राजगढ़ /धार। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 10 की पार्षद श्रीमती रितु नीलेश सोनी ने माही नदी के तट पर फैली गंदगी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए नागरिकों से नदी की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने का आह्वान किया है। हाल ही में नदी क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचीं पार्षद ने पाया कि पूर्व में चलाए गए सफाई अभियानों के बावजूद तटों पर पुनः कचरे का अंबार लग गया है, जो न केवल पर्यावरण के लिए घातक है बल्कि हमारी धार्मिक आस्थाओं को भी ठेस पहुँचाता है।
पार्षद श्रीमती सोनी ने इस स्थिति पर दुःख प्रकट करते हुए कहा कि कुछ समय पूर्व ही 'वाइब्रेंट वूमेन ' समूह द्वारा 'जय माँ माही स्वच्छता अभियान' के माध्यम से यहाँ व्यापक सफाई की गई थी। लेकिन यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि जिस नदी को हम माँ का दर्जा देते हैं और जिसकी पूजा करते हैं, उसी के आंचल को हम कचरे से दूषित कर रहे हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों और क्षेत्रीय नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन द्वारा जगह-जगह कूड़ेदान (डस्टबिन) की व्यवस्था की गई है, अतः यह हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वे कचरा इधर-उधर न फेंक कर निर्धारित स्थान पर ही डालें।
आगामी वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले का संदर्भ देते हुए पार्षद ने कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान यहाँ की पवित्र नदियों से है। उन्होंने अपील की कि शिप्रा, नर्मदा और गंगा की तरह माही नदी की पवित्रता को अक्षुण्ण रखना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। सिंहस्थ के दौरान देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के समक्ष हमें अपनी नदियों और नगर की एक स्वच्छ छवि प्रस्तुत करनी चाहिए।
श्रीमती सोनी ने अंत में कहा कि स्वच्छता केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह जन-भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने 'गंगा, नर्मदा, शिप्रा या माही, सबकी स्वच्छता और पवित्रता हमारी जिम्मेदारी' का संकल्प दोहराते हुए विश्वास जताया कि राजगढ़ और सरदारपुर क्षेत्र के जागरूक नागरिक इस दिशा में सकारात्मक सहयोग करेंगे और माही तट को पुनः स्वच्छ और सुंदर बनाएंगे।



