषि महोत्सव

 अपेक्स बैंक अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह यादव ने स्वागत संबोधन में कहा कि प्रदेश में बलराम जयंती को किसानों के लिए बड़े स्तर पर मनाने की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान प्रदेश के 22 जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा चुके हैं।

 उन्होंने किसानों से जुड़ी बैंकिंग और बीमा सुविधाओं को और बेहतर बनाने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। पैक्स से जुड़े क्रेडिट कार्ड धारकों के बीमा कवर की राशि बढ़ाने सहित क्षेत्र के विकास से जुड़े अन्य विषय भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए।

कार्यक्रम में ये जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

 ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत, सांसद भारत सिंह कुशवाहा, विधायक मोहन सिंह राठौड़, विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाहा, पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

 कार्यक्रम में ग्वालियर-चंबल संभाग सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान और सहकारिता से जुड़े लोग शामिल हुए।