हरिद्वार : पतंजलि योगपीठ के मंच से स्वास्थ्य क्षेत्र में योग और आयुर्वेद की शक्ति का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। राजगढ़, मध्य प्रदेश के एक युवा योग शिक्षक कमलेश सोनी ने परम पूज्य योग ऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज के समक्ष उन मरीजों की सफलता की कहानियाँ साझा कीं, जिन्होंने योग और आयुर्वेद के माध्यम से असाध्य माने जाने वाले रोगों पर विजय प्राप्त की है।
सामूहिक भागीदारी और मार्गदर्शन
इस विशेष अवसर पर कमलेश सोनी के साथ राजगढ़ से 15, महू से 6 और मनावर से 3 योग प्रेमी भी शामिल हुए। इन सभी ने पतंजलि योगपीठ में उपस्थित होकर स्वामी रामदेव जी से आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके कुशल मार्गदर्शन में योग की नई दिशाओं को समझा।
असाध्य रोगों से मिली मुक्ति
कमलेश सोनी ने जानकारी दी कि कई मरीज ऐसे थे,जिन्हें आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने इलाज के मामले में निराश कर दिया था। इनमें फेफड़ों की गंभीर समस्या से जूझ रहे मरीज भी शामिल थे,जिन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की सलाह दी गई थी और ठीक होने की कोई गारंटी नहीं दी गई थी। इसके अतिरिक्त, रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के लिए बताए गए मरीज भी अब योग और आयुर्वेद के नियमित अभ्यास से पूरी तरह स्वस्थ हैं।
'गुरु भक्ति' और सेवा का संकल्प
स्वामी रामदेव जी महाराज ने कमलेश सोनी के इस समर्पण की सराहना करते हुए इसे 'सच्ची गुरु भक्ति' बताया। एक योग शिक्षक के रूप में मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का रखरखाव करना और उनके ठीक होने के आंकड़ों को सामने लाना उनकी निष्ठा को दर्शाता है। बाबा रामदेव ने इस अवसर पर कहा, "जो गुरु ने ज्ञान दिया, उससे लोगों का कल्याण करना और खुद को भी निरोगी बनाए रखना ही सच्ची सेवा है।"
कार्यक्रम के दौरान, स्वामी रामदेव जी महाराज ने कमलेश सोनी को स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए आयुर्वेदिक उत्पादों, 'इम्युनोग्रिट' (Immunogrit) और 'न्यूट्रिला डेली एक्टिव' (Nutrela Daily Active) का सेवन करने का सुझाव दिया। अंत में, उन्होंने सभी को 'निरोगी रहने' और 'दूसरों को भी स्वस्थ बनाने' का मंत्र दिया।


