अमझेरा में भगवान राजराजेश्वर महादेव की भव्य राजसी पालकी निकली,तोप सलामी,ऊंट-घोड़े और झांकियों ने मोहा मन

अमझेरा में भगवान राजराजेश्वर महादेव की भव्य राजसी पालकी में शामिल श्रद्धालु, ऊंट-घोड़े, बग्घी और धार्मिक झांकियां




 





विक्रमसिंह राठौर की रिपोर्ट

  अमझेरा। भाद्रपद (भादो) मास का पहला सोमवार को अमझेरा नगर धर्ममय वातावरण में पूरी तरह शिवमय नजर आया। अमका-झमका तीर्थ मंदिर परिसर से भगवान राजराजेश्वर महादेव की भव्य राजसी पालकी पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ निकाली गई। डमरू, झांझ, मंजीरे, ढोल, ताशे, ऊंट, घोड़े, सुसज्जित बग्घी, बैंड-बाजे, संत-महात्माओं, आकर्षक धार्मिक झांकियों और नाचते-गाते युवाओं की टोलियों ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन और राजसी सवारी के स्वागत के लिए उमड़ पड़े।

गोस्वामी समाज की पवित्र छड़ी के साथ हुआ स्वागत

 भगवान राजराजेश्वर महादेव की राजसी पालकी की अगवानी गोस्वामी समाज की पवित्र छड़ी के साथ की गई। शोभायात्रा में सबसे आगे सलामी देती हुई तोप आकर्षण का केंद्र रही। उसके पीछे ऊंट-घोड़े, ढोल-ताशों की गूंज और भगवान शिव के जयघोष के बीच युवा उत्साहपूर्वक नृत्य करते हुए आगे बढ़ते रहे।

 विश्व हिंदू परिषद और दुर्गा वाहिनी की बहनों ने हाथों में केसरिया ध्वज लेकर यात्रा में भाग लिया, जिससे धार्मिक वातावरण और अधिक प्रभावशाली दिखाई दिया।

धार्मिक झांकियों ने बढ़ाई शोभा

 राजसी सवारी में राधा-कृष्ण, भगवान शिव और मां कालिका के स्वरूप में कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। वहीं कार्टून और भालू बने कलाकारों ने भी बच्चों सहित दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

 सुसज्जित बग्घी में गुजरात के राजपीपला से पधारे महंत घनश्यामदास बापू सहित अन्य संत-महात्मा विराजमान रहे।

यात्रा में विभिन्न संस्थाओं की आकर्षक झांकियां भी शामिल हुईं, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • केशरीनंदन हनुमान मंदिर की आदियोगी झांकी
  • रॉयल स्कूल की जगन्नाथ धाम झांकी
  • श्यामप्रेमी मित्र मंडल की भगवान खाटू श्याम झांकी
  • आदिवासी युवा संगठन सिंगार ग्रुप की भगवान शिव झांकी
  • विश्व हिंदू परिषद की भगवान श्रीनाथजी झांकी
  • वरदेश्वर महादेव की बाबा महाकाल झांकी
  • पिपलेश्वर महादेव मंदिर की भगवान पशुपतिनाथ झांकी

शामिल रहीं।

  इन दिव्य झांकियों को देखने के लिए अमझेरा, राजपुरा, मांगोद सहित आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

श्रीराम चौक पर हुआ गंगेश्वर और राजराजेश्वर महादेव का दिव्य मिलन

 यात्रा के दौरान श्रीराम चौक पर गंगेश्वर महादेव और राजराजेश्वर महादेव का पारंपरिक मिलन कराया गया। इस दिव्य दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरे क्षेत्र में हर-हर महादेव के जयघोष गूंज उठे। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन किया।

श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर बने आकर्षण

 राजसी सवारी के दौरान अमझेरा और राजपुरा के समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं के लिए दूध, केले, कचोरी, नमकीन, छाछ और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की। बड़ी संख्या में लोगों ने सेवा कार्य में सहभागिता निभाई।

सभी समाजों ने पुष्पवर्षा कर किया भव्य स्वागत

 राजसी सवारी का विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। स्वागत करने वालों में एकलव्य ग्रुप, जागृति व्यापारी संघ, नवयुवक मित्र मंडल, वीर भगत सिंह मित्र मंडल, राठौड़ मित्र मंडल, मुस्लिम समाज हुसैनी अखाड़ा, बोहरा समाज तथा ग्राम पंचायत अमझेरा सहित अनेक संगठनों ने सहभागिता निभाई।

महाआरती और प्रसादी के साथ हुआ समापन

 नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करने के बाद भगवान राजराजेश्वर महादेव की राजसी पालकी पुनः अमका-झमका तीर्थ मंदिर पहुंची। यहां समिति के सदस्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में महाआरती संपन्न हुई, जिसके बाद प्रसादी का वितरण किया गया।

 पूरे आयोजन के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग ने यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संभालकर आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।