राजगढ़/धार। नगर की गुरु गोविंद सिंह बस्ती में 'हिंदू सम्मेलन' का भव्य आयोजन चबूतरा चौक पर किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जनजाति कार्य प्रमुख (मालवा प्रांत) कैलाश अमलियार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि कथावाचक श्री सुभाष जी शर्मा ने की। मातृशक्ति के रूप में श्रीमती उर्मिला कुशवाह एवं सुजाता दीदी ठाकुर मंचासीन रहीं।
मुख्य वक्ता कैलाश अमलियार ने अपने संबोधन में सामाजिक एकता पर बल देते हुए कहा कि जब तक हम जात-पात के बंधनों में बंधे रहेंगे, असामाजिक तत्व हमें आपस में लड़वाते रहेंगे। उन्होंने कहा, "स्वतंत्रता के बाद से ही कई षड्यंत्रों के माध्यम से हिंदुओं को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि भारत को विश्व गुरु बनने से रोका जा सके। हमें इन मंसूबों को नाकाम करना होगा।" उन्होंने नारा दिया— "जात पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई" और सभी से गर्व के साथ स्वयं को सनातनी हिंदू कहने का आह्वान किया। मातृशक्ति की ओर से विचार रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए पारिवारिक प्रणाली को सुदृढ़ बनाना अनिवार्य है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष में दिए गए 'पंच परिवर्तन' के संकल्पों को दोहराया गया है। पंच परिवर्तन और सुदृढ़ नागरिकता मातृशक्ति की ओर से विचार रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए पारिवारिक प्रणाली को सुदृढ़ बनाना अनिवार्य है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष में दिए गए पंच परिवर्तन (सामाजिक समरसता, कुटुंब व्यवस्था, पर्यावरण, स्वाधारित जीवन शैली एवं नागरिक अनुशासन) का पालन करते हुए हम अच्छे नागरिक बनेंगे, तो हमारे देश को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
मंचीय कार्यक्रम के पश्चात बस्ती के समस्त रहवासियों के लिए ओसवाल समाज धर्मशाला में सपरिवार सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और गणमान्य जन उपस्थित रहे।



