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"कहीं मशीन अटक न जाए": मोहनखेड़ा में हाइड्रोलिक सिंहासन पर बैठकर बोले जब बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री,चिलगाड़ी छोड़ चारपहिया वाहन से पहुँचे मोहनखेड़ा




 
मोहनखेड़ा तीर्थ से अक्षय भंडारी की रिपोर्ट

  राजगढ़ (धार): मालवा के सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में आज उस समय हँसी के फव्वारे छूट पड़े,जब बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंच पर लगे विशेष हाइड्रोलिक सिंहासन पर बैठकर चुटकी ली। गुरुजी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा, "भैया, इस मशीन पर बैठकर हमें ये डर लग रहा था कि कहीं ये बीच में ही न रुक जाए। अगर मशीन अटक जाती तो न्यूज़ वाले खबर चलाते कि दुनिया का पर्चा खोलने वाले का खुद का पर्चा अटक गया।" उनके इस चुटीले अंदाज ने हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।





इंदौर से चारपहिया वाहन द्वारा पहुँचे मोहनखेड़ा,जैन संतों से की भेंट

  विशेष बात यह रही कि गुरुजी हेलीकॉप्टर (चिलगाड़ी) के बजाय इंदौर से सड़क मार्ग यानी चारपहिया वाहन द्वारा मोहनखेड़ा पहुँचे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि जो हेलीकॉप्टर ठीक से पंखा न चलाए,उससे हमें डर लगता है। तीर्थ में प्रवेश करते ही उन्होंने सबसे पहले भगवान आदिनाथ के चरणों में शीश नवाया और वहां मौजूद जैन साधु-साध्वियों से आत्मीय भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आदिनाथ प्रभु के दर्शन कर उनका मन अह्लादित हो गया है और यह पावन भूमि ऊर्जा का केंद्र है।

रमेश गोवाणी की पितृ-भक्ति और संतों का महाकुंभ

   यह दिव्य आयोजन मुंबई के प्रसिद्ध व्यवसायी रमेश चंद्र गोवाणी द्वारा अपने माता-पिता, स्वर्गीय घमंडीराम गोवाणी और स्वर्गीय अंकी बाई गोवाणी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया था। गुरुजी ने रमेश गोवाणी की सराहना करते हुए कहा कि पिता के धर्म से ही पुत्र बढ़ते हैं और गोवाणी परिवार ने पितरों के सम्मान में संतों का यह समागम कर बड़ी मिसाल पेश की है। मंच पर हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास जी महाराज, मलूक पीठ के आचार्य रोहित रिछारिया और बटुक जी महाराज सहित देशभर के अन्य संत भी शामिल हुए।





पाकिस्तान वाली टिप्पणी और भव्य स्वागत

  मंच पर पहुँचते ही गुरुजी का स्वागत जोरदार आतिशबाजी से हुआ, जिस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि इतने पटाखे अगर बॉर्डर पर चला देते तो पाकिस्तान भी हिल जाता। कार्यक्रम में गायक बृजेश शांडिल्य और भजन गायक अमित धुर्वे की प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। गुरुजी ने क्षेत्र में गौ-सेवा की अलख जगाने वाले संत कमल किशोर नागर जी महाराज का भी विशेष उल्लेख किया।

प्रशासनिक सतर्कता और हाईटेक व्यवस्था

  आयोजन की भव्यता को देखते हुए 1500 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहे। श्रद्धालुओं के लिए हजारों स्क्वायर फीट का विशाल पांडाल, 8 बड़ी एलईडी स्क्रीन्स और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन के दौरान नगर परिषद राजगढ़ और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मुस्तैद रही ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।


मीडिया से चर्चा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा:

  "आज हमें मोहनखेड़ा आने का सौभाग्य मिला। दादा दयालु जी और हनुमान जी के इस पावन क्षेत्र में स्थित जैन तीर्थ में हमने भगवान आदिनाथ ऋषभदेव जी के दर्शन किए और पूज्य संतों को प्रणाम किया। हम पूरे देश में सिर्फ एक ही बात चाहते हैं कि सनातनी आपस में 'तनातनी' न करें और आपस में बिल्कुल न लड़ें। संत भी एकजुट रहें और सनातनी भी एकजुट रहें।

  जैन और हिंदू दोनों एक ही हैं; यदि वास्तव में कोई कट्टर हिंदू है, तो वह जैन है। रही बात धर्मांतरण की, तो देश में लैंड जिहाद, लव जिहाद या लालच देकर किया जाने वाला मतांतरण नहीं होना चाहिए। इसके विरुद्ध हम लगातार अपनी कोशिशें कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से हम जगह-जगह कथाएं, भंडारा, शिक्षा और स्वास्थ्य के कार्य कर रहे हैं। साथ ही, आगामी 15 फरवरी को बागेश्वर धाम पर होने वाले विशाल कन्या विवाह महोत्सव के लिए भी हमने यहाँ आमंत्रण दिया है। हमारा संकल्प है कि भारत भव्य और दिव्य बनेगा।"


 





 मोहनखेड़ा में बरसी सुरों की गंगा: अनुराधा पौडवाल ने अपनी टीम के साथ दी भक्ति की प्रस्तुति 

 प्रसिद्ध जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में आयोजित  शाम को भक्ति और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका और भजन सम्राट अनुराधा पौडवाल ने अपनी पूरी टीम के साथ भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी ।



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