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इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद परिषद अलर्ट: अध्यक्ष सवेरा जायसवाल और CMO ने दिए सख्त निर्देश

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 रेलिया डैम फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण,सीएमओ बोलीं- "पानी की गुणवत्ता में लापरवाही हुई तो खैर नहीं"


  राजगढ़/धार। हाल ही में इंदौर में दूषित पानी के कारण सामने आई दुखद घटनाओं और वहां फैली जनहानि के बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इंदौर की उस त्रासदी से सबक लेते हुए,जहाँ गंदे पानी की आपूर्ति से नागरिकों का स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ,इसको लेकर राजगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सवेरा जायसवाल और सीएमओ ज्योति सुनारिया ने शहर की जल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। गुरुवार को नगर परिषद के सभा कक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में इंदौर के घटनाक्रम का विशेष रूप से उल्लेख किया गया और अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि ऐसी किसी भी स्थिति की पुनरावृत्ति यहाँ नहीं होनी चाहिए।

  बैठक के दौरान सीएमओ ज्योति सुनारिया ने जल विभाग के समस्त कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया कि पेयजल की शुद्धता में किसी भी प्रकार की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जल प्रभारी को निर्देशित किया कि अब प्रतिदिन फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच लैब के माध्यम से कराई जाएगी ताकि जल मानकों के अनुरूप रहे। इंदौर की घटना के बाद शासन के सख्त रुख को देखते हुए सीएमओ ने साफ कहा कि तकनीकी या स्वच्छता संबंधी किसी भी कमी को तत्काल दूर किया जाए, वरना कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित है।

   इसी क्रम में शुक्रवार को सीएमओ सुनारिया स्वयं अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ रेलिया डैम स्थित फिल्टर प्लांट और इंटेकवेल का निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां उन्होंने जल शोधन प्रक्रिया और प्लांट की सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपयंत्री आराधना डामोर और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सीएमओ ने मौके पर तैनात कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि फिल्टर प्लांट की नियमित सफाई निर्धारित समय सीमा में की जाए और जल शोधन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर चूक न हो।

  अंत में सीएमओ ने नागरिकों से भी अपील की कि इंदौर जैसे हालात न बनें, इसके लिए जनसहभागिता जरूरी है। यदि किसी भी क्षेत्र में गंदे या मटमैले पानी की शिकायत आती है,तो नागरिक तुरंत नगर परिषद को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से किसी भी बड़े स्वास्थ्य जोखिम को टाला जा सकेगा। परिषद का मुख्य उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक तक शुद्ध और सुरक्षित जल पहुंचे ताकि जनस्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।
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