राजगढ़ (धार) | पूज्य दादा गुरुदेव श्री की जन्म द्वि-शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर राजगढ़ नगर में साध्वी-संघ के चातुर्मास प्रवेश का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरा नगर आस्था में डूबा नजर आया।
पुण्य सम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेन सुरिश्वरजी महाराज साहब के पटधर, पूज्य गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सुरिश्वरजी महाराज साहब एवं आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सुरिश्वरजी महाराज साहब की आज्ञानुवर्ती परम पूज्य गुरुणी साध्वी श्री शशिकलाश्रीजी महाराज साहब की सुशिष्या, सरल स्वभावी साध्वीजी श्री अनंतदृष्टाश्रीजी महाराज साहब एवं प्रवचन प्रभावी साध्वीजी श्री मयूरकलाश्रीजी महाराज साहब सहित 23 श्रमणी भगवंतों ने राजगढ़ नगर में चातुर्मास हेतु प्रवेश किया।
प्रवेश शोभायात्रा से पूर्व सकल श्री संघ की नवकारसी का आयोजन किया गया, जिसका लाभ जीवन लाल जी रतन लाल जी मुठरिया परिवार (राजगढ़) ने लिया। इसके पश्चात मुठरिया परिवार के निवास से भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई। जुलूस के आगे-आगे धर्म ध्वजा और बैंड वाले चल रहे थे।
शोभायात्रा में विभिन्न पुण्यार्थी परिवारों द्वारा आध्यात्मिक लाभ लिया गया। मंगल कलश का लाभ श्री कांतिलाल जी कनकमल जी जैन परिवार ने, प्रथम गहुली का लाभ श्री सौभागमल जी हीराचंद जी भंडारी परिवार ने लिया। वहीं, बग्गी (रथ) में श्री महावीर स्वामी भगवान का फोटो स्थापित करने का लाभ श्री केसरचंद जी वर्दीचंद जी तातेंड परिवार ने तथा दादा गुरुदेव एवं पुण्य सम्राट का फोटो लेकर बग्गी में बैठने का पुण्य श्री अमृतलाल जी प्यारचंद जी मोदी परिवार (राजगढ़) ने प्राप्त किया।
यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई राजेंद्र भवन पहुंची,जहाँ मंगलाचरण के पश्चात स्वागत गीत प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में भंवर जी कोठारी, बाबू भाई भगत एवं नवीन भाई बल्लू के साथ ही सभी लाभार्थी परिवारों का बहुमान किया गया। तत्पश्चात पूज्य साध्वी जी भगवंतों को कामली ओढ़ाई गई।
इस अवसर पर साध्वी जी भगवंतों के प्रेरक प्रवचन हुए, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। प्रवचन के पश्चात श्री संघ एवं चातुर्मास समिति द्वारा सभी साध्वी जी भगवंतों के माता-पिता का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन मध्य प्रदेश त्रिस्तुतिक श्री संघ के अध्यक्ष सुरेश तातेंड ने दिया। इस भव्य आयोजन में अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश छाजेड़, तरुण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य धोका, परिषद के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रमेश धाड़ीवाल एवं प्रदेश अध्यक्ष मोहित तातेंड विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन कीर्ति भंडारी एवं हर्ष बाफना द्वारा किया गया, जबकि चातुर्मास समिति अध्यक्ष कांतिलाल जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ राजगढ़, गुरु राजेंद्र द्वि-शताब्दी वर्षावास समिति,अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद, महिला परिषद,तरुण परिषद एवं बहू परिषद का विशेष सहयोग रहा। सभी ने मिलकर सुव्यवस्थित प्रबंध किए।
धर्मसभा के पश्चात श्री त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ राजगढ़ एवं बाहर से पधारे अतिथियों का स्वामी वात्सल्य ओसवाल धर्मशाला में आतिथ्य रखा गया, जिसका पुण्यलाभ श्रीमती शांताबाई केसरचंद तातेंड परिवार ने लिया।
गौरतलब है कि चातुर्मास काल के दौरान राजगढ़ नगर में रोजाना प्रवचनों की गंगा बहेगी। इस चार माह की अवधि में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए समिति द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
यह जानकारी चातुर्मास समिति के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र भंडारी ने दी।


