राजगढ़ (धार)। श्रावण माह के तीसरे सोमवार 17 अगस्त को मां माही शबरी कावड़ यात्रा का भव्य आयोजन हुआ। 116 गांवों से पहुंचे 10 हजार से अधिक कावड़ यात्रियों ने करीब 18 किलोमीटर की पदयात्रा कर झिरणेश्वर महादेव का पवित्र मां माही के जल से जलाभिषेक किया। करीब चार घंटे चली इस कावड़ यात्रा में आस्था, उत्साह और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे यात्रा मार्ग पर हर-हर महादेव और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
116 गांवों से पहुंचे श्रद्धालु,नरसिंह देवला धाम में हुई धर्मसभा
सोमवार सुबह करीब 9 बजे 116 गांवों से आए ग्रामीण और कावड़ यात्री प्राचीन नरसिंह देवला धाम पहुंचे। यहां धर्मसभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए जनजाति विकास मंच रतलाम विभाग प्रमुख राजेश डावर ने कहा कि हम सभी हिंदू एक हैं और सनातनी हैं। उन्होंने कहा कि मतांतरण करवाने वाली ताकतें कितना भी जोर लगा लें, हमें अपने धर्म,परंपरा और संस्कृति को नहीं छोड़ना है।
राजेश डावर ने कावड़ यात्रा में शामिल मातृशक्ति से बच्चों को अच्छे संस्कार देने का आह्वान करते हुए कहा कि संस्कारवान पीढ़ी ही अपनी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने मातृशक्ति से बच्चों को किसी भी प्रकार के बहकावे से बचाने और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक करने की अपील की।
धर्मसभा में ज्योतिषाचार्य सुभाष शर्मा दत्तीगांव, समाजसेवी सुरेश गुंडिया और मोहन मारू भी मंचासीन रहे।
मां माही का जल लेकर शुरू हुई 18 किलोमीटर की कावड़ यात्रा
धर्मसभा के समापन के बाद कावड़ यात्रियों ने मां माही का पवित्र जल भरा और कावड़ यात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा नरसिंह देवला धाम से पसावदा, सरदारपुर, राजगढ़ होते हुए फोरलेन मार्ग से झिरणेश्वर महादेव धाम पहुंची। करीब 18 किलोमीटर की यात्रा में हजारों श्रद्धालु कावड़ लेकर पैदल चले और भगवान झिरणेश्वर महादेव का मां माही के जल से अभिषेक किया।
डीजे की धुन पर झूमे कावड़ यात्री,भगवा ध्वजों से सजा मार्ग
कावड़ यात्रा के दौरान डीजे की धार्मिक धुनों पर श्रद्धालु नाचते-झूमते हुए आगे बढ़े। यात्रा मार्ग भगवा पताकाओं से सजा नजर आया। ग्रामीण क्षेत्रों में कावड़ यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई ग्रामीण चार पहिया वाहनों से नरसिंह देवला धाम पहुंचे और वहां से कावड़ लेकर झिरणेश्वर महादेव धाम तक पैदल यात्रा में शामिल हुए।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
कावड़ यात्रियों के स्वागत के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए पानी, दूध, फल, चाय और खिचड़ी सहित अल्पाहार की व्यवस्था की गई। इससे पूरे यात्रा मार्ग पर सेवा और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
झिरणेश्वर धाम पहुंचने के बाद बड़ोदिया, भोपावर, बिछिया सहित सात गांवों के समाजजनों की ओर से कावड़ यात्रियों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को अभिमंत्रित रुद्राक्ष भी वितरित किए गए।
प्रशासन ने संभाली व्यवस्था,पुलिस और स्वास्थ्य अमला रहा तैनात
मां माही शबरी कावड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल ने पूरे यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था संभाली, जबकि स्वास्थ्य विभाग का अमला भी तैनात रहा। नरसिंह देवला और झिरणेश्वर में मां माही घाट पर एनडीआरएफ का अमला मुस्तैद रहा।
यात्रा के दौरान सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार, सरदारपुर टीआई अनिल कुमार जाधव, राजगढ़ टीआई समीर पाटीदार सहित विभिन्न अधिकारी और पुलिसकर्मी व्यवस्था में तैनात रहे।
मां माही शबरी कावड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने श्रावण सोमवार के धार्मिक आयोजन को भव्य रूप दिया। 116 गांवों की सहभागिता के साथ निकली यह यात्रा क्षेत्र में आस्था, सेवा और सामाजिक सहभागिता का प्रमुख आयोजन बनी रही।


