राजगढ़ (धार)। मानवता की सेवा के लिए जीते-जी तो सभी प्रेरित करते हैं, लेकिन मृत्यु के उपरांत भी समाज को नई राह दिखाना एक विरले व्यक्ति का कार्य है। राजगढ़ नगर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं दानवीर, ब्रह्मलीन श्रद्धेय श्री महेंद्रजी छाजेड़ ने मृत्योपरांत अपनी देहदान कर समाज के सामने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। विज्ञान और मानवता के कल्याण हेतु उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिजनों ने नेत्रदान व देहदान का पुनीत निर्णय लिया।
'नगर रत्न' से नवाजा गया परिवार
इस महान कार्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 'सराफा एसोसिएशन, राजगढ़' ने उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मंजुलाजी और पुत्र श्री अंकितजी छाजेड़ को 'अनुमोदना पत्र' भेंट किया। संस्था ने महेंद्र छाजेड़ को नगर के "प्रथम देहदान" का ऐतिहासिक कार्य करने हेतु "नगर रत्न" की उपाधि से अलंकृत किया।
इस अवसर पर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष निलेश सोनी ने कहा कि महेंद्रजी ने संथारापूर्वक देह त्याग कर न केवल मानवता की सेवा की, बल्कि समाज को एक नई प्रेरणा दी है। उनके इस निस्वार्थ त्याग से पूरा राजगढ़ गौरवान्वित है।
अनेक संस्थाओं ने दी श्रद्धांजलि
इस अनुमोदन कार्यक्रम में सराफा एसोसिएशन, हिंदू उत्सव समिति और दत्तीगाँव सोशल ग्रुप ने परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में अनुमोदन पत्र का वाचन समाजसेवी महेश तांतेड़ ने किया।
उपस्थित जनसमूह
मांगीलाल पावेचा (ट्रस्टी, मोहनखेड़ा तीर्थ), दिलीप फ़रबदा (अमझेरा तीर्थ ट्रस्टी व सराफा सचिव),सोनिक सराफ (महावीर सेवा संस्था),गौरव जैन (अध्यक्ष,ऋषभदेव मोतीलाल पेड़ी ट्रस्ट), चिन्टू जैन (ट्रस्टी व पार्षद),मोतीसिंह राठौड़ (महाराणा प्रताप राजपूत समाज),सुरेंद्र सोनी (अध्यक्ष, सोनी समाज),शंभु परवार (सीरवी समाज समाजसेवी व पार्षद),गौरव दुबे (समाजसेवी, ब्राह्मण समाज),लाला माहेश्वरी (माहेश्वरी समाज),आज़ाद फ़रबदा,निलेश परमार (सेन समाज),अक्षय भण्डारी (पत्रकार),बसंत जैन,विनेश जैन,नवीन पुराणी,अजय श्रीवास्तव,दीपांश जैन,मयंक सोनी,हेमन्त रोकड़िया,साहिल मामा,मनोज सराफ सहित हिंदू उत्सव समिति और दत्तीगाँव सोशल ग्रुप के सदस्य एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


