धार। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर धार जिला जेल में आत्मीयता, संवेदनाओं और पारिवारिक अपनत्व का अनूठा दृश्य देखने को मिला। शुक्रवार को आयोजित विशेष व्यवस्था के तहत कुल 165 बंदियों ने अपने परिजनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान 160 पुरुष बंदियों की कलाई पर उनकी बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा, जबकि 5 महिला बंदियों को उनके भाइयों ने राखी बांधकर स्नेह और विश्वास का संदेश दिया।
जेल प्रशासन ने पर्व को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे,ताकि बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात सुचारू रूप से संपन्न हो सके। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सभी मुलाकातें शांतिपूर्ण वातावरण में कराई गईं।
जेल अधीक्षक के अनुसार रक्षाबंधन के अवसर पर कुल 506 परिजन और 178 बच्चे जिला जेल पहुंचे। सभी ने बंदियों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर उन्हें राखी बांधी और पारिवारिक संबंधों की मिठास को फिर से महसूस कराया।
पर्व के दौरान जेल परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित रही। प्रशासन की ओर से मुलाकात की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया, जिससे आने वाले सभी परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
रक्षाबंधन का यह आयोजन केवल एक पारिवारिक परंपरा तक सीमित नहीं रहा,बल्कि सामाजिक संवेदनाओं, रिश्तों की मजबूती और मानवीय मूल्यों का भी प्रेरक संदेश देता नजर आया। जेल प्रशासन का उद्देश्य बंदियों को अपने परिवारों से भावनात्मक रूप से जोड़कर सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना रहा।


