राजगढ़/धार। श्री सौधर्म बृहदतपोगच्छीय त्रिस्तुतिक पाट परंपरा के देदीप्यमान दिवाकर और संघ एकता के शिल्पी, परम पूज्य आचार्य श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के 43वें पावन पाटोत्सव के शुभ अवसर पर राजगढ़ में विशेष धर्मोत्सव मनाया गया। इसी पावन उपलक्ष्य में पुण्यसम्राट के पट्टधर गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य देवेश श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी, साध्वी श्री स्वयंप्रभा श्रीजी म.सा. की शिष्या सरल स्वभावी साध्वी श्री कल्पलताश्रीजी म.सा. के संयम जीवन के 62वें वर्ष में प्रवेश का उत्सव भी हर्षोल्लास के साथ आयोजित हुआ।
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026, माघ सुदी बारस को श्रीसंघ राजगढ़ एवं अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक, महिला, तरुण और बहु परिषद परिवार द्वारा न्यू बस स्टैंड स्थित परिषद भवन में प्रातः 9 बजे गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुण्य सम्राट के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन, धूप और पूजा कर गुरुवंदन किया गया, जिसके पश्चात उपस्थित जनसमूह में मिठाई का वितरण हुआ। सेवा और जीवदया के संकल्प के साथ इस अवसर पर गौशाला में विशेष योगदान दिया गया। दोपहर में जयंतसेन अष्टप्रकारी पूजा एवं सामूहिक सामायिक का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर धर्म लाभ लिया।




