बाघ। हिंदी काव्य जगत के उभरते सितारे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर धार जिले का नाम रोशन करने वाले युवा गीतकार गौरव साक्षी हाल ही में अपने गृह जनपद के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी साक्षी और सुपुत्री व्याख्या के साथ विश्व प्रसिद्ध 'बाघ गुफाओं' का अवलोकन किया और उनकी कलात्मक भव्यता को निहारा।
डॉ. कुमार विश्वास के सानिध्य में गढ़ा है नाम
बता दें कि मूल रूप से धार जिले के राजगढ़ निवासी गौरव साक्षी आज देश के अग्रणी कवियों में शुमार हैं। उन्हें युग कवि डॉ. कुमार विश्वास का विशेष सानिध्य प्राप्त है। गौरव न केवल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों बल्कि आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी अपनी काव्य प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें कर्नाटक के राज्यपाल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
"बाघ की गलियों में बसता है मेरा बचपन"
एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने बाघ आए गौरव साक्षी ने न्यूज़ पोर्टल से विशेष चर्चा में अपने दिल की बातें साझा कीं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "इस नगर से मेरी बचपन की अनगिनत यादें जुड़ी हैं। जब भी यहाँ आता हूँ, माता बघेश्वरी के चरणों में माथा टेकने के बाद बाघ गुफाओं की शांति का अनुभव करने जरूर आता हूँ। यह स्थान मुझे नई ऊर्जा से भर देता है।"
पर्यटन और संस्कृति का संगम
वर्तमान में इंदौर में निवासरत गौरव साक्षी की यह यात्रा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके प्रशंसकों और स्थानीय लोगों ने अपनी माटी के इस कलाकार का गर्मजोशी से स्वागत किया।



