सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन तैयार, 945.20 करोड़ के एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन





 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड,आपदा मित्र और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स को बताया संकट मोचक, 5.30 किमी लंबा कॉरिडोर श्रद्धालुओं को देगा सुगम आवागमन की सुविधा.....

  उज्जैन/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को भव्य, दिव्य, अलौकिक, आकर्षक और आपदा मुक्त बनाने के लिए तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को उज्जैन को 945.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 5.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की सौगात मिली।

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन की कालिदास अकादमी में आयोजित होमगार्ड, आपदा मित्र और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से नए एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि-पूजन किया और प्रशिक्षणार्थियों को जीवन रक्षक किट तथा प्रमाण पत्र वितरित किए।

सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर यातायात सुविधा

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका उपयोग महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी किया जा सकेगा।

 उन्होंने कहा कि सिंहस्थ धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा आयोजन होगा। उज्जैन में लगातार बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। रेल और नदी पर आवश्यकता के अनुसार सात ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं। वहीं इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन हाईवे का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

महाकाल लोक बनने के बाद बढ़ा धार्मिक पर्यटन

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में उज्जैन से जुड़े पुराने सिंहस्थ अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1980 के उज्जैन सिंहस्थ में स्काउट एंड गाइड के सदस्य रहे थे। वर्ष 2016 के सिंहस्थ में भी कई स्तरों पर व्यवस्थाओं और सावधानियों को मजबूत किया गया था।

 उन्होंने कहा कि रामघाट पर सुविधाओं का विस्तार किया गया और उज्जैन में बायपास की आवश्यकता महसूस हुई। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन में वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

होमगार्ड,आपदा मित्र और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स संकट मोचक

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। होमगार्ड जवानों, आपदा मित्रों और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

 उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में लोगों की जान और संपत्ति की रक्षा करने वाले ये सभी लोग समाज के सच्चे नायक-नायिका हैं। ये संकट के समय लोगों की मदद करने वाले संकट मोचक हैं।

2028 में 35 किलोमीटर के घाटों पर होगा स्नान

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2016 के सिंहस्थ में शिप्रा नदी के लगभग 7 किलोमीटर क्षेत्र में घाट थे। आगामी सिंहस्थ 2028 में शिप्रा के करीब 35 किलोमीटर क्षेत्र में घाट विकसित किए जाने की योजना है, जहां श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे।

 उन्होंने कहा कि उज्जैन में 300 सर्पमित्रों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ज्योतिर्लिंग क्षेत्रों के आसपास सांपों की मौजूदगी अधिक होने के कारण प्रशिक्षित सर्पमित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उज्जैन में स्नेक पार्क भी बनाया जा रहा है, जिसका लोकार्पण जल्द किया जाएगा।

  प्रदेश के प्रत्येक पंचायत और थाना स्तर पर प्रशिक्षित सर्पमित्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सांपों को आबादी वाले क्षेत्रों से सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा जा सके और इंसान तथा सर्प दोनों सुरक्षित रहें।

सिंहस्थ में 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

  उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि होमगार्ड के जवान जीवन रक्षक की भूमिका निभाते हैं और स्नान के दौरान गहरे पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

 उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 में करीब 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के उज्जैन पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में आपदा मित्रों और होमगार्ड जवानों पर यातायात व्यवस्था को संभालने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी।

एलिवेटेड कॉरिडोर से उज्जैनवासियों को भी लाभ

 विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि नया एलिवेटेड कॉरिडोर उज्जैन के लोगों के लिए सुविधाजनक मार्ग साबित होगा। महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।

 उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के आयोजन में आपदा प्रबंधन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और जनता की सेवा के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाना प्राथमिकता है।

आपदा मित्रों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर

 केंद्र सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकीं हेमलता सूर्यवंशी ने कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं है। हेमलता सूर्यवंशी को इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन के लिए भी आमंत्रित किया गया था।

उज्जैन में 1100 आपदा मित्रों का पंजीयन

 उज्जैन डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड संतोष कुमार सिंह जाट ने बताया कि उज्जैन में अब तक 1100 आपदा मित्रों का पंजीयन हो चुका है। आगामी समय में 10 हजार आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

 उन्होंने कहा कि समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन में सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। सिंहस्थ 2016 के दौरान भी होमगार्ड के साथ इनकी महत्वपूर्ण भागीदारी रही थी। सिंहस्थ 2028 में भी इन सभी की अहम भूमिका रहेगी।

 होमगार्ड और एसडीईआरएफ के मास्टर ट्रेनर आपदा मित्रों और वॉलेंटियर्स को बोट हैंडलिंग तथा अंडर वॉटर डिजास्टर से निपटने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। सिंहस्थ 2028 के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए सभी आपदा मित्र, होमगार्ड जवान और वॉलेंटियर्स पूरी तैयारी के साथ जुटे हुए हैं।

 कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य महंत उमेश नाथ महाराज, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल, राकेश पांड्या, राजेंद्र भारती सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।