मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी, 2027 युवाओं के नाम,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस पर किए बड़े ऐलान

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 स्वतंत्रता दिवस 2026 पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC, 2027 युवा कल्याण वर्ष,भोजशाला में सरस्वती लोक, रोजगार,स्वास्थ्य,किसान,ग्रीन एनर्जी और विकास योजनाओं की बड़ी घोषणाएं कीं।

 भोपाल। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन की धुन के बीच मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सरकार की आगामी योजनाओं और विकास के रोडमैप की जानकारी दी।

समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत समानता, समरसता और समभाव की भूमि है। संविधान की मूल भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक देश-एक विधान-एक प्रधान-एक निशान के विचार को धरातल पर उतारते हुए सबके लिए एक जैसा कानून लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार समान नागरिक संहिता भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त करने और महिलाओं को अन्याय एवं अत्याचार से मुक्ति दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

2027 को युवा कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित करने की घोषणा

  मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 को युवा कल्याण को समर्पित करने की घोषणा की। युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता एवं स्वरोजगार, रोजगार, स्टार्टअप, खेल-कला-संस्कृति और नेतृत्व क्षमता विकास को सात प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया है।

  अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई प्रशिक्षण देने तथा हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण देने की योजना बताई गई। 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले युवाओं को भी हुनर आधारित प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

स्टार्टअप और एआई सहित नए क्षेत्रों पर जोर

  मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में करीब 8 हजार स्टार्टअप संचालित हैं। इनकी संख्या 12 हजार से अधिक करने और 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। ड्रोन, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

  प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े न्यायालयीन मामलों के त्वरित निराकरण के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय भी बताया गया।

भोजशाला में बनेगा सरस्वती लोक,राजा भोज संस्थान की स्थापना

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि भोजशाला में भव्य सरस्वती लोक का निर्माण किया जाएगा और राजा भोज संस्थान की स्थापना होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान और संस्कृत भाषा का महत्वपूर्ण केंद्र रही है।

  मध्यप्रदेश में 17 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक विकसित किए जा रहे हैं। एकात्म धाम परिसर में 2400 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय के निर्माण से प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने की बात कही गई।

हर जिले को निर्यात हब बनाने का लक्ष्य

  मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों को निर्यात हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। वोकल फॉर लोकल और लोकल गोज ग्लोबल की अवधारणा के तहत प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक जिले में एक एमएसएमई पार्क तथा प्रदेश में 10 एमएसएमई क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

2027 में भोपाल में फिर ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट

  औद्योगिक विकास को गति देने के लिए वर्ष 2027 में भोपाल में फिर ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट आयोजित करने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल बदलाव

  मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने की दिशा में व्यवस्था शुरू की जाएगी। मरीजों की जांच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों का ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध कराने की योजना है। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अगले छह माह में एक हजार डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।

   साइबर अपराध से निपटने के लिए अत्याधुनिक साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की योजना भी बताई गई।

हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा स्टेडियम

   खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्टेडियम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए पदक विजेताओं को बधाई दी।

किसानों को भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा

   मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद-बीज, बिजली, सिंचाई, समर्थन मूल्य पर उपार्जन, भावांतर, फसल बीमा, राहत और किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को दिया जा रहा है।

भोपाल-इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन

   भोपाल और इंदौर के सुनियोजित विकास के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित करने का निर्णय लिया गया है। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर, इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर और उज्जैन-जावरा हाईवे सहित कई बड़ी सड़क परियोजनाओं का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।

ग्रीन एनर्जी पर बढ़ेगा फोकस

  मध्यप्रदेश की विद्युत क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की योजना पर काम जारी है। नर्मदापुरम में नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र, मक्सी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मुरैना में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट की योजनाओं की जानकारी दी गई।

550 से अधिक ई-बसों का संचालन

  प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों में 550 से अधिक ई-बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

उज्जैन सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज

  मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ 2028 की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, शिप्रा नदी के निर्मल जल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मध्यप्रदेश को मिल्क-कैपिटल बनाने का लक्ष्य

  मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को देश का मिल्क-कैपिटल बनाने के संकल्प की जानकारी दी। प्रदेश में दुग्ध संकलन करीब 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचने की बात कही गई। मत्स्य पालन नीति-2026 के तहत 7,430 करोड़ रुपये के निवेश और बाय-बैक एग्रीमेंट का भी उल्लेख किया गया।

सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य

   सरकार ने वर्ष 2028-29 तक मध्यप्रदेश की सकल सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और नर्मदा जल आधारित परियोजनाओं का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।

महिला सशक्तिकरण पर जोर

  मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना करीब 1 करोड़ 25 लाख बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का माध्यम बनी है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख 55 हजार से अधिक बेटियां जुड़ी हैं। उच्च शिक्षा में भी बेटियों की भागीदारी बढ़ने को मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।

  55 जिलों को निर्यात हब बनाने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने, ग्रीन एनर्जी का विस्तार करने और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को विकसित करने सहित मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के विकास का विस्तृत विजन प्रस्तुत किया।

शहीदों को किया नमन

  अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल, टंट्या मामा भील और शहीद चंद्रशेखर आजाद सहित मध्यप्रदेश के वीर सपूतों के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।

  कार्यक्रम में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।